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  • मायावती ने कहा- ‘मैं बीमार नहीं हूं’, आकाश आनंद पर साधा निशाना; भाई आनंद कुमार का बढ़ाया कद

    मायावती ने कहा- ‘मैं बीमार नहीं हूं’, आकाश आनंद पर साधा निशाना; भाई आनंद कुमार का बढ़ाया कद

    नई दिल्ली
    बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने रविवार को मीडिया के सामने आकर इस बात पर जोर दिया कि वह बीमार नहीं हैं। मायावती ने कहा कि उनके द्वारा पार्टी से निकाले गए लोग उनके पार्टी के लोगों में भ्रम फैला रहे हैं कि बहन जी बीमार है। उन्होंने इसे लेकर भतीजे आकाश आनंद पर सीधा निशाना भी साधा। बताया कि शविवार रात आकाश ने मेरे निवास पर पार्टी इंचार्ज आलोक कुमार को फोन कर मेरे स्वास्थ्य की जानकारी ली थी, जो गंभीर बात है। आकाश ने आलोक कुमार से यह भी कहा था कि इसकी जानकारी बहनजी को मत देना। इसके साथ ही मायावती ने अब अपने सबसे छोटे भाई आनंद कुमार का कद बढ़ा दिया है। उन्होंने बताया कि यूपी-उत्तराखंड के अलावा देश के अन्य राज्यों में पार्टी के काम को दो सेक्टरों में रखा गया है। इन दोनों सेक्टरों की समीक्षा हर डेढ़ महीने पर दिल्ली में पार्टी उपाध्यक्ष आनंद कुमार करेंगे।

    मायावती ने कहा कि पिछले डेढ़ महीने से वह अपने कड़े निर्णयों की जानकारी अपने एक्स अकाउंट के जरिये साझा कर रही थीं, इसलिए सब कुछ साफ करने के लिए आज सामने आकर बता रही हूं। मेरे कड़े निर्णयों से पार्टी और संगठन को फायदा हो रहा है। उन्होंने बताया कि तीन सितम्बर को राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में पार्टी को तीन सेक्टर में बांट दिया गया है, इसमें सेक्टर एक में यूपी और उत्तराखंड है और इनकी निगरानी और समीक्षा वह खुद कर रही है। शेष राज्यों को बाकी दो सेक्टर में रखा गया है, जिसकी समीक्षा पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार करेंगे और मुझे रिपोर्ट देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि राज्यों में प्रभारी काम करेंगे और मुख्य सेक्टर प्रभारी का पद समाप्त कर दिया गया है।

    पंचायत सहायकों की मांगों को लेकर सरकार से की ये अपील
    बसपा प्रमुख मायावती ने रविवार को उत्तर प्रदेश के लगभग 58 हजार पंचायत सहायकों की मांगों पर सरकार से सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंचायत सहायक अपने मानदेय को सम्मानजनक करने और संविदा के स्थान पर स्थायीकरण आदि की मांगों को लेकर लखनऊ में मान्यवर श्री कांशीराम ग्रीन ईको गार्डन के पास आंदोलन कर रहे हैं। सरकार इनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार अवश्य करे।

    ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की उपलब्धियों को सराहा
    बसपा प्रमुख मायावती ने नई दिल्ली में हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यू्क्रेन और ईरान के खिलाफ अमरीका के युद्ध के लगातार तनातनी और हाई टैरिफ आदि थोपने से भारी आर्थिक संकट जैसे हालातों और चुनौतियों के बीच ब्रिक्स संघ के देशों की आपसी सहमति से 140 पैराग्राफ का दिल्ली घोषणा पत्र का सर्वसम्मति से जारी होना आपसी अच्छी सूझबूझ और कूटनीतिक उपलब्धि से कम नहीं है। इन देशों के बीच और अच्छे संबंधों की उम्मीद जगाने वाला है। इसके साथ ही फिलस्तीन और आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के दृष्टिकोण को उचित समर्थन मिला है। इसके साथ ही पड़ोसी देश चीन से मतभेद नहीं बढ़ने देने और एक-दूसरे को विकास में पार्टनर समझने के दृष्टिकोण के कितने अच्छे नतीजे निकलेंगे ये आने वाले समय में जांच-परख की बात है। दोनों देशों के बीच सीमा का विवाद जितना जल्दी सुलझ जाए उतना अच्छा रहेगा।

  • पंजाबी गायक गुलाब सिद्धू के घर पर अंधाधुंध फायरिंग, गैंगस्टर डोली बल्ल ने ली जिम्मेदारी

    पंजाबी गायक गुलाब सिद्धू के घर पर अंधाधुंध फायरिंग, गैंगस्टर डोली बल्ल ने ली जिम्मेदारी

    बरनाला.

    प्रसिद्ध पंजाबी गायक गुलाब सिद्धू के गांव फरवाही स्थित घर पर शनिवार देर रात मोटरसाइकिल सवार नकाबपोशों द्वारा फायरिंग किए जाने का मामला सामने आया है। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना के समय सिंगर का पूरा परिवार घर के अंदर ही मौजूद था, जबकि गुलाब सिंद्धू काम के सिलसिले में बाहर थे।

    पुलिस घटनाक्रम की जांच में जुट गई हैं, साथ ही ये खबर भी है कि गैंगस्टर डोली बल्ल ने फायरिंग की जिम्मेवारी ली है। अच्छी बात ये रही ही हमले में किसी को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने करीब 10 से 12 राउंड गोलियां चलाईं। इस हमले में किसी को किसी प्रकार की हानि नहीं पहुंची है। पुलिस घटनाक्रम की जांच में जुट गई हैं। गांव के सरपंच जगसीर सिंह ने बताया कि रात करीब 12 बजे मोटरसाइकिल पर सवार कुछ व्यक्ति, जिन्होंने अपने चेहरे ढके हुए थे, गुलाब सिद्धू के घर के बाहर पहुंचे और गोलियां चलाकर फरार हो गए। फायरिंग की आवाज से आसपास के लोगों में भी दहशत फैल गई।

    उन्होंने बताया कि गुलाब सिद्धू इन दिनों टूर कार्यक्रमों में व्यस्त हैं और घटना के समय घर पर नहीं थे। हालांकि उनका परिवार घर में मौजूद था। घटना के बाद गांव में भय का माहौल है। सरपंच ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि फायरिंग करने वाले आरोपितों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाए। बता दें कि गुलाब सिद्धू के पास दो सुरक्षा कर्मी भी हैं। वहीं गायक के घर पर जिन हमलावरों ने फायरिंग की उनमें से 2 ने करीब 6 ने गोलियां चलाई थी व तीसरे ने वीडियो बनाई थी। इस फायरिंग की जिम्मेदारी गैंगस्टर डोली बल्ल ने ली है। एसपी डी संजीव कुमार गोयल के अनुसार गुलाब सिद्धू के घर पर हुई फायरिंग की सीसीटीवी फुटेज चेक की जा रही है। फुटेज के आधार पर पुलिस हमलावरों की पहचान करने में जुट गई हैं।

  • हैंडबॉल के 4 और एथलेटिक्स के 5 प्रतिभावान खिलाड़ियों का चयन, जिले के गौरव की बढ़ाएंगे शान

    हैंडबॉल के 4 और एथलेटिक्स के 5 प्रतिभावान खिलाड़ियों का चयन, जिले के गौरव की बढ़ाएंगे शान

    मनेन्द्रगढ़/एमसीबी
    बालक क्रीड़ा परिसर मनेन्द्रगढ़ के प्रतिभावान खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत, लगन, अनुशासन और शानदार खेल प्रदर्शन के दम पर एक बार फिर मनेन्द्रगढ़ जिले को गौरवान्वित किया है। जगदलपुर में 17 से 20 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता के लिए बालक क्रीड़ा परिसर मनेन्द्रगढ़ के 9 खिलाड़ियों का चयन हुआ है।
    राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हैंडबॉल विधा के लिए रूपेश कुमार, विकास, अमिताभ एवं युवराज सिंह का चयन हुआ है। वहीं एथलेटिक्स विधा में सतीश कुमार मरकाम, रंगलाल, जॉन अब्राहम टोप्पो, निलेश एवं राहुल अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
    चयनित खिलाड़ी 15 सितंबर को जगदलपुर के लिए रवाना होंगे। राज्य स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व करने जा रहे इन खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। निश्चित रूप से यह उपलब्धि केवल खिलाड़ियों के लिए ही नहीं, बल्कि उनके प्रशिक्षकों, अभिभावकों और पूरे मनेन्द्रगढ़ क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।

    इस सफलता पर बालक क्रीड़ा परिसर मनेन्द्रगढ़ की क्रीड़ा अधिकारी श्रीमती मीना प्रजापति ने सभी चयनित खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन खिलाड़ियों के निरंतर अभ्यास, अनुशासन, समर्पण और कड़ी मेहनत का परिणाम है। उन्होंने खिलाड़ियों को पूरे आत्मविश्वास, खेल भावना और अनुशासन के साथ प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
    खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर जिला क्रीड़ा अधिकारी विनोद जायसवाल, किशोर दास, प्रेम स्मेल टोप्पो, शिव कुमार चौधरी एवं रणधीर ठाकुर ने भी हर्ष व्यक्त करते हुए चयनित खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    उन्होंने विश्वास जताया कि बालक क्रीड़ा परिसर मनेन्द्रगढ़ के ये होनहार खिलाड़ी राज्य स्तरीय मंच पर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर मनेन्द्रगढ़-एमसीबी जिले का नाम रोशन करेंगे। खिलाड़ियों की यह उपलब्धि क्षेत्र के अन्य बच्चों के लिए भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपने सपनों को उड़ान देने की प्रेरणा बनेगी।

  • नेशनल लोक अदालत में कुटुम्ब न्यायालय मुरैना में 60 पारिवारिक मामलों का निपटारा

    नेशनल लोक अदालत में कुटुम्ब न्यायालय मुरैना में 60 पारिवारिक मामलों का निपटारा

    मुरैना
     नेशनल लोक अदालत के अवसर पर जिला न्यायिक स्थापना मुरैना में आयोजित लोक अदालत में कुटुम्ब न्यायालय के लंबित भरण-पोषण एवं अन्य पारिवारिक मामलों में कुल 60 प्रकरणों का निपटारा किया गया। इनमें 24 प्रकरणों में पति-पत्नी के बीच आपसी सुलह कराई गई।
        कुटुम्ब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश श्री हितेंद्र द्विवेदी ने पक्षकारों को मध्यस्थता एवं आपसी राजीनामे के लाभ समझाते हुए कहा कि आपसी सहमति से मुकदमे के निपटारे में किसी की हार नहीं होती, बल्कि दोनों पक्षों की जीत होती है। उन्होंने पति-पत्नी की समस्याओं को सुनकर आपसी मन-मुटाव दूर करने और सुखमय पारिवारिक जीवन के लिए समझाइश दी।
    लोक अदालत में गोपालपुरा, मुरैना के एक दंपति के वर्ष 2024 से लंबित भरण-पोषण विवाद का भी समाधान कराया गया। दोनों पक्ष वर्ष 2024 से अलग रह रहे थे तथा उनके बीच अन्य प्रकरण भी लंबित थे।

         प्रधान न्यायाधीश की समझाइश एवं आपसी संवाद के बाद दोनों पति-पत्नी साथ रहने के लिए सहमत हुए और खुशी-खुशी अपने घर लौटे। उन्हें आपसी प्रेम एवं सौहार्द का प्रतीक स्वरूप माला पहनाई गई तथा एक पौधा भेंट किया गया।
        इसी प्रकार बामौर, जिला मुरैना के एक दंपति के वर्ष 2022 से लंबित भरण-पोषण विवाद का भी आपसी सहमति से निराकरण किया गया। दोनों लंबे समय से अलग रह रहे थे और उनके बच्चे भी मां के साथ रह रहे थे। प्रधान न्यायाधीश की समझाइश के बाद दोनों के बीच सुलह हुई और वे साथ-साथ घर लौटे। इस अवसर पर उन्हें माला पहनाकर प्रेम एवं सौहार्द का संदेश दिया गया तथा पौधा भेंट किया गया।
        लोक अदालत में हुए इन समझौतों ने यह संदेश दिया कि संवाद, समझदारी और आपसी सहमति से पारिवारिक विवादों का सुखद समाधान संभव है।

  • अवैध शराब के विरुद्ध आबकारी विभाग की कार्रवाई

    अवैध शराब के विरुद्ध आबकारी विभाग की कार्रवाई

    मुरैना
     सागर जिले में जहरीली शराब की शिकायत के मद्देनजर कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ एवं उपायुक्त आबकारी संभागीय उड़नदस्ता ग्वालियर श्री संदीप शर्मा के निर्देशन में आबकारी विभाग द्वारा अवैध मदिरा के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है।
        इसी क्रम में 11 सितम्बर को जिला आबकारी अधिकारी श्री पारस गौतम के नेतृत्व में वृत्त सबलगढ़ के ग्राम कोलिया, घुरजा, चंदपुरा सलाई, चंदपुरा, जारोली, रायपुर नहर एवं बंधरेंटा क्षेत्र में संयुक्त दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क) के तहत 3 प्रकरण दर्ज कर कुल 24.44 बल्क लीटर अवैध मदिरा जप्त की गई।
       आबकारी विभाग द्वारा अवैध एवं जहरीली शराब के विरुद्ध कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

  • डिप्टी CM विजय शर्मा का पुलिस को सख्त निर्देश, बोले- ‘नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना जरूरी’

    डिप्टी CM विजय शर्मा का पुलिस को सख्त निर्देश, बोले- ‘नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना जरूरी’

    कवर्धा.

    छत्तीसगढ़ में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस अब और ज्यादा आक्रामक तेवर में कार्रवाई करेगी. प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने पुलिस प्रशासन को साफ निर्देश दिए हैं कि नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी, परिवहन और भंडारण करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाए. नशे के पूरे नेटवर्क पर पुलिस पूरी ताकत से टूट पड़े.

    कवर्धा के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में राजनांदगांव रेंज स्तरीय एनडीपीएस कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में राजनांदगांव रेंज के पुलिस अधिकारी और विवेचना अधिकारी शामिल हुए. कार्यक्रम का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नशे के कारोबार पर कार्रवाई सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. नशे के सौदागरों से लेकर उनके पूरे नेटवर्क तक पहुंचकर उसे जड़ से खत्म करना जरूरी है. नशीले पदार्थों का निर्माण, बिक्री, परिवहन, आयात-निर्यात और भंडारण करने वालों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाए.

    उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामलों की विवेचना वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मजबूत बनाई जाए, ताकि आरोपी केवल गिरफ्तार ही न हों, बल्कि न्यायालय में भी दोषसिद्ध हों. यानी सरकार का संदेश साफ है—नशे का कारोबार करने वालों के लिए अब कोई नरमी नहीं, पुलिस की कार्रवाई सीधे नेटवर्क के खिलाफ होगी.

  • होर्मुज में ईरानी हमलों का बढ़ा खतरा, अमेरिका ने कमर्शियल टैंकरों की हवाई सुरक्षा का समय घटाया

    होर्मुज में ईरानी हमलों का बढ़ा खतरा, अमेरिका ने कमर्शियल टैंकरों की हवाई सुरक्षा का समय घटाया

    वाशिंगटन
     अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कमर्शियल टौंकरों को दी जाने वाली सैन्य सुरक्षा, खासकर हवाई सुरक्षा के समय को सीमित कर दिया है। यह कदम इस अहम समुद्री रास्ते पर चलने वाले जहाजों पर ईरान के हमलों में बढ़ोतरी के बाद उठाया गया है।

    फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका मई से ही जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से में ओमान के तट के पास वाले रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को हवाई सुरक्षा दे रहा था, जिससे ईरानी हमलों के बावजूद तेल की कुछ शिपमेंट आती-जाती रहीं।

    इस व्यवस्था के तहत, जहाज के मालिक सबसे पहले अमेरिकी नौसेना के कोऑर्डिनेशन सेंटर से मंजूरी लेते थे। यह सेंटर जहाजों को कोऑर्डिनेट्स और गुजरने का समय बताता था, जिसके दौरान अमेरिकी विमान उन्हें सुरक्षा देते थे।

    होर्मुज में टैंकरों की हवाई सुरक्षा के समय घटाया
    लेकिन NCAGS द्वारा समुद्री सलाहकारों को भेजे गए ईमेल के हवाले से पता चला है कि सितंबर की शुरुआत में रात भर मिलने वाली सुरक्षा की लंबी अवधि को घटाकर हर दिन दो तय ट्रांजिट स्लॉट कर दिया गया है। जहाजों को सलाह दी गई है कि वे तय समय पर अपनी यात्रा शुरू करें ताकि उन्हें अमेरिकी सेना से सबसे अच्छी सुरक्षा मिल सके।

    मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य अभियानों की देखरेख करने वाली यूएस सेंट्रल कमांड ने इन संदेशों को बारे में विस्तार से बताने से इनकार कर दिया और कहा कि NCAGS के संदेश खुद ही सब कुछ स्पष्ट करते हैं।

    कमर्शियल जहाजों पर बढ़े ईरान के हमले
    यह बदलाव तब हुआ जब कमर्शियल जहाजों पर हमले बढ़ गए। ईरान ने बुधवार को कहा कि उसने पांच ईरानी टैंकरों पर अमेरिकी हमलों के जवाब में दो अमेरिकी जहाजों और आठ तेल टैंकरों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना ने कहा कि ये हमले इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा बैलिस्टिक मिसाइलों से एक अमेरिकी युद्धपोत पर किए गए हमलों के बाद हुए थे।

    यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स ने भी दुबई और इराक के पास टैंकरों पर ईरान के और हमलों की जानकारी दी। बता दें कि 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 70 से ज्यादा कमर्शियल जहाजों पर हमले हो चुके हैं।

  • रेलवे स्टेशन पर कचरा फेंकना या थूकना पड़ेगा महंगा, देना होगा 1000 रुपये जुर्माना

    रेलवे स्टेशन पर कचरा फेंकना या थूकना पड़ेगा महंगा, देना होगा 1000 रुपये जुर्माना

    भोपाल.

    ट्रेन से सफर करने वालों के लिए एक जरूरी खबर है। रेलवे स्टेशनों पर कचरा फेंकने या थूकने की आदत अब आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है। रेल मंत्रालय ने स्वच्छता नियमों को सख्त करते हुए जुर्माने की रकम बढ़ा दी है। अगर कोई यात्री अब स्टेशन या रेल परिसर में गंदगी फैलाते पकड़ा जाता है, तो उसे 1000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ेगा।

    14 साल बाद नियमों में हुआ बदलाव
    आपको बता दें कि साल 2012 से रेलवे परिसर में गंदगी फैलाने वालों पर अधिकतम 500 रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान था। अब पूरे 14 साल बाद रेलवे ने इस नियम की समीक्षा करते हुए बड़ा बदलाव किया है। नई अधिसूचना के तहत इस जुर्माने की राशि को दोगुना कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन ने इन नए नियमों को लागू भी कर दिया है, इसलिए अब सफर के दौरान खास सावधानी बरतने की जरूरत है।

    खानी पड़ेगी कोर्ट की हवा –
    अगर कोई यात्री सोचता है कि वह बहस करके या जुर्माना देने से इनकार करके बच निकलेगा, तो उसके लिए सख्त चेतावनी है। नए नियम साफ कहते हैं कि यदि कोई व्यक्ति मौके पर लगाया गया जुर्माना नहीं भरता है, तो उसके खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
    ऐसे लोगों को सीधे सक्षम न्यायालय के सामने पेश किया जाएगा। इतना ही नहीं, कोर्ट में मामला जाने पर जज उस व्यक्ति पर 2000 रुपये तक का जुर्माना लगा सकते हैं।

    स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी बढ़ाना है असल मकसद –
    जुर्माने की राशि बढ़ाने के पीछे रेल मंत्रालय का मुख्य उद्देश्य सिर्फ पैसा वसूलना नहीं है, बल्कि लोगों की आदतों में सुधार लाना है। रेलवे का मानना है कि स्टेशनों और परिसरों की साफ-सफाई व्यवस्था को तभी बेहतर बनाया जा सकता है, जब आम नागरिक भी इसमें सहयोग करें।

  • बिहार में एक साथ शुरू हुए 211 डिग्री कॉलेज, 2,451 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति; 100 शिक्षक जाएंगे ऑक्सफोर्ड

    बिहार में एक साथ शुरू हुए 211 डिग्री कॉलेज, 2,451 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति; 100 शिक्षक जाएंगे ऑक्सफोर्ड

     पटना
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को बापू सभागार में नवसृजित 211 डिग्री कॉलेजों के 2,451 नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों के उन्मुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान देने तक सीमित नहीं होते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, सोच और भविष्य निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    एक दिन में 211 डिग्री कॉलेज शुरू करने वाला पहला राज्य
    उन्होंने सहायक प्राध्यापकों से पूरी प्रतिबद्धता और मनोयोग के साथ काम करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार प्राचीन काल से ही ज्ञान की भूमि रहा है।

    नालंदा और विक्रमशिला जैसी शिक्षण परंपराओं ने पूरी दुनिया को ज्ञान का मार्ग दिखाया। अब जरूरत है कि इस गौरवशाली परंपरा को आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं के साथ आगे बढ़ाया जाए।

    उन्होंने कहा कि बिहार एक ही दिन में 211 डिग्री कॉलेज शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। आने वाले समय में राज्य की शिक्षा व्यवस्था और शैक्षणिक आधारभूत संरचना का और विस्तार किया जाएगा।

    100 प्राध्यापकों को ऑक्सफोर्ड समेत प्रतिष्ठित संस्थानों में भेजने की तैयारी
    मुख्यमंत्री ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि 100 प्राध्यापकों को चिन्हित कर ऑक्सफोर्ड सहित दुनिया के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजने की पहल की जाएगी।

    इसके अलावा विश्व के बेहतर शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों और विशेषज्ञों के साथ बिहार के शिक्षकों को संवाद और अनुभव साझा करने का अवसर भी उपलब्ध कराया जाएगा।

    शिक्षा बजट का 21 प्रतिशत खर्च कर रही सरकार
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। राज्य के कुल बजट का 21 प्रतिशत शिक्षा क्षेत्र पर खर्च किया जा रहा है।

    सरकार का लक्ष्य केवल शिक्षण संस्थानों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करना है जो आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और विद्यार्थियों के भविष्य के लिए उपयोगी हो।

    700 मॉडल स्कूलों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
    मुख्यमंत्री ने विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल विकसित किए जा रहे हैं।इन स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ विद्यार्थियों को NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग, लाइव क्लास और 24 घंटे ऑनलाइन ट्यूटर की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।

    उन्होंने नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि विद्यार्थी नियमित रूप से कॉलेज आएं और कक्षाओं में सक्रिय रूप से भाग लें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल कॉलेजों की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, शिक्षकों के साथ संवाद और उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का उपयोग ही उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना के उद्देश्य को पूरा करेगा।

    प्रतिभा की कमी नहीं, बेहतर मार्गदर्शन की जरूरत
    सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की है। नवनियुक्त सहायक प्राध्यापक इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
    खबरें और भी

    उन्होंने विश्वास जताया कि नए सहायक प्राध्यापकों के योगदान से बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और राज्य के युवाओं के भविष्य को नई दिशा मिलेगी।

    कार्यक्रम को उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर तथा राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने भी संबोधित किया।

    इस अवसर पर भारत सरकार में अपर सचिव राहुल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जय प्रकाश नारायण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.के. वाजपेयी, पटना विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति रास बिहारी सिंह समेत अन्य प्राध्यापक और वरीय अधिकारी मौजूद रहे।

     

  • 8वें वेतन आयोग में CGEGIS पर बड़ा बदलाव संभव, कर्मचारियों ने ₹3 करोड़ तक बीमा कवर की मांग रखी

    8वें वेतन आयोग में CGEGIS पर बड़ा बदलाव संभव, कर्मचारियों ने ₹3 करोड़ तक बीमा कवर की मांग रखी

    नई दिल्ली
    केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वां वेतन आयोग सिर्फ वेतन और भत्तों तक सीमित नहीं है। कर्मचारी संगठनों ने इसके सामने कई दूसरे मुद्दे भी रखे हैं, जिनमें CGEGIS (Central Government Employees Group Insurance Scheme) में बदलाव की मांग प्रमुख है। कर्मचारियों का कहना है कि CGEGIS के तहत मिलने वाला बीमा कवर मौजूदा समय की महंगाई और परिवार की बढ़ती जरूरतों के मुकाबले बेहद कम है। खास बात यह है कि इस योजना की बीमा राशि में लंबे समय से कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। कर्मचारी संगठनों के अनुसार, ग्रुप C कर्मचारियों के लिए करीब ₹1.50 लाख का बीमा कवर आज भी बना हुआ है, जिसे पुराने वेतन आयोग की सिफारिशों से जोड़ा जाता है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

    CGEGIS को नए सिरे से तैयार करने की मांग
    8वें वेतन आयोग के सामने दिए गए ज्ञापनों में कर्मचारी संगठनों ने CGEGIS को नए सिरे से तैयार करने की मांग की है। MSA (Ministerial Staff Association) ने बीमा कवर को मौजूदा दरों से कम से कम 10 गुना बढ़ाने का सुझाव दिया है। संगठन का तर्क है कि आज के समय में किसी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने पर परिवार को मिलने वाली यह राशि पर्याप्त आर्थिक सुरक्षा नहीं देती।

    ग्रुप A के लिए ₹3 करोड़ तक का बीमा
    FNPO (Federation of National Postal Organisations) ने भी योजना में बड़े बदलाव की मांग करते हुए ग्रुप C के लिए ₹1 करोड़, ग्रुप B के लिए ₹1.50 करोड़ और ग्रुप A के लिए ₹3 करोड़ तक का बीमा कवर सुझाया है। इसके लिए अलग-अलग मासिक योगदान का प्रस्ताव भी रखा गया है।

    पहले के वेतन आयोगों में चर्चा पर खत्म हुई बात
    कर्मचारी संगठनों का कहना है कि पहले के वेतन आयोगों में भी CGEGIS के योगदान और बीमा राशि को बढ़ाने की जरूरत पर चर्चा हुई थी, लेकिन योजना में अपेक्षित बदलाव नहीं हो सका। FNPO ने सुझाव दिया है कि पहले 7वें वेतन आयोग से जुड़े प्रस्तावित बीमा स्तरों को लागू किया जाए और उसके बाद महंगाई तथा वेतन में बदलाव के आधार पर इसे समय-समय पर बढ़ाया जाए। संगठन ने महंगाई भत्ते के एक निश्चित स्तर तक पहुंचने पर बीमा कवर में स्वतः बढ़ोतरी का सुझाव भी दिया है

    असमय मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सहायता
    CGEGIS में बीमा के साथ बचत का हिस्सा भी शामिल होता है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि मौजूदा व्यवस्था में बीमा सुरक्षा को ज्यादा प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि कर्मचारी की असमय मृत्यु की स्थिति में उसके परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता मिल सके। इसी वजह से बीमा और बचत के अनुपात में बदलाव की मांग भी उठी है। हालांकि, इन सभी मांगों पर अंतिम फैसला 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और उसके बाद केंद्र सरकार के निर्णय पर निर्भर करेगा। फिलहाल, केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर इस बात पर है कि 8वां वेतन आयोग CGEGIS को लेकर क्या सिफारिश करता है और क्या दशकों से चली आ रही इस व्यवस्था में अब बड़ा बदलाव देखने को मिलता है।