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  • पीएम गतिशक्ति पोर्टल के नक्शे से तय हों डूब वाले वन क्षेत्र, वन विभाग ने जल संसाधन विभाग को दिए निर्देश

    पीएम गतिशक्ति पोर्टल के नक्शे से तय हों डूब वाले वन क्षेत्र, वन विभाग ने जल संसाधन विभाग को दिए निर्देश

    भोपाल.

    मध्य प्रदेश में बांध और सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित डूब क्षेत्र में आने वाली वन भूमि का सत्यापन अब पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर दर्ज आधिकारिक नक्शों के आधार पर किया जाएगा। वन विभाग ने जल संसाधन विभाग को स्पष्ट किया है कि पोर्टल पर अपलोड वन भूमि मानचित्र को ही सत्यापन का आधार बनाया जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्र की सटीक पहचान और क्षतिपूर्ति प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से पूरी हो सके।

    इस पहल का उद्देश्य भारत सरकार के महत्वाकांक्षी डिजिटल प्लेटफॉर्म का शासकीय कार्यों में अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है। इससे विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा और परियोजनाओं की स्वीकृति में लगने वाला समय भी घटेगा।

    एकीकृत डाटा से मिलेगी सटीक जानकारी
    पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर वन भूमि के साथ-साथ रेलवे, राजस्व, जल संसाधन, सिंचाई, नदियां, खनन और सड़क नेटवर्क से जुड़ी जानकारी भी एकीकृत रूप से उपलब्ध है। इससे किसी परियोजना के लिए अलग-अलग विभागों में फाइलें भेजने की आवश्यकता कम होगी।

    आपदा प्रबंधन में भी कारगर
    पोर्टल पर भूस्खलन जोन, बाढ़ संभावित क्षेत्र, आबादी का स्वरूप, ऊंचाई, स्कूल, अस्पताल, परिवहन नेटवर्क, गोदाम, दूरसंचार नेटवर्क और मिट्टी की स्थिति जैसे डेटा मैप किए गए हैं। यह जानकारी आपदा प्रबंधन के दौरान जिला प्रशासन को त्वरित और सटीक निर्णय लेने में मदद करेगी। जियोग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम (GIS) आधारित इस प्लेटफॉर्म से डूब क्षेत्र में आने वाली वन भूमि का सत्यापन अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ होगा, जिससे विकास और पर्यावरण संतुलन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सकेगा।

  • शेख हसीना जैसा हाल होगा, नए पीएम पर भड़के यूनुस समर्थक?

    शेख हसीना जैसा हाल होगा, नए पीएम पर भड़के यूनुस समर्थक?

    ढाका.

    बांग्लादेश में हुए आम चुनाव के बाद प्रधानमंत्री तारिक रहमान को कुर्सी संभाले अभी तीन दिन ही बीते हैं कि उनपर मोहम्मद यूनुस के ही समर्थक आरोप लगाने लगे हैं। अंतरिम सरकार में मुख्य सलाहकार की भूमिका निभाने वाले यूनुस के समर्थक नाहिद इस्लाम ने तारिक रहमान पर शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग और भारत के साथ मिलीभगत के आरोप लगा दिए हैं।

    दरअसल प्रधानमंत्री बनते ही तारिक रहमान ने भारत से रिश्ते दुरुस्त करने की कवायद की है। इसके अलावा बांग्लादेश में कई जगहों पर आवामी लीग के दफ्तर फिर से खुले हैं। यह बात मोहम्मद यूनुस के समर्थकों को रास नहीं आ रही है। बता दें कि नाहिद इस्लाम नेशनल सिटीजन पार्टी के संयोक हैं। उनकी पार्टी ने ही जुलाई 2024 में शेख हसीना के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किए थे। इसी का फायदा उठाकर बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार गिरा दी गई और फिर अंतरिम सरकार गठित कर दी गई। मोहम्मद यूनुस की अगुआई वाली अंतरिम सरकार में भारत के खिलाफ खूब अजेंडे चलाए गए। इसके अलावा अल्पसंख्यकों पर हमले भी आम हो गए। मोहम्मद यूनुस ने खुलकर पाकिस्तान के साथ करीबी बढ़ाई और भारत की आलोचना भी की।

    शेख हसीना से करने लगे तारिक रहमान की तुलना
    अब तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद हालात बदलने लगे तो यूनुस के समर्थकों में खलबली मची हुई है। नाहिद इस्लाम ने कहा कि इस चुनाव में भारत, आवामी लीग और बीएनपी मिले हुए थे। उन्होंने कहा कि अगर बीएनपी भी आवामी लीग वाली राजनीति फिर से लाने की कोशिश करेगी तो उसका भी विरोध होगा। नाहित इस्लाम ने कहा कि आखिर देश में आवामी लीग के कार्यालय फिर कैसे खुल रहे हैं। इसपर सरकार को जवाब देना चाहिए।

    उन्होंने कहा, सरकार को चाहिए कि आवामी लीग के सारे दफ्तर तुंरत बंद करवाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो यह काम उनकी पार्टी करेगी। उन्होंने शेख हसीना को फासीवादी बताते हुए कहा कि उन्हें अब बांग्लादेश में कभी पैर जमाने का मौका नहीं मिलेगा।

    भारत के साथ संबंध सुधारना चाहता है बांग्लादेश
    मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में भारत के साथ बांग्लादेश के संबंध हद दर्जे तक खराब हो गए थे। हालांकिअब बांग्लादेश के नए खेल मेंत्री ने भी बीसीसीआई से संबंध सुधारने की इच्छा जताई है। वहीं बांग्लादेश की अंग्रेजी न्यूज वेबसाइट प्रथम आलो के मुताबिक बीएनपी के आने के बाद कई जिलों में आवामी लीग के दफ्तर खोले गए हैं। मोहम्मद यूनुस की सरकार ने आवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया था। ऐसे में इस चुनाव में पार्टी चुनाव ही नहीं लड़ पाई।

  • Virat Kohli की RCB के बॉस होंगे अवराम ग्लेजर, पूनावाला को पछाड़ दिया 16,500 करोड़ का ऑफर!

    Virat Kohli की RCB के बॉस होंगे अवराम ग्लेजर, पूनावाला को पछाड़ दिया 16,500 करोड़ का ऑफर!

    भोपाल/इंदौर.

    कौन होगा Virat Kohli की RCB का नया बॉस अदार पूनावाला को पछाड़ इस दिग्गज ने दिया 16,500 करोड़ रुपये का ऑफर!
    आईपीएल की चर्चित फ्रेंचाइजी RCB को लेकर बड़ी हलचल तेज हो गई है। मौजूदा मालिक समूह टीम में हिस्सेदारी या पूरी बिक्री के विकल्प पर विचार कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, कई अंतरराष्ट्रीय और भारतीय निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई है और बोली की रकम हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।

    RCB की बिक्री की चर्चा क्यों?

    RCB, यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड की सब्सिडियरी रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के अंतर्गत आती है। मालिकाना हक रखने वाली कंपनी टीम में आंशिक या पूर्ण हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। फ्रेंचाइजी की संभावित वैल्यूएशन करीब 2 बिलियन डॉलर (लगभग 17 हजार करोड़ रुपये) तक आंकी जा रही है।

    बड़े नामों की एंट्री

    अब तक 9-10 बड़े निवेशक RCB को खरीदने में रुचि दिखा चुके हैं। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ Adar Poonawalla भी संभावित खरीदारों में शामिल बताए जा रहे हैं। ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म्स जैसे Blackstone Inc. और Carlyle Group Inc. का नाम भी चर्चा में है।
    Avram Glazer ने लगाई बड़ी बोली

    Avram Glazer ने RCB के लिए लगभग 1.8 बिलियन डॉलर (करीब 16.5 हजार करोड़ रुपये) की बोली लगाई है। Avram Glazer, इंग्लिश फुटबॉल क्लब Manchester United के सह-मालिक हैं। उनका परिवार NFL टीम Tampa Bay Buccaneers का भी मालिक है। ग्लेजर परिवार पहले भी IPL में निवेश की कोशिश कर चुका है, लेकिन 2021 में एक्सपेंशन फ्रेंचाइजी की बोली में सफलता नहीं मिली थी।

    मौजूदा मालिक कौन?
    RCB की मौजूदा मालिक Diageo PLC है। Diageo ने विजय माल्या के स्पिरिट्स कारोबार का अधिग्रहण करने के बाद टीम पर नियंत्रण हासिल किया था।

    विजय माल्या का दौर
    RCB की स्थापना के बाद शुरुआती मालिक Vijay Mallya थे। मार्च 2016 में उन्होंने टीम के डायरेक्टर पद और बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था।

    विराट कोहली का कनेक्शन
    भारतीय स्टार बल्लेबाज Virat Kohli लंबे समय से RCB का हिस्सा रहे हैं और टीम की पहचान उनसे जुड़ी रही है।

  • कैलाश विजयवर्गीय ने भागीरथपुरा मौतों पर उमंग सिंगार को याद दिलाई ‘औकात’, CM मोहन यादव ने मांगी माफी

    कैलाश विजयवर्गीय ने भागीरथपुरा मौतों पर उमंग सिंगार को याद दिलाई ‘औकात’, CM मोहन यादव ने मांगी माफी

    भोपाल.

    गुरुवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में नगरीय विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर जोरदार हंगामा हुआ। अदाणी समूह और सरकार के बीच बिजली समझौतों को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा उठाए गए सवालों के दौरान विवाद बढ़ गया। उद्योगपति अदाणी का नाम लिए जाने पर मंत्री विश्वास सारंग ने आपत्ति जताई और नाम कार्यवाही से हटाने की मांग की।

    इसी दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने सबूत मांगे। सिंघार ने कहा कि उनके पास प्रमाण हैं और वे प्रस्तुत करेंगे। बहस तेज होने पर विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष से “अपनी औकात में रहने” की टिप्पणी कर दी। इसके बाद विपक्ष ने तीखा विरोध शुरू कर दिया और सदन में हंगामा मच गया।

    सात बार स्थगित हुई कार्रवाई
    स्थिति बिगड़ने पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने हस्तक्षेप किया और कहा कि सदन में बनी असहज स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। हंगामे के चलते विधानसभा की कार्रवाई सात बार स्थगित करनी पड़ी। सत्ता पक्ष के सदस्य भी अध्यक्ष की दीर्घा के पास पहुंच गए, जिससे वातावरण और तनावपूर्ण हो गया।

    मुख्यमंत्री ने मांगी माफी
    हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने सदन में सभी की ओर से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि वे संसदीय मर्यादा बनाए रखने के पक्षधर हैं। इसके बाद कैलाश विजयवर्गीय ने भी अपनी टिप्पणी पर दुख जताते हुए कहा कि उनका 37 वर्ष का संसदीय अनुभव है और वे अपने व्यवहार से प्रसन्न नहीं हैं। उन्होंने भविष्य में नेता प्रतिपक्ष की गरिमा का ध्यान रखने की बात कही।

    आज विधानसभा में बजट सत्र के चौथे दिन नेता प्रतिपक्ष श्री @UmangSinghar जी एवं कांग्रेस पार्टी के सभी विधायकगण ने सरकार के झूठे और खोखले वादों और घोषणाओं के विरुद्ध विधानसभा परिसर में सांकेतिक प्रदर्शन किया।
    — Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) February 19, 2026

    भागीरथपुरा मौतों पर इस्तीफे की मांग
    इससे पहले कांग्रेस ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई मौतों को लेकर कैलाश विजयवर्गीय और लोक स्वास्थ्य विभाग देख रहे उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से इस्तीफे की मांग की। विपक्ष ने आरोप लगाया कि यह मृत्यु नहीं बल्कि हत्या है और सिस्टम ने 35 लोगों की जान ली है। सरकार की ओर से इन आरोपों का खंडन किया गया।
    राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि जिम्मेदार पद पर बैठे लोगों का कर्तव्य राहत और बचाव कार्य करना है, न कि इस्तीफे की मांगों पर प्रतिक्रिया देना। विधानसभा अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि शुक्रवार को इस विषय पर चर्चा कराई जाएगी।

    जांच में मिले ई-कोलाई और कालरा बैक्टीरिया
    राजेंद्र शुक्ल ने सदन में स्वीकार किया कि भागीरथपुरा में 22 लोगों की मौत एक्यूट डायरिया से हुई। उन्होंने बताया कि कोलकाता स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फार रिसर्च इन बैक्टीरिया इंफेक्शन, इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज और जिला लोक स्वास्थ्य प्रयोगशाला की जांच में मरीजों के नमूनों में खतरनाक ई-कोलाई और कालरा बैक्टीरिया पाए गए।

  • लाउड स्पीकर पर आरती पर दो पक्षों में जमकर पथराव, दुर्गा मंदिर की ग्रिल तोड़ी

    लाउड स्पीकर पर आरती पर दो पक्षों में जमकर पथराव, दुर्गा मंदिर की ग्रिल तोड़ी

    जबलपुर.

    जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील (MP News) में गुरुवार रात करीब नौ बजे आपसी विवाद के बाद दो पक्ष भिड़ गए। एक धार्मिक स्थल के बाहर लगी रैलिंग टूटने से लोग आक्रोशित हो गए। इससे दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव कर दिया। इसमें कुछ लोगों के आंशिक घायल होने की सूचना है।

    पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उपद्रवियों को खदेड़ा और अश्रु गैस के गोले भी छोड़े। तनाव को देखते हुए मौके पर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय पहुंचे। अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। पुलिस ने हालात नियंत्रण का दावा करते हुए जांच के बाद मामला दर्ज करने की बात कही है।

  • खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026: गुलमर्ग में चमकेगा नए भारत का खेल विजन

    खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026: गुलमर्ग में चमकेगा नए भारत का खेल विजन

    गुलमर्ग
    गुलमर्ग में होने वाले खेलो इंडिया विंटर गेम्स का अगला संस्करण सरकार की ‘खेलो भारत’ नीति का आदर्श उदाहरण बनने वाला है। 23-26 फरवरी के दौरान आयोजित होने वाले संस्करण से पहले पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलनी शुरू हो गई है। पिछले साल जुलाई में केंद्रीय खेल मंत्रालय द्वारा शुरू की गई खेलो भारत नीति का मकसद भारत के स्पोर्टिंग इकोसिस्टम को मजबूत करना है, साथ ही आर्थिक वृद्धि को बढ़ाने के लिए बड़े इवेंट्स का फायदा उठाना है। आधारभूत संरचना का विकास, प्रतिभा की पहचान और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता को बढ़ावा देकर, यह नीति पर्यटन, उत्पादन और खेल तकनीक जैसे जुड़े हुए क्षेत्र को भी बढ़ावा देना चाहती है।

    गुलमर्ग में खेलों का आयोजन होता रहा है। इससे यात्रियों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है। विंटर ओलंपियन समेत भारत के टॉप स्कीयर के हिस्सा लेने से, इस इवेंट ने पूरे इलाके में जोश भर दिया है, खासकर उन लोगों में जिनकी रोजी-रोटी खेल पर्यटन पर निर्भर करती है। स्थानीय व्यापार में सक्रियता बढ़ी है। शीन वुड्स टैंगमर्ग के एक होटल मालिक आबिद ने कहा कि इवेंट से हफ्तों पहले बुकिंग बढ़ गई थी।

    मध्य प्रदेश, हरियाणा, केरल, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर के एथलीटों से भरी लॉबी की ओर इशारा करते हुए वे कहते हैं, “हमारे लिए, यह सिर्फ पर्यटन से कहीं ज्यादा है। यह हमारी पहचान है। जब गेम्स होते हैं, तो गुलमर्ग देश के दिल जैसा लगता है। आप अलग-अलग भाषाएं सुनते हैं। ऐसा लगता है जैसे पूरा देश एक कमरे में है।”

    गुलमर्ग में विंटर गेम्स के विकास में लगातार वृद्धि देखी गई है। 2020 के पहले एडिशन में 1,123 एथलीटों ने हिस्सा लिया था, जिसमें जम्मू-कश्मीर मेडल सूची में सबसे ऊपर था। 2021 में हिस्सा लेने वाले एथलीट बढ़कर 1,208 हो गए, जिसमें मेजबान इलाके ने 18 स्वर्ण पदक जीते। 2023 संस्करण में 1,395 एथलीट के साथ सबसे ज्यादा लोग आए, क्योंकि जम्मू और कश्मीर ने 26 स्वर्ण, 25 रजत और 25 कांस्य पदक जीते। हालांकि 2024 और 2025 संस्करण में कम इवेंट और प्रतिभागी थे। आर्मी, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक जैसी टीमों ने अच्छा परफॉर्म किया था।

    जैसे-जैसे छठा एडिशन पास आ रहा है, पूरा ध्यान प्रयोग की जगह विरासत बनाने पर आ गया है। 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, कश्मीर में घरेलू यात्रियों की संख्या 2024 में लगभग 26 लाख की तुलना में 2025 में काफी कम होकर लगभग 10.47 लाख रह गई। हालांकि, पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि इस साल नए साल की भीड़ और विंटर गेम्स को लेकर बढ़ते उत्साह की वजह से यात्रियों की संख्या में फिर से बढ़ोतरी हुई है। गुलमर्ग के 2,300 होटल और हट बेड इवेंट के समय के लिए पहले से ही 50 प्रतिशत से ज्यादा बुक हो चुके हैं।

    होटल और रिजॉर्ट के अलावा, खेल आय के मौके भी दे रहे हैं।

    कोंगदूरी की ढलानों पर, स्लेज खींचने वाले अल्ताफ हुसैन और मुहम्मद रफीक यात्रियों की भीड़ के लिए तैयारी कर रहे हैं।

    हुसैन कहते हैं, “यह हमारा सीजन है। जब खेल शुरू होते हैं, तो गुलमर्ग में जान आ जाती है।”

    उन्होंने कहा, “आमतौर पर दूरी और समय के हिसाब से हर यात्री पर हम 500 रुपये से 1,500 रुपये कमाते हैं। पीक टाइम में प्रतिदिन की कमाई 1,500 रुपये से 3,000 रुपये तक होती है।”

    2026 संस्करण में चार श्रेणियों स्की माउंटेनियरिंग, अल्पाइन स्कीइंग, नॉर्डिक स्कीइंग (क्रॉस-कंट्री), और स्नोबोर्डिंग में खेल आयोजित किए जाएंगे।

    खेलो इंडिया विंटर गेम्स सिर्फ एक प्रतियोगिता से कहीं ज्यादा बनकर उभर रहा है। यह इस बात का एक ठोस सबूत है कि खेल नीति कैसे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति दे सकती है, राष्ट्रीय खेल संस्कृति को मजबूत कर सकती है, और गुलमर्ग को भारत की विंटर स्पोर्ट्स कैपिटल के तौर पर अपनी जगह फिर से पक्की कर सकती है।

     

  • 2027 चुनाव से पहले यूपी में RSS सक्रिय, योगी के बाद डिप्टी CMs की मोहन भागवत से मुलाकात

    2027 चुनाव से पहले यूपी में RSS सक्रिय, योगी के बाद डिप्टी CMs की मोहन भागवत से मुलाकात

    लखनऊ

    . उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत की हैट्रिक के लिए खुद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत मैदान में उतर चुके हैं. गोरखपुर प्रवास के बाद वे लखनऊ पहुंचे।  जहां पहले वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ 40 मिनट तक मुलाक़ात की. गुरुवार को मेरठ रवानगी से पहले उनकी मुलाक़ात दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पटाहक से हुई. इन मुलाकातों को राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, आरएसएस प्रमुख ने हिंदुत्व के अजेंडे को धार देने और जाति की राजनीति को ख़त्म करने को लेकर चर्चा की है. इसकी वजह यह है कि हाल के दिनों में जिस तरह से यूजीसीबिल और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का मुद्दा उठा उससे, हिन्दू वोट बंटने का खतरा है. इसका सीधा नुकसान बीजेपी को इसलिए भी है, क्योंकि बीजेपी 80 बनाम 20 की राजनीति करती है. यानी सपा का पीडीए और बीजेपी का दलित वोट भी सिका हिस्सा है.

    सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में मोहन भागवत से करीब 30-40 मिनट तक बातचीत की. यह मुलाकात आरएसएस के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में बताई जा रही है, लेकिन सियासी गलियारों में इसे 2027 के चुनावी रोडमैप, हिंदुत्व एजेंडा, संगठन-सरकार समन्वय और सामाजिक समीकरणों पर रणनीति बनाने के रूप में देखा जा रहा है. मुलाकात के दौरान प्रदेश की राजनीतिक स्थिति, संगठन की भूमिका और आगामी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है.
    किस मुद्दे पर हुई होगी चर्चा?

    मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात के बाद, गुरुवार सुबह मोहन भागवत ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक से भी अलग-अलग मुलाकात की. सरस्वती कुंज में हुई इन बैठकों में हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों, जातिगत राजनीति, सामाजिक समरसता और चुनावी रणनीति पर विचार-विमर्श होने की बात कही जा रही है. हालांकि, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह से मोहन भागवत ने जाति को भूलने और खुद को हिंदू बताने का आह्वान किया है उससे साफ़ है कि 2027 के लिए सियासी बिसात तैयार की जा रही है. इन मुलाकातों से स्पष्ट है कि आरएसएस 2027 के चुनाव को लेकर प्रदेश स्तर पर मजबूत समन्वय और तैयारी में जुटा हुआ है.
    आरएसएस और बीजेपी के बीच समन्वय मजबूत होगा

    यह मुलाकातें ऐसे समय हो रही हैं जब उत्तर प्रदेश में सामाजिक-राजनीतिक माहौल गर्म है और विभिन्न दल अपनी-अपनी रणनीतियां तैयार कर रहे हैं. आरएसएस की ओर से हिंदू समाज में एकता, सतर्कता और सामाजिक सद्भाव पर जोर दिया जा रहा है, जबकि सरकार-संगठन के बीच बेहतर तालमेल को चुनावी सफलता की कुंजी माना जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये मुलाकातें न केवल भाजपा की चुनावी तैयारियों को मजबूती देंगी, बल्कि संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाएंगी.

  • वैष्णो देवी से शिवखोड़ी की यात्रा अब सिर्फ 20 मिनट में, जल्द शुरू होगी हेलीकॉप्टर सेवा

    वैष्णो देवी से शिवखोड़ी की यात्रा अब सिर्फ 20 मिनट में, जल्द शुरू होगी हेलीकॉप्टर सेवा

    कटरा
    जम्मू कश्मीर का कटरा स्थित माता वैष्णो देवी के दर्शन करने के लिए हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यह श्रद्धालु अब केवल 20 मिनट में वैष्णो देवी से शिवखोड़ी पहुंच सकेंगे। हेलीकॉप्टर द्वारा कम समय में दोनों तीर्थ स्थल की यात्रा संभव होगी। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा के मुताबिक अगले 3 महीने में ये प्रोजेक्ट शुरू हो जाएगा।

    इस प्रोजेक्ट के बारे में जो जानकारी मिलती है उसके मुताबिक आरसीसी ग्रेफ द्वारा हैलीपेड से गुफा तक यात्रा मार्ग और पुल निर्माण का काम किया जा रहा है। इस निर्माण कार्य की लागत तकरीबन 6 करोड रुपए बताई जा रही है।

    वैष्णो देवी से शिवखोड़ी की यात्रा
    उप राज्यपाल द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक 3 महीने के भीतर कटरा से शिवखोड़ी तक की हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा एक अंतरराष्ट्रीय म्यूजियम भी विकसित किया जा रहा है। कटरा में हेलीपैड बनाने का काम अंतिम चरण में और शिवखोड़ी में भी ऐसे ही सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। जब दोनों जगह का काम पूरा हो जाएगा तो तीर्थ यात्री आसानी से दोनों मंदिर आना-जाना कर सकेंगे। वाहनों के जरिए जम्मू या फिर कटरा से शिवखोड़ी
    पहुंचने में ढाई से 3 घंटे का समय लगता है। हेलीकॉप्टर से इन दोनों तीर्थ स्थलों के बीच की दूरी केवल 20 मिनट रह जाती है।

    कितना होगा किराया
    श्रद्धालुओं के लिए 13 अक्टूबर 2010 को कटरा से शिवखोड़ी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की गई थी। उस समय यात्रियों को आने जाने के लिए प्रति श्रद्धालु 8500 किराया देना पड़ता था। अब किराया 8 से 10 हजार के बीच होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

    बनेगा श्री शंकराचार्य मंदिर
    माता वैष्णो देवी साइन क्षेत्र में श्री शंकराचार्य मंदिर के निर्माण की तैयारी भी चल रही है। छेड़ शक्ति लंबे इंतजार के बाद इस प्रतिष्ठित मंदिर के निर्माण का सपना सच होता दिखाई दे रहा है। 1967 में इसकी अवधारणा तैयार की गई थी लेकिन कुछ कर्म से ही पूरा नहीं हो पाया था। मंदिर निर्माण में वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड 31.51 करोड़ रुपए की अनुमानित राशि खर्च करने वाला है। मंदिर निर्माण से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी ज्यादा होगा। जो श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन करने पहुंचेंगे उन्हें शंकराचार्य मंदिर के दर्शन का मौका भी मिलेगा। साल के अंत तक मंदिर निर्माण पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

  • लगातार तीसरी बार शून्य पर आउट अभिषेक शर्मा, टीम इंडिया के लिए बढ़ी टेंशन

    लगातार तीसरी बार शून्य पर आउट अभिषेक शर्मा, टीम इंडिया के लिए बढ़ी टेंशन

    नई दिल्ली
    भारत ने टी 20 विश्व कप में अपने चारों ग्रुप मैच जीत लिए हैं लेकिन सुपर आठ में जाने से पहले ओपनर अभिषेक शर्मा का फ़ॉर्म भारत की सबसे बड़ी चिंता होगी। भारत ने मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप के इतने ही मैचों में चार जीत हासिल की हैं और फिर भी, इस फ़ॉर्मेट में नंबर 1 बैटर के बल्ले से एक भी रन की जरूरत नहीं पड़ी। लगातार तीन डक के बाद, अभिषेक ने यह पक्का कर दिया है कि कॉम्पिटिशन की सबसे खतरनाक बैटिंग लाइन-अप भी अपने सबसे अच्छे रूप में नहीं है। भारत के असिस्टेंट कोच, रयान टेन डेशकाटे ने फिलहाल इस छोटी सी चिंता को नज़रअंदाज़ कर दिया है, कम से कम सबके सामने तो ज़रूर। बुधवार को नीदरलैंड्स पर भारत की 17 रन की जीत के बाद टेन डेशकाटे ने कहा, “उसने कल रात नेट्स में बहुत अच्छी बैटिंग की, उसने 90 मिनट बैटिंग की।” “आपको उसे थोड़ी जगह भी देनी होगी। वह ग्रुप फेज में बहुत अच्छा महसूस नहीं कर रहा था, उसने कुछ दिन हॉस्पिटल में बिताए और (नामीबिया के खिलाफ) गेम मिस कर दिया। यह उसके लिए अब तक बहुत निराशाजनक टूर्नामेंट रहा है। लेकिन मैंने कल रात उसकी बॉल स्ट्राइकिंग में कुछ बहुत अच्छे संकेत देखे। इसलिए उसके बारे में कोई चिंता नहीं है, जब दूसरा फेज आएगा तो वह ठीक हो जाएगा।”

    यह समझा जा सकता है कि अभिषेक का इस कॉम्पिटिशन में एक भी रन न खरीद पाना चिंता की बात क्यों नहीं है। पहली बात, वह डेढ़ साल के शानदार प्रदर्शन के दम पर टूर्नामेंट में आया है, जिसने उसे दुनिया की रैंकिंग लिस्ट में टॉप पर पहुंचाया है। दूसरी बात, उसके आउट होने का कोई खास पैटर्न नहीं है, जबकि अमेरिका और पाकिस्तान दोनों ने माना है कि उन्होंने बाएं हाथ के इस खिलाड़ी के आउट होने की प्लानिंग में काफी समय बिताया था।
    उन्होंने संजय कृष्णमूर्ति की गेंद पर डीप कवर में कैच दे डाला, सलमान आगा की गेंद पर मिड ऑन पर पुल करने में चूक गए, और आर्यन दत्त की गेंद पर पुल करने से चूक गए। असल में कोई पैटर्न नहीं है। यह देखते हुए कि बाकी बैट्समैन ने अलग-अलग मौकों पर अच्छा खेला है, अभिषेक की मुश्किलों ने अभी तक टीम को परेशान नहीं किया है, ठीक वैसे ही जैसे ज़्यादातर दिनों में होता है जब अभिषेक रन नहीं बना पाए हैं। पाकिस्तान के खिलाफ ईशान किशन की धमाकेदार बल्लेबाजी ने यह पक्का कर दिया कि अभिषेक का जल्दी आउट होना चिंता की बात नहीं है। इससे पहले, इसी तरह के दुर्लभ शुरुआती आउट में, संजू सैमसन ने बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरी लगाई थीं, जब अभिषेक क्लिक नहीं कर पाए थे।

    टी20 में भारत का दबदबा ओपनर्स द्वारा शुरुआती कंट्रोल हासिल करने की वजह से आया है। ऊपर से देखें तो, पिछले वर्ल्ड कप के बाद से ओपनिंग स्लॉट पर कब्जा करने वाले सभी खिलाड़ियों ने ठीक-ठाक प्रदर्शन किया है, इतना कि रोहित शर्मा और विराट कोहली की जगह भरना मुश्किल नहीं था, और पुरानी यादों के लिए भी, उनकी कमी महसूस नहीं हुई। लेकिन थोड़ा हटकर देखें, तो आपको जितना अंदाज़ा होगा, उससे कहीं ज़्यादा बातें छिपी हुई हैं। ओपनर्स – अभिषेक, संजू सैमसन, शुभमन गिल, ईशान किशन और यशस्वी जायसवाल – की अपनी-अपनी काबिलियत ने इस सच्चाई को छिपा दिया है कि भारत को इस दबदबे के दौर में अच्छी ओपनिंग पार्टनरशिप नहीं मिल रही है, जहाँ उन्होंने अपने लगभग 80 प्रतिशत मैच जीते हैं। उस कंट्रोल का ज़्यादातर दबाव नंबर 3 – ईशान किशन, तिलक वर्मा और उनके जैसे खिलाड़ियों पर पड़ा है, खासकर उस समय जब सूर्यकुमार यादव भी संघर्ष कर रहे थे। डेशकाटे इस बात की पुष्टि करते हैं कि हालांकि यह ध्यान देने वाली बात है, लेकिन बहुत सारे खिलाड़ी हैं जो अलग-अलग समय पर योगदान दे रहे हैं, जो टीम के लिए काम करता है। डेशकाटे ने कहा, “टीम का रिकॉर्ड खुद बोलता है। हमेशा कोई एक ऐसा खिलाड़ी होता है जो हमें पावरप्ले से बाहर निकाल देता है, भले ही हम दो या तीन विकेट जल्दी गंवा दें। हम फिर भी पावरप्ले से काफ़ी मजबूती से बाहर निकलने में कामयाब रहते हैं।” अभिषेक का रन न बनाना अभी टीम के लिए चिंता की बात नहीं हो सकती है, लेकिन कॉम्पिटिशन के ज़्यादा अहम स्टेज में आगे बढ़ते हुए, कड़ी टक्कर देने वाली टीमों के खिलाफ, उनका योगदान ही अंतर पैदा कर सकता है। उनके योगदान की कमी पहले ही छोटे-छोटे लेवल पर देखी जा चुकी है। सभी गेम जीतने के बावजूद, भारत की बैटिंग इस कॉम्पिटिशन में अभी तक अपने पीक स्टैंडर्ड के करीब नहीं पहुंच पाई है। क्या अभिषेक शर्मा के शो से कोई फ़र्क पड़ता?

     

  • छतरपुर की 18 वर्षीय बेटी का जलवा, कैनोइंग में जीते 20 मेडल—स्टेट से इंटरनेशनल तक लहराया परचम

    छतरपुर की 18 वर्षीय बेटी का जलवा, कैनोइंग में जीते 20 मेडल—स्टेट से इंटरनेशनल तक लहराया परचम

    छतरपुर
     छोरियां छोरों से कम नहीं होतीं तभी तो बुन्देलखंड के छतरपुर की छोरियां जिले का नाम रोशन करने में आगे दिखाई दे रही हैं. हाल ही में क्रांति गौड ने देश की महिला क्रिकेट टीम में खेलकर पूरी दुनिया में छतरपुर का नाम रोशन किया है. ऐसी ही एक किसान की 18 साल की बेटी ने एक दो नहीं बल्कि 20 मेडल जीत कर देश और जिले का नाम आगे बढ़ाया है. वाटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता में 9 राज्य स्तरीय, 10 नेशनल स्तरीय और 1 इंटरनेशनल मेडल अपने नाम किया है.

    इंटरनेशन प्रेसीडेंट कप में चंद्रकला ने सिल्वर मेडल हासिल किया

    छतरपुर शहर के वार्ड नम्बर 8 की रहने वाली किसान की 18 साल की बेटी चंद्रकला कुशवाहा को नवम्बर 2025 में उत्तराखंड टिहरी लेक इंडिया में 28 से 30 नवम्बर 2025 तक आयोजित इंटरनेशन प्रेसीडेंट कप प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिला, जिसमें 20 देशों की खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था. चंद्रकला ने सिल्वर मेडल हासिल कर छतरपुर शहर के साथ-साथ जिला सहित पूरे बुंदेलखंड और देश का नाम रोशन किया है.

    बचपन से ही गेम का शौक था

    दरअसल, छतरपुर शहर की रहने वाली किसान की बेटी चंद्रकला कहती हैं कि "बचपन से ही गेम खेलने का शौक था, प्राथमिक शिक्षा पूरी करने के बाद कक्षा 6वीं में उसने एक्सीलेंस स्कूल में प्रवेश लिया. जब वह कक्षा 7वीं में थी, तभी स्कूल के माध्यम से शूटिंग के लिए चयन हुआ लेकिन शूटिंग ट्रायल में उम्र कम होने के कारण उसका चयन नहीं हो सका. इसके बाद कोच सौरभ कुशवाहा ने मलखंभ सीखने के लिए प्रेरित किया, तो चंद्रकला ने कक्षा 7 वीं में पढ़ाई के दौरान वर्ष 2019-20 में मलखंभ की कक्षा ज्वाइन कर ली.

    मलखंभ के बाद वाटर स्पोर्ट्स में चयन

    पहले मलखंभ का अभ्यास किया और फिर कैनोइंग, कयाकिंग, वाटर स्कीइंग यानी वाटर स्पोर्ट्स में चयन. वाटर स्पोर्ट्स की खिलाड़ी बनी चंद्रकला कहती हैं कि मलखंभ कक्षा में सीनियर खिलाड़ी अधिक होने के कारण शुरूआत में मलखंभ अभ्यास करने में उसे कम मौका मिला जिससे उसने अपने घर में छत के कुंदे से रस्सी बांधकर उस पर चढ़ना और अभ्यास करना शुरू किया. इसके बाद कोरोना के समय कुछ दिनों के लिए मलखंभ कक्षाएं बंद हो गईं तो, उसने घर पर ही अपना नियमित अभ्यास जारी रखा.

    चंद्रकला के पिता नंद किशोर कुशवाहा एक छोटी सी कपड़ों की दुकान भी चलाते हैं, लेकिन बेटी के हुनर और जज्बे को देखकर घर पर ही मलखंभ के आकार की लकड़ी लगवा दी. घर पर नियमित दो से तीन घंटे अभ्यास करने से मलखंभ और योग के आसन करने में वह पूरी तरह से पारंगत हो गई. शुरूआत में दो साल तक मलखंभ खेलकर पदक प्राप्त किए.

    2022 में भोपाल स्पोर्ट्स एकेडमी ज्वाइन की

    फिजिकल अच्छा होने से उसका वाटर स्पोर्ट चयन प्रक्रिया में चयन हो गया. जिसके बाद वर्ष 2022 में उसने भोपाल स्पोर्ट्स एकेडमी ज्वाइन की. एकेडमी में पहुंचने के एक साल बाद ही पहला ब्रांज मेडल 2023 दिसम्बर में जीता. इसके बाद चंद्रकला ने अपना अभ्यास जारी रखा और तीन साल में 20 मेडल हासिल किए. चंद्रकला ने बताया कि, यहां तक पहुंचने में उनके दादा स्व. सरमन लाल कुशवाहा का सराहनीय योगदान रहा, वह हमेशा से ही उत्साह बढ़ाते रहे.

    चंद्रकला का क्या कहना है

    वहीं, जब 20 मैडल जीतने वाली चंद्रकला कुशवाहा बताती हैं कि "मेरी शुरुआत मलखंभ से हुई थी और अब वह कैनोइंग, कयाकिंग के लिए पिछले 3 साल से लगातार प्रयासरत थीं तभी जीत पाईं. 20 मैडल मेरे पास है, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड टिहरी सहित भोपाल में आयोजित प्रतिगोगिता में हिस्सा लिया है. परिवार का बहुत सपोर्ट रहता है. मेरी पढ़ाई अभी पंजाब के अमृतसर में चल रही है."

    क्या बोले चंद्रकला के चाचा

    छत्तरपुर की चंद्रकला कुशवाहा के चाचा जानकी कुशवाहा बताते हैं बहुत मेहनत की है बेटी को यहां तक पहुंचाने में, गरीब किसान परिवार से हैं हम लोग, बच्ची का हुनर और जज्बा देखकर उसे आगे बढ़ाया. अब बस यही सपना है देश का नाम रोशन करे."