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  • रामभक्तों का अपमान विरासत का अपमान: योगी आदित्यनाथ

    रामभक्तों का अपमान विरासत का अपमान: योगी आदित्यनाथ

    लखनऊ/हरिद्वार
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक समय था, जब विरासत को कोसा जाता था, अपमानित किया जाता था, लांछित किया जाता था। राम भक्तों पर गोलियां चलती थीं, उनका अपमान किया जाता था। लेकिन, यह रामभक्तों का नहीं, भारत की विरासत का अपमान होता था, भारत के आध्यात्मिक मूल्यों का अपमान होता था। इसका परिणाम यह निकला कि उत्तर प्रदेश अराजकता का अड्डा बन गया, लूट का अड्डा बन गया और दंगों की आग में झुलसने लगा। गुंडागर्दी भी चरम पर, ना बेटी सुरक्षित थी और न व्यापारी। हमारी सरकार में विरासत का सम्मान हुआ तो बेटी सुरक्षित हो गई और व्यापारी भी। आज उत्तर प्रदेश देश की दूसरे नंबर की अर्थव्यवस्था के रूप में भी आगे बढ़ रहा है।
    सीएम योगी शुक्रवार को हरिद्वार में आयोजित स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की श्री विग्रह मूर्ति स्थापना समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में न अराजकता है, न फसाद है, न गुंडागर्दी है। न कर्फ्यू है, न दंगा है – यूपी में अब सब चंगा है। दंगा और दंगाई, दोनों गायब हो गए हैं। कर्फ्यू दंगाइयों पर लग गया है। यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि नीति स्पष्ट थी, नीयत साफ थी। कोई सोचता था कि  500 वर्षों के बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो पाएगा? लेकिन, आज भव्य राम मंदिर बन गया।

    आश्रम से मिला एमबीए का वास्तविक ज्ञान

    मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग अक्सर पूछते हैं कि बिना किसी औपचारिक प्रशासनिक अनुभव के आप उत्तर प्रदेश कैसे चला रहे हैं,  तो मेरा उत्तर होता है कि आश्रम व्यवस्था से जुड़ा हूं। प्रशासन कैसे चलाना है, प्रबंधन कैसे करना है, भारत का संन्यासी आश्रम पद्धति से सीखता है। प्रशासन हमारे संस्कारों व जींस का हिस्सा है। एमबीए की वास्तविक शिक्षा तो भारतीय आश्रम पद्धति से ही मिलती है। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश आज अराजकता से निकलकर विकास और सुशासन का मॉडल बनकर उभरा है। भारत की प्रशासनिक, आर्थिक और सांस्कृतिक शक्ति की जड़ें, आश्रम व गुरुकुल परंपरा में हैं। जहां कृषि, खगोल विज्ञान, आयुर्वेद, शिल्प व प्रशासन जैसे विषयों का केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान दिया जाता है। जीवन से जुड़े हर प्रश्न का उत्तर मिलता है। 

    माघ मेले में अब तक 21 करोड़ श्रद्धालुओं का स्नान

    सीएम योगी ने बताया कि माघ मेले में अब तक 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती के त्रिवेणी संगम में डुबकी लगा चुके हैं। यहां पहले केवल अव्यवस्था देखने को मिलती थी, लेकिन आज अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज, हरिद्वार, बदरीनाथ धाम व केदारनाथ धाम केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के केंद्र बने हैं। भारत राष्ट्र यहीं से शक्ति प्राप्त करता है, और जब हमने इन आस्था केंद्रों को सम्मान के साथ आगे बढ़ाया, संरक्षित करने का काम किया, परिणाम भी सामने आया है। लंबे समय तक बीमारू रहा उत्तर प्रदेश आज भारत की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथ्रू बनकर लगातार प्रगति पथ पर अग्रसर है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा जन्म इसी देवभूमि उत्तराखंड में हुआ है। वर्ष 1982 में भारत माता मंदिर के भव्य लोकार्पण का कार्यक्रम आयोजित हुआ था, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी व सर संघचालक बालासाहब देवरस, दोनों की उपस्थिति रही। यह स्पष्ट करता था कि राष्ट्राध्यक्ष के प्रति हमारा सम्मान सदैव रहेगा, लेकिन मूल्यों के साथ कभी कोई समझौता नहीं होगा। जब देश विपरीत परिस्थितियों से जूझ रहा था, तब पूज्य स्वामी जी महाराज ने भारत माता मंदिर के भव्य निर्माण और उसके लोकार्पण के माध्यम से पूरे देश के सामने आध्यात्मिक नेतृत्व का चिरस्थायी स्मारक समर्पित किया।

    न जाति का भेद और न धर्म का अंतर

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तराखंड के चार धाम भारत की चेतना के आधार हैं। जब हम लोग बचपन में हरिद्वार आते थे, तो सबके मन में यह भाव रहता था कि हरि की पैड़ी में स्नान करना है और भारत माता मंदिर के दर्शन भी करने हैं। यहां न जाति भेद था और न धर्म का कोई अंतर। भारत माता मंदिर में पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक, पूरे भारत का स्वरूप प्रतिबिंबित किया गया। यह उस समय की सबसे ऊंची (हाई-राइज) इमारत भी थी। मेरा सौभाग्य है कि देश के भीतर पिछले 11 वर्षों में हमने व्यापक परिवर्तन देखा है। अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज से लेकर केदारपुरी और बदरीनाथ से हरिद्वार तक, विकास की एक लंबी गाथा विरासत को संजोते हुए बढ़ रही है। यह नए भारत निर्माण की वही गाथा है, जिसका सैकड़ों वर्षों से वर्तमान पीढ़ी को इंतजार था। यह पीढ़ी यह सोच रही थी कि क्या हमारी भावनाओं के अनुरूप भारत का निर्माण हो पा रहा है या नहीं। एक प्रकार की असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। उस असमंजस से उबरने का कार्य पिछले 11 वर्षों में हमने स्पष्ट देखा है।

    भारत ऋषि परंपरा की तपस्या से निर्मित राष्ट्र

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब हम भारत की बात करते हैं, तो भारत केवल एक भौगोलिक टुकड़ा मात्र नहीं है। भारत ऋषि परंपरा की तपस्या से निर्मित राष्ट्र है। यह किसी सत्ता की उपज नहीं है, बल्कि ऋषि परंपरा की तपस्या से निकली शाश्वत चेतना का केंद्र बिंदु है। भारत का उच्चतम न्यायालय भी इस मंत्र को अंगीकार करता है कि जहां धर्म है, वहीं विजय है। धर्म और विजय का यह शाश्वत स्वरूप हमें यह आभास कराता है कि धर्म कभी कमजोर नहीं होता, बल्कि उसे जानबूझकर कमजोर किया जाता है। इतिहास साक्षी है कि जो राष्ट्र अपनी सभ्यता और संस्कृति की उपेक्षा करता है, वह न तो वर्तमान को सुधार पाता है और न ही भविष्य को सुरक्षित रख पाता है। वैदिक भारत आत्मनिर्भर सभ्यता का प्रतीक रहा है। आक्रांताओं के आने से पहले भारत कोई अविकसित या उपेक्षित भूभाग नहीं था, बल्कि एक पूर्ण विकसित सभ्यता और समृद्ध संस्कृति था। यह राष्ट्र हमारे ऋषियों की तपस्या, किसानों के श्रम और कारीगरों की सृजनशीलता से खड़ा हुआ है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2000 वर्ष पहले, जिसे हम भारत का स्वर्ण युग कहते हैं, उस समय विश्व की अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत थी। इसी प्रकार आज से करीब 400 वर्ष पहले भी विश्व अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत थी। यह सामर्थ्य इन्हीं ऋषि-मुनियों की तपस्या के बल पर, अन्नदाता किसानों की सृजनशीलता के बल पर और कारीगरों के परिश्रम के बल पर था। जैसे ही हमने इन मूल्यों से मुंह मोड़ा, पतन की प्रक्रिया शुरू हो गई। लेकिन, आज फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरकर सामने आया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत गांव आधारित राष्ट्र था। गांव आत्मनिर्भर इकाइयां थे। यहां कृषि थी, पशुपालन था, हस्तशिल्प था, चाहे वस्त्र निर्माण हो या धातु का कार्य, सब कुछ गांवों के भीतर ही होता था। यहां बाहरी सत्ता का हस्तक्षेप नहीं था, न ही किसी अनुदान पर निर्भरता थी। स्वरोजगार भारत की मूल शक्ति था। हमारा किसान उत्पादक था, कारीगर उद्यमी था, और व्यापारी राष्ट्र को जोड़ने का सेतु। यह पूरा ढांचा ग्राम स्वराज आधारित शासन का एक सशक्त मॉडल था। भारतीय नारी की अर्थव्यवस्था में समान सहभागिता थी। उसे कभी पराधीन नहीं बनाया गया, बल्कि वह समाज और अर्थव्यवस्था की सक्रिय शक्ति रही है। लेकिन आक्रांताओं के साथ-साथ लाभ आधारित अर्थतंत्र ने स्थानीय उत्पादन व्यवस्था को नष्ट किया। स्वरोजगार की जगह टैक्स आधारित व्यवस्था ने ले ली। इस व्यवस्था में कारीगर को गुलाम बना दिया गया और किसान को करदाता बना दिया गया। जैसे ही हम आश्रम पद्धति से विमुख हुए और गुरुकुलों की परंपरा से मुंह मोड़ा, वैसे ही कारीगर गुलामी की स्थिति में पहुंच गया और किसान पर निर्भरता का बोझ बढ़ता चला गया, यहां तक कि वह आत्महत्या के लिए मजबूर हो गया। हमें याद रखना होगा कि ग्राम स्वराज की अवधारणा क्या है, जब एक गांव टूटता है, तो उसे केवल एक घटना नहीं माना जाना चाहिए। एक गांव का टूटना, उस राष्ट्र की नींव को हिला देता है।

    समारोह को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी, निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर विशोकानंद भारती जी महाराज ने भी संबोधित किया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक भी मौजूद थे।

    इनसेट..
    संत बोले, उत्तर प्रदेश के शेर हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    हरिद्वार में आयोजित स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की श्री विग्रह मूर्ति स्थापना समारोह में संत समाज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ‘उत्तर प्रदेश का शेर’ बताते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ सबके प्रिय हैं और सबके हितकारी हैं। इनको संभाल कर रखना है। जब से योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभाली, तब से यूपी में रामराज्य जैसा माहौल दिखाई देता है। आज उत्तर प्रदेश में कहीं भय, अराजकता और उन्माद नहीं दिखाई देता। जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि जब पीएम नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ जैसे नेता नेतृत्व कर रहे हैं, तो हमें कोई संदेह नहीं कि भारत को फिर उसी वैभव के साथ देखेंगे, जैसा हर्षवर्धन के कार्यकाल में, विक्रमादित्य के काल में देखने को मिला था।

  • फँसाऊबाज डीएसपी कल्पना वर्मा निलंबित, व्यापारी के आरोपों पर गृह विभाग का बड़ा एक्शन

    फँसाऊबाज डीएसपी कल्पना वर्मा निलंबित, व्यापारी के आरोपों पर गृह विभाग का बड़ा एक्शन

    दांतेवाड़ा.

    छत्तीसगढ़ पुलिस की वरिष्ठ महिला अधिकारी डीएसपी कल्पना वर्मा को गृह विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. दांतेवाड़ा में तैनात कल्पना वर्मा पर व्यापारी दीपक टंडन के साथ अवैध वित्तीय लेन-देन, पद का दुरुपयोग और अनुपातहीन संपत्ति के गंभीर आरोप हैं. विभागीय जांच पूरी होने के बाद गृह विभाग ने यह आदेश जारी किया है.

    मामला तब सुर्खियों में आया जब व्यापारी दीपक टंडन के साथ कल्पना वर्मा की व्हाट्सएप चैट वायरल हो गई थी. चैट में दोनों के बीच पैसे के लेन-देन, संपत्ति और अन्य आर्थिक मामलों की चर्चा सामने आई थी. इन चैट्स के आधार पर शिकायत दर्ज हुई और गृह विभाग ने उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की. जांच में पाया गया कि डीएसपी पद पर रहते हुए कल्पना वर्मा ने अवैध आर्थिक लाभ उठाया, पद का दुरुपयोग किया और उनकी संपत्ति उनके वैध आय से कहीं अधिक है.

    1400 पेज की जांच रिपोर्ट
    चर्चित महिला डीएसपी कल्पना वर्मा को लेकर 1400 से ज्यादा पेज की जांच रिपोर्ट आईजी रायपुर के पास पहुंची थी. कल्पना वर्मा पर अपने आशिक कारोबारी दीपक टंडन से भारी मात्रा में कैश और गहने लेने के पुख्ता सबूत मिले थे. जांच रिपोर्ट में डीएसपी कल्पना वर्मा के कारोबारी के अकाउंट से करोड़ों ट्रांजेक्शन के भी सबूत मिले. साथ ही कल्पना वर्मा के व्हाट्सएप चैट से नक्सलियों से जुड़े कार्रवाई को लीक करने के भी सबूत मिले.

    क्यों चर्चा में आई थी डीएसपी कल्पना?
    बता दें कि पिछले साल दिसंबर महीने में डीएसपी कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन के बीच के गहरे प्रेम संबंध चर्चा में रहा था. पहले कारोबारी दीपक टंडन ने डीएसपी कल्पना वर्मा पर प्रेम जाल में फंसाकर 2 करोड़ रुपये और कीमती सामान ठगने का आरोप लगाया था, वहीं बाद में डीएसपी ने पलटवार करते हुए कारोबारी पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. डीएसपी कल्पना वर्मा ने कारोबारी दीपक टंडन के वायरल सीसीटीवी फुटेज और कथित चैट भी सामने आए थे.

    DFO से भी चक्कर!
    जानकारी के अनुसार, कल्पना वर्मा के चक्कर में एक डीएफओ ने अपनी बीवी से तलाक भी ले लिया था. वह कल्पना वर्मा से शादी करना चाहता था. जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कारोबारी दीपक टंडन से ब्रेकअप के बाद डीएसपी कल्पना वर्मा एक डीएफओ से दिन रात व्हाट्सएप चैट में लीन रहती थी. इतना ही नहीं, कल्पना वर्मा ने कई नक्सल इनपुट्स ऐसे इनपुट्स जो खुफिया जानकारी किसी को नहीं दे सकते, वह भी शेयर किए हैं.

  • बाल विवाह मुक्त होगा छत्तीसगढ़, CM साय ने रवाना किया ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’

    बाल विवाह मुक्त होगा छत्तीसगढ़, CM साय ने रवाना किया ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’

    रायपुर 
     छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में निर्णायक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने गृह नगर जशपुर से ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। इस रथ पर बाल विवाह के दुष्परिणामों के बाबत जागरूकता फैलाने वाले संदेशों के साथ ही इसके खिलाफ शपथ लेने के लिए एक शपथ पट भी लगाया गया है। यह रथ 8 मार्च तक पूरे राज्य के गांवों और कस्बों से गुजरेगा। ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ भारत सरकार के बाल विवाह के खिलाफ 100 दिवसीय गहन राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) की एक पहल है। बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन नागरिक समाज संगठनों का देश का सबसे बड़ा नेटवर्क है जिसके 250 से भी अधिक सहयोगी संगठन 450 जिलों में 2030 तक बाल विवाह को खत्म करने व बाल संरक्षण तंत्र को मजबूती देने के लिए काम कर रहे हैं।   

    पोस्टरों व लाउडस्पीकर पर प्रभावशाली संदेशों के साथ ही बाल विवाह के खिलाफ प्रतिज्ञा लेने के लिए एक शपथ पट से लैस ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्रा के दौरान यह राज्य के सबसे सुदूर स्थानों व हाशिये के समुदायों तक पहुंच सके। चारपहिया वाहन जहां प्रमुख सड़कों और बेहतर पहुंच वाले मार्गों को कवर करेंगे, वहीं कमजोर संपर्क वाले अत्यंत दूरस्थ गांवों तक राज्यभर में मोटरसाइकिल या साइकिल कारवां के माध्यम से पहुंचा जाएगा। ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को हरी झंडी दिखाने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन जशपुर जिले में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन समर्पित सेंटर फॉर पावर्टी एलिविएशन एंड सोशल रिसर्च ने किया।

    बाल विवाह के खात्मे के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “राज्य में पहले ही बाल विवाह का चलन काफी हद तक कम हो चुका है और हम बालोद जिले को बाल विवाह मुक्त घोषित कर चुके हैं। सरकार, नागरिक समाज संगठनों और स्थानीय प्रशासन के सतत प्रयासों से हम छत्तीसगढ़ से बाल विवाह के पूरी तरह खात्मे के प्रति आश्वस्त हैं।”

    बाल विवाह के खात्मे की देशव्यापी लड़ाई में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका रही है। राज्य का बालोद जिला वर्ष 2025 में देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बना, जबकि सूरजपुर जिले के जिला प्रशासन ने 75 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त पंचायत घोषित किया है। ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह ‘बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़’ का संदेश राज्य के अंतिम छोर और अंतिम गांव तक पहुंचाएगा।

    बाल विवाह के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार के दृढ़ रवैये की सराहना करते हुए चाइल्ड मैरेज फ्री इंडिया के राष्ट्रीय समन्वयक बिधान चंद्र सिंह ने कहा कि मजबूत साझेदारियों, राजनीतिक इच्छाशक्ति और सतत जमीनी कार्रवाइयों से छत्तीसगढ़ पूरे देश में एक मानक बनकर उभरा है।

    ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ की रवानगी के मौके पर हुए कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “बाल विवाह के खात्मे के हमारे दृढ़ संकल्प को आज पूरी दुनिया देख रही है। सभी को साथ लेकर और यह सुनिश्चित कर कि प्रत्येक परिवार इससे जुड़े, हर बच्चे को सुरक्षा मिले और हर गांव बाल विवाह मुक्त होने की ओर अग्रसर हो, यह लड़ाई सफल हो रही है। छत्तीसगढ़ में आज हुआ यह कार्यक्रम इस अपराध के खात्मे के लिए देश की इच्छाशक्ति को दर्शाता है।” चाइल्ड मैरेज फ्री इंडिया देश से 2030 तक बाल विवाह के खात्मे के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सबसे प्रमुख अभियान है। पिछले एक साल में ही इस नेटवर्क ने पूरे देश में 198,628 बाल विवाह रोके हैं। इसमें 3988 बाल विवाह अकेले छत्तीसगढ़ में रोके गए। 

    अपनी यात्रा के दौरान ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ पंचायतों, जिला प्रशासन, बाल विवाह निषेध अधिकारियों (सीएमपीओ) और अन्य सरकारी अधिकारियों को साथ जोड़ते हुए जागरूकता और संकल्प के लिए समुदायों तक पहुंचेगा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर संपन्न होने वाली यह यात्रा स्कूलों, ग्राम सभाओं, धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक स्थलों को कवर करेगी और नुक्कड़ नाटकों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं पीड़ितों/सर्वाइवरों की कहानियों के माध्यम से अपना संदेश फैलाएगी। इसके अतिरिक्त, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के इसी तरह के ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ इस समय देश के 25 राज्यों के 451 जिलों में यात्रा कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के 11 जिलों में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के छह सहयोगी संगठन जमीन पर कार्य कर रहे हैं।

    बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (पीसीएमए), 2006 के अनुसार, जो भी बाल विवाह का आयोजन करता है, उसे बढ़ावा देता है, जानबूझकर उसमें भाग लेता है या बाल विवाह से संबंधित किसी भी प्रकार की सेवा प्रदान करता है, उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • चांदी 1.91 लाख रुपये सस्‍ती, सोना भी टूटा – क्या फिर रिकॉर्ड हाई पर पहुंचेगा दाम?

    चांदी 1.91 लाख रुपये सस्‍ती, सोना भी टूटा – क्या फिर रिकॉर्ड हाई पर पहुंचेगा दाम?

    इंदौर 

    सोना और चांदी के भाव में शुक्रवार को भी गिरावट देखी जा रही है. मल्‍टी कमोडिटी मार्केट में लगातार दूसरे दिन सोने और चांदी के दाम भरभराकर टूटे हैं. चांदी सुबह 11.30 बजे 5000 रुपये गिरकर 2.38 पर पहुंच गई थी, वहीं सोने के भाव में 1000 रुपये की गिरावट आई थी, जो 1.50 लाख रुपये के ऊपर थे. हालांकि शुरुआती कारोबार में चांदी की कीमत 12000 रुपये टूट गई थी और सोना 1800 रुपये गिर गया था.

     वहीं रिकॉर्ड हाई से देखें तो सोना और चांदी काफी सस्‍ते हो चुके हैं. ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि क्‍या फिर कभी चांदी और गोल्‍ड वापस उस लेवल पर आएंगे? आइए जानते हैं सोने और चांदी के भाव में इतनी गिरावट क्‍यों आ रही है. 

    रिकॉर्ड हाई से चांदी 1.91 लाख रुपये सस्‍ती 
    29 जनवरी को चांदी का भाव 4.20 लाख रुपये पर थी, जो इसका रिकॉर्ड हाई लेवल है और आज चांदी 2.29 लाख रुपये पर आ गई थी. ऐसे में देखा जाए तो चांदी के भाव में 1.91 लाख रुपये तक की गिरावट आई है. इसके अलावा, गोल्‍ड प्राइस में भी बिग फाल हुआ है. सोने की कीमत 29 जनवरी को 1.93 लाख रुपये पर थी, लेकिन शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 1.49 लाख रुपये पर आ गई. इसका  मतलब है कि सोने की कीमत में 44 हजार रुपये की गिरावट आई है. 

    गोल्‍ड-सिल्‍वर ईटीएफ भी गिरा
    सोना और चांदी ईटीएफ प्राइस में शुक्रवार को 10 फीसदी तक की गिरावट आई. यह गिरावट ग्‍लोबल स्‍तर पर आईटी और टेक कंपनियों में बिकवाली हावी होने के बाद आई है, क्‍योंकि अमेरिकी इससे अमेरिकी डॉलर में मजबूती आई. एआई घबराहट और अर्निंग को लेकर आईटी और टेक शेयरों में गिरावट आई.  

    कोटक सिल्वर ETF को सबसे ज्‍यादा नुकसान हुआ, यह 10% गिर गया, जबकि HDFC सिल्वर ETF, SBI सिल्वर ETF और एडलवाइस सिल्वर ETF में से हर एक में लगभग 9% की गिरावट आई. बंधन सिल्वर ETF में सबसे कम गिरावट दर्ज की गई, यह लगभग 6% नीचे रहा. गोल्ड ETF में एंजेल वन गोल्ड ETF 8% गिरा, जबकि जेरोधा गोल्ड ETF में 5% की गिरावट आई.

    क्‍यों आ रही गोल्‍ड सिल्‍वर में गिरावट? 
    एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि पिछले सप्‍ताह के दौरान सोने और चांदी के भाव में भारी गिरावट आई थी, जिससे अस्थिरता बनी हुई है. यह गिरावट केविन वॉर्श की नियुक्ति के बाद फेडरल रिजर्व की सख्त नीतियों की उम्मीदों, मजबूत अमेरिकी डॉलर और सीएमई द्वारा मार्जिन में की गई भारी बढ़ोतरी के कारण हुई है. इसके अलावा, सोने और चांदी की कीमत के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद मुनाफावसूली आई है, जिससे निवेशक सतर्क बने हुए हैं और सोने-चांदी की कीमतों में तेजी या गिरावट पर ज्‍यादा पार्टिसिपेट नहीं कर रहे हैं.

    इंटरनेशनल लेवल पर सोने-चांदी का भाव 
    गुरुवार को इंटरनेशनल लेवल पर सोने और चांदी के भाव में बड़ी गिरावट देखने को मिली. सोना 4 फीसदी गिरा और चांदी के भाव में 9 फीसदी की गिरावट आई. सोना अभी 4,887 डॉलर प्रति औंस पर बना हुआ है और चांदी की कीमत $78 प्रति औंस पर बनी हुई है. 

    क्‍या वापस रिकॉर्ड हाई पर जाएंगे सोने-चांदी के दाम? 
    एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि अभी ग्‍लोबल अनिश्चितता बनी हुई है. ऐसे में सोने और चांदी की कीमातों में उछाल आ सकता है. Goldman Sachs जैसे बड़े बैंकों का कहना है कि सोने के $4,900 प्रति औंस तक 2026 में पहुंचने की संभावना है. वहीं चांदी के मामले में ब्रोकरेज और विश्लेषक मानते हैं कि इंडस्ट्रियल डिमांड और ग्‍लोबल अनिश्चितता के कारण चांदी  एक बार फिर रिकॉर्ड हाई के करीब या इससे ऊपर जा सकती है. 

    Bank of America का कहना है कि चांदी 135 डॉलर के ऊपर भी जा सकती है, लेकिन इसके लिए सप्लाई और मांग बना रहना जरूरी है. ऐसे में अगर जियो -पॉलिटिकल टेंशन, महंगाई और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी जारी रहती है तो  सोने और चांदी की कीमतें एक बार फिर रिकॉर्ड हाई पर पहुंच सकती हैं. 

  • अबूझमाड़ में हथियार फैक्ट्री और विस्फोटक जखीरा बरामद, नक्सलियों के डंप पर बड़ी कार्रवाई

    अबूझमाड़ में हथियार फैक्ट्री और विस्फोटक जखीरा बरामद, नक्सलियों के डंप पर बड़ी कार्रवाई

    नारायणपुर
     जिले के अबूझमाड़ अंचल में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है. थाना सोनपुर क्षेत्र के कुरुसकोड़ो जंगल में डीआरजी और नारायणपुर पुलिस ने नक्सलियों की एक गुप्त हथियार फैक्ट्री से जुड़े बड़े डंप का खुलासा किया है. जिस दिन कुरुसकोड़ो में नया सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किया गया, उसी दिन यह बड़ी सफलता हाथ लगी.

    खुफिया सूचना के आधार पर चला सर्च ऑपरेशन

    पुलिस को विश्वसनीय खुफिया सूचना मिली थी कि कुरुसकोड़ो–पांगुड–कंदुलपार क्षेत्र में नक्सलियों ने वर्षों पहले हथियार और विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी है. इसके बाद थाना सोनपुर से डीआरजी टीम ने एरिया डॉमिनेशन पैट्रोल योजना में बदलाव कर सघन तलाशी अभियान चलाया. तलाशी के दौरान जमीन के भीतर प्लास्टिक ड्रम में दबाकर रखी गई भारी मात्रा में हथियार निर्माण से जुड़ी सामग्री बरामद की गई.

    हथियार फैक्ट्री के सबूत मिले

    बरामद सामग्री से साफ संकेत मिलता है कि नक्सलियों ने जंगल के अंदर अवैध हथियार फैक्ट्री विकसित कर रखी थी. एसएलआर की खाली मैगजीन, बीजीएल और यूबीजीएल सेल तथा एल्यूमिनियम पाइप से हैंड ग्रेनेड बनाने की सामग्री सबसे चौंकाने वाली बरामदगी रही.

    बरामद सामग्री का संक्षिप्त विवरण

    तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में लोहे और एल्यूमिनियम के पाइप, बीजीएल सेल, खाली मैगजीन, ग्राइंडर मशीन, वेल्डिंग उपकरण, मोटर पार्ट्स, कटर व्हील और अन्य मशीनरी सामान बरामद किया गया.

    विस्तार से जानिए क्या-क्या मिला?

        लोहा पाइप हॉफ इंच – 584 नग
        लोहा पाइप 1 इंच – 588 नग
        लोहा पाइप डेढ़ इंच – 70 नग
        लोहा पाइप 02 इंच – 30 नग
        लोहा पाइप (छोटा) डेढ़ इंच – 11 नग
        लोहा पाइप ढाई इंच – 03 नग
        एल्युमिनियम हॉफ इंच – 140 नग
        एल्युमिनियम 2 इंच – 32 नग (प्रत्येक वज़न 8 किलोग्राम)
        एल्युमिनियम 3 इंच – 30 नग (प्रत्येक वज़न 22.5 किलोग्राम)
        बीजीएल सेल – 61 नग
        बीजीएल सेल (छोटा) – 21 नग
        तीर-धनुष बीजीएल – 46 नग
        एसएलआर की खाली मैगजीन – 14 नग
        पिस्टल की खाली मैगजीन – 01 नग
        टुलू मोटर – 01 नग
        केरोसिन ब्रश ब्लू पम्प – 05 नग
        कटर व्हील – 310 नग
        स्क्रू (छोटा) – 04 पैकेट
        स्क्रू (बड़ा) – 01 पैकेट
        लाइट 3-पिन – 06 नग
        लाइट सिंगल बटन – 10 नग
        वेल्डिंग इलेक्ट्रोड होल्डर – 01 नग
        वर्गों कंपनी का इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पैक्ट स्केल – 01 नग
        मोटर सायकल स्पोक – 44 नग
        रेतमल – 05 नग
        ग्राइंडर मशीन – 02 नग
        ग्राइंडर टूल बॉक्स – 01 नग
        स्टॉक पिन – 40 नग
        स्टॉक वाइसर – 11 पैकेट
        ग्रेडिंग व्हील – 05 नग
        मोटर पट्टा (रबर बेल्ट) – 05 नग
        अन्य हथियार निर्माण एवं मशीनरी से संबंधित सामग्री

    बड़ी साजिश नाकाम

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बीजीएल और यूबीजीएल सेल की बड़ी संख्या यह दर्शाती है कि नक्सली किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे थे. समय रहते इस डंप का पता लगने से एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया गया. पूरे अभियान में न तो किसी नागरिक को नुकसान पहुंचा और न ही सुरक्षा बलों को कोई क्षति हुई.

        नक्सलवाद के खिलाफ हमारा अभियान लगातार जारी है. सुरक्षा बलों की मुस्तैदी से क्षेत्र में शांति और विकास का रास्ता खुलेगा और तय समय सीमा में नक्सलमुक्त बस्तर का लक्ष्य पूरा किया जाएगा.- पुलिस अधीक्षक, रॉबिनसन गुड़िया

    ग्रामीणों का भरोसा बढ़ा

    हाल ही में कुरुसकोड़ो क्षेत्र में नारायणपुर पुलिस और बीएसएफ के सहयोग से नया सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किया गया है. लगातार कैंप स्थापना, सड़क निर्माण और विकास कार्यों के कारण स्थानीय ग्रामीणों का भरोसा पुलिस पर बढ़ा है. 

  • T20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम में बड़ा फेरबदल, ‘चोटिल’ हर्षित राणा OUT, मोहम्मद सिराज की एंट्री

    T20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम में बड़ा फेरबदल, ‘चोटिल’ हर्षित राणा OUT, मोहम्मद सिराज की एंट्री

     नई दिल्ली

    आईसीसी पुरुष 20 वर्ल्ड कप की शुरुआत से पहले ही भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है. तेज गेंदबाज हर्षित राणा आगामी टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं. हर्षित गेंद के साथ-साथ बल्ले से भी उपयोगी योगदान देने में सक्षम हैं. ऐसे में उनका बाहर होना भारतीय टीम के लिए अच्छी खबर नहीं है.

    भारतीय टीम मैनेजमेंट को गुरुवार (5 अक्तूबर) शाम ही हर्षित की चोट की जानकारी मिल गई थी. भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि हर्षित को आधिकारिक तौर पर बाहर नहीं किया गया है, लेकिन अब सूत्रों ने पुष्टि की है कि वह टूर्नामेंट में खेलने के लिए फिट नहीं हो सके.

    रिपोर्ट के मुताबिक हर्षित राणा की जगह दाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को टीम में शामिल किया गया है. इसकी औपचारिक घोषणा जल्द होगी.' हर्षित राणा को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वॉर्मअप मैच के दौरान चोट लगी थी. वह रनअप पूरा नहीं कर पा रहे थे और एक ही ओवर में दो बार ऐसा देखने को मिला. इसके बाद उन्हें घुटने में दर्द महसूस हुआ और वह लड़खड़ाते हुए मैदान से बाहर चले गए थे. उन्होंने मैच में सिर्फ एक ओवर डाला, जिसमें 16 रन दिए थे.

    हर्षित की कमी खलेगी: सूर्यकुमार
    संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के खिलाफ पहले मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूर्यकुमार यादव ने कहा था, 'फिजियो उनकी जांच कर रहे हैं, लेकिन उनकी स्थिति अच्छी नहीं लग रही. टीम कॉम्बिनेशन के हिसाब से यह बड़ा नुकसान है. अगर वह नहीं खेलते हैं तो हमें उनकी कमी जरूर खलेगी, लेकिन हमारे पास विकल्प मौजूद हैं और हम सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज को चुनेंगे.'

    मोहम्मद सिराज को शुरुआती स्क्वॉड में नहीं शामिल किया गया था, लेकिन हर्षित राणा के चोटिल होने के चलते उनकी किस्मत बदल गई है. 31 साल के सिराज ने भारतीय टीम के लिए 16 टी20 इंटरनेशनल में 32.28 की औसत से 14 विकेट झटके हैं. टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम को ग्रुप-ए में संयुक्त राज्य अमेरिका, पाकिस्तान, नीदरलैंड्स और नामीबिया के साथ रखा गया है.

    टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारत की अपडेटेड टीम: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अक्षर पटेल (उप-कप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, संजू सैमसन (विकेटकीपर), कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, वॉशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, रिंकू सिंह, मोहम्मद सिराज और ईशान किशन (विकेटकीपर).

    भारत के ग्रुप मैचों का शेड्यूल
    07 फरवरी. 7:00 PM. भारत vs USA. मुंबई
    12 फरवरी. 7:00 PM. भारत vs नामीबिया. दिल्ली
    15 फरवरी. 7:00 PM. भारत vs पाकिस्तान. प्रेमदासा, कोलंबो
    18 फरवरी. 7:00 PM. भारत vs नीदरलैंड्स. अहमदाबाद

  • जॉश हेजलवुड को ऑस्ट्रेलियाई टीम को लगा बड़ा झटका, टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हुआ धुरंधर गेंदबाज

    जॉश हेजलवुड को ऑस्ट्रेलियाई टीम को लगा बड़ा झटका, टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हुआ धुरंधर गेंदबाज

    मेलबर्न

    आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से हो रही है और इसका खिताबी मुकाबला 8 मार्च को खेला जाना है. टी20 वर्ल्ड कप से पहले ऑस्ट्रेलिया को एक और झटका लगा है. अनुभवी तेज गेंदबाज जॉश हेजलवुड चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं, जिससे टीम की गेंदबाजी और कमजोर हो गई है.

    12 नवंबर को शेफील्ड शील्ड के दौरान हुई हैमस्ट्रिंग इंजरी के बाद से हेजलवुड कोई मैच नहीं खेल सके हैं. इसके बावजूद उन्हें वर्ल्ड कप स्क्वॉड में शामिल किया गया था. ऑस्ट्रेलियाई टीम जब श्रीलंका पहुंची, तब भी वह सिडनी में ही रहकर फिटनेस पर काम कर रहे थे. हालांकि, आयरलैंड के खिलाफ शुरुआती मैच से सिर्फ पांच दिन पहले राष्ट्रीय चयनकर्ता टोनी डोडेमाइड ने साफ कर दिया कि हेजलवुड की वापसी अभी दूर है और उनकी फिटनेस प्रक्रिया तेज करना जोखिम भरा होगा.

    उन्होंने कहा, 'हमें उम्मीद थी कि जोश सुपर-8 स्टेज के लिए फिट हो जाएंगे, लेकिन अब संकेत हैं कि उन्हें अभी और समय लगेगा. हम तुरंत कोई रिप्लेसमेंट घोषित नहीं करेंगे और जरूरत के अनुसार बाद में फैसला लेंगे.' हेजलवुड के बाहर होने से पहले ही कप्तान मिचेल मार्श की टीम को बड़ा झटका लग चुका था क्योंकि पैट कमिंस चोटिल हैं. वहीं मिचेल स्टार्क पिछले साल टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं. इस तरह 2011 के बाद पहली बार ऐसा होगा जब ऑस्ट्रेलिया के 'बिग थ्री' तेज गेंदबाजों में से कोई भी वर्ल्ड कप में नहीं खेलेगा.

    ये 2 तेज गेंदबाज ही पूरी तरह फिट
    फिलहाल टीम के पास जेवियर बार्टलेट और बेन ड्वारशुइस के रूप में पूरी तरह फिट दो मुख्य तेज गेंदबाज हैं. ट्रैवलिंग रिजर्व सीन एबॉट को बाद में टीम में शामिल किया जा सकता है. नाथन एलिस भी चोट से वापसी कर रहे हैं, लेकिन 11 फरवरी को होने वाले ऑस्ट्रेलियाा के पहले मैच में उनका खेलना तय नहीं है.

    क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुताबिक टिम डेविड और नाथन एलिस ग्रुप स्टेज के लिए उपलब्ध हो सकते हैं, जबकि स्पिनर एडम जाम्पा आयरलैंड के खिलाफ मैच के लिए फिट घोषित किए गए हैं. श्रीलंका की परिस्थितियों को देखते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम शुरुआती मैचों में स्पिनर्स पर ज्यादा भरोसा जता सकती है.

    टीम के पास एडम जाम्पा, मैथ्यू कुह्नमैन और कूपर कोनोली के रूप में शानदार स्पिन विकल्प मौजूद हैं. इसके अलावा मार्कस स्टोइनिस और कैमरन ग्रीन जैसे सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर टीम को संतुलन देंगे. कप्तान मिचेल मार्श ने कहा कि टीम के पास पर्याप्त गहराई है और खिलाड़ी हालात के अनुसार बेहतर प्रदर्शन करने को तैयार हैं. वर्ल्ड कप से पहले ऑस्ट्रेलिया को पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज में 0-3 से हार झेलनी पड़ी. वहीं नीदरलैंड्स के खिलाफ अभ्यास मैच बारिश के कारण बिना एक भी गेंद फेंके रद्द हो गया.

    टी20 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम: मिचेल मार्श (कप्तान), जेवियर बार्टलेट, कूपर कोनोली, टिम डेविड, बेन ड्वारशुइस, कैमरन ग्रीन, नाथन एलिस, ट्रेविस हेड, जोश इंगलिस, मैथ्यू कुह्नमैन, ग्लेन मैक्सवेल, मैथ्यू रेनशॉ, मार्कस स्टोइनिस, एडम जाम्पा.
    रिजर्व: सीन एबॉट.

  • अमरकंटक में सड़क पर दिखा बाघ, गुजरते शिक्षक ने मोबाइल में कैद किया रोमांचक नज़ारा

    अमरकंटक में सड़क पर दिखा बाघ, गुजरते शिक्षक ने मोबाइल में कैद किया रोमांचक नज़ारा

    गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही

     लगभग सालभर के अंतराल के बाद अमरकंटक ज्वालेश्वर मार्ग पर बाघ की चहल कदमी दिखाई दी है। अमरकंटक से वापस लौट रहे स्थानीय शिक्षक ने बाघ के मूवमेंट को अपने मोबाइल फोन में कैद किया है। वीडियो में बाघ सड़क के बीचों बीच चलता दिखाई दे रहा है। एक सियार भी बाघ के आसपास दिखाई दे रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि सड़क के दोनों ओर नुकीली कांटेदार तार होने के कारण बाघ उसे पार नहीं कर पा रहा है और बार-बार सड़क पर आना-जाना कर रहा है।

    बता दें कि बीते वर्ष कान्हा नेशनल पार्क से भटकर एक बाघिन ने मरवाही वनमंडल के मरवाही के जंगलों और गौरेला रेंज से जुड़े जंगलो में काफी समय बिताया था, जो काफी कौतूहल का विषय बन गया था। इस बाघिन को बड़ी आसानी के साथ उस दौरान देखा जा सकता था, इसी बाघिन ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा के ज्वालेश्वर क्षेत्र में लगभग 15 दिनों तक विचरण करते हुए देखी गई थी, जिसका बाद में रेस्क्यू कर लिया गया था।

    बीती रात 5 फरवरी को शिक्षक योगेश बिसेन परिवार सहित अमरकंटक से वापस लौट रहे थे, इसी दौरान रास्ते मे एक बड़े जानवर बाघ को देख कर टिठक गए। उन्होंने तत्काल अपना फ़ोन निकालकर इस बाघ का वीडियो बना लिया। इस बाघ के आसपास एक सियार भी था। माना जा रहा है कि अचानक मार्ग में बाघों की संख्या बढ़ने के कारण नए इलाके की तलाश में बाघ यहां पहुंच गया होगा।

  • 765 ग्राम वजन और बैंगनी रंग में जन्मी थीं मालती, 12 घंटे अस्पताल में रहीं प्रियंका — निक जोनस का खुलासा

    765 ग्राम वजन और बैंगनी रंग में जन्मी थीं मालती, 12 घंटे अस्पताल में रहीं प्रियंका — निक जोनस का खुलासा

    लॉस एंजिल्स

    सिंगर निक जोनास ने बताया है कि जन्म के बाद उनकी बेटी मालती मैरी चोपड़ा का वजन कम था और वह बहुत नाजुक थीं। जे शेट्टी पॉडकास्ट पर बात करते हुए प्रियंका चोपड़ा के पति निक जोनस ने मालती की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें यह देखकर बहुत खुशी होती है कि अब उन्हें बेटी की खूबसूरती का अनुभव करने का मौका मिल रहा है। अपनी बेटी के बारे में बात करते हुए सिंगर की आंखों में आंसू आ गए। इकना ही नहीं, प्रियंका की बहन परिणीति चोपड़ा ने भी उन्हें बधाई दी थी और उनकी मिसाल भी दी।

    निक जोनस ने मालती मैरी के जन्म के बाद अपने और प्रियंका के अनुभवों को शेयर किया। निक ने कहा, 'उसका जन्म बहुत ही कठिन परिस्थितियों में हुआ, जिनके बारे में मैंने पहले कभी बात नहीं की। हम उसके अप्रैल में आने की उम्मीद कर रहे थे, जिस साल वह पैदा हुई थी। फिर हमें फोन आया कि वह जल्दी आ जाएगी… हम अस्पताल पहुंचे और जब वह बाहर आई तो उसका वजन 1 पाउंड 11 औंस (765 ग्राम)था और उसका रंग लगभग बैंगनी था।' उन्होंने आगे बताया कि एनआईसीयू में नर्सों ने उसे कैसे पुनर्जीवित किया और उसकी देखभाल की।

    प्रियंका और निक करते थे 12 घंटे की शिफ्ट
    निक ने बताया कि मालती को घर लाने तक वह और प्रियंका हर दिन अस्पताल में 12-12 घंटे की शिफ्ट करते थे। निक ने कहा, यह कोविड-19 का दौर था, इसलिए मेरी पत्नी और मैंने साढ़े तीन महीने तक अस्पताल में 12-12 घंटे की शिफ्ट की। मुझे अभी भी उसकी गंध याद है। कुछ चीजें हमेशा दिल दहला देने वाली होती हैं। हर दिन वहां रहना और दूसरे परिवारों को ऐसी ही स्थिति से गुजरते देखना सुकून देने वाला और डरावना दोनों था। मालती ने साढ़े तीन महीने तक हर दिन संघर्ष किया और धीरे-धीरे उसका वजन बढ़ने लगा। छह बार खून चढ़ाने के बाद उसकी हालत में काफी सुधार हुआ। साढ़े तीन महीने बाद हम उसे घर ले आए।'

  • बारात से लौट रही कार गड्ढे में गिरी, 2 की मौत और दो की हालत गंभीर

    बारात से लौट रही कार गड्ढे में गिरी, 2 की मौत और दो की हालत गंभीर

    कोरबा.

    छत्तीसगढ़ के कोरबा-चांपा भारतमाला मुख्य मार्ग पर बीती रात एक रूह कंपा देने वाला भीषण सड़क हादसा हुआ है, जिसमें बिलासपुर के मस्तूरी क्षेत्र से कोरबा आ रही एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे जा गिरी. दर्दनाक दुर्घटना में कार के परखच्चे उड़ गए और वाहन में सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर घायल हुए हैं.

    जानकारी के अनुसार, मृतकों के नाम राहुल राय और विराट अग्रवाल बताए जा रहे हैं. कार क्रमांक सीजी 10 पी एफ 9922 पर सवार ये सभी लोग एक बारात में शामिल होने के लिए जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही खुशियां मातम में बदल गईं. घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को क्षतिग्रस्त वाहन से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया.

    घायलों की नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर कर दिया गया है. उरगा थाना पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और मृतकों के परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है. प्रथम दृष्टया हादसे का मुख्य कारण वाहन की अत्यधिक रफ्तार को माना जा रहा है, जिससे चालक ने नियंत्रण खो दिया और गाड़ी पलट गई.