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  • अब उड़ान सस्ती! भारत में बनेगा किफायती एयरक्रॉफ्ट, पार्ट्स और मटीरियल पर नहीं लगेगा टैक्स

    अब उड़ान सस्ती! भारत में बनेगा किफायती एयरक्रॉफ्ट, पार्ट्स और मटीरियल पर नहीं लगेगा टैक्स

    नई दिल्ली
    यूनियन बजट 2026 में सरकार ने एविएशन सेक्टर के लिए बड़ा और दूरगामी कदम उठाया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सिविल और डिफेंस एविएशन में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कस्टम ड्यूटी में छूट का ऐलान किया है। इस फैसले से न सिर्फ लागत घटेगी, बल्कि भारत को ग्लोबल एविएशन हब बनाने की दिशा में भी मजबूती मिलेगी।
     
    सिविल एविएशन के लिए क्या बदला?
    बजट 2026 के तहत सरकार ने सिविलियन ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट और अन्य विमानों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स और पार्ट्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी खत्म करने का फैसला किया है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि अब भारत में विमान बनाना सस्ता और आसान हो जाएगा, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी।

    डिफेंस एविएशन को भी बड़ी राहत
    सिर्फ सिविल ही नहीं, डिफेंस एविएशन के लिए भी बजट 2026 में बड़ी घोषणा की गई है। डिफेंस एयरक्राफ्ट के पार्ट्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल (Raw Materials) पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट दी जाएगी। यह छूट खास तौर पर MRO (Maintenance, Repair and Overhaul) और डिफेंस यूनिट्स की ऑपरेशनल जरूरतों के लिए लागू होगी।

    घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को कैसे मिलेगा फायदा?
    वित्त मंत्री के मुताबिक इन फैसलों का मकसद लोकल प्रोडक्शन को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही मैन्युफैक्चरिंग की लागत कम करना और भारतीय कंपनियों को ज्यादा कॉम्पिटिटिव बनाना है। सरकार एविएशन और डिफेंस सेक्टर में नए निवेश को आकर्षित करना चाहती है।

    भारत बनेगा ग्लोबल एविएशन हब?
    सरकार पहले से ही चाहती है कि भारत सिर्फ विमान उड़ाने वाला देश न होकर, विमान बनाने वाला, उनके पार्ट्स तैयार करने वाला और MRO सर्विसेज देने वाला ग्लोबल सेंटर बने। ड्यूटी छूट जैसे कदम इस दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।

    रोजगार और स्टार्टअप्स को भी मिलेगा बूस्ट
    इस फैसले का असर सिर्फ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा। MSME सेक्टर, एविएशन स्टार्टअप्स, स्किल्ड मैनपावर सभी के लिए नए अवसर पैदा होंगे। आने वाले सालों में हजारों नई नौकरियां बनने की उम्मीद है।

    बजट 2026 (Budget 2026) में एविएशन इंडस्ट्री के लिए ड्यूटी-फ्री मैन्युफैक्चरिंग का ऐलान यह साफ संकेत देता है कि सरकार भारत को एयरोस्पेस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का पावरहाउस बनाना चाहती है। इसके साथ ही सिविल और डिफेंस दोनों सेक्टर को साथ लेकर चलने वाली यह रणनीति आने वाले समय में भारत की एविएशन इंडस्ट्री को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।

     

  • बजट 2026: क्या बदले इनकम टैक्स स्लैब? वित्त मंत्री ने टैक्सपेयर्स को दी बड़ी राहत या सिर्फ संकेत?

    बजट 2026: क्या बदले इनकम टैक्स स्लैब? वित्त मंत्री ने टैक्सपेयर्स को दी बड़ी राहत या सिर्फ संकेत?

    नई दिल्ली
    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश किया और इसके साथ ही उन्होंने इतिहास रच दिया। यह उनका लगातार नौवां बजट है, जो अब तक किसी भी वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए सबसे ज्यादा बजटों में शामिल हो गया है। बजट भाषण से पहले उन्होंने परंपरा के अनुसार कर्तव्य भवन स्थित वित्त मंत्रालय में कार्यभार संभाला और फिर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। अपने भाषण में वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था, सुधारों और भविष्य की विकास योजनाओं पर जोर दिया।

    इनकम टैक्स स्लैब में हुआ है बदलाव?
    बजट 2026 में आम करदाताओं की सबसे ज्यादा नजर इनकम टैक्स स्लैब पर टिकी हुई थी। हालांकि, इस बार वित्त मंत्री ने आयकर की दरों या स्लैब में कोई बड़ा बदलाव करने का ऐलान नहीं किया। लेकिन राहत की बात यह रही कि उन्होंने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की समय-सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। अब करदाता 31 मार्च तक नाममात्र शुल्क के साथ रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। माना जा रहा है कि इससे नौकरीपेशा और छोटे करदाताओं को काफी सहूलियत मिलेगी, जो तकनीकी या दस्तावेजी कारणों से समय पर रिटर्न नहीं भर पाते।

    पुरानी टैक्स व्यवस्था
    अगर पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) की बात करें, तो इसमें स्लैब पहले जैसे ही रखे गए हैं। सालाना ₹2.5 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। ₹2.5 लाख से ₹5 लाख तक की आय पर 5 फीसदी टैक्स देना होगा। ₹5 लाख से ₹10 लाख तक की आय पर 20 फीसदी टैक्स और ₹10 लाख से ऊपर की आय पर 30 फीसदी टैक्स लागू रहेगा। इस व्यवस्था में छूट और कटौतियों (जैसे HRA, 80C, 80D) का फायदा मिलता है, इसलिए कई करदाता अभी भी इसे पसंद करते हैं।

    नई टैक्स व्यवस्था
    वहीं नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) में ज्यादा स्लैब हैं और टैक्स दरें चरणबद्ध तरीके से बढ़ती हैं। ₹4 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं है। ₹4 से ₹8 लाख तक 5 फीसदी, ₹8 से ₹12 लाख तक 10 फीसदी, ₹12 से ₹16 लाख तक 15 फीसदी, ₹16 से ₹20 लाख तक 20 फीसदी और ₹20 से ₹24 लाख तक 25 फीसदी टैक्स लगेगा। ₹24 लाख से ज्यादा आय पर 30 फीसदी टैक्स देना होगा। यह व्यवस्था उन लोगों के लिए आसान मानी जाती है जो ज्यादा कटौतियों का दावा नहीं करते। कुल मिलाकर, बजट 2026 में टैक्स स्लैब भले न बदले हों, लेकिन प्रक्रियाओं को आसान बनाने की कोशिश जरूर दिखाई दी।

     

  • बजट 2026 का बड़ा ऐलान: किसानों के लिए लॉन्च हुआ AI टूल, अब तकनीक बताएगी कब और कैसे करें खेती

    बजट 2026 का बड़ा ऐलान: किसानों के लिए लॉन्च हुआ AI टूल, अब तकनीक बताएगी कब और कैसे करें खेती

    नई दिल्ली
    बजट 2026 में सरकार ने किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने एक ऐसा ऐलान किया है, जिससे आने वाले समय में खेती करने का तरीका बदल सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में ‘भारत विस्तार’ नाम के एक नए AI सिस्टम की बात की है, जो सीधे किसानों की मदद के लिए बनाया है। आज भी किसान मौसम, जमीन और फसल को लेकर सही जानकारी के बिना खेती करते हैं। कभी बारिश धोखा दे देती है, कभी फसल खराब हो जाती है। इन सब वजहों से किसान को नुकसान उठाना पड़ता है। सरकार अब चाहती है कि किसान सिर्फ अंदाजे से नहीं, बल्कि सही जानकारी के साथ खेती करे।

    ‘भारत विस्तार’ AI सिस्टम किसान को उसके इलाके के हिसाब से खेती से जुड़ी जरूरी बातें बताएगा। जैसे मौसम कैसा रहेगा, कौन-सी फसल ठीक रहेगी और किस समय क्या करना सही होगा। सरकार का मानना है कि इससे किसान का नुकसान कम होगा और आमदनी बेहतर हो सकेगी।

    AI खेती करेगा खेती में मदद
    किसान के सामने सवाल होता है कि फसल कब बोएं, कब पानी दें या कब दवा डालें। कई बार गलत समय पर काम करने से फसल खराब हो जाती है। भारत विस्तार AI ऐसे सवालों के जवाब देगा। यह मौसम की जानकारी देखकर बताएगा कि आने वाले दिनों में बारिश होगी या नहीं। अगर ज्यादा गर्मी या ठंड का असर पड़ेगा तो पहले ही चेतावनी देगा। इससे किसान समय रहते सही कदम उठा सकेगा।

    किसान कैसे करेंगे ये इस्तेमाल
    भारत विस्तार को इस तरह बनाया जाएगा कि किसान आसानी से मोबाइल या कंप्यूटर पर इसका इस्तेमाल कर सके। इसमें बहुत आसान भाषा होगी। किसान अपनी ही रोजमर्रा की भाषा में सवाल पूछ सकेगा और जवाब पा सकेगा। अगर किसान जानना चाहता है कि उसकी फसल में बीमारी क्यों लग रही है, तो वह सिस्टम से पूछ सकता है। AI उसे आसान तरीके से बताएगा कि क्या करना सही रहेगा।मौसम बदलने की वजह से किसान को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। कभी अचानक बारिश, कभी सूखा और कभी ओले फसल बर्बाद कर देते हैं। भारत विस्तार AI मौसम पर नजर रखेगा और पहले ही किसान को सतर्क कर देगा। अगर ज्यादा बारिश की संभावना होगी तो किसान को पहले से जानकारी मिल जाएगी।

     

  • बजट में रफ्तार का बूस्टर: 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को मंजूरी, दिल्ली–वाराणसी रूट भी शामिल

    बजट में रफ्तार का बूस्टर: 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को मंजूरी, दिल्ली–वाराणसी रूट भी शामिल

    नई दिल्ली
    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 में भारतीय रेलवे के कायाकल्प के लिए एक महात्वाकांक्षी रोडमैप पेश किया है। सरकार ने देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ने के लिए 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जो भारतीय रेल को पूरी तरह बदल देंगे। बजट प्रस्तावों के अनुसार, इन कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन की तर्ज पर हाई-स्पीड ट्रेनें संचालित की जाएंगी, जिनकी गति 250-320 किमी/घंटा तक हो सकती है।
     
    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 7 नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान किया है। इनमें मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी, वाराणसी से सिलिगुड़ी शामिल हैं।

    1. मुंबई – पुणे (महाराष्ट्र): आर्थिक राजधानी और आईटी हब के बीच की दूरी को न्यूनतम समय में समेटने के उद्देश्य से इसे मंजूरी दी गई है।

    2. दिल्ली – वाराणसी (उत्तर प्रदेश): दिल्ली को धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी से जोड़ने वाला कॉरिडोर। आपको बता दें कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र भी है।

    3. हैदराबाद – बेंगलुरु: दक्षिण भारत के दो सबसे बड़े टेक हब के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी।

    4. बेंगलुरु – चेन्नई: चेन्नई बंदरगाह और बेंगलुरु के औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने वाला कॉरिडोर।

    5. दिल्ली – अहमदाबाद: मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर के विस्तार के रूप में दिल्ली तक कनेक्टिविटी।

    6. मुंबई – नागपुर: 'समृद्धि महामार्ग' के समानांतर महाराष्ट्र के दो प्रमुख शहरों को जोड़ने के लिए।

    7. हावड़ा – वाराणसी: पूर्वोत्तर भारत को मध्य और उत्तर भारत के हाई-स्पीड नेटवर्क से जोड़ना।

    इससे पहले रेलवे ने कहा था कि 2026 के अंत तक 24-कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के रोल-आउट का लक्ष्य रखा गया है, जो राजधानी एक्सप्रेस की जगह लेंगी। इसके साथ ही स्वदेशी एंटी-कोलिजन सिस्टम 'कवच' के नवीनतम संस्करण को 44,000 रूट किलोमीटर तक विस्तारित करने के लिए प्रस्तावित है।

     

  • सूर्य का विस्फोट! 2025 के पूरे साल जितने रन, सिर्फ 5 मैचों में कर डाले पार

    सूर्य का विस्फोट! 2025 के पूरे साल जितने रन, सिर्फ 5 मैचों में कर डाले पार

    नई दिल्ली
    भारतीय टी-20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव के लिए साल 2025 किसी बुरे सपने की तरह ही था। पूरे साल उन्होंने कोई भी अर्धशतक नहीं लगाया। 23 पारियों तक उनके बैट ने अर्धशतक का स्वाद नहीं चखा। उनकी चारों तरफ आलोचना हो रही थी और कहा जा रहा था कि टीम में जगह तक नहीं बनती तो नेतृत्व कैसे कोई संभाल रहा है। इन आलोचनाओं का सूर्यकुमार यादव ने बुरे समय में हंसकर जवाब दिया और सबसे विनम्र रहे। सूर्या ने हमेशा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह आउट ऑफ फॉर्म नहीं हैं, हां उनके बल्ले से रन नहीं निकल रहे हैं। 2025 के आंकड़े भी सूर्यकुमार यादव के इस बयान की गवाही देते हैं कि बीता साल उनके लिए अच्छा नहीं था। पिछले साल सूर्यकुमार यादव ने 21 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले थे, जिसमें सिर्फ 218 रन ही बना सके थे। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट हमेशा की तरह ऊपर रहा, लेकिन औसत काफी गिर गई थी।

    2025 के बुरे समय को झेलने के बाद सूर्यकुमार यादव ने 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन से रनों की किरणों का बिखराव कर दिया। टी-20 विश्व कप से पहले कप्तान फॉर्म में आ चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि जितने रन वे 2025 में पूरे साल में नहीं बना सके थे, उससे कहीं ज्यादा रन उन्होंने 2026 के पिछले 5 मैचों में बना दिए हैं। सही मायनों में विश्व कप से पहले भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की खेली गई यह टी-20 सीरीज कप्तान सूर्यकुमार यादव के लिए बूस्टर डोज की तरह थी। इस साल सूर्या ने 5 मैचों की पांच पारियों में बल्लेबाजी की है और रिकॉर्ड 242 रन बनाए हैं। ये सभी रन उन्होंने न्यूजीलैंड सीरीज में ही बनाए। सूर्यकुमार यादव के ये आंकड़े दिखाते हैं कि अब भारतीय टीम का सूर्योदय हो चुका है, क्योंकि कप्तान फॉर्म में आ चुके हैं।

    5 मैचों की न्यूजीलैंड सीरीज में भारतीय कप्तान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 242 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब भी अपने नाम किया। इस सीरीज में सिर्फ 2 ही बल्लेबाजों ने 200 का आंकड़ा पार किया जिसमें सूर्यकुमार यादव के साथ ईशान किशन भी शामिल हैं। पांचवें और आखिरी टी-20 मैच में सूर्यकुमार यादव ने टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने तीन हजार रन भी पूरे किए। हालांकि, बतौर कप्तान वे 1000 टी-20 रन बनाकर विराट कोहली, रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी के क्लब में शामिल होने से कुछ रन चूक गए। उन्हें यह रिकॉर्ड बनाने के लिए 73 रनों की जरूरत थी, लेकिन वे 63 रन ही बना सके।

    टी-20 विश्व कप से पहले कप्तान सूर्यकुमार यादव का फॉर्म में आना भारतीय क्रिकेट टीम के लिए शुभ संकेत हैं। भारतीय बल्लेबाजी इस समय तबाही मचा रही है, हालांकि, गेंदबाजी में लगातार अर्शदीप के खर्चीले ओवर और पिछले मैच में बुमराह का महंगा स्पेल डालना भारतीय टीम के लिए चिंता का सबब बन रहा है। स्पिन गेंदबाजों ने मोर्चा संभाला हुआ है। अब देखना दिलचस्प होगा कि 7 फरवरी से शुरू हो रहे मेगा इवेंट में सूर्या ब्रिगेड क्या कमाल दिखा पाती है।

     

  • निर्मला सीतारमण का ऐतिहासिक कारनामा: लगातार 9वीं बार बजट पेश, अब अगला रिकॉर्ड भी निशाने पर

    निर्मला सीतारमण का ऐतिहासिक कारनामा: लगातार 9वीं बार बजट पेश, अब अगला रिकॉर्ड भी निशाने पर

    नई दिल्ली
    केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इतिहास रच दिया है। वह ऐसी पहली वित्त मंत्री हैं जिन्होंने लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया है। वहीं इस मामले में कांग्रेस नेता पी चिदंबर दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने तीन दशकों में 9 बार केंद्रीय बजट पेश किया था। अगर सबसे ज्यादा बार बजट पेश करने की बात करें तो यह रिकॉर्ड मोरारजी देसाई के पास है। अगर अगले साल भी निर्मला सीतारण बजट पेश करती हैं तो वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का भी रिकॉर्ड तोड़ देंगी।
     
    बजट ने रचा एक और इतिहास
    इस बार के बजट ने एक और इतिहास बनाया है। भारत में पहली बार रविवार को केंद्रीय बजट पेश किया गया है। आम तौर पर इस दिन स्टॉक मार्केट और सरकारी कार्यालय बंद रहते हैं। बजट की वजह से बीएसई और एनएसई में आज भी ट्रेडिंग चल रही है। हालांकि बजट पेश होते ही शेयर मार्केट में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

    1999 में भी पड़ा था रविवार
    आम तौर पर अगर बजट वाले दिन रविवार पड़ जाता था तो इसे अगले दिन के लिए शिफ्ट कर दिया जाता था। 1999 में जब यशवंत सिन्हा वित्त मंत्री थे तब ऐसा ही हुआ था। हालांकि इस बार ऐसा नहीं किया गया। 1 फरवरी को रविवार होने के बाद भी बजट लोकसभा में पेश किया गया।

    अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि आईटी सेवाओं के लिए सुरक्षित स्थल का लाभ उठाने की सीमा 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये की जा रही है वित्त मंत्री ने कहा कि शराब, स्क्रैप (कबाड़) और खनिज पर स्रोत पर कर संग्रह की दर को तर्कसंगत बनाकर दो प्रतिशत कर दिया गया है।

    सीतारमण ने स्वदेशी लेखा कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षित आश्रय नियमों के तहत लेखाकारों की परिभाषा को युक्तिसंगत बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार नई कर व्यवस्था के तहत अंतर-सहकारी समितियों के लाभांश आय को कटौती के रूप में स्वीकार करेगी।

     

  • मोदी का बजट संदेश: रिफॉर्म्स को मिलेगी नई रफ्तार, स्किल-स्केल-सस्टेनेबिलिटी पर जोर

    मोदी का बजट संदेश: रिफॉर्म्स को मिलेगी नई रफ्तार, स्किल-स्केल-सस्टेनेबिलिटी पर जोर

    नई दिल्ली

    पीएम मोदी ने रविवार को बजट पर कहा, 'देश में रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी है। जो बदलाव किए गए हैं वो एक्सप्रेशन से भरे हुए भारत के साहसिक प्रतिभाशाली युवाओं को खुला आसमान देते हैं।'

    उन्होंने कहा कि बजट से रिफॉर्म्स को नई गति मिलेगी। ये स्किल, स्केल और सस्टेनेबिलिटी को मजबूत करने का प्रयास है। सबसे बड़ी पूंजी नागरिक, इसी में निवेश किया।

    पीएम ने कहा कि यह एक ऐसा यूनिक बजट है, जिसमें फिसकल डेफिसिट कम करने पर फोकस है। इसके साथ बजट में हाई कैपेक्स और हाई ग्रोथ का समन्वय है। यह देश की ग्लोबल भूमिका को नए सिरे सशक्त करता है।

  • यूपी में आरटीई नियम बदले: किराए पर रहने वाले बच्चों को प्रवेश नहीं, कल से आवेदन शुरू

    यूपी में आरटीई नियम बदले: किराए पर रहने वाले बच्चों को प्रवेश नहीं, कल से आवेदन शुरू

    लखनऊ

    शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में होने वाले प्रवेश के नियमों में बदलाव किया गया है। किराए के मकान में रहने वाले अभिभावकों के बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके लिए रजिस्ट्रार कार्यालय में घर का पंजीकरण जरूरी है। बच्चों के यूनिफार्म का पैसा सीधे अभिभावकों के खाते में अब निदेशालय स्तर से ही भेजा जाएगा। इसमें बैंक से आधार कार्ड का सत्यापन जरूरी है।

    शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत राजधानी में संचालित 1576 प्राइवेट स्कूलों में करीब 21000 सीटों पर प्रवेश के लिए 2 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले सभी बच्चों के दस्तावेज की ऑनलाइन कॉपी विभाग के वेबसाइट पर भी अपलोड होगी। संबंधित निजी स्कूल के प्रबंधक व प्रधानाचार्य यूजर आईडी के माध्यम से संबंधित बच्चों के दस्तावेज को चेक भी कर सकते हैं। इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के प्रवेश में पादर्शिता बनी रहेगी।

    जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार के अनुसार, बीते साल 1398 निजी स्कूलों में कुल 18000 सीटों पर प्रवेश के लिए आवेदन लिए गए थे। इस बार स्कूलों की संख्या में बढ़ोतरी के साथ- साथ सीटों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। निजी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले बच्चों की फीस विभाग की ओर से आपूर्ति की जा रही है इसके लिए संबंधित स्कूलों से डाटा मांगा गया है।

    निजी स्कूलों में नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और पहली कक्षा में प्रवेश के लिए पहले चरण की 2 से 16 फरवरी तक आवेदन होंगे। 21 फरवरी से 7 मार्च तक द्वितीय चरण और 12 से 25 मार्च तक तृतीय चरण के लिए आवेदन होंगे। आवेदन और दस्तावेज जांच के बाद 18 फरवरी को पहली लॉटरी, 9 मार्च को द्वितीय लॉटरी और 27 मार्च को तृतीय चरण की लॉटरी जारी होगी।

    आईटीई प्रवेश के लिए इन दस्तावेज की होगी जरूरत

    शहर निवासी और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को ही आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश मिलेंगे। जिला शिक्षा परियोजना समिति की ओर से जारी आदेश के अनुसार, प्रवेश के दौरान तहसीलदार द्वारा निर्गत जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, ग्रामीण क्षेत्र में जॉब कार्ड,चिकित्सा प्रमाणपत्र और आधार कार्ड की जरूरत होगी। मानक के अनुसार, इनमें से जरूरी दस्तावेज होने पर ही प्रवेश आवेदन होंगे।

     

  • Union Budget 2026: बायोफार्मा सेक्टर पर बड़ा दांव, भारत बनेगा ग्लोबल हब; ₹10,000 करोड़ निवेश का ऐलान

    Union Budget 2026: बायोफार्मा सेक्टर पर बड़ा दांव, भारत बनेगा ग्लोबल हब; ₹10,000 करोड़ निवेश का ऐलान

    नई दिल्ली
    Union Budget 2026 बजट 2026-27 में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने बायोफार्मा सेक्टर के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि बायोफार्मा शक्ति प्रोग्राम के तहत अगले पांच साल में इस क्षेत्र में 10 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बता दें कि बायोफार्मा शक्ति योजना का लक्ष्य बायोफार्मा इकोसिस्टम को विकिसित करना है। बायोफार्मा के तहत सूक्ष्मजीवों, प्रोटीनों के जरिए दवाओं का निर्माण किया जाता है जिसके साइड इफेक्ट्स कम होते हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि इस सेक्टर में बड़ा निवेश करने से देश में फार्मा सेक्टर को बड़ी मदद मिलेगी।

    वित्त मंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य ज्ञान, तकनीक और नवाचार के माध्यम से स्वास्थ्य योजना को उन्नत करना है। यह निवेश भारत को वैश्विक बायो फार्मा विनिर्माण केंद्र बनाने और गैर संक्रामक बीमारियों से निपटने में मदद करेगा।

    युवाओं पर केंद्रित बजट
    सीतारमण ने लोकसभा में अपने बजट भाषण में बताया कि कर्तव्य भवन में तैयार पहला बजट तीन कर्तव्यों से प्रेरित है। पहला कर्तव्य उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर आर्थिक विकास को तेज और अनवरत बनाए रखना होगा ताकि वैश्विक उथल-पुथल का मजबूती से समाना किया जा सके। दूसरा कर्तव्य लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और उनके क्षमता निर्माण की है ताकि देश को समृद्धि के मार्ग पर ले जाया जा सके। सबका साथ सबका विकास के अनुरूप तीसरा कर्तव्य संसाधन, सुविधा और अवसर तक हर परिवार, समाज, इलाके और सेक्टर की पहुंच सुनिश्चित करना है। सरकार इन कर्तव्यों को पूरा करने के लिए समर्थन का वातावरण तैयार करेगी।

    उन्होंने सात रणनीतिक सेक्टरों में विनिर्माण को बढ़ावा देने का प्रस्ताव किया। देश के बायो फार्मा विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए अगले पांच साल 10 हजार करोड़ रुपये के आवंटन के साथ बायो फार्मा शक्ति का प्रस्ताव किया। इसके तहत देश में बायोलॉजिक्स और बायो सिमिलर बनाने के लिए पारितंत्र तैयार किये जायेंगे। फार्मास्यूटिकल शिक्षा और अनुसंधान के लिए तीन राष्ट्रीय संस्थान बनाए जाएंगे और मौजूदा सात संस्थानों को अपग्रेड किया जायेगा। केंद्रीय औषधि नियंत्रण संस्थान को मजबूत कर वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाया जायेगा।

    इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की गयी है जिसके तहत उपकरण आदि तैयार किये जायेंगे, फुल स्टैक स्वदेशी आईपी तैयार किया जायेगा और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत किया जायेगा। उद्योग के नतृत्व में अनुसंधान को बढ़ावा दिया जायेगा और प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। अप्रैल 2025 में शुरू की गयी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट विनिर्माण योजना के लिए आवंटन 22,919 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है।

     

  • ईशान किशन का धमाका! सिर्फ 36 पारियों में रोहित शर्मा का बड़ा रिकॉर्ड चकनाचूर

    ईशान किशन का धमाका! सिर्फ 36 पारियों में रोहित शर्मा का बड़ा रिकॉर्ड चकनाचूर

    नई दिल्ली
    ईशान किशन का कमबैक क्या धाकड़ रहा। न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैच की टी20 सीरीज में वह दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। पांचवें टी20 में शतक जड़ने से पहले किशन ने एक तूफानी अर्धशतकीय पारी भी खेली थी। उनके बल्ले से पूरी सीरीज में 215 रन निकले। किशन ने आखिरी टी20 में शतक जड़ने के साथ अपने T20I करियर में 1000 रन का आंकड़ा भी पार किया। मात्र 36 पारियों में यह कारनामा कर ईशान किशन ने रोहित शर्मा का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। हालांकि वह भारत के लिए सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले टॉप-5 खिलाड़ियों की लिस्ट में अभी भी अपनी जगह नहीं बना पाए। विराट कोहली इस लिस्ट के टॉप पर हैं।
     
    ईशान किशन ने 1000 T20I रन का आंकड़ा 36 पारियों में छुआ, वहीं रोहित शर्मा ने अपने करियर में यह कारनामा करने के लिए 40 पारियां ली थी। ईशान किशन के ऊपर इस लिस्ट में तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव, केएल राहुल, अभिषेक शर्मा और विराट कोहली हैं।

    भारत के लिए सबसे कम पारियों में 1000 T20I रन बनाने वाले खिलाड़ी
    27-विराट कोहली
    28-अभिषेक शर्मा
    29- केएल राहुल
    31- सूर्यकुमार यादव
    34-तिलक वर्मा
    36 – ईशान किशन*
    40 – रोहित शर्मा
    41 – युवराज/सुरेश रैना
    42 – शिखर धवन/श्रेयस अय्यर
    44- संजू सैमसन
    55- हार्दिक पांड्या
    57-ऋषभ पंत
    58 – एमएस धोनी

    ईशान किशन ने 42 गेंदों में सेंचुरी बनाकर T20I में न्यूजीलैंड के खिलाफ गेंदों के हिसाब से सबसे तेज़ सेंचुरी का रिकॉर्ड बनाया। पिछला सबसे तेज रिकॉर्ड 44 गेंदों का था, जो कुसल परेरा ने नेल्सन में और हसन नवाज ने ऑकलैंड में बनाया था, दोनों 2025 में। यह T20I में भारत के लिए पांचवीं सबसे तेज सेंचुरी थी।

    भारत ने न्यूजीलैंड के सामने 272 रनों का टारगेट रखा था, जिसका पीछा करते हुए कीवी टीम ने 225 रनों पर दम तोड़ दिया था। भारत ने 46 रनों से मैच जीतकर सीरीज 4-1 से अपने नाम की।