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  • 9 साल बाद इजरायल दौरे पर PM मोदी, नेतन्याहू ने कहा—भारत आज ‘ग्लोबल पावर’

    9 साल बाद इजरायल दौरे पर PM मोदी, नेतन्याहू ने कहा—भारत आज ‘ग्लोबल पावर’

    नई दिल्ली
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह इजरायल के दौरे पर जाएंगे। प्रधानमंत्री का यह दौरा कई मायनों में खास होगा। यह दौरा सुरक्षा, काउंटर-टेररिज़्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई टेक्नोलॉजी में आपसी रिश्तों को मजबूत करने की कोशिशों के बीच हो रहा है। यह इसीलिए भी खास है क्योंकि PM मोदी 2017 के बाद, यानी 9 सालों में पहली बार इजरायल जा रहे हैं। इससे पहले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत और इजरायल के संबंधों पर चर्चा करते हुए इसे बेहद अहम बताया है।

    हालांकि भारत ने इस दौरे की आधिकारिक घोषणा नहीं है, लेकिन इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के न्योते के बाद पीएम मोदी आगामी 24-25 फरवरी को इजरायल की यात्रा पर रवाना हो सकते हैं। दौरे से पहले नेतन्याहू ने भी इसके संकेत दिए हैं।

    हाल ही में मेजर अमेरिकन ज्यूइश ऑर्गेनाइजेशन के प्रेसिडेंट के कॉन्फ्रेंस में अपने भाषण में, नेतन्याहू ने देशों के बीच मजबूत रिश्तों पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "संसद में भाषण होने वाला है। अगले हफ्ते यहां कौन आ रहा है? नरेंद्र मोदी।" उन्होंने आगे कहा, “इजरायल और भारत के बीच बहुत अच्छे संबंध है, और हम हर तरह के सहयोग पर बात करेंगे।”

    उन्होंने आगे भारत को एक पावरफुल देश बताया। नेतन्याहू ने कहा, “जैसा की आप जानते हैं, भारत कोई छोटा देश नहीं है। यहां 1.4 बिलियन लोग रहते हैं। भारत बहुत पावरफुल है, बहुत पॉपुलर है।… मैं चाहता हूं कि आप सभी इसे जानें।" उन्होंने भारत में इजरायल की प्रसिद्धि की भी बात कही।

    किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
    पीएम मोदी के दौरे पर उनके और नेतन्याहू के बीच बातचीत रक्षा सहयोग के साथ-साथ काउंटर-टेररिज़्म की कोशिशों को तेज करने पर केंद्रित रहने की उम्मीद है। दोनों नेताओं ने हाल के दिनों में आतंकवाद पर कड़ा प्रहार करने की बात कही है। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, क्वांटम रिसर्च और एडवांस्ड एग्रीकल्चर जैसे उभरते हुए क्षेत्रों के भी समझौतों की उम्मीद है।

     

  • बैंक का डिप्टी मैनेजर बना मास्टरमाइंड, लॉकर से 3.5 करोड़ का सोना उड़ाया, सट्टे में हार गया सब

    बैंक का डिप्टी मैनेजर बना मास्टरमाइंड, लॉकर से 3.5 करोड़ का सोना उड़ाया, सट्टे में हार गया सब

    बेंगलुरु
    कर्नाटक के बेंगलुरु में इंडियन बैंक के एक डिप्टी मैनेजर पर ग्राहकों के सोने के आभूषणों की हेराफेरी करने और उन्हें बिना अनुमति के गिरवी रखने का आरोप है। जब्त किए गए सोने का कुल वजन लगभग 2,780 ग्राम है, जिसकी अनुमानित कीमत 3.5 करोड़ रुपये से अधिक है।
     
    बैंक लॉकर में सोना रखना अब भी सुरक्षित है या नहीं? यह सवाल बेंगलुरु के एक चौंकाने वाले मामले ने सबके मन में उठा दिया है। जहां लोग बैंक को सबसे भरोसेमंद जगह मानते हैं, वहां ही बैंक का उप प्रबंधक (डिप्टी मैनेजर) ग्राहकों के सोने का सेंधमार निकला। रिपोर्ट के अनुसार डिप्टी मैनेजर ने कथित तौर पर 15 ग्राहकों के लॉकर से करीब 2.78 किलो (2,780 ग्राम) सोने के आभूषण चुराए, उन्हें बिना अनुमति गिरवी रखा और मिली रकम ऑनलाइन सट्टेबाजी में उड़ा दी।

    पुलिस के अनुसार, कर्नाटक के बेंगलुरु में इंडियन बैंक के एक उप प्रबंधक (डिप्टी मैनेजर) पर ग्राहकों के सोने के आभूषणों की हेराफेरी करने और उन्हें बिना अनुमति के गिरवी रखने का आरोप है। जब्त किए गए सोने का कुल वजन लगभग 2,780 ग्राम है, जिसकी अनुमानित कीमत 3.5 करोड़ रुपये से अधिक है।

    खबर के मुताबिक, बैंक के मुख्य प्रबंधक ने 5 फरवरी को बेंगलुरु के गिरिनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद यह धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। पुलिस ने जांच में पाया कि आरोपी ने उच्च अधिकारियों को बताए बिना बैंक लॉकरों से ग्राहकों के 2,780 ग्राम सोने के आभूषण निकाल लिए और उन्हें एक फाइनेंस कंपनी के पास गिरवी रख दिया।

    जांच के दौरान प्रारंभिक सबूत मिले हैं कि इस तरीके से प्राप्त पैसे को आरोपी ने ऑनलाइन सट्टेबाजी (ऑनलाइन बेटिंग/जुआ) पर खर्च कर दिया था। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) लोकेश बी जगलासर ने बताया कि आरोपी उप प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया गया है। हम बाकी सोना बरामद करने की कोशिश कर रहे हैं। अब तक करीब 700 ग्राम सोना बरामद हो चुका है।

    उन्होंने आगे बताया कि फाइनेंस कंपनी से जरूरी सहयोग नहीं मिल रहा है, इसलिए हम अदालत का रुख करेंगे और उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई शुरू करेंगे। फिलहाल मामले की जांच अभी जारी है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

     

  • फिडे फ्रीस्टाइल वर्ल्ड चैंपियनशिप : मैग्नस कार्लसन बने पहले आधिकारिक चैंपियन

    फिडे फ्रीस्टाइल वर्ल्ड चैंपियनशिप : मैग्नस कार्लसन बने पहले आधिकारिक चैंपियन

    जर्मनी
    नॉर्वे के विश्व नंबर एक शतरंज खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम करते हुए पहले आधिकारिक फिडे फ्रीस्टाइल विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने फाइनल में अमेरिका के फैबियानो कारुआना को 2.5–1.5 से हराकर खिताब जीता।

    वाइसेनहाउस में खेले गए चार गेम के फाइनल मुकाबले में कार्लसन ने चौथा और अंतिम गेम ड्रॉ खेलकर खिताब पक्का किया। 35 वर्षीय कार्लसन को निर्णायक मुकाबले में सिर्फ ड्रॉ की जरूरत थी और उन्होंने बराबरी के एंडगेम में यह परिणाम हासिल कर लिया। 33 वर्षीय कारुआना वापसी के कुछ अवसरों को भुना नहीं सके।

    रविवार को खेले गए तीसरे गेम ने मैच की दिशा बदल दी। कार्लसन ने लगभग हारी हुई स्थिति से शानदार जीत दर्ज कर मुकाबले का रुख अपने पक्ष में कर लिया। यही जीत अंततः निर्णायक साबित हुई। इस खिताब के साथ कार्लसन अब विभिन्न प्रारूपों में कुल 21 विश्व खिताब अपने नाम कर चुके हैं।

    यह विश्व चैंपियनशिप फिडे और निजी आयोजक फ्रीस्टाइल चेस के बीच सहयोग का परिणाम थी। यह इस प्रारूप में पहला आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त खिताब रहा। इससे पहले कार्लसन फिडे फिशर रैंडम विश्व चैंपियनशिप नहीं जीत पाए थे, इसलिए यह जीत उनके लिए खास मानी जा रही है।

    कांस्य पदक मुकाबले में उज़्बेकिस्तान के नोडिरबेक अब्दुसत्तोरोव ने जर्मनी के विंसेंट कीमर को हराया। अंतिम गेम ड्रॉ रहने के बावजूद अब्दुसत्तोरोव ने जीत सुनिश्चित की। कार्लसन, कारुआना और अब्दुसत्तोरोव ने अगले वर्ष होने वाली चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है।

    पांचवें स्थान के लिए खेले गए मुकाबले में अमेरिका के हांस नीमन ने भारत के अर्जुन एरिगैसी को 2-0 से हराया। वहीं सातवें स्थान के लिए आर्मेनिया के लेवोन अरोनियन ने उज़्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव को आर्मगेडन गेम में मात दी।

    महिला प्रदर्शनी मुकाबले में कजाखस्तान की बिबिसारा अस्साउबायेवा ने स्विट्ज़रलैंड की अलेक्ज़ांद्रा कोस्टेनियुक को हराया। अंतिम मुकाबला ड्रॉ रहने के बाद भी अस्साउबायेवा विजेता रहीं।

     

  • IND vs PAK में ईशान किशन का धमाका, T20 वर्ल्ड कप में रचा नया इतिहास

    IND vs PAK में ईशान किशन का धमाका, T20 वर्ल्ड कप में रचा नया इतिहास

    नई दिल्ली
    पाक के खिलाफ ईशान किशन ने 40 गेंदों का सामना करते हुए ताबड़तोड़ 77 रन बनाए। अपनी इस शानदार पारी के साथ अब ईशान किशन टी-20 विश्व कप के भारत बनाम पाकिस्तान मैचों में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले चौथे बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने विराट कोहली और मोहम्मद रिजवान के खास ग्रुप में एंट्री कर ली है।

    रविवार 15 फरवरी को श्रीलंका के कोलंबो शहर के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए भारत बनाम पाकिस्तान मैच में ईशान किशन ने शानदार बल्लेबाजी की है। बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज ने 40 गेंदों का सामना करते हुए ताबड़तोड़ 77 रन बनाए। अपनी इस शानदार पारी के साथ अब ईशान किशन टी-20 विश्व कप के भारत बनाम पाकिस्तान मैचों में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले चौथे बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने विराट कोहली और मोहम्मद रिजवान के खास ग्रुप में एंट्री कर ली है।

    टी-20 विश्व कप के इतिहास सें भारत बनाम पाकिस्तान मैच में सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम है। उन्होंने टी-20 विश्व कप 2022 में मेलबर्न के ऐतिहासिक क्रिकेट ग्राउंड में पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 82 रनों की पारी खेली थी और भारत को हारा हुआ मैच जिता दिया था। इस सूची में दूसरे नंबर पर पाकिस्तान के मोहम्मद रिजवान हैं, जिन्होंने 2021 के टी-20 विश्व कप में भारत के खिलाफ नाबाद 79 रन की पारी खेली थी और बाबर आजम के साथ मिलकर भारत को एकतरफा हरा दिया था। इस सूची में एक बार फिर विराट कोहली का नाम है। उन्होंने साल 2012 के टी-20 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 78 रन बनाए थे।

    विराट कोहली और मोहम्मद रिजवान की सूची में अब भारतीय सलामी बल्लेबाज ईशान किशन का नाम जुड़ गया है। वे भारत बनाम पाकिस्तान मैचों में सर्वाधिक रन बनाने वाले चौथे बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने रविवार को खेले गए मुकाबले में 40 गेंदों में 77 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। इस सूची में पांचवें नंबर पर भारत के वर्तमान कोच और पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर का नाम है। उन्होंने साल 2007 के वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ 75 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी।

    टी-20 विश्व कप में भारत पाकिस्तान मैच में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में टॉप-10 में बाबर आजम का नाम 6वें नंबर पर है। उन्होंने भारत के खिलाफ साल 2022 में नाबाद 68 रनों का पारी खेली थी। इस सूची में 7वें और 8वें नंबर पर फिर से विराट कोहली हैं, जिन्होंने क्रमश: 2021 और 2016 विश्व कप में 57 और 55 रन बनाए थे। इस लिस्ट में मिसबा-उल-हक, शान मसूद, इफ्तिकार अहम और रॉबिन उथ्थपा के नाम भी शामिल हैं, जिन्होंने क्रमश: 53, 52, 51 और 50 रनों की पारी खेली थी।

    टी20 विश्व कप में INDvsPAK में सर्वोच्च स्कोर:
    82* – विराट कोहली, 2022
    79* – मोहम्मद रिजवान, 2021
    78* – विराट कोहली, 2012
    ईशान किशन 77, 2026
    75 – गौतम गंभीर, 2007
    68* – बाबर आजम, 2022
    57 – विराट कोहली, 2021
    55* – विराट कोहली, 2016
    53 – मिस्बाह-उल-हक, 2007
    52* – शान मसूद 2022
    51 – इफ्तिखार अहमद, 2022
    50 – रॉबिन उथप्पा, 2007

     

  • यूपी अब ‘फियर जोन’ नहीं, ‘फेथ जोन’: सीएम योगी का विधान परिषद में बड़ा बयान

    यूपी अब ‘फियर जोन’ नहीं, ‘फेथ जोन’: सीएम योगी का विधान परिषद में बड़ा बयान

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि प्रदेश 'फियर जोन' से 'फेथ जोन' में परिवर्तित हो चुका है। उन्होंने कहा, “न कर्फ्यू है, न दंगा है, बल्कि यूपी में सब चंगा है।” सीएम योगी ने सदन में राज्यपाल के प्रति कथित अभद्र व्यवहार को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध बताते हुए कहा कि संवैधानिक प्रमुख का सम्मान करना हम सबका दायित्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का आचरण उसकी नकारात्मक सोच को दर्शाता है।

     उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश ने अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन, कर्फ्यू से कानून के राज, उपद्रव से उत्सव और अविश्वास से आत्मविश्वास तक की यात्रा तय की है। डबल इंजन सरकार की स्पष्ट नीति, साफ नीयत और निर्णायक नेतृत्व ने शासन-प्रशासन की दिशा बदली है। उन्होंने दावा किया कि 2017 के बाद प्रदेश में कोई साम्प्रदायिक दंगा नहीं हुआ। पहले 'वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया' जैसी स्थिति थी, गुंडा टैक्स और अवैध वसूली आम बात थी, जबकि अब जीरो टॉलरेंस नीति लागू है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज 'टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन' के मॉडल के रूप में उभर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि देश इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और एआई के क्षेत्र में नई दिशा तय कर रहा है और उत्तर प्रदेश भी उसी सोच के अनुरूप आगे बढ़ रहा है।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश अब रेवेन्यू सरप्लस राज्य बनने की ओर अग्रसर है और निवेश, नवाचार व पारदर्शिता का केंद्र बन रहा है। सीएम योगी ने कहा, “विरासत से युक्त विकास ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने राजनीतिक स्वार्थ में राष्ट्र प्रतीकों और आस्था स्थलों का अपमान किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, काशी में काशी विश्वनाथ धाम का विकास और प्रदेश के प्रमुख तीर्थस्थलों का कायाकल्प नई पहचान का प्रतीक है। धर्मस्थल केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्रचेतना के केंद्र भी हैं।

    मुख्यमंत्री ने महाराजा सुहेलदेव के स्मारक और विश्वविद्यालय, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा स्थापना सहित सांस्कृतिक विरासत से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने प्रयागराज में महाकुंभ और माघ मेले का जिक्र करते हुए कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भागीदारी सुशासन और सुरक्षा पर बढ़े विश्वास का प्रमाण है। जो प्रदेश पहले दंगों के लिए जाना जाता था, वह आज दीपोत्सव, देव दीपावली और रंगोत्सव के लिए पहचाना जा रहा है।

    सीएम ने बताया कि पिछले वर्षों में 2.19 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई, जिनमें 20 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए। महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 10 हजार से बढ़कर 44 हजार से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि सात पुलिस कमिश्नरेट, साइबर थाने, फॉरेंसिक लैब और आधुनिक पुलिसिंग मॉडल से कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है। प्रदेश में 12 अत्याधुनिक फॉरेंसिक लैब संचालित हैं और सभी 75 जिलों में फॉरेंसिक वैन की व्यवस्था की गई है। पीएसी की 34 कंपनियों को पुनर्जीवित करने और तीन महिला बटालियन- वीरांगना झलकारी बाई, अवंती बाई और ऊदा देवी- के गठन का भी उन्होंने उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब भय, अराजकता और अविश्वास की पहचान से निकलकर विकास, निवेश, आस्था और आत्मविश्वास के नए युग में प्रवेश कर चुका है।

  • रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बन गया है उत्तर प्रदेश: योगी

    रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बन गया है उत्तर प्रदेश: योगी

    राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सीएम योगी ने प्रस्तुत की प्रदेश की तेज आर्थिक प्रगति की तस्वीर

    सीएम योगी बोले, जनता जनार्द़न पर कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं, चोरी को रोका गया

    लखनऊ

    विधान परिषद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान प्रदेश की तेज आर्थिक प्रगति की तस्वीर प्रस्तुत की। उन्होंने राजस्व अनुशासन, किसानों की आय वृद्धि और कृषि क्षेत्र में तकनीकी बदलावों को सरकार की प्रमुख उपलब्धि बताया। कहा कि बिना अतिरिक्त कर लगाए टैक्स चोरी पर अंकुश और विकास के संतुलित मॉडल से प्रदेश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में उत्तर प्रदेश की जीएसडीपी मात्र 13 लाख करोड़ रुपये थी। 1947 से लेकर 2017 तक इस यात्रा को तय करने में 70 वर्ष लगे। 2017 के बाद मात्र आठ से साढ़े आठ वर्ष के बीच में डबल इंजन सरकार ने इसमें 23 लाख करोड़ अतिरिक्त जोड़े हैं। सीएम योगी ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था 36 लाख करोड़ की हो चुकी है। जब देश आजाद हुआ था, यूपी का शेयर 14 प्रतिशत था। लगातार घटते-घटते 2016-17 में यह आठ प्रतिशत रह गया। अब लगातार आगे बढ़ते हुए 9.5 प्रतिशत तक पहुंचने में सफलता प्राप्त हुई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पर कैपिटा इनकम को तीन गुना करने में सफलता मिली है। इसके लिए जनता जनार्दन पर कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं लगाया। हमने टैक्स चोरी को जरूर रोका है। रेवेन्यू लीकेज पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया। आज प्रदेश पिछले पांच वर्षों में लगातार रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में अपने आप को स्थापित कर चुका है। जोरदार वित्तीय अनुशासन और विकास दोनों का संतुलन आज उत्तर प्रदेश के अंदर देखने को मिल रहा है। सीएम ने कहाकि बैंकों में पहले उत्तर प्रदेश के अंदर 100 रुपए जमा होते थे जो मात्र 43 रुपये जनता के उपयोग में खर्च होते थे। हमने इसे बढ़ाकर 61-62 रुपये तक पहुंचा दिया है। उत्तर प्रदेश के नौजवानों और व्यापारियों तक इसके उपयोग को पहुंचाने में सफलता प्राप्त की है। यानी सीडी रेशियो 43 से बढ़कर 62 प्रतिशत पहुंचाने में हमने सफलता प्राप्त की है। मुझे इस बात का गर्व है कि उत्तर प्रदेश आज सही दिशा में बेहतरीन ढंग से आगे बढ़ रहा है।

    उत्तर प्रदेश करता है सबसे ज्यादा खाद्यान्न उत्पादन
    सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष के लोग भी गाहे-बगाहे अन्नदाता की चर्चा करते हैं, लेकिन नीयत उनकी साफ नहीं है। उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य भी है। सबसे ज्यादा खाद्यान्न उत्पादन भी करता है लेकिन अन्नदाता किसानों की स्थिति उनके समय में क्या थी। इन्होंने कहां पहुंचा दिया था? भारत आज से 2000 वर्ष पहले दुनिया की अर्थव्यवस्था का सिरमौर था। 44 प्रतिशत वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भारत का अधिकार था। वह भारत का स्वर्ण युग था। आज से 400 वर्ष पहले भी भारत की स्थिति यही थी और ग्लोबल इकॉनामी में भारत का शेयर 24-25 प्रतिशत था।

    किसानों के साथ पिछली सरकारों में औपनिवेशिक मानसिकता का व्यवहार हुआ
    सीएम योगी ने कहा कि औपनिवेशिक काल में यहां शोषण हुआ, लूट हुई, परंपरागत उद्यम समाप्त किए गए। अन्नदाता किसानों को, जो पहले उत्पादक था, उसे उपभोक्ता बनाकर रख दिया गया। कच्चा माल यहां से बाहर जाता था, फिर पक्का माल बनकर आता था और उस पर भारी टैक्स लगाकर महंगा बेचा जाता था। आज हम कह सकते हैं कि पिछली सरकारों में भी औपनिवेशिक मानसिकता के साथ अन्नदाता किसानों, एमएसएमई सेक्टर और परंपरागत उद्यम से जुड़े कारीगरों के साथ यही व्यवहार हुआ।

    किसानों के श्रम और कारीगरों की सृजनशीलता से यह देश खड़ा हुआ
    आज पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान, कारीगर सभी को मजबूती के साथ आगे बढ़ाया गया है। हम मानते हैं कि किसानों के श्रम और कारीगरों की सृजनशीलता से यह देश खड़ा हुआ है।
    हर गांव हमारे यहां एक आधारभूत इकाई हुआ करता था। ग्राम स्वराज इसकी आधारशिला थी। चाहे पशुपालन हो, कृषि हो, हस्तशिल्प हो हर क्षेत्र में किसान उत्पादक था, कारीगर स्वयं में उद्यमी था और व्यापारी राष्ट्र को जोड़ने का सेतु हुआ करता था।

    डबल इंजन की डबल स्पीड लागत कम, उत्पादन ज्यादा
    2017 के पहले कृषि के बारे में कोई स्पष्ट नीति नहीं थी। अन्नदाता केवल वोट बैंक बन गया था। लागत अधिक, उत्पादन कम था और बिचौलियों का वर्चस्व था। 2017 के बाद डबल इंजन की डबल स्पीड से लागत कम, उत्पादन ज्यादा अन्नदाता को विकास में भागीदार बनाया गया। अन्नदाता से उद्यमी बनने की कहानी आज उत्तर प्रदेश में देखी जा सकती है।

    भूभाग का 11 प्रतिशत यूपी के पास लेकिन 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन
    हमारा संकल्प कृषि को इनकम-बेस्ड और वैल्यू एडिशन मॉडल के साथ किसानों की आय बढ़ाना है। आज उत्तर प्रदेश में कृषि विकास दर 8.5 से बढ़कर साढ़े 18 प्रतिशत तक पहुंची है। एमएसपी पर पारदर्शी खरीद हो रही है और डीबीटी का पैसा सीधे अन्नदाता किसानों के खाते में जा रहा है।
    इसी का परिणाम है कि देश के कुल कृषि भूभाग का 11 प्रतिशत यूपी के पास है, लेकिन 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन कर रहा है। अन्नदाता को खेत से बाजार तक ग्लोबल मार्केट उपलब्ध है।

    किसानों को खेती संबंधी तकनीकी जानकारी सरल भाषा में
    सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में भी उत्तर प्रदेश के किसानों को 95 हजार करोड़ रुपये की धनराशि उनके खाते में हस्तांतरित हुई है।
    आज अन्नदाता किसानों को उन्नत बीज, प्राकृतिक खेती, ड्रोन और जलवायु संबंधी तकनीकी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाई जा रही है। कृषि वैज्ञानिकों, स्टार्टअप और प्रगतिशील किसानों के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

    कृषि आधारित उद्योगों की गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान
    ड्रोन दीदी, एफपीओ, एग्री स्टार्टअप और फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से फसलों का मूल्यवर्धन हो रहा है। यूपी एग्रीकल्चर ग्रोथ एंड एंटरप्राइज इकोसिस्टम” परियोजना के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाने, संसाधनों के बेहतर उपयोग और कृषि आधारित उद्योगों की गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    पहले धड़ल्ले से चलते थे स्लॉटर हाउस
    2017 के पहले प्रदेश में स्लॉटर हाउस धड़ल्ले से चलते थे। व्यापक तस्करी होती थी और आस्था के साथ खिलवाड़ होता था।
    जीरो टॉलरेंस नीति के तहत गोहत्या को लेकर कठोर कानून बनाए गए और गोतस्करी पर रोक लगी। आज 7,727 गो आश्रय स्थल प्रदेश में संचालित हैं जिनमें 16 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। प्राकृतिक खेती को भी इसके माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है। आज उत्तर प्रदेश दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य है और मत्स्य उत्पादन में भी दोगुनी से अधिक वृद्धि हुई है।

    गन्ना किसानों रिकॉर्ड भुगतान
    सीएम योगी ने कहा कि गन्ना किसानों की चर्चा अक्सर सदन में होती है। आज देश के कुल गन्ना उत्पादन का 55 प्रतिशत प्रदेश का किसान करता है। सन 2000 से 2017 के बीच ₹2,14,000 करोड़ का भुगतान हुआ था, जबकि पिछले साढ़े आठ वर्षों में ₹3,06,000 करोड़ का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया है। यानी आधे समय में ₹90,000 करोड़ अधिक भुगतान।

    शुगर-एथेनॉल सेक्टर को एश्योर्ड कैश फ्लो सेक्टर बनाया
    प्रदेश में 122 चीनी मिलें संचालित हैं और गन्ने का मूल्य ₹400 प्रति कुंतल तक किया गया है। वहीं, एथेनॉल उत्पादन 41 करोड़ लीटर से बढ़कर 182 करोड़ लीटर तक पहुंच गया है। एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल कार्यक्रम के अंतर्गत शुगर-एथेनॉल सेक्टर को एश्योर्ड कैश फ्लो सेक्टर बनाया गया है।
    प्रदेश में कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर को भी काफी मजबूती दी गई है। वर्तमान में 89 कृषि विज्ञान केंद्र कार्यरत हैं और कुछ स्थानों पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए गए हैं।
    कृषि मंडी और ग्रामीण सड़क नेटवर्क का विस्तार हुआ है। एक्सप्रेसवे और लॉजिस्टिक पार्क से किसानों की उपज को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना आसान हुआ है।

    31 बड़ी परियोजनाएं पूरी की गईं
    हर खेत को पानी देने के लिए नहरों, पाइपलाइन और माइक्रो इरिगेशन के माध्यम से 31 बड़ी परियोजनाएं पूरी की गईं हैं। पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत सोलर पंप और किसानों को ट्यूबवेल के लिए मुफ्त बिजली की व्यवस्था की गई है।
    कुशीनगर में महात्मा बुद्ध के नाम पर कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की स्थापना का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। लखनऊ में किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह के नाम पर सीड पार्क की स्थापना की जा रही है। प्रदेश में डिजिटल इकोसिस्टम और कोऑपरेटिव के माध्यम से एग्री इकोसिस्टम को सशक्त किया गया है। केसीसी के माध्यम से ऋण स्वीकृति का समय तीन-चार सप्ताह से घटकर मात्र पांच मिनट हो गया है।

    एआई कृषि प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों को उनकी भाषा में दी जाएगी जानकारी
    सरकार एआई आधारित कृषि प्रणाली पर काम कर रही है। बजट में प्रस्तुत एआई कृषि प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों को उनकी भाषा में जानकारी दी जाएगी।
    प्रदेश में एफपीओ गठित किए गए हैं जो खासतौर पर महिलाओं की सहभागिता के माध्यम से किसानों की आमदनी को बढ़ा रहे हैं। झांसी का बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर हो या आगरा का मिल्क प्रोड्यूसर, प्रदेश में पांच बड़े मिल्क प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं।

  • जय सोमनाथ के लिये संजय लीला भंसाली–केतन मेहता ने मिलाया हाथ

    जय सोमनाथ के लिये संजय लीला भंसाली–केतन मेहता ने मिलाया हाथ

    मुंबई,

     बॉलीवुड फिल्मकार संजय लीला भंसाली ने केतन मेहता के साथ मिलकर भारतीय सभ्यता की एक बेहद महत्वपूर्ण कहानी ‘जय सोमनाथ’ का ऐलान किया है। भारतीय सिनेमा की इन दो सबसे बड़ी क्रिएटिव ताकतों का एक साथ आना वाकई एक्साइटिंग है, जो पर्दे पर एक अनोखा और भव्य नज़ारा पेश करने का वादा करता है।’जय सोमनाथ’ की कहानी हमें 1025–1026 ईस्वी के उस दौर में ले जाएगी, जब गजनी के महमूद ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर पर हमला किया और उसे लूटा था। यह भारतीय इतिहास का एक ऐसा अध्याय है जो विनाश के बाद फिर से खड़े होने की ताकत को दिखाता है।

    इस साल इस हमले और मंदिर के विध्वंस को 1000 साल पूरे हो रहे हैं, और यह फिल्म भारत की कभी न टूटने वाली हिम्मत और हमारी सभ्यता के गौरव का प्रतीक बनेगी। हैरानी की बात है कि इतने गहरे इमोशनल और कल्चरल महत्व वाले इस विषय पर आज तक सिनेमा में कभी काम नहीं हुआ। अब पहली बार यह ऐतिहासिक घटना बड़े पर्दे पर जीवंत होने जा रही है, जो यकीनन हर भारतीय के दिल को छू लेगी।
    ‘जय सोमनाथ’ को जो बात सबसे खास बनाती है, वो है संजय लीला भंसाली और केतन मेहता का साथ आना। जहाँ भंसाली अपनी भव्यता और बड़े पर्दे पर एक जादुई दुनिया रचने के लिए मशहूर हैं, वहीं केतन मेहता अपनी बेबाक कहानियों, ऐतिहासिक विज़न और इंटरनेशनल लेवल की फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। यह फिल्म इतिहास की गहराई और सिनेमा के विशाल स्केल को एक साथ लेकर आएगी, जो दर्शकों को एक जबरदस्त अनुभव देने का वादा करती है।

    क्योंकि ये दोनों ही फिल्ममेकर गुजरात से ताल्लुक रखते हैं, इसलिए उम्मीद है कि वे इस कहानी में असलियत और जज्बातों का वो मेल दिखा पाएंगे जो सीधे लोगों के दिलों को छुएगा।’जय सोमनाथ’ का निर्माण भंसाली प्रोडक्शंस और माया मूवीज (केतन मेहता की प्रोडक्शन कंपनी) के बैनर तले किया जा रहा है। केतन मेहता खुद इस फिल्म के लेखन और निर्देशन की कमान संभाल रहे हैं। फिल्म 2027 में बड़े पर्दे पर दस्तक देगी।

     

  • सूर्यकुमार यादव का सख्त संदेश: स्लेजिंग से दूर रहो, BCCI वीडियो में खुली टीम मीटिंग की पोल

    सूर्यकुमार यादव का सख्त संदेश: स्लेजिंग से दूर रहो, BCCI वीडियो में खुली टीम मीटिंग की पोल

    दुबई
    भारतीय टीम ने रविवार को टी20 विश्व कप मुकाबले में पाकिस्तान को 61 रनों से धूल चटाई। एक बार फिर फैंस को कांटे की टक्कर का मुकाबला देखने को नहीं मिला क्योंकि भारतीय टीम ने एकतरफा इस मुकाबले में अपना दबदबा बनाए रखा था और अंत तक पाकिस्तान पर हावी रहा। मैच के दौरान भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने खिलाड़ियों से कहा था कि किसी से कुछ बोलना नहीं है। टीम हडल में खिलाड़ियों को निर्देश दिया कि पाकिस्तानी बल्लेबाजों से कोई बात या स्लेजिंग न करें, बल्कि सिर्फ अपने खेल पर फोकस करें।

    बीसीसीआई ने सोमवार को सोशल मीडिया पर भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मैच के दौरान का एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें कप्तान सूर्यकुमार यादव टीम हडल में खिलाड़ियों को पाकिस्तानी बल्लेबाजों को स्लेजिंग न करने के लिए कह रहे हैं। सूर्यकुमार यादव ने वीडियो में कहा, ''बीच के ओवरों में दौड़ते रहो। किसी को कुछ भी मत कहो। हमें अच्छा क्रिकेट खेलना है। हम अच्छे स्किल के दम पर ये मैच जीतेंगे।''

    कोलंबो में खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम पूरी तरह से पाकिस्तान पर हावी रही। पाकिस्तान ने टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले ही भारत के खिलाफ मैच को बहिष्कार करने का फैसला किया था। हालांकि आईसीसी और बांग्लादेश से बातचीत के बाद पीसीबी ने यूटर्न लिया और मैच खेलने के तैयार हो गया। हालांकि टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। स्पिनरों से भरी पाकिस्तान की टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए 20 ओवर में 175 रन दिए। वहीं बल्लेबाजों का प्रदर्शन भी खराब रहा। पाकिस्तान के सात बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। पाकिस्तान की टीम पूरे ओवर भी नहीं खेल सकी और 18 ओवर में 114 के स्कोर पर ऑलआउट हो गई।

    पाकिस्तान पर 61 रनों से जीत दर्ज करने के बाद सूर्यकुमार ने कहा, " यह जीत के लिए भारत के लिए है। लेकिन हम इसी तरह की क्रिकेट खेलना चाहते हैं और टॉस के दौरान जैसा कि मैंने कहा था कि हम पहले बल्लेबाजी ही करना चाहते थे। शुरुआत में हमने विकेट गंवा दिया था लेकिन किशन ने बढ़िया बल्लेबाजी की। 155 का स्कोर मुकाबले को करीबी बना सकता था लेकिन 175 पार स्कोर था। तिलक, रिंकू, शिवम सबने बढ़िया बल्लेबाजी की और गेंदबाजी में सभी ने अच्छा प्रदर्शन किया। "

     

  • कांग्रेस मुक्त हुई विधान परिषद, सपा ऐसा कार्य न करे कि विधानभवन मुक्त होना पड़ेः मुख्यमंत्री

    कांग्रेस मुक्त हुई विधान परिषद, सपा ऐसा कार्य न करे कि विधानभवन मुक्त होना पड़ेः मुख्यमंत्री

     

    बोले- समाज को लड़ाने के साथ ही संवैधानिक मूल्य पर भी प्रहार करने से नहीं चूक रहे सपाई, एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े लोगों के साथ मारपीट कर रहे सपा कार्यकर्ता

    लखनऊ,

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधान परिषद में कांग्रेस व समाजवादी पार्टी के नेताओं को खूब धोया। सीएम ने विधान परिषद की मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी के सदस्यों से कहा कि कांग्रेस से सबक ले लीजिए। कांग्रेस विधान परिषद विहीन हो गई है। यदि सपा को भी विधानसभा व परिषद विहीन होना है तो अनर्गल प्रलाप और महापुरुषों का अपमान करे। अन्यथा ऐसा आचरण न करें, जो समाज में विद्वेष की स्थिति पैदा करता है। सीएम ने विपक्षी दलों के सदस्यों से अनुरोध किया कि यूपी की नई पहचान को संकट में मत डालिए। प्रदेश के विकास की यात्रा के साथ बढ़ने के लिए जिम्मेदार विपक्ष के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन करेंगे तो प्रदेश की जनता आपको सम्मानित करेगी।

    रामराज्य की आधारभूमि के रूप में नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा उत्तर प्रदेश
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश को सभी सेक्टर में अच्छी सफलता प्राप्त हुई है। प्रदेश और देश में जब टीमवर्क से काम होता है, तब परिणाम आता है। आज हर तबके (गांव, गरीब, युवा, महिला, किसान, हस्तशिल्पी) के मन में विश्वास है और यह विश्वास हर सेक्टर में दिख रहा है। आज यूपी में कानून का राज, अपराधी भयभीत, गरीब को सम्मान, किसान खुशहाल, महिलाओं को सुरक्षा की गारंटी, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर, हर गांव में बिजली और हर हृदय में गर्व है। यूपी फिर से रामराज्य की आधारभूमि के रूप में नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है।

    सपा ने न कुछ अच्छा किया और न ही अच्छा बोल पाएगी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने जनकल्याण, रोजगार सृजन, निवेश विस्तार के साथ ही सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से सशक्त, सुरक्षित व समृद्ध प्रदेश के रूप में अपनी नई पहचान को बनाया है। हमारा लक्ष्य प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप 2029-30 में यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी के रूप में स्थापित करना है। हमने बजट भी उस दिशा में ही प्रस्तुत किया है।
    सीएम योगी ने कहा कि बजट के बारे में समाजवादी पार्टी अच्छा नहीं बोल पाई, क्योंकि अच्छा करने के लिए उनके पास समय नहीं है। उन्होंने न अच्छा किया और न ही अच्छा बोलेंगे। हमारी सरकार ने डबल इंजन सरकार का लाभ लेते हुए पूरी मजबूती के साथ प्रदेश में प्रधानमंत्री के विजन को बढ़ाया है। सीएम ने कहाकि बहुत सारे सेक्टर हैं, जिसमें यह लोग गुमराह कर रहे हैं।

    समाज को लड़ाने के साथ ही संवैधानिक मूल्य पर भी प्रहार करने से नहीं चूक रहे सपाई
    सीएम ने संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विपक्षी दलों के भाव की निंदा की। बोले कि समाजवादी पार्टी के नेता बयानों से जातीय संघर्षों को बढ़ावा देते हैं। समाज को आपस में लड़ाने, आस्था का अपमान, गुंडागर्दी व अराजकता को बढ़ाने के साथ संवैधानिक मूल्य पर भी प्रहार करने में नहीं चूक रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदेश में एसआईआर की कार्यवाही चल रही है। इसमें सरकारों की कोई भूमिका नहीं होती है। आयोग की गाइडलाइन पर तंत्र उसका अनुपालन करता है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर की कार्यवाही का जिक्र करते हुए सदन में मुख्यमंत्री ने बताया कि 2.88 करोड़ से अधिक लोग अनुपस्थित/मृत या शिफ्टिंग हैं। समाजवादी पार्टी इन्हें जबर्दस्ती वोट बनाकर फर्जी पोलिंग करती थी। सपा चिल्ला रही है कि फॉर्म-7 के नाम पर फर्जी काम हो रहा है। सीएम ने आयोग द्वारा बनाई गई फॉर्म-6, फॉर्म-7 व फॉर्म-8 की व्यवस्था की उपयोगिता बताई।

    एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े लोगों के साथ मारपीट कर रहे सपा कार्यकर्ता
    सीएम ने कहा कि सपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता एसआईआर की प्रक्रिया से जुड़े बीएलओ और अन्य लोगों के साथ दुर्व्यवहार व मारपीट कर रहे हैं, यह शोभा नहीं देता। यह संवैधानिक संस्थाओं की अवहेलना, मजाक, अपमान है। अगर हम संविधान की शपथ लेते हैं तो संवैधानिक संस्थाओं को सम्मान दें। संवैधानिक संस्थाओं की परिभाषा अपने अनुरूप तय करें, य़ह अस्वीकार्य है।

    यूपी में शिक्षा व स्कूलों की स्थिति हुई बेहतर
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के अंदर अब शिक्षा व स्कूलों की स्थिति बेहतर हुई है। बेसिक शिक्षा में ऑपरेशन कायाकल्प, श्रमिकों व निराश्रित बच्चों के लिए विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ अटल आवासीय विद्यालय समेत यूपी ने बहुत सारे मॉडल प्रस्तुत किए हैं। हर जनपद में दो-दो सीएम कंपोजिट विद्यालय स्वीकृत किए गए हैं। हमारा प्रयास है कि इसकी नेटवर्किंग को न्याय पंचायत स्तर तक फैलाकर प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं तक के बच्चों को एक कैंपस में बेहतरीन इंफ्रास्ट्राक्चर के साथ पढ़ने की सुविधा उपलब्ध हो। एडेड-गवर्नमेंट कॉलेज और प्रोजेक्ट अलंकार के तहत माध्यमिक शिक्षा को पर्याप्त मात्रा में धनराशि उपलब्ध कराई है। टाटा टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर 150 आईटीआई और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (एआई, ड्रोन, रोबोटिक) समेत इन सभी में प्रदेश ने कार्य प्रारंभ किया है। राजकीय व निजी क्षेत्र में भी लगभग 75 विश्वविद्यालय कार्य कर रहे हैं, जो यह उच्च शिक्षा के बेहतरीन केंद्र बनकर उभरे हैं।

  • ओडीओपी और ओडीओसी योजनाएं लोकल टू ग्लोबल मॉडल का जीवंत उदाहरण हैं : सीएम योगी आदित्यनाथ

    ओडीओपी और ओडीओसी योजनाएं लोकल टू ग्लोबल मॉडल का जीवंत उदाहरण हैं : सीएम योगी आदित्यनाथ

    लखनऊ,

    राज्यपाल के अभिभाषण पर विधान परिषद में धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों में एमएसएमई, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण थी, जहां एमएसएमई क्षेत्र मृतप्राय सा हो चुका था और निराशा का माहौल था। लेकिन हमारी सरकार ने ओडीओपी और ओडीओसी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के परंपरागत उत्पादों को नई पहचान दी है। वर्तमान में एमएसएमई सेक्टर में प्रदेश के 3 करोड़ से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। स्वास्थ्य और फार्मा क्षेत्र में भी प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। आज उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भरता और विकास के नए अध्याय लिख रहा है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ओडीओपी योजना के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक जनपद के विशिष्ट उत्पादों की ब्रांडिंग, डिजाइन, टेक्नोलॉजी और मार्केटिंग में सुधार किया गया है। प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का सकारात्मक परिणाम यह है कि प्रदेश का निर्यात, जो वर्ष 2017 में मात्र 84 हजार करोड़ रुपये के आसपास था, लगभग दोगुना बढ़कर आज 1.86 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जिसमें ओडीओपी योजना के हस्तशिल्प और परंपरागत उत्पादों का हिस्सा करीब 50 प्रतिशत है। योजना से 3.16 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। वर्तमान में प्रदेश के 77 से अधिक उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है, जो वैश्विक बाजार में उनकी गुणवत्ता की गारंटी देते हैं। प्रदेश में करीब 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स कार्यरत हैं, जो 3 करोड़ से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान कर रही हैं। पीएम विश्वकर्मा योजना और अन्य कार्यक्रमों से हस्तशिल्पियों और कारीगरों को सम्मान और सहायता मिल रही है।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हाल ही में उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर हमारी सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन कार्यक्रम शुरू किया है, जिससे प्रत्येक जनपद के एक विशेष व्यंजन को ब्रांड के रूप में स्थापित किया जाएगा। यह प्रधानमंत्री के लोकल टू ग्लोबल मॉडल का जीवंत उदाहरण है, जो यूपी को नई पहचान देगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले जहां प्रदेश के युवा हताश थे, आज वे आत्मनिर्भरता और प्रगति की कहानी लिख रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आया है। वर्ष 2017 से पहले कई जनपदों में स्वास्थ्य की बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं और एक जिला एक माफिया जैसी स्थिति थी। अब यूपी में वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज की दिशा में तेज प्रगति हुई है। रायबरेली और गोरखपुर में एम्स संचालित हो रहे हैं। हर जनपद में अब आईसीयू, डिजिटल एक्स-रे, ब्लड बैंक, डायलिसिस, ऑक्सीजन प्लांट और वेंटिलेटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। 2017 से पहले 40 से अधिक जनपदों में आईसीयू नहीं था। 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं के रिस्पांस टाइम में सुधार किया गया है। टेलीमेडिसिन से दूरदराज के गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जीनोमिक्स, टेलीमेडिसिन और मेडटेक को बढ़ावा देकर भविष्योन्मुखी स्वास्थ्य इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है। इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी, जो 2017 से पहले हर साल 1200-1500 बच्चों की मौत का कारण बनती थी, अब लगभग समाप्त हो चुकी है। 2024 में शून्य मौतें दर्ज हुईं और मामले बहुत कम हो गए। डबल इंजन सरकार ने माफिया के साथ-साथ इन बीमारियों और उनके कारकों को भी नियंत्रित किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में भी यूपी में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। ललितपुर में फार्मा पार्क का निर्माण तेजी से चल रहा है, जिसमें बल्क ड्रग यूनिट्स शामिल हैं। वहीं ग्रेटर नोएडा में 350 एकड़ का मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है। लखनऊ में हाल ही में फार्मा कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया, जहां देश के दिग्गज फार्मा निवेशकों ने यूपी की बदलती तस्वीर की सराहना की। उन्होंने कॉन्क्लेव में एक बड़े फार्मा उद्यमी के अनुभव के बारे में कहा कि कैसे उन्हें अपने भतीजे के अपहरण के कारण रातों-रात अपनी जन्मभूमि मेरठ छोड़कर जाना पड़ा था। लेकिन 2017 के बाद प्रदेश में जिस तरह से निवेश का माहौल बदला है, देश के बड़े निवेशक यूपी में निवेश करने को उत्सुक हैं।

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश में केवल शहरों और उद्योगों का ही विकास नहीं हुआ है, बल्कि प्रदेश की घुमंतू जातियों और जनजातीय समुदायों जैसे वनटांगिया, मुसहर, थारू, कोल, बुक्सा आदि को जमीन के पट्टे, आवास और बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, कौशल, स्वरोजगार, स्वास्थ्य और नेतृत्व में भागीदारी बढ़ी है। प्रदेश की महिलाओं की सुरक्षा से समृद्धि और सशक्तिकरण से उत्कृष्टता तक की यात्रा जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने 2017 के बाद से सुरक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता के नए अध्याय लिखे हैं। जहां पहले अंधकार था, आज प्रगति और उम्मीद की रोशनी है। यह बदलाव लोकल उत्पादों की वैश्विक बाजार तक पहुंच से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं और रोजगार सृजन तक हर क्षेत्र में दिखाई दे रहा है।