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  • बजट में बड़ा ऐलान: किसानों की आय बढ़ाने को लॉन्च हुआ Bharat Vistaar AI प्लेटफॉर्म, ऐसे बदलेगा किस्मत

    बजट में बड़ा ऐलान: किसानों की आय बढ़ाने को लॉन्च हुआ Bharat Vistaar AI प्लेटफॉर्म, ऐसे बदलेगा किस्मत

    नई दिल्ली

    खेती-किसानी को AI से लैस बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दरअसल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में 'भारत विस्तार' नाम से एक एआई पावर्ड प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की घोषणा की है। इसे आप खास किसानों के लिए लॉन्च होने वाला एआई या डिजिटल साथी समझ सकते हैं, जो उन्हें मौसम, मिट्टी की सेहत और सरकारी योजनाओं की सटीक जानकारी उनकी अपनी भाषा में देगा। सरकार का मानना है कि इस मॉडल से किसानों की पैदावार बढ़ेगी और वह तकनीकी रूप से कुशल भी होंगे।

    अपनी भाषा में मिलेगी एक्सपर्ट सलाह
    भारत विस्तार का पूरा नाम 'वर्चुअली इंटीग्रेटेड सिस्टम टू एक्सेस एग्रीकल्चरल रिसोर्सेज' है। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म कई भाषाओं में काम करेगा और सीधे एग्री-स्टैक पोर्टल और आईसीएआर के डेटा से जुड़ा होगा। इसका फायदा यह होगा कि किसानों को मौसम के बारे में उनकी खुद की समझ में आने वाली भाषा में डिटेल में जानकारी मिलेगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में 4,000 कर्मचारी एआई चैटबॉट का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा ताकि किसान डेटा के आधार पर बुवाई से लेकर कटाई तक का फैसला ले सकें।

    योजनाओं तक आसान पहुंच भी
    रिपोर्ट के अनुसार,(REF.) इस AI से लैस प्लेटफॉर्म का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब किसानों को एक्सपर्ट की सलाह के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। वाधवानी एआई एक ऐसा चैटबॉट बना रहा है, जो कि सीधे किसान कॉल सेंटर से जुड़ा होगा। इस बॉट से एक साथ लाखों सवालों के जवाब पाए जा सकते हैं। इसके साथ ही यह प्लेटफॉर्म किसानों के लिए चल रही योजनाओं की जानकारी भी देगा। इसी प्लेटफॉर्म से किसान अपने लिए सही योजनाओं के लिए आवेदम भी कर सकेंगे। इस प्लेटफॉर्म की वजह से किसान और सरकार का सीधा रिश्ता बनेगा और बीच में किसी बिचौलिये की जरूरत नहीं रहेगी।

    इमेज-रिकग्निशन करेगा कीटों की पहचान
    भारत विस्तार की खास बात है कि यह सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि लोकल अनुभव के बारे में डिटेल में जानकारी रखेगा। इस प्लेटफॉर्म में तमिलनाडु जैसे राज्यों के हजारों किसानों के व्यवहारिक एक्सपीरियंस को जोड़ा गया है। इस प्लेटफॉर्म में समग्र जैसी संस्थाएं इमेज-रिकग्निशन फीचर जोड़ रही हैं। इसकी मदद से किसान अपने फसल की फोटो खीचकर पता लगा पाएगा कि उसमें कौन सा कीड़ा लगा है और उसे छीक कैसे करना है। यह एआई सिस्टम आवाज और टेक्स्ट दोनों तरीकों से किसानों की मदद करने का काम करेगा।

  • अब Toll Plaza पर नहीं रुकेगी गाड़ी! देश का पहला बैरियर-फ्री टोल सिस्टम इस राज्य में शुरू

    अब Toll Plaza पर नहीं रुकेगी गाड़ी! देश का पहला बैरियर-फ्री टोल सिस्टम इस राज्य में शुरू

     सूरत

    हाईवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब टोल प्लाजा पर गाड़ियों को रोकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। देश में पहली बार पूरी तरह बैरियर-फ्री टोल कलेक्शन सिस्टम तैयार किया गया है, जिसका ट्रायल आज से शुरू होने जा रहा है। यह नया सिस्टम गुजरात में लगाया गया है और इसे नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा शुरू किया जा रहा है।

    गुजरात में तैयार हुआ पहला बैरियर-फ्री टोल प्लाजा
    देश का पहला मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोल प्लाजा गुजरात के सूरत जिले के कामरेज इलाके में स्थित चोर्यासी टोल प्लाजा पर बनाया गया है। यह मौजूदा पारंपरिक टोल बूथ की जगह लेगा, जहां अब तक वाहन चालकों को टोल देने के लिए रुकना पड़ता था। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी लंबे समय से टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम और भीड़ को खत्म करने की बात कर रहे थे। इसी दिशा में इस प्रोजेक्ट को पायलट आधार पर लागू किया गया है।

    ड्राइवरों को क्या फायदा होगा?
    बैरियर-फ्री टोल सिस्टम लागू होने के बाद वाहन बिना रुके टोल क्षेत्र से गुजर सकेंगे। न तो ब्रेक लगाने की जरूरत होगी और न ही कतार में लगने की परेशानी रहेगी। इससे यात्रा का समय कम होगा और हाईवे पर ट्रैफिक का बहाव पहले से ज्यादा बेहतर हो जाएगा।

    कैसे काम करेगा नया टोल सिस्टम?
    इस नई व्यवस्था में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

        हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट को पढ़ेंगे
        सिस्टम FASTag से लिंक होकर अपने आप टोल की राशि काट लेगा
        पूरी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और बिना किसी मैनुअल हस्तक्षेप के होगी
        खास बात यह है कि वाहन लगभग 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भी टोल क्षेत्र पार कर सकेंगे।

        विदेशी तकनीक से देश को बड़ा फायदा
        इस प्रोजेक्ट को तैयार करने में ताइवान की FETC एजेंसी के 25 से अधिक विशेषज्ञ पिछले कई महीनों से काम कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस नई तकनीक के लागू होने से हर साल लगभग 1500 करोड़ रुपये के ईंधन की बचत होगी। साथ ही, टोल कलेक्शन में पारदर्शिता बढ़ने से करीब 6000 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त राजस्व मिलने की संभावना है।

        आगे की योजना क्या है?
        सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की योजना है कि वर्ष 2026 के अंत तक देशभर के 1050 से ज्यादा टोल प्लाजा को AI आधारित मल्टी-लेन फ्री फ्लो सिस्टम में बदला जाए। यदि गुजरात में शुरू किया गया यह ट्रायल सफल रहता है, तो आने वाले समय में देश के सभी नेशनल हाईवे पर टोल वसूली का तरीका पूरी तरह बदल सकता है।

     

     

  • Gold के दाम आसमान पर, दुबई में इतिहास रचने जा रही दुनिया की पहली ‘सोने की सड़क’! UAE के शेख का बड़ा ऐलान

    Gold के दाम आसमान पर, दुबई में इतिहास रचने जा रही दुनिया की पहली ‘सोने की सड़क’! UAE के शेख का बड़ा ऐलान

    एक तरफ जहां सोने की कीमत लगातार नए-नए रिकॉर्ड बना रही है, वहीं दूसरी तरफ दुबई ने इन्फ्लुएंसर हॉटस्पॉट में अपने लेटेस्ट शानदार आकर्षण के तौर पर, दुनिया की पहली सोने से बनी सड़क बनाने की योजना का एलान किया है। ये शानदार और बड़ा प्लान अमीरात की ज्वेलरी इंडस्ट्री के लिए खास तौर पर बनाए गए एक डेवलपमेंट का हिस्सा हैं, जिसे ‘द गोल्ड डिस्ट्रिक्ट’ कहा जाता है। टूरिस्ट, शॉपर्स और प्रोफेशनल्स को लुभाने के लिए डिजाइन की जाने वाली यह ग्लैमरस जगह एक मुख्य आकर्षण बनने वाली है, क्योंकि यहां सोने से बनी सड़क तैयार होगी।

    दुनिया की पहली गोल्ड स्ट्रीट

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दुबई में सोने से बनने वाली सड़क अपनी तरह की दुनिया में पहली होगी। इस सड़क का मकसद दुबई को सोने और ज्वैलरी के कारोबार में दुनिया का सबसे बड़ा केंद्र बनाना है। गोल्ड स्ट्रीट की घोषणा प्रॉपर्टी डेवलपर इथरा दुबई द्वारा दुबई गोल्ड डिस्ट्रिक्ट के ऑफिशियल लॉन्च के हिस्से के तौर पर की गई। इस खास तौर पर बनाए गए डिस्ट्रिक्ट में गोल्ड, ज्वेलरी, परफ्यूमरी, कॉस्मेटिक्स और लाइफस्टाइल कैटेगरी में 1,000 से ज्यादा रिटेल शॉप्स शामिल होंगी।

    भारतीय रिटेलर भी होंगे शामिल

    रिटेलर्स में जवहारा ज्वेलरी, मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स, अल रोमाइजन और तनिष्क ज्वेलरी शामिल होंगे, और जोयलुक्कास ने 24,000 स्क्वायर फुट के अपने सबसे बड़े फ्लैगशिप स्टोर की योजना की घोषणा की है, जो मिडिल ईस्ट में उसका सबसे बड़ा स्टोर होगा। यहां पर छह होटल में 1,000 से ज्यादा गेस्ट रूम भी बनाए जाएंगे, जिससे अंतरराष्ट्रीय मेहमानों, खरीदारों और ट्रेड पार्टनर्स को आसानी से आने-जाने की सुविधा मिलेगी।

    कहां होगी ये स्ट्रीट?

    गोल्ड से तैयार होने वाली स्ट्रीट दुबई के डेरा इलाके में होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दुबई डिपार्टमेंट ऑफ इकॉनमी एंड टूरिज्म (DET) के अंडर आने वाले दुबई फेस्टिवल्स एंड रिटेल एस्टैब्लिशमेंट (DFRE) के CEO अहमद अल खाजा के मुताबिक, “सोना दुबई की सांस्कृतिक और कमर्शियल पहचान का एक अहम हिस्सा है, जो हमारी विरासत, समृद्धि और एंटरप्राइज की स्थायी भावना का प्रतीक है।” खाजा ने कहा है कि इस खास जगह के जरिए, हम न सिर्फ उस विरासत का जश्न मनाएंगे, बल्कि क्रिएटिविटी और सस्टेनेबिलिटी से बने एक नए युग के लिए इसे फिर से नया रूप भी देंगे।

    घूमने, रहने और काम करने के लिए बेस्ट

    खाजा के अनुसार, “जैसे-जैसे हम अपने टूरिज्म और रिटेल सेक्टर को डाइवर्सिफाई कर रहे हैं, दुबई गोल्ड डिस्ट्रिक्ट इंटरनेशनल विजिटर्स को आकर्षित करने, इन्वेस्टमेंट लाने और दुनिया के सबसे अच्छे शहर के तौर पर हमारी पहचान को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा, जहाँ घूमने, रहने और काम करने के लिए सबसे अच्छी जगह है।”

  • खेल महाकुंभ में आज सितारों का संग्राम: रविंद्र जडेजा और शिवराज सिंह की मौजूदगी से बढ़ेगा रोमांच, हजारों दर्शकों की उमड़ी भीड़

    खेल महाकुंभ में आज सितारों का संग्राम: रविंद्र जडेजा और शिवराज सिंह की मौजूदगी से बढ़ेगा रोमांच, हजारों दर्शकों की उमड़ी भीड़

    रायसेन
    मध्य प्रदेश के रायसेन में खेल बार भव्य 'सांसद खेल महोत्सव' का आयोजन किया जा रहा है। जिसकी शुरूआत 1 फरवरी से हो चुकी है। इस खेल महाकुंभ में 600 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और भारतीय टीम से स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा मुख्य अतिथि होंगे। ग्राउंड में लगभग 10 हजार से दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है। प्राप्त जानकारी अनुसार, 2 फरवरी को दोपहर तीन बजे भोपाल से रवींद्र जडेजा का काफिला गोपालपुर से रायसेन पहुंचेगा।

    स्टेडियम में बनाए गए 8 अस्थायी स्टैंड
    दर्शकों के बैठने की सुविधा के लिए 8 अस्थायी स्टैंड बनाए गए हैं। हर स्टैंड में 5 कतारें हैं। एक स्टैंड में लगभग 250 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था बनाई गई है। साथ ही मैदान के अलग-अलग दिशाओं में स्टैंड बनाए गए हैं। जिसमें दर्शक आराम से बैठकर मैच देख सकेंगे।

    वीवीआईपी के लिए अलग व्यवस्था
    स्टेडियम की उत्तर दिशा में एक मुख्य डोम तैयार किया गया है। जिसके दोनों ओर दो छोटे-छोटे डोम बनाए गए हैं। जिसमें मुख्य अतिथि और वीवीआईपी लोगों के व्यवस्था रहेगी।
     
    428 खिलाड़ी पहुंचे
    आज खेल महाकुंभ में बतौर मुख्य अतिथि में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय चौहान ने शिरकत की और खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन करते हुए क्रिकेट खेला। इस दौरान विदिशा संसदीय क्षेत्र के आठों विधानसभा की टीमों के 428 खिलाड़ी पहुंचे। इस शिवराज के पुत्र कार्तिकेय चौहान भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि समापन समारोह में भारतीय क्रिकेट के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा बतौर मुख्य अतिथि होंगे।

    खेल महाकुंभ के आगाज के दौरान क्षेत्रीय विधायक प्रभु राम चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश शर्मा, विदिशा विधायक मुकेश टंडन समेत कई अन्य स्थानीय नेता शामिल हुए।

  • MP HC का मास्टर स्ट्रोक: 6 लाख कर्मचारियों को मिलेगा सीधा फायदा, अब दफ्तरों में सुलझेंगे सर्विस केस

    MP HC का मास्टर स्ट्रोक: 6 लाख कर्मचारियों को मिलेगा सीधा फायदा, अब दफ्तरों में सुलझेंगे सर्विस केस

    इंदौर
    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के सेवा संबंधी विवादों (Service Matters) को लेकर राज्य सरकार को एक बेहद अहम और कड़ा सुझाव दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ट्रांसफर, प्रमोशन, इंक्रीमेंट और वरिष्ठता जैसे छोटे-छोटे मामलों के लिए कर्मचारियों को अदालत आने की मजबूरी नहीं होनी चाहिए। जस्टिस विनय सराफ की एकल पीठ ने सरकार को 'इन-हाउस डिस्प्यूट रिसोल्यूशन सिस्टम' (विवाद समाधान प्रणाली) विकसित करने के निर्देश दिए हैं।
    चीफ सेक्रेटरी को आदेश: 50 हजार मामलों का बोझ होगा कम
    हाई कोर्ट में वर्तमान में कर्मचारियों से जुड़े 50,000 से अधिक मामले लंबित हैं। जस्टिस सराफ ने मंडला के वन रक्षकों की वरिष्ठता से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए इस आदेश की प्रति मुख्य सचिव (Chief Secretary) को भेजने के निर्देश दिए हैं।

        याचिकाकर्ता 30 दिन के भीतर सक्षम अधिकारी को अपना आवेदन दें।
        सरकार और संबंधित विभाग इस पर 45 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से फैसला लें।

    6 लाख कर्मचारियों के लिए 'राहत' का फॉर्मूला
    यदि सरकार इस सुझाव पर अमल करती है, तो प्रदेश के करीब 6 लाख नियमित अधिकारी-कर्मचारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। कोर्ट के सुझाव के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं…

        डेजिग्नेटेड ऑफिसर: हर विभाग में एक नामित अधिकारी हो जो विवादों को सुने।
        निष्पक्षता: पारदर्शिता के लिए जरूरत पड़ने पर रिटायर्ड जिला जजों की सेवाएं भी ली जा सकती हैं।
        बचत: इससे न केवल अदालतों का बोझ कम होगा, बल्कि सरकार और कर्मचारियों का समय व पैसा भी बचेगा।

    'अदालतों में आ गई है सर्विस मामलों की बाढ़'
    सुनवाई के दौरान जस्टिस सराफ ने चिंता जताते हुए कहा कि हाई कोर्ट में इन दिनों सर्विस मामलों की बाढ़ आ गई है। उन्होंने कहा, "अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच सीधे संवाद की कमी के कारण छोटे-छोटे विवाद भी कोर्ट तक पहुंच रहे हैं। यह सरकार पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ाता है और कर्मचारियों को मानसिक पीड़ा देता है।" कोर्ट का मानना है कि आपसी संवाद और विभागीय स्तर पर सशक्त प्रणाली से अधिकांश केसों का समाधान बिना मुकदमेबाजी के संभव है।

  • पिता से छोटा बेटा और 6 संतानों का रिकॉर्ड: 7 लाख मतदाताओं में मिली हैरान कर देने वाली गड़बड़ियाँ!

    पिता से छोटा बेटा और 6 संतानों का रिकॉर्ड: 7 लाख मतदाताओं में मिली हैरान कर देने वाली गड़बड़ियाँ!

    भोपाल
    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान डेटा में ऐसी विसंगतियां सामने आई हैं, जिन्होंने निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। जिले में करीब 7 लाख मतदाताओं के डिजिटल रिकॉर्ड में तार्किक त्रुटियां (Logical Errors) पाई गई हैं। इनमें सबसे चौंकाने वाले मामले वे हैं जहां तकनीकी गड़बड़ी के कारण माता-पिता की उम्र उनकी संतान से भी कम दर्ज हो गई है।

    डेटा में मिलीं ये 6 बड़ी विसंगतियां
    बीएलओ (BLO) एप के जरिए की गई छंटनी में भोपाल और मध्यप्रदेश स्तर पर लाखों गड़बड़ियां पकड़ी गई हैं:

        उम्र का गणित फेल: भोपाल में 1.19 लाख और प्रदेश में 39 लाख ऐसे मतदाता मिले हैं, जिनकी उम्र उनके माता-पिता से महज 15 साल कम या उससे भी कम दर्ज है।
        असंभव आयु अंतर: करीब 18 हजार मामलों में माता-पिता की उम्र मतदाता से 50 साल से भी ज्यादा बड़ी दिखाई गई है।
        रिश्तों में उलझन: दादा-दादी की उम्र पोते-पोतियों से 40 साल कम दर्ज होने के 15 हजार से ज्यादा मामले भोपाल में मिले हैं।
        संतानों का रिकॉर्ड: जिले के 46 हजार मतदाताओं के रिकॉर्ड में 6 या उससे अधिक संतानें दर्ज पाई गई हैं।
        नाम और जेंडर: पिता के नाम में मिसमैच और जेंडर की गड़बड़ी के भी लाखों मामले सामने आए हैं।

    क्यों हुई इतनी बड़ी गड़बड़ी?
    डिजिटलाइजेशन के दौरान पुराने रिकॉर्ड को नए सॉफ्टवेयर से जोड़ने पर ये चार प्रमुख कारण सामने आए हैं:

        शॉर्ट नाम का उपयोग: पुराने रिकॉर्ड में 'डीके' लिखा था, जिसे सॉफ्टवेयर ने नए नाम 'देवेंद्र कुमार' से मैच नहीं किया।
        उपनाम (सरनेम) का छूटना: सरनेम न होने पर एप ने उसे अलग व्यक्ति मानकर सूची से बाहर कर दिया।
        लिंक की समस्या: एक मामले में पिता ने बेटों का लिंक खुद से और बेटियों का लिंक दादा के रिकॉर्ड से जोड़ दिया, जिससे डेटा मिसमैच हो गया।
        अधूरा डेटा: पिता या माता का नाम गलत टाइप होने से सॉफ्टवेयर ने रिकॉर्ड रिजेक्ट कर दिया।

    अब क्या होगा? 14 फरवरी तक का अल्टीमेटम
        इन विसंगतियों के कारण चुनाव आयोग को डेटा जमा करने की समय-सीमा कई बार बढ़ानी पड़ी है। अब भोपाल कलेक्टर ने 14 फरवरी तक सभी त्रुटियों को सुधारने का लक्ष्य दिया है।
        2 लाख मतदाताओं को नोटिस: जिले के 181 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। शेष बचे 2 लाख मतदाताओं को नोटिस देकर सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है।
        घर बैठे सुधार: यदि बीएलओ आपके घर आता है और मौके पर ही दस्तावेजों के आधार पर सुधार हो जाता है, तो आपको दफ्तर जाने की जरूरत नहीं होगी।

  • T20 वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया को राहत, तिलक वर्मा दो अभ्यास मैचों में दिखाएंगे दम

    T20 वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया को राहत, तिलक वर्मा दो अभ्यास मैचों में दिखाएंगे दम

    मुंबई
    भारत के बल्लेबाज तिलक वर्मा को बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) से खेलने की मंजूरी मिल गई है और वह 2026 टी20 विश्व कप से पहले दो अभ्यास मैच खेलेंगे। जनवरी की शुरुआत में रणजी ट्रॉफ़ी के दौरान लगी चोट के बाद अंडकोष की सर्ज़री कराने के चलते वे लगभग एक महीने से मैदान से बाहर थे।

    तिलक पहले 2 फरवरी को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में अमेरिका के ख़लिाफ इंडिया ए टीम की ओर से खेलेंगे और इसके बाद 4 फरवरी को दक्षिण अफ़्रीका के ख़लिाफ भारत के अभ्यास मैच में हिस्सा लेंगे। भारत का 2026 टी20 विश्व कप में पहला मैच 7 फ़रवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में अमेरिका के खिलाफ है। तिलक न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में नहीं खेल पाए और उनकी गैरमौज़ूदगी में भारत ने लगभग सभी मैचों में नंबर तीन पर इशान किशन को खिलाया।

    सर्जरी के बाद तिलक COE में रिकवरी कर रहे थे और BCCI के एक बयान में 26 जनवरी को कहा गया था कि वे अपनी रिहैबिलिटेशन में लगातार प्रगति कर रहे हैं। ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर भी इस सीरीज से बाहर रहे और आने वाले दिनों में उनका फिटनेस टेस्ट होने की उम्मीद है।

    रियान पराग कंधे की चोट के कारण लगभग दो महीने से नहीं खेले हैं और वे भी टी20 विश्व कप से पहले इंडिया ए के दो अभ्यास मैच खेलेंगे। इनमें से दूसरा मैच 6 फरवरी को बेंगलुरु स्थित सीओई में नामीबिया के ख़लिाफ होगा। भारत 2026 टी20 विश्व कप में ग्रुप ए में है और 7 फरवरी को मुंबई में अमेरिका, 12 फरवरी को दिल्ली में नामीबिया, 15 फरवरी को कोलंबो में पाकिस्तान और 18 फरवरी को अहमदाबाद में नीदरलैंड्स के ख़लिाफ उनका मुकाबला है।

     

  • एमपी में अंतरराष्ट्रीय उड़ान का सपना: 300 एकड़ पर तैयार होगा नया एयरपोर्ट

    एमपी में अंतरराष्ट्रीय उड़ान का सपना: 300 एकड़ पर तैयार होगा नया एयरपोर्ट

    उज्जैन
    मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में अब इंटरनेशनल लेवल का एयरपोर्ट बनेगा। अभी तक यहां पर एटीआर 72 सीटर विमान के हिसाब से निर्माण की तैयारी चल रही थी, लेकिन जिला प्रशासन के द्वारा शासन को रिवाइज प्रस्ताव भेजा है। जिसे अगर स्वीकृति मिलती है तो जल्द काम शुरू किया जा सकेगा। इस एयरपोर्ट को सिंहस्थ के पहले शुरू करने की तैयारी है।

    दरअसल, उज्जैन-देवास मार्ग पर स्थित दताना-मताना की हवाई पट्टी को सरकार एयरपोर्ट की तर्ज पर निर्माण कर रही है। साल 2025 को 1 नवंबर को मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर मध्यप्रदेश सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बीच एयरपोर्ट निर्माण के लिए एमओयू साइन हुए थे। इसके बाद निर्माण प्रक्रिया में तेजी आई। जिसके बाद मिट्टी का परीक्षण किया गया। तब एटीआर-72 श्रेणी के विमानों के संचालन के प्रंबधन के हिसाब से निर्माण की योजना था, लेकिन इसे अब नया विस्तार दिया जाएगा। शासन क द्वारा बोइंग सी-20 के संचालन का प्रस्ताव भेजा गया है।

    सिंहस्थ के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनाने की तैयारी
    सिंहस्थ-2028 को देखते हुए एयरपोर्ट का विस्तार करने की योजना है। जिससे आने वाले समय से इस क्षेत्र को व्यावसायिक स्तर पर भी फायदा होगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनने के बाद इंदौर से निर्भरता खत्म होगी।

    अधिग्रहण में होगा बदलाव
    वर्तमान में उज्जैन एयरपोर्ट के लिए 241 एकड़ जमीन की जरूरत थी। जिसका दायरा बढ़ाकर अब 300 से अधिक किया जा सकता है। वहीं, पहले रनवे 1800 मीटर में बनाने की योजना थी। अब इसे 3600 मीटर तक विस्तारित किया जाएगा। रनवे को मिलाकर कुल 4100 मीटर जमीन चाहिए। केंद्र सरकार की ओर से 45 करोड़ रूपये की प्रारंभिक राशि स्वीकृत की गई थी। इस लागत को बढ़ाया जा सकता है।

  • 184 करोड़ की बड़ी सौगात: अब अस्पतालों का होगा पूर्ण कायाकल्प, दिल्ली-मुंबई जाने की जरूरत नहीं

    184 करोड़ की बड़ी सौगात: अब अस्पतालों का होगा पूर्ण कायाकल्प, दिल्ली-मुंबई जाने की जरूरत नहीं

    ग्वालियर
    स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक, सुदृढ़ और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने लगभग 184 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को मंजूरी के लिए भोपाल भेज दिया है। यह प्रस्ताव वर्ष 2026-27 के एन्युअल प्लान के अंतर्गत तैयार किया गया है, जिसके लागू होने से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के मरीजों को उन्नत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बाहर के शहरों दिल्ली-मुबंई की यात्रा काफी हद तक कम हो जाएगी।

    डिजिटल क्रांति से बढ़ेगी पारदर्शिता और दक्षता
    प्रस्ताव में डिजिटल गवर्नेंस को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। जिला अस्पताल सहित प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में अत्याधुनिक कंम्प्यूटर लैब स्थापित की जाएंगी। मरीजों का पंजीकरण, इलाज का रिकॉर्ड, रिपोर्टिंग और रेफरल सिस्टम पूरी तरह डिजिटल हो जाएगा। इससे समय की बचत के साथ पारदर्शिता बढ़ेगी।
     
    डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को तकनीक- आधारित प्रशिक्षण भी मिलेगा। सीएमएचओ कार्यालय में 20 कंम्प्यूटरों वाली विशेष कंम्प्यूटर लैब बनाई जाएगी, जहां स्वास्थ्य कार्यक्रमों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और डेटा एंट्री होगी। जननी सुरक्षा योजना और प्रसूता सहायता जैसी योजनाओं के भुगतान में गति और पारदर्शिता आएगी।

    बुनियादी ढांचे का मजबूत उन्नयन
    प्रस्ताव में अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर है। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, वार्डों का विस्तार, साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार और मरीजों की अन्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। डॉ. सचिन श्रीवास्तव, सीएमएचओ, ग्वालियर ने बताया कि यह प्रस्ताव स्वास्थ्य सेवाओं के समग्र सुधार के लिए तैयार किया गया है। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू हो जाएगा, जिससे जिले की स्वास्थ्य तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।
     
    नए एनआरसी केंद्र स्थापित होंगे जिले में कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए विशेष फोकस किया गया है। भितरवार और बरई में दो नए पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) स्थापित करने का प्रस्ताव शामिल है। इन केंद्रों में कुपोषित बच्चों को विशेषज्ञ देखरेख, पोषण आहार और उचित इलाज मिलेगा। यह पहल ग्रामीण एवं पिछड़े इलाकों के लिए विशेष रूप से लाभदायक साबित होगी।

  • MP: उच्च शिक्षा विभाग का निर्देश – परीक्षा अब CCTV निगरानी में, 70% कॉलेजों में नहीं कैमरा

    MP: उच्च शिक्षा विभाग का निर्देश – परीक्षा अब CCTV निगरानी में, 70% कॉलेजों में नहीं कैमरा

    भोपाल
    मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर के सरकारी और निजी कॉलेजों में होने वाली बी.कॉम, बी.एससी, एम.कॉम और एम.एससी की परीक्षाएं सीसीटीवी की निगरानी में कराने के निर्देश दिए हैं। जिससे नकल और अनियमितताओं पर रोक लग सके। विभाग के इस फैसले ने कॉलेज प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी है, क्योंकि प्रदेश के 70 फीसद कॉलेजों में सीसीटीवी लगे ही नहीं है, जबकि फरवरी से परीक्षाएं शुरू होनी है। ऐसे में सीसीटीवी में परीक्षाएं कराने की संभावना कम ही है। बीयू ने भी संबंध कॉलेजों में सीसीटीवी की निगरानी में परीक्षा कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक कहीं भी व्यवस्था नहीं है।
     
    राजधानी के कॉलेजों का हाल
    राजधानी में 13 पारंपरिक सरकारी कॉलेज है। इसके अलावा 50 से अधिक निजी कॉलेज भी हैं। इनमें से कई सरकारी कॉलेजों में सीमित संख्या में कैमरे लगे हैं, जो केवल मुख्य प्रवेश द्वार या कार्यालय तक ही सीमित है। वहीं, निजी प्राइवेट कॉलेजों में सीसीटीवी की व्यवस्था नहीं है। बता दें कि उच्च शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 1300 से अधिक सरकारी एवं निजी कॉलेज में 14 लाख से अधिक स्नातक और स्नातकोत्तर के विद्यार्थी पढ़ते हैं। कॉलेज प्रबंधन का तर्क है कि जल्द ही सीसीटीवी की व्यवस्था की जाएगी।

    सीसीटीवी की करनी होगी व्यवस्था
    उच्च शिक्षा विभाग का मानना है कि सीसीटीवी निगरानी से परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी होगी और विद्यार्थियों में अनुशासन बढ़ेगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कालेजों को जल्द कैमरे लगाने के निर्देश निर्देश दिए गए है और इसकी निगरानी भी की जाएगी।