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  • MP के हाईवे पर रोज खर्च होते हैं 21 करोड़, फिर भी हर दिन 33 सड़क दुर्घटनाएं, 10 मौतें

    MP के हाईवे पर रोज खर्च होते हैं 21 करोड़, फिर भी हर दिन 33 सड़क दुर्घटनाएं, 10 मौतें

    भोपाल.

    मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार पानी की तरह पैसा बहा रही है। बावजूद इसके नेशनल हाईवेज की जमीनी हकीकत आज भी डरावनी है। लोकसभा में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से पेश किए गए ताजा आंकड़ों ने एक चौंकाने वाला विरोधाभास उजागर किया है। 

    प्रदेश में जहां हाईवे के रखरखाव और विकास पर हर दिन औसतन 21 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। आंकड़ों की मानें तो एमपी के हाईवे पर हर दिन औसतन 33 सड़क हादसे हो रहे हैं, जिनमें रोजाना 10 से 11 लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।

    पांच साल में खर्च हुए 38 हजार 700 करोड़

    सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार, साल 2020-21 से लेकर 2024-25 तक MP में हाईवे के विकास और मरम्मत के लिए कुल 38 हजार 700 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। इसका मतलब है कि सरकार हर साल औसतन 7 हजार 740 करोड़ राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण, डवलपमेंट और सुरक्षा कार्यों पर खर्च कर रही है। इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद सड़कों पर सुरक्षित सफर की गारंटी नहीं मिल पा रही है।

    लोकसभा में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के लिखित उत्तर से सामने आया है कि मध्य प्रदेश में हर दिन औसतन करीब ₹21 करोड़ हाईवे मेंटेनेंस और विकास पर खर्च हो रहे हैं , इसके बावजूद रोजाना औसतन 33 सड़क हादसे हुए और 10 से 11 लोग अपनी जान गवां रहे हैं।

    हर साल कितना खर्च हो रहा है? सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार 2020-21 से 2024-25 तक कुल हाइवे मेंटेनेंस व विकास बजट (MP): लगभग ₹38,700 करोड़ यानी औसतन ₹7,740 करोड़ हर साल है। सरकार के मुताबिक यह राशि राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव, चौड़ीकरण, उन्नयन और सड़क सुरक्षा पर खर्च की गई।

    12 हजार से ज्यादा हादसे हर साल लोकसभा में पेश किए गए आंकड़ों को देखें तो एमपी में 2021 से लेकर 2025 तक पांच सालों में 61,176 दुर्घटनाएं हुई और इन हादसों में 19,416 मौतें हुईं। हर साल औसतन एमपी में 12,235 हादसे हो रहे हैं और 3,883 मौतें प्रति वर्ष हो रहीं हैं।

    हर दिन ₹21 करोड़ खर्च, फिर चूक कहां? केंद्र सरकार के अनुसार यह बजट सड़क चौड़ीकरण, मरम्मत व रखरखाव, सुरक्षा कार्य, और नई परियोजनाओं पर खर्च किया गया। बीते पांच साल में मध्य प्रदेश को 4,000 किमी से ज्यादा राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं भी सौंपी गईं। इसके बावजूद हादसों की संख्या यह सवाल खड़ा करती है कि क्या मेंटेनेंस की गुणवत्ता, हाइवे डिजाइन और सुरक्षा इंतजाम जमीन पर उतने प्रभावी हैं?

    सरकार ने गिनाईं वजहें लोकसभा में दिए जवाब में मंत्रालय ने हादसों के लिए तेज रफ्तार, लापरवाही, ओवरलोडिंग, सड़क व वाहन की स्थिति को जिम्मेदार बताया। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लैक स्पॉट सुधार, साइनज, लाइटिंग, सर्विस रोड और निगरानी पर खर्च की वास्तविक असरदार मॉनिटरिंग भी जरूरी है।

    डेवलपमेंट और मेंटेनेंस पर खर्च हुई राशि(करोड़ रुपए)

    वर्षखर्च
    2020–218,250
    2021–229,006
    2022–236,210
    2023–247,447
    2024–257,799

    पांच साल में 19 हजार से ज्यादा मौतें

    लोकसभा में पेश रिपोर्ट के अनुसार, 2021 से 2025 के बीच मध्य प्रदेश के हाईवे पर कुल 61 हजार 176 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इन हादसों ने प्रदेश को गहरे जख्म दिए हैं। इनमें 19 हजार 416 लोगों की मौत हो गई। अगर इसका सालाना औसत निकालें, तो प्रदेश में हर साल 12 हजार 235 हादसे हो रहे हैं। साथ ही 3 हजार 883 लोग काल के गाल में समा रहे हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि करोड़ों के निवेश के बाद भी हाईवे डेथ ट्रैप बने हुए हैं।

    मध्य प्रदेश: राष्ट्रीय राजमार्ग दुर्घटना रिपोर्ट (2021-2025)

    सालकुल हादसे (Total Accidents)कुल मौतें (Total Deaths)
    202111,0303,389
    202213,8604,025
    202314,5614,476
    202413,9374,644
    20257,7882,882
    कुल (Total)61,17619,416

    करोड़ों के खर्च के बाद चूक कहां?

    केंद्र सरकार का दावा है कि बीते पांच सालों में मध्य प्रदेश को चार हजार किलोमीटर से ज्यादा लंबी नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं सौंपी गईं। बजट का बड़ा हिस्सा सुरक्षा इंतजामों और मरम्मत पर खर्च हुआ। लेकिन हादसों की बढ़ती संख्या ने मेंटेनेंस की गुणवत्ता और हाईवे डिजाइन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि क्या साइन बोर्ड, लाइटिंग और सर्विस रोड जैसे सुरक्षा इंतजाम कागजों से उतरकर जमीन पर प्रभावी रूप से लागू हो पा रहे हैं?

     

  • Budget 2026: एमपी के रेलवे नेटवर्क पर 7500 करोड़ खर्च, इस मंडल को मिलेगा खास तोहफा

    Budget 2026: एमपी के रेलवे नेटवर्क पर 7500 करोड़ खर्च, इस मंडल को मिलेगा खास तोहफा

    ग्वालियर

    देश के आम बजट के साथ रेलवे का बजट (Railway Budget 2026) भी पेश किया गया है। इसमें रेल मुसाफिरों की सुरक्षा पर फोकस रहा है। रेल हादसों को रोकने के लिए मुख्य रेल मार्गों पर कवच (ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम) लगाने के काम को तेज किया जाएगा। रेल अधिकारियों का कहना है इससे रेल एक्सीडेंट की आशंका को काफी हद तक खत्म किया जाएगा। इसके अलावा रेल बजट में इस बार गेज कन्वर्जन की राशी को 4284 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 4600 करोड़ रुपए किया है और सिग्नलिंग और टेलीकॉम सिस्टम को पुख्ता करने के लिए 7500 रुपए खर्च होंगे। इसमें कवच सुरक्षा भी शामिल है।
    क्या है ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम

    रेल अधिकारियों का कहना है ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम एक आधुनिक कवच प्रणाली है। इस पर करीब 2012 से प्रयोग चल रहा है। इसे अनुसंधान, अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) ने तैयार किया है। इससे रेल दुर्घटनाओं की गिनती में कमी आएगी।

    पिंक बुक से सामने आएंगी सौगातें

    ग्वालियर, आगरा, झांसी, सहित दूसरे स्टेशन को रेल बजट में क्या सौगात मिली है इसका खुलासा पिंक बुक के जारी होने पर सामने आएगा। रेल अधिकारियों के मुताबिक पिंक बुक 2 फरवरी को जारी किए जाने की उम्मीद है। झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंहका कहना है पिंक बुक जारी होने पर पता चलेगा कि एनसीआर को कितना बजट मिला है इसमें ग्वालियर को क्या सहूलियतें मिलीं हैं।

    मिलेगा फायदा, यह भी उम्मीद

        केंद्र सरकार ने बजट में 20 हजार से अधिक पशु डॉक्टरों की उपलब्धता की बात है। जिले में पशु चिक्तिसकों की काफी कमी है। स्थिति यह है कि प्रदेश की सबसे गोशाला में भी पशु नहीं है,ऐसे में जिले को भी डॉक्टर मिलने से काफी फायदा मिलेगा।

        वीजीएफ/पुंजीगत सहायता के माध्यम से प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास बनाया जाएगा। इससे जिले को महिला छात्रावास मिल सकेगा।

        बजट में 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 महाविद्यालयों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर प्रयोगशालाओं की स्थापना होगी। इसमें जिले में भी दो माध्यमिक विद्यालयों व एक महाविद्यालयों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर प्रयोगशालाएं खोलने की उम्मीद है।

        ग्वालियर जिले में भी उच्च शिक्षा एसटीईएम संस्थानों में महिला छात्रावास बनाया जाएगा। 

  • C+1 फॉर्मूला, जिसे लेकर भारत ने बिछाया रेड कारपेट, यही बनेगा सोने की चिड़ीया का राज

    C+1 फॉर्मूला, जिसे लेकर भारत ने बिछाया रेड कारपेट, यही बनेगा सोने की चिड़ीया का राज

    नई दिल्ली

    ज‍ियोपॉल‍िट‍िक्‍स में अब खेल इकोनॉमी के जर‍िये खेला जा रहा है. आपको याद होगा, जब कोव‍िड आया तो पूरा का पूरा सप्‍लाई चेन ह‍िलने लगा. यूक्रेन संकट ने आग में घी का काम क‍िया.दुन‍िया को समझ नहीं आया क‍ि अब जाएं तो जाएं कहां.ज‍िन देशों के साथ वे कारोबार कर रहे थे,वे फंस चुके थे. रही सही कसर अमेर‍िकी टैर‍िफ ने पूरी कर दी. अब दुन‍िया को डर लग रहा क‍ि अगर चीन पर अमेर‍िकी सख्‍ती बढ़ी, ताइवान पर हमला हुआ तो मुश्क‍िल होगी. इसल‍िए ज्‍यादातर देश ‘चीन + 1’ (C+1) फार्मूला अपना रहे हैं.

    भारत यह भांप चुका है. इसील‍िए बजट में सरकार ने ऐसे देशों, ऐसी कंपन‍ियों के ल‍िए रेड कारपेट ब‍िछा द‍िए हैं. मोबाइल, लैपटॉप और सेमीकंडक्टर बनाने वाली कंपनियों को टैक्स में छूट दी गई है. ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम को बजट से ताकत दी है ताकि विदेशी कंपनियां चीन छोड़कर भारत आएं. मैसेज साफ है क‍ि अगर ताइवान या चीन में संकट आता है, तो भारत दुनिया की बैकअप फैक्ट्री बनने के ल‍िए पूरी तरह तैयार है. और यहीं से फ‍िर सोने की च‍िड़‍िया बनने का रास्‍ता खुलेगा.

    5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने का एक्सप्रेसवे

    दुनिया की 40% मैन्युफैक्चरिंग पर चीन का कब्जा है. यहीं से पूरी दुन‍िया में जरूरत की बहुत सारी चीजें जा रही हैं. लेकिन साल 2026 ‘टर्निंग पॉइंट’होने जा रहा है. शी जिनपिंग की विस्तारवादी नीतियों और ब्लैक बॉक्स जैसी अर्थव्यवस्था से तंग आकर ग्लोबल कंपनियां अब एक ऐसे देश की तलाश में हैं, जो न केवल लोकतांत्रिक हो बल्कि जिसके पास चीन को टक्कर देने वाला स्केल भी हो.भारत ने इसी ‘चीन प्लस वन’ (C+1) मौके को भुनाने के लिए अपना ‘रेड कारपेट’ बिछा दिया है. यह सिर्फ एक नीति नहीं, बल्कि 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने का वह एक्सप्रेसवे है जो भारत को फिर से ‘विश्व गुरु’ की गद्दी पर बैठाएगा.

    दुनिया को आखिर भारत की जरूरत क्यों है?

        सप्लाई चेन का वेपनाइजेशन: कोरोना काल में चीन ने मेडिकल सप्लाई रोककर दुनिया को अपनी ताकत दिखाई. दुनिया समझ गई कि एक ही सप्लायर पर निर्भर रहना आत्मघाती है. अब एपल (Apple) और सैमसंग (Samsung) जैसी कंपनियों को अपनी सुरक्षा के लिए भारत जैसा भरोसेमंद पार्टनर चाहिए.

        बूढ़ा होता चीन: चीन की वर्किंग पॉपुलेशन तेजी से घट रही है. वहां मजदूरी महंगी हो गई है. दूसरी ओर, भारत के पास 65% युवा आबादी है, जो अगले 30 साल तक दुनिया को सबसे सस्ती और कुशल लेबर दे सकती है.

        ताइवान का साया: दुनिया की 90% एडवांस चिप्स ताइवान में बनती हैं. चीन की ताइवान पर नजर ने वैश्विक टेक कंपनियों को डरा दिया है. उन्हें एक ऐसा ‘बैकअप’ चाहिए जो युद्ध की स्थिति में भी ग्लोबल सप्लाई चेन को चालू रख सके.

    चीन की राह रुकी, तो भारत को कैसे होगा बंपर फायदा?

        इलेक्ट्रॉनिक्स का नया गढ़: बजट 2026 में मोबाइल और लैपटॉप कंपोनेंट्स पर इम्पोर्ट ड्यूटी घटाना एक सोची-समझी चाल है. भारत अब केवल असेंबली नहीं, बल्कि कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग का हब बन रहा है. 2025 तक भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट 120 बिलियन डॉलर पार करने का अनुमान है.

        सेमीकंडक्टर: चीन की दुखती रग: चीन चिप वॉर में अमेरिका से पिछड़ रहा है. भारत ने इसका फायदा उठाते हुए 1.5 लाख करोड़ रुपये का ‘सेमीकंडक्टर मिशन’ शुरू किया है. टाटा और माइक्रोन (Micron) जैसी कंपनियों के प्लांट भारत को उस लिस्ट में खड़ा कर देंगे, जहाँ आज केवल ताइवान और चीन हैं.

        केमिकल सेक्टर में ‘प्रिवी’ जैसे खिलाड़ियों का दबदबा: चीन में पर्यावरण नियमों की सख्ती के कारण वहां के केमिकल प्लांट बंद हो रहे हैं. इसका सीधा फायदा प्रिवी स्पेशलिटी और आरती इंडस्ट्रीज जैसी भारतीय कंपनियों को मिल रहा है, जो ग्लोबल सप्लाई चेन में चीन की जगह ले रही हैं.

    कंपनियों को क्या मिल रहा है?

    PLI स्कीम: जितना बनाओगे, उतना पैसा पाओगे. 14 से ज्यादा सेक्टरों में सरकार कंपनियों को कैश इंसेंटिव दे रही है. यह चीन की सब्सिडी का भारतीय जवाब है.

    नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम: पहले भारत में जमीन से लेकर बिजली तक के लिए 50 दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे. अब एक ही पोर्टल पर सारी क्लीयरेंस मिल रही है. ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ अब केवल कागजों पर नहीं, जमीन पर दिख रहा है.

    इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश: बजट 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर पर 11.11 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. पीएम गतिशक्ति के तहत नए पोर्ट्स और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बन रहे हैं, ताकि भारत से माल भेजना चीन से भी सस्ता पड़े.

  • MP बजट 2026: जबलपुर शहर को मिलेगा 300 करोड़ का फ्लाईओवर, जाम की समस्या होगी कम

    MP बजट 2026: जबलपुर शहर को मिलेगा 300 करोड़ का फ्लाईओवर, जाम की समस्या होगी कम

     जबलपुर 

     जबलपुर शहर के गढ़ा क्षेत्र में त्रिपुरी चौक, मेडिकल तिराहा और मेडिकल कॉलेज के सामने रोजाना लगने वाले भीषण जाम से राहत दिलाने के लिए लगभग ढाई से तीन किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर के निर्माण की तैयारी की जा रही है। लोक निर्माण विभाग की ओर से इसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। राज्य सरकार के बजट (MP Budget 2026) में स्वीकृति मिलने की स्थिति में यह जबलपुर शहर का सातवां फ्लाईओवर होगा। इस फ्लाईओवर के बन जाने से गढ़ा, त्रिपुरी चौक और मेडिकल क्षेत्र के रहवासियों को रोजाना लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही ए्बुलेंस, फायर ब्रिगेड सहित अन्य इमरजेंसी सेवाओं को भी जाम में फंसना नहीं पड़ेगा।

    ऐसा हो सकता है फ्लाईओवर का स्वरूप

    करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस फ्लाईओवर (Flyover Construction) की एक रैंप आईसीएमआर के सामने उतारे जाने की संभावना है, जबकि दूसरा रैंप सूपाताल क्षेत्र में बनाया जा सकती है। इसके अतिरिक्त साइड रैंप संजीवनी नगर और धनवंतरी नगर चौराहा की ओर उतारे जाने की योजना है। इससे मेडिकल मार्ग पर यातायात का दबाव काफी हद तक कम होगा और मरीजों, डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ व मेडिकल छात्रों को सुगम आवागमन मिलेगा। वर्तमान में त्रिपुरी चौक से पंडा की मढिय़ा होते हुए इमरती तालाब और गंगा नगर तिराहा तक प्रतिदिन जाम की स्थिति बनी रहती है। इस मार्ग से गुजरने वाली 40 से अधिक कॉलोनियों के रहवासी लंबे समय से यातायात अव्यवस्था से परेशान हैं।

    दो फ्लाईओवर चालू, एक निर्माणाधीन

    शहर में मदनमहल-दमोहनाका और कटंगा फ्लाईओवर पहले ही चालू हो चुके हैं, जबकि सगड़ा फ्लाईओवर निर्माणाधीन है। पेंटीनाका फ्लाईओवर का काम रक्षा विभाग से एनओसी मिलते ही शुरू होना है। बंदरिया तिराहासा ईं मंदिर फ्लाईओवर को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है, वहीं विजयनगर-धनवंतरी नगर फ्लाईओवर को बजट की मंजूरी मिलना बाकी है।

    इसके अलावा रेलवे पुल नंबर-2 से रद्दी चौकी फ्लाईओवर का प्राकलन तैयार किया जा रहा है और आईएसबीटी से आईटीआई फ्लाईओवर परियोजना पाइपलाइन में है, जिसके लिए केन्द्रीय रिजर्व निधि से फंड मिलना प्रस्तावित है। इन सबके बीच गढ़ा क्षेत्र में प्रस्तावित फ्लाईओवर शहर का सातवां फ्लाईओवर होगा।

  • उज्जैन में सप्त सागरों की बिगड़ती स्थिति पर एनजीटी ने जताई नाराजगी

    उज्जैन में सप्त सागरों की बिगड़ती स्थिति पर एनजीटी ने जताई नाराजगी

    उज्जैन

    उज्जैन की धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यावरणीय पहचान माने जाने वाले ‘सप्त सागर’ लगातार उपेक्षा, अतिक्रमण और प्रदूषण का शिकार हो रहे हैं। इस गंभीर स्थिति पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने कड़ा रुख अपनाते हुए मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव को सीधे दखल देने को कहा है। ट्रिब्यूनल ने साफ कहा है कि आदेशों की अवहेलना और पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    सेंट्रल जोन बेंच के न्यायमूर्ति शिव कुमार सिंह और एक्सपर्ट मेंबर सुधीर कुमार चतुर्वेदी ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि स्थानीय प्रशासन न तो पूर्व आदेशों का समुचित पालन कर पाया और न ही समय पर संतोषजनक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। ट्रिब्यूनल ने यह भी कहा कि पर्यावरण संरक्षण जैसे संवेदनशील मामलों में प्रशासनिक शिथिलता गंभीर परिणाम ला सकती है।

    अतिक्रमण हटाने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई

    सुनवाई में सामने आया कि खसरा नंबर 1281 में दर्ज गोवर्धन सागर (कुल रकबा 36 बीघा) के 18.5 बीघा से अधिक हिस्से पर अवैध कब्जा हो चुका है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस भूमि पर किसी भी न्यायालय का कोई स्टे नहीं है, इसके बावजूद अतिक्रमण हटाने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

    आगामी सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए एनजीटी ने शासन-प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि सप्तसागर के संरक्षण और पुनर्जीवन का कार्य मिशन मोड में किया जाए। ट्रिब्यूनल ने प्रमुख सचिव (पर्यावरण) को मासिक निगरानी कर रिपोर्ट पेश करने और मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सभी सात सागरों के पानी की गुणवत्ता की जांच कर हेल्थ रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
    पवित्र सरोवर बने नालियां

    आवेदक प्रशांत मौर्य और बाकिर अली रंगवाला की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने माना कि उज्जैन के रुद्रसागर, पुष्कर सागर, क्षीरसागर, गोवर्धन सागर, रत्नाकर सागर, विष्णु सागर और पुरुषोत्तम सागर, सभी की हालत दयनीय हो चुकी है।

    उज्जैन मास्टर प्लान-2021 के संदर्भ में ट्रिब्यूनल ने गंभीर टिप्पणियां करते हुए कहा कि तालाबों को कचरा डंपिंग यार्ड में तब्दील कर दिया गया है। शहर का अनुपचारित सीवेज सीधे इन जल निकायों में प्रवाहित हो रहा है। अवैध निर्माणों और गंदे पानी के कारण जल गुणवत्ता बेहद खराब हो चुकी है, जिससे स्वास्थ्य जोखिम बढ़ रहे हैं।
    जारी रहेगी सुनवाई

    एनजीटी ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई 20 फरवरी 2026 को होगी, जिसमें कलेक्टर और नगर निगम को की गई कार्रवाई की विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। अगली सुनवाई में प्रशासन को यह बताना होगा कि जमीनी स्तर पर आखिर क्या बदला। संकेत साफ है कि महाकाल की नगरी में आस्था के साथ अब पर्यावरणीय जवाबदेही भी कसौटी पर है। एनजीटी ने गेंद पूरी तरह शासन-प्रशासन के पाले में डाल दी है।
    एनजीटी के मुख्य निर्देश ये

        अतिक्रमण हटाना : खसरा नंबर 1281 (गोवर्धन सागर) सहित सभी सातों सागरों से तत्काल और पूर्ण अतिक्रमण हटाने के निर्देश।
        सीवेज पर पूर्ण रोक : बिना उपचारित (अनट्रीटेड) गंदा पानी और सीवेज किसी भी जल निकाय में बहाने पर पूरी तरह रोक।
        मुख्य सचिव की सीधी भूमिका : राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश कि वे स्वयं हस्तक्षेप कर कलेक्टर और नगर निगम से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कराएं।
        मासिक निगरानी तंत्र : प्रमुख सचिव (पर्यावरण) हर महीने प्रगति की निगरानी कर रिपोर्ट ट्रिब्यूनल में पेश करेंगे।
        जल गुणवत्ता की जांच : मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सभी सात सागरों के पानी के नमूने लेकर हेल्थ रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश।
        अनुपालन रिपोर्ट अनिवार्य : कलेक्टर और नगर निगम को 20 फरवरी 2026 की अगली सुनवाई से पहले की गई कार्रवाई की विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करनी होगी।

     

  • 3 फरवरी का राशिफल: ग्रहों की चाल से इन राशियों की खुलेगी किस्मत

    3 फरवरी का राशिफल: ग्रहों की चाल से इन राशियों की खुलेगी किस्मत

    मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए समय कुल मिलाकर ठीक रहने वाला है। काम करने का मन बना रहेगा और आप चीज़ों को अपने तरीके से आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे। हालांकि जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचना जरूरी है, वरना छोटी सी बात बिगड़ सकती है। घर में माहौल सामान्य रहेगा और किसी करीबी का साथ आपको राहत देगा। पैसों के मामले में स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन फालतू खर्च से बचना समझदारी होगी। सेहत सामान्य रहेगी, बस थकान हो तो आराम जरूर करें।

    वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए धैर्य रखना सबसे जरूरी रहेगा। जो काम काफी समय से अटके पड़े हैं, उनमें अब धीरे-धीरे हलचल दिख सकती है। मेहनत रंग लाएगी, बस बीच में हिम्मत न हारें। पैसों की स्थिति संतुलित रहेगी, जरूरतें पूरी होंगी। घर-परिवार का माहौल शांत रहेगा और अपनों के साथ समय बिताने से मन हल्का होगा। खाने-पीने में लापरवाही न करें।

    मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए बातचीत और लोगों से जुड़ना फायदेमंद रहेगा। काम से जुड़ी कोई नई जिम्मेदारी या जानकारी मिल सकती है। दिमाग तेज चलेगा और आप चीज़ों को जल्दी समझ पाएंगे। पैसों को लेकर ज्यादा तनाव नहीं रहेगा, लेकिन बेवजह खर्च करने से बचें। रिश्तों में साफ बात करेंगे तो गलतफहमियां दूर होंगी। खुद को जरूरत से ज्यादा बिजी न रखें।

    कर्क राशि- कर्क राशि वालों का मन थोड़ा भावुक रह सकता है। छोटी-छोटी बातें आपको ज्यादा सोचने पर मजबूर कर सकती हैं। परिवार का साथ मिलेगा और घर का माहौल आपको संभाले रखेगा। काम की रफ्तार थोड़ी धीमी रह सकती है, लेकिन चिंता की बात नहीं है। खर्च सोच-समझकर करें। नींद और आराम पूरा न होने पर चिड़चिड़ापन हो सकता है।

    सिंह राशि- सिंह राशि वालों पर काम की जिम्मेदारी बढ़ सकती है। लोग आपसे उम्मीद लगाएंगे और आपकी बातों को ध्यान से सुनेंगे। मेहनत का फायदा मिलेगा, बस अहंकार से बचें। पैसों में सुधार के संकेत हैं, लेकिन खर्च भी साथ-साथ बढ़ सकता है। घर में किसी बात पर बहस से बचें। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन तनाव न पालें।

    कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लिए प्लान बनाकर चलना फायदेमंद रहेगा। काम में ध्यान देंगे तो अच्छे नतीजे मिलेंगे। जो लोग नौकरी या पढ़ाई में हैं, उनके लिए समय ठीक है। पैसों में संतुलन बना रहेगा और थोड़ी बचत भी हो सकती है। घर के लोग साथ देंगे। सेहत के मामले में लापरवाही न करें, छोटी दिक्कत भी बढ़ सकती है।

    तुला राशि- तुला राशि वालों को हर मामले में बैलेंस बनाकर चलना पड़ेगा। काम और घर दोनों को साथ संभालना होगा। कोई पुराना काम पूरा हो सकता है, जिससे राहत मिलेगी। पैसों की स्थिति सामान्य रहेगी। रिश्तों में सामने वाले की बात समझने की कोशिश करें। मन को शांत रखने के लिए खुद को थोड़ा समय दें।

    वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों की मेहनत लोगों को दिखेगी। काम में भरोसा बढ़ेगा और किसी काम की तारीफ भी मिल सकती है। पैसों से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। रिश्तों में बात साफ रखें, मन में कुछ न रखें। ज्यादा सोचने से बचें, वरना बेवजह तनाव बढ़ेगा।

    धनु राशि- धनु राशि वालों के लिए कुछ नया सीखने और आगे बढ़ने का समय है। काम में नए मौके मिल सकते हैं या नई योजना बन सकती है। खर्च थोड़ा बढ़ सकता है, लेकिन हालात संभाल में रहेंगे। घर का माहौल सहयोग वाला रहेगा। कहीं आने-जाने या यात्रा की बात भी बन सकती है। सेहत ठीक रहेगी।

    मकर राशि- मकर राशि वालों को जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ना होगा। काम में स्थिरता रहेगी और धीरे-धीरे चीजें आपके पक्ष में आती दिखेंगी। पैसों को लेकर सतर्क रहना जरूरी है, उधार देने से बचें। घर की कोई जिम्मेदारी बढ़ सकती है। थकान महसूस हो तो खुद को आराम दें।

    कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों के दिमाग में नए आइडिया आते रहेंगे। काम में बदलाव या कुछ नया करने का मन बनेगा। पैसों की स्थिति धीरे-धीरे सुधर सकती है। दोस्तों या जान-पहचान वालों से मदद मिलेगी। सेहत के लिए रोज़ का रूटीन ठीक रखना जरूरी रहेगा।

    मीन राशि- मीन राशि वालों का मन थोड़ा संवेदनशील रह सकता है। काम में रफ्तार धीमी रहेगी, लेकिन सब ठीक चलता रहेगा। खर्च जरूरत के हिसाब से करें। परिवार के लोग भावनात्मक सहारा देंगे। खुद को जरूरत से ज्यादा थकाने से बचें और आराम को समय दें।

  • PDA नहीं, परिवार बचाने में लगी है सपा : सीएम योगी का करारा वार

    PDA नहीं, परिवार बचाने में लगी है सपा : सीएम योगी का करारा वार

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के 'पीडीए' नारे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विपक्षी दल को 'पीडीए' से ज्यादा 'परिवार' की चिंता है। योगी ने तंज कसते हुए कहा, "पीडीए तो बहाना है, असली लक्ष्य तो 'परिवार' है…!"

    मुख्यमंत्री ने केंद्रीय बजट में पीडीए को नजरअंदाज करने के सपा प्रमुख के आरोप पर सवाल उठाते हुए कहा, "जो लोग यह दावा करते हैं, उनसे यह पूछा जाना चाहिए कि जब सरकार ने उत्तर प्रदेश के छह करोड़ लोगों सहित पूरे देश में 25 करोड़ लोगों को गौरव और सम्मान के साथ आगे बढ़ने में मदद की, तो उनके कार्यकाल में ऐसा क्यों नहीं हो सका? पीडीए का मुद्दा तब भी जरूर रहा होगा।" उन्होंने कहा, "मैं पूछना चाहता हूं कि उस समय पीडीए पर चर्चा क्यों नहीं हुई? अपनी पार्टी (सपा) के शासनकाल में उन्हें (अखिलेश को) सिर्फ परिवार की ही चिंता क्यों थी?" योगी समेत भाजपा के शीर्ष नेताओं ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर वंशवादी राजनीति करने का आरोप लगाया।

    उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को परिवार के रूप में देखने का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। हमारा मुख्य उद्देश्य गरीबों, युवाओं और किसानों की सहायता करना है। हमारा लक्ष्य उच्च श्रेणी की अवसंरचना सुनिश्चित करना है, जो आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से बनाई गई है।" मुख्यमंत्री ने कहा, "यह दृष्टिकोण बजट में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है, लेकिन दूरदृष्टिहीन लोग, भविष्य की कोई योजना न रखने वाले लोग ऐसी निरर्थक बातों में उलझे रहते हैं।" योगी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता व कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा बजट की आलोचना को भी खारिज कर दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए बढ़ाए गए आवंटन से उत्तर प्रदेश को मदद मिलेगी, जो देश में रक्षा विनिर्माण का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के साथ-साथ निवेशकों को भी लाभ होगा। योगी ने कहा कि केंद्रीय बजट के आधार पर प्रदेश सरकार फरवरी में बजट प्रस्तुत करेग और डबल इंजन सरकार के इस बजट का लाभ देश की सबसे बड़ी आबादी को प्राप्त होगा।

  • जुए–घोटाले के इंटरनेशनल रैकेट का भंडाफोड़, चीन ने 4 दोषियों को दी मौत की सजा

    जुए–घोटाले के इंटरनेशनल रैकेट का भंडाफोड़, चीन ने 4 दोषियों को दी मौत की सजा

    बीजिंग
    चीन ने छह चीनी नागरिकों की मौत का कारण बने और म्यांमा से चार अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के घोटाले और जुए का नेटवर्क संचालित करने के दोषी पाए गए चार लोगों को फांसी दे दी। प्राधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। दक्षिण चीन की शेनझेन इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने सोमवार सुबह जारी एक बयान में इन सजाओं की पुष्टि की। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि फांसी कब दी गई। म्यांमा में इसी मामले में 11 अन्य लोगों को पिछले सप्ताह सजा सुनाई गई थी।

    अदालत ने नवंबर में कुख्यात बाई परिवार के सदस्यों समेत पांच लोगों को मौत की सजा सुनाई थी, जिन पर घोटाला केंद्र और कैसिनो का एक बड़ा नेटवर्क चलाने का आरोप था। अदालत ने बताया कि इनमें से एक आरोपी और गिरोह के सरगना बाई सुओचेंग की सजा सुनाए जाने के बाद बीमारी के कारण मौत हो गयी थी। अदालत के अनुसार, इस गिरोह ने चीन से सटे म्यांमा के कोकांग क्षेत्र में औद्योगिक पार्क स्थापित किए थे, जहां से जुआ और दूरसंचार घोटाले किए जाते थे। इन गतिविधियों में अपहरण, जबरन वसूली, जबरन वेश्यावृत्ति, नशीले पदार्थों का निर्माण और तस्करी शामिल थी। 

  • जयशंकर की अमेरिका यात्रा शुरू, स्वच्छ ऊर्जा और सुरक्षा पर मुख्य वार्ता

    जयशंकर की अमेरिका यात्रा शुरू, स्वच्छ ऊर्जा और सुरक्षा पर मुख्य वार्ता

    नई दिल्ली  
    भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर आज से तीन दिन की अमेरिका यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। यह यात्रा 2 से 4 फरवरी तक चलेगी। इस दौरान वह अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा आयोजित क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल बैठक में भाग लेंगे। यह जानकारी भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने दी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने, स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बदलाव, और रणनीतिक सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। ये खनिज इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, रक्षा और नई तकनीकों के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं।

    अमेरिका यात्रा के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में भारत-अमेरिका संबंधों, व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है। हाल ही में विदेश मंत्री जयशंकर ने भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से नई दिल्ली में मुलाकात की थी। इस बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई थी। जयशंकर ने उम्मीद जताई थी कि सर्जियो गोर भारत-अमेरिका रिश्तों को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

     इसके अलावा, 25 जनवरी को जयशंकर ने अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की थी, जिसमें माइक रोजर्स, एडम स्मिथ और जिमी पैट्रोनिस शामिल थे। इस बैठक में भारत-अमेरिका संबंध, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिति और यूक्रेन युद्ध जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी।इससे पहले, 13 जनवरी को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और एस. जयशंकर के बीच फोन पर बातचीत हुई थी।

    इस बातचीत में नागरिक परमाणु ऊर्जा, व्यापार वार्ता, क्रिटिकल मिनरल्स, और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा जैसे विषयों पर सहयोग की समीक्षा की गई थी। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस बातचीत को सकारात्मक बताया था और कहा था कि दोनों देशों ने व्यापार वार्ता, क्रिटिकल मिनरल्स और आने वाले महीनों में संभावित उच्चस्तरीय बैठक को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की है। जयशंकर की यह अमेरिका यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।

  • ‘धुरंधर 2’ का टीज़र 16 घंटे में होगा रिलीज? रणवीर सिंह का 12:12 पोस्ट फिर बना बड़ा इशारा

    ‘धुरंधर 2’ का टीज़र 16 घंटे में होगा रिलीज? रणवीर सिंह का 12:12 पोस्ट फिर बना बड़ा इशारा

     मुंबई

    रणवीर सिंह और आदित्य धर ने अपने इंस्टाग्राम पर 'धुरंधर 2' को लेकर हिंट दिया है। ये कुछ इसी तरह की पोस्ट है जो रणवीर ने 'धुरंधर' की रिलीज के वक्त किया था। 'कल 12:12' पोस्ट को लेकर फैंस की खुशी चरम पर है और हर कोई जानना चाहता है कि आखिर बात क्या है।

    धुरंधर 2 का टीजर
    हमेशा की तरह रणवीर सिंह ने इंस्टाग्राम पर एक क्रिप्टिक पोस्ट किया जिसमें 'धुरंधर 2' के ट्रेलर रिलीज का हिंट दिया गया है। फैंस एक्साइटमेंट में इस पोस्ट के बारे में अटकलें लगा रहे हैं, जो दिखाता है कि 'धुरंधर' के वक्त भी रणवीर कुछ ऐसे ही पोस्ट करते थे। 2 फरवरी को शाम 6 बजे, रणवीर सिंह और आदित्य धर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक क्रिप्टिक पोस्ट किया और तब से ही फैंस की भीड़ ट्विटर पर जबरदस्त तरीके से रिएक्ट कर रही है।

    उन्होंने जो फोटो शेयर की, उस पर बस इतना लिखा है, 'कल 12:12।' इसके अलावा कोई और हिंट या कैप्शन नहीं था। देखते ही देखते फैंस ने इस पोस्ट के बारे में अटकलें लगाना शुरू कर दिया। कुछ का मानना था कि यह महज एक मजाकिया इशारा था, जबकि बाकियों को पूरा यकीन था कि यह 'धुरंधर 2' के टीजर या ट्रेलर के बारे में हिंट हो सकता है। कई लोगों का मानना है कि यह 'धुरंधर 2' के ट्रेलर रिलीज के बारे में है जो 2025 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'धुरंधर' का दूसरा पार्ट है।

    'धुरंधर' के वक्त रणवीर ने डिलीट किए पोस्ट
    रणवीर ने किसी आगामी प्रोजेक्ट के लिए लोगों की दिलचस्पी जगाने के लिए सोशल मीडिया का इस तरह इस्तेमाल पहली बार नहीं किया है। 'धुरंधर' की रिलीज से पहले उन्होंने अपने सभी इंस्टाग्राम पोस्ट डिलीट कर दिए थे और उनकी जगह एक काली तस्वीर डालकर 12:12 स्टोरी पोस्ट की थी, जिसे फैंस ने किसी बड़े प्रमोशनल अनाउंसमेंट का हिंट माना था।

    'धुरंधर' के वक्त भी इसी तरह का प्रमोशन
    उस समय, कई लोगों ने अनुमान लगाया कि यह 'धुरंधर' के पहले लुक टीजर से जुड़ा हुआ है। मैसेज में 12:12 का समय चुनने का चलन 'धुरंधर 2' में भी देखने को मिल रहा है। पहली फिल्म का आधिकारिक ट्रेलर 18 नवंबर 2025 को दोपहर 12:12 बजे ऑनलाइन रिलीज किया गया था, जो सोशल मीडिया पर फैंस के बीच तेजी से ट्रेंड करने लगा था। ऐसा लगता है कि पार्ट 2 की मार्केटिंग टीम फिर से वही करना चाहती है।

    'धुरंधर' के बारे में
    आदित्य धर की निर्देशित 'धुरंधर' एक बड़े बजट की बॉलीवुड स्पाई एक्शन थ्रिलर फिल्म है। इसका पहला पार्ट 2025 के अंत में रिलीज हुआ था। बॉक्स ऑफिस पर इसने जबरदस्त कमाई करते हुए दमदार एक्शन और स्टार-स्टडेड कास्ट के लिए तारीफें बटोरीं। फिल्म में अक्षय खन्ना ने एक दमदार विलन का रोल किया था और अर्जुन रामपाल भी जोरदार दिखे। रणवीर सिंह लीड रोल में थे।

    'धुरंधर' की बॉक्स ऑफिस पर धुआंधार कमाई
    'धुरंधर' फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई। रिलीज के महज तीन हफ्तों में ही इसने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर ₹1,000 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया और 1303 करोड़ की कमाई की। यह फिल्म भारत में सबसे अधिक कमाई करने वाली हिंदी फिल्म और उस समय विश्व स्तर पर दूसरी सबसे अधिक कमाई करने वाली हिंदी फिल्म बन गई।

    धुरंधर के हर हफ्ते का कलेक्शन
        पहला हफ्ता- 207.25 करोड़
        दूसरा हफ्ता- 253.25 करोड़
        तीसरा हफ्ता- 172 करोड़
        चौथा हफ्ता- 106.5 करोड़
        पांचवा हफ्ता- 51.25 करोड़
        छठा हफ्ता- 26.35 करोड़
        सातवां हफ्ता- 13.9 करोड़
        आठवां हफ्ता- 5.35 करोड़
        कुल कलेक्शन- 836.95 करोड़
        वर्ल्डवाइड कलेक्शन- 1303 करोड़

    'धुरंधर 2' रिलीज डेट
    'धुरंधर 2 द रिवेंज' 19 मार्च, 2026 को आपके नजदीकी सिनेमाघरों में आ रही है।