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  • AI की ग्लोबल रेस में भारत की बड़ी छलांग, चीन बाहर और पाकिस्तान को नहीं मिली जगह

    AI की ग्लोबल रेस में भारत की बड़ी छलांग, चीन बाहर और पाकिस्तान को नहीं मिली जगह

    वाशिंगटन
    भारत ने AI समिट से इतर शुक्रवार को अमेरिका के नेतृत्व वाले Pax Silica अलायंस को जॉइन कर लिया है। यह समझौता नई दिल्ली में हुआ और इसके साथ ही भारत सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया के सबसे बड़े गठबंधन का हिस्सा बन गया है। इस संगठन का उद्देश्य यह है कि सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ्स मैटीरियल्स की सप्लाई किसी भी तरह से बाधित ना हो। खासतौर पर ऐसे देशों पर निर्भरता कम की जा सके, डो इस अलायंस का हिस्सा नहीं हैं। किसी का नाम इस समझौते में नहीं लिया गया है, लेकिन संगठन के मकसद से साफ है कि इशारा चीन की ओर है। पाकिस्तान भी इसका हिस्सा नहीं है।

    अमेरिका और भारत के अलावा Pax Silica में ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, इजरायल, जापान, कतर, साउथ कोरिया, सिंगापुर, ब्रिटेन और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश शामिल हैं। इस समझौते के तहत यह तय हुआ है कि संबंधित देश सप्लाई चेन को मजबूत करेंगे और एक अच्छा ग्लोबल टेक ईकोसिस्टम तैयार किया जाएगा। AI समिट के आखिरी दिन इस समझौते पर साइन किए गए हैं। 5 दिन के इस आयोजन में दुनिया भर के टेक लीडर्स पहुंचे हैं। इसके अलावा AI सेक्टर में काम करने वाले करीब 600 स्टार्टअप्स भी इसका हिस्सा बने हैं।

    इस समझौते की जानकारी देते हुए आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'दुनिया का भारत पर भरोसा है। हमारे पास एक बड़ा टैलेंट पूल है। इसके साथ ही हम ऐसी विदेश नीति अपनाते हैं, जिससे लोगों में भरोसा पैदा होता है। हमने Pax Silica में शामिल होने पर सहमति दी है। यह ग्रुप सेमीकंडक्टर की सप्लाई चेन, मैन्युफैक्चरिंग और चिप डिजाइन के लिहाज से अहम है।' उन्होंने कहा कि इसका हिस्सा बनने से भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

    अश्विनी वैष्णव बोले- 10 प्लांट तैयार, बननी शुरू होगी चिप
    वैष्णव ने कहा कि देश में 10 प्लांट तैयार हो चुके हैं। जल्दी ही पहला सेमीकंडक्टर प्लांट उत्पादन शुरू कर देगा। फिलहाल भारत में सबसे अडवांस नैनोमीटर चिप्स को डिजाइन किया जा रहा है। भारत में तेजी से AI और सेमीकंडक्टर बिजनेस में ईकोसिस्टम खड़ा हो रहा है और Pax Silica समझौता इस दिशा में अहम कड़ी है। इस समझौते के साइन होने के मौके पर अमेरिकी राजदूत सेरजियो गोर मौजूद थे। उन्होंने कहा कि हम इसमें भारत का स्वागत करते हैं। Pax Silica एक ऐसा समझौता है, जो फ्री सोसायटी तैयार करेगा। इसके माध्यम से कहीं भी आविष्कार हो, सभी लोग साथ होंगे और सप्लाई चेन में किसी भी तरह से प्रभाव नहीं पड़ेगा।

    बता दें कि एआई समिट में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि भविष्य में एआई यदि अहम है तो उसकी दिशा में भारत और अमेरिका का समझौता मायने रखता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की पार्टनरशिप से AI का फायदा हर किसी को मिल सकेगा। पिचाई ने कहा कि गूगल को इस बात पर गर्व है कि हम दोनों देशों के बीच संबंधों में एक सेतु बने हैं।

     

  • पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने लखनपुर में जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों से की भेंट

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने लखनपुर में जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों से की भेंट

    रायपुर.

    जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने आज लखनपुर स्थित अपने निज निवास पर क्षेत्र के नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों से भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने न केवल आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना, बल्कि संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण हेतु निर्देशित भी किया।

    मंत्री  राजेश अग्रवाल का यह जनसंपर्क कार्यक्रम औपचारिकता से परे, संवेदनशील संवाद का उदाहरण बनकर सामने आया। उनके व्यवहार में सहजता, सहृदयता और आत्मीयता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई। क्षेत्रवासियों ने खुलकर सड़क, पेयजल, विद्युत, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुविधाओं से जुड़ी मांगें मंत्री के समक्ष रखीं, जिन पर उन्होंने तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया। मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार जनकल्याण एवं क्षेत्रीय विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा प्रत्येक नागरिक की समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए।

     राजेश अग्रवाल का मानना है कि जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जनता के सुख-दुख में सहभागी बनना ही वास्तविक जनसेवा है।  अग्रवाल जनता से निरंतर संपर्क में रहकर समस्याओं के समाधान के प्रति प्रतिबद्ध हैं। उनकी कार्यशैली में पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता झलकती है। वे क्षेत्र के विकास को केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व मानते हैं। यही कारण है कि क्षेत्र के लोग उन्हें सहज, सुलभ और संवेदनशील जनप्रतिनिधि के रूप में देखते हैं। 

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री के रूप में  राजेश अग्रवाल जहां प्रदेश में पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सक्रिय हैं, वहीं अपने विधानसभा क्षेत्र और लखनपुर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में विकास कार्यों की सतत निगरानी भी कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने इस अवसर पर मंत्री की संवेदनशील कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वे हमेशा आमजन की बात सुनने और समाधान सुनिश्चित करने के लिए उपलब्ध रहते हैं। लखनपुर में आयोजित यह भेंट-मुलाकात केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम ही नहीं, बल्कि मंत्री  राजेश अग्रवाल और क्षेत्र की जनता के बीच गहरे विश्वास और आत्मिक संबंध का सशक्त प्रमाण भी है।

  • भारत में जल्द शुरू होगी एयर टैक्सी सेवा, AI समिट में पेश हुआ मॉडल; 8 मिनट में तय करेगी 36 KM

    भारत में जल्द शुरू होगी एयर टैक्सी सेवा, AI समिट में पेश हुआ मॉडल; 8 मिनट में तय करेगी 36 KM

    नई दिल्ली
    माना जा रहा है कि भविष्य में भारत को एयर टैक्सी की सुविधा जल्दी ही मिल सकती है। चर्चा है कि जल्दी ही भारत को यह मिलेगी और यह स्वदेशी तकनीक और लोगों द्वारा ही तैयार की गई है। इसे ईप्लेन नाम की कंपनी ने आईआईटी मद्रास के साथ मिलकर तैयार किया है।

    दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI समिट में कई अलग-अलग चीजें दुनिया को देखने को मिली हैं। यहां चीनी रोबोडॉग को अपना बताने के चलते गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर सवाल उठे तो वहीं कुछ ऐसे प्रयोग भी सामने आए हैं, जिनकी काफी सराहना हो रही है। इनमें से ही एक AI संचालित एयर टैक्सी का एक मॉडल है। इसे लेकर माना जा रहा है कि भविष्य में भारत को एयर टैक्सी की सुविधा जल्दी ही मिल सकती है। चर्चा है कि जल्दी ही भारत को यह मिलेगी और यह स्वदेशी तकनीक और लोगों द्वारा ही तैयार की गई है। इसे ईप्लेन नाम की कंपनी ने आईआईटी मद्रास के साथ मिलकर तैयार किया है।

    इसे लेकर कंपनी का कहना है कि भारी जाम वाले शहरों में इसके इस्तेमाल से राहत मिल सकेगी। दिलचस्प बात यह है कि इसके लिए किसी तरह के रनवे की भी जरूरत नहीं होगी। कंपनी का दावा है कि 8 मिनट में यह टैक्सी 36 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है। हालांकि इसका किराया थोड़ा अधिक रहेगा। कंपनी ने उदाहरण देते हुए बताया है कि यदि बेंगलुरु के केंपेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से यूबी सिटी जाना हो तो दो घंटे का वक्त लगता है। सड़क से जाने पर कैन का किराया 1000 रुपये देना होता है। लेकिन इस एयरटैक्सी से यह सफर महज 8 मिनट में ही पूरा होगा। इसके लिए 1700 रुपये किराये के तौर पर चुकाने होंगे।

    एक बार की चार्जिंग पर लगा सकेगी कई राउंड
    इसके अलावा एक बड़ा फीचर यह भी बताया जा रहा है कि एक बार चार्ज करने के बाद यह कई ट्रिप मार सकती है। इसका नाम कंपनी ने (e-VTOL) रखा है, जिसका अर्थ है- इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेकऑफ ऐंड लैंडिंग। आमतौर पर एयरप्लेन और हेलिकॉप्टर जब उड़ान भरते हैं तो काफी आवाज आती है, लेकिन इसमें ऐसा नहीं होगा। इसकी आवाज 120 डेसिबल से कम ही होगी। यहां तक कि नीचे चल रहे लोगों को यह भी अहसास नहीं होगा कि ऊपर कोई एयर टैक्सी उड़ रही है। इसका उड़ान भरना बेहद आसान होगा और उसकी लैंडिंग में भी कोई समस्या नहीं होगी।

    बैटरी से ही चलेगी यह टैक्सी, खर्च भी काफी कम; डिजाइन मंजूर
    कंपनी के फाउंडर विकल्प मित्तल का कहना है कि इसका संचालन बैटरी से ही होगा। इसके चलते इसकी परिवहन लागत भी कम होगी। हेलिकॉप्टर्स का संचालन काफी महंगा होता है क्योंकि उनमें तेल काफी खर्च होता है। मित्तल के अनुसार इस एयरटैक्सी को पूरी तरह भारत में ही मद्रास आईआईटी में तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि चिप्स और मोटर जैसी जरूरी चीजों को भारत में ही डिजाइन किया गया है। बस उनकी मैन्युफैक्चरिंग बाहर हुई थी। मित्तल ने कहा कि उड्डयन महानिदेशालय से इसके डिजाइन के लिए अप्रूवल लिया था और उसके बाद ही इसे तैयार करने का प्रयास हुआ है। उन्होंने कहा कि पहला प्रोडक्शन मॉडल जब तैयार हो जाएगा तो इसकी टेस्टिंग की जाएगी।

     

  • उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दिलाई शपथ, नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ेगा प्रेस क्लब बिलासपुर

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दिलाई शपथ, नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ेगा प्रेस क्लब बिलासपुर

    बिलासपुर

    प्रेस क्लब बिलासपुर के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि  अरुण साव ने नई टीम को शपथ दिलाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता बिल्हा विधायक  धरमलाल कौशिक ने की। विशेष अतिथियों के रूप में कोटा विधायक  अटल वास्तव, बेलतरा विधायक  सुशांत शुक्ला, महापौर मती पूजा विधानी, नगर निगम सभापति  विनोद सोनी तथा नेता प्रतिपक्ष  भरत कश्यप उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि हाल ही में संपन्न चुनाव में  अजीत मिश्रा प्रेस क्लब बिलासपुर के अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। उपाध्यक्ष पद पर  विजय क्रांति तिवारी, सचिव  संदीप परिहार, कोषाध्यक्ष  किशोर कुमार सिंह, सह सचिव  हरिशंकर गंगवानी तथा कार्यकारी सदस्य के रूप में  कैलाश यादव चुने गए हैं।

    मुख्य अतिथि एवं उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने नई टीम को बधाई देते हुए कहा कि कड़ी मेहनत और एकजुटता के साथ यह टीम बिलासपुर का नाम और ऊंचा करेगी। उन्होंने कहा कि बिलासपुर प्रेस क्लब से अनेक वरिष्ठ पत्रकार निकले हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर बिलासपुर को पहचान बनाई है। नई टीम इस गौरव को और आगे बढ़ाएगी। उन्होंने पत्रकारिता को चुनौतीपूर्ण क्षेत्र बताते हुए कहा कि इसमें निरंतर मेहनत, प्रतिबद्धता और निष्पक्षता की आवश्यकता होती है। बड़ी संख्या में जुड़े नए पत्रकारों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने इसमें राष्ट्रीय स्तर के पत्रकारों को भी आमंत्रित करने का सुझाव दिया। उप मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि बिरकोना स्थित पत्रकार कॉलोनी में सड़क निर्माण के लिए 8 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। साथ ही प्रेस क्लब भवन के कायाकल्प का कार्य भी प्रगति पर है। उन्होंने न्यायधानी की गरिमा के अनुरूप प्रेस क्लब को मजबूत बनाने में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
      
    अध्यक्षीय उद्बोधन में विधायक  धरमलाल कौशिक ने कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ प्रेस को माना गया है। मीडिया न केवल राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रखती है, बल्कि बिलासपुर के हितों के लिए संघर्ष में भी अग्रणी भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि प्रेस द्वारा उठाए गए मुद्दों पर राजधानी रायपुर में उच्च स्तरीय बैठकों में चर्चा कर निर्णय लिया जाना इसकी प्रभावशीलता का प्रमाण है विधायक  अटल वास्तव ने कहा कि प्रेस क्लब केवल समाचार प्रकाशन तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय हितों की रक्षा में भी सक्रिय भूमिका निभाती है। बिलासपुर में रेलवे जोन और केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना में प्रेस क्लब की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विधायक सुशांत शुक्ला ने प्रेस क्लब की निष्पक्ष पत्रकारिता की सराहना करते हुए कहा कि बिलासपुर को उसका वाजिब हक दिलाने में मीडिया ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। नव निर्वाचित प्रेस क्लब अध्यक्ष  अजीत मिश्रा ने स्वागत भाषण दिया। उपाध्यक्ष  विजय क्रांति तिवारी ने आभार व्यक्त किया। गरिमामय आयोजन में बड़ी संख्या में पत्रकार, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह ने प्रेस क्लब की नई टीम के प्रति विश्वास और अपेक्षाओं को नई दिशा दी।

  • वैभव सूर्यवंशी जैसा खेल दिखाओ, लेकिन समझदारी जरूरी— सुपर-8 से पहले अश्विन का खास संदेश

    वैभव सूर्यवंशी जैसा खेल दिखाओ, लेकिन समझदारी जरूरी— सुपर-8 से पहले अश्विन का खास संदेश

    नई दिल्ली
    चोट के बाद टीम इंडिया में वापसी कर रहे तिलक वर्मा अभी तक उस लय में नहीं दिखे हैं जिसके लिए वह जाने जाते हैं। टी20 वर्ल्ड कप में उनकी धीमी बल्लेबाजी की खूब आलोचना हो रही है। हालांकि अब पूर्व भारतीय स्पिनर आर अश्विन उनके सपोर्ट में उतरे हैं। अश्विन का कहना है कि आप वैभव (सूर्यवंशी) की तरह खेल सकते हैं, लेकिन आप तिलक की तरह भी खेल सकते हैं, जो टाइमिंग पर भरोसा करते हैं और गैप चुनते हैं। भारत ग्रुप स्टेज के अपने सभी मुकाबले जीतकर सुपर-8 में पहुंच चुका है। टीम इंडिया सेमीफाइनल की ओर कदम 22 फरवरी को बढ़ाएगी, जब उनका सुपर-8 का पहला मुकाबला साउथ अफ्रीका से होगा। इसके बाद टीम इंडिया जिम्बाब्वे और न्यूजीलैंड से भिड़ेगी।

    रविचंद्रन अश्विन ने ऐश की बात पर कहा, "सूर्या ने बहुत मेहनत से पारी खेली। एक्सेलरेशन पॉइंट के लिए, दुबे, हार्दिक और रिंकू थे। उन्हें पता था कि वे स्कोरिंग रेट पकड़ सकते हैं। लेकिन इंडिया आज (नीदरलैंड के खिलाफ) बैट से बहुत अच्छा नहीं था, बहुत एफिशिएंट नहीं था। लेकिन यह इतनी सॉलिड टीम है कि अपने आम दिन में भी, वे आपको हरा सकते हैं। वे उम्मीद से कम थे, अपने बेस्ट पर नहीं थे। लेकिन फिर भी, वरुण चक्रवर्ती की इतनी अच्छी बॉलिंग के बावजूद, नीदरलैंड्स उन्हें नहीं चुन सका। जसप्रीत बुमराह को पावरप्ले में स्विंग मिली और उन्होंने यॉर्कर भी फेंके।"

    अश्विन ने सबसे छोटे फॉर्मेट में तिलक वर्मा के अप्रोच पर भी बात की, खासकर जब वह चोट के बाद वापसी कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि T20 में सफलता हमेशा ताकत पर निर्भर नहीं करती और टाइमिंग और प्लेसमेंट की वैल्यू पर जोर दिया।

    अश्विन ने कहा, "तिलक वर्मा चोट के बाद वापस आ रहे हैं। हम पावर और ताकत की बात करते हैं, लेकिन स्वीट स्पॉट और टाइमिंग बैटिंग का बेसिक हिस्सा हैं। तिलक कोई बड़े पावर हिटर नहीं हैं। उनके लिए टाइमिंग और स्वीट स्पॉट ढूंढना सबसे जरूरी है। प्लीज याद रखें, आप वैभव (सूर्यवंशी) की तरह खेल सकते हैं, लेकिन आप तिलक की तरह भी खेल सकते हैं, जो टाइमिंग पर भरोसा करते हैं और गैप चुनते हैं।"

  • तकनीक तभी सार्थक जब वह मानव हित में हो, हम एआई को सुशासन और सबके विकास के लिए अपनाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    तकनीक तभी सार्थक जब वह मानव हित में हो, हम एआई को सुशासन और सबके विकास के लिए अपनाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    निर्भय होकर एआई से प्रदेश के विकास की सभी संभावनाओं पर करेंगे काम
    प्रदेश में एआई बेस्ड डेटा सेंटर की स्थापना के लिए निवेशक आमंत्रित
    मध्यप्रदेश जल्द लांच करेगा स्टेट एआई मिशन
    कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और सुशासन में एआई का करेंगे उपयोग
    धार्मिक पर्यटन बढ़ाने और सिंहस्थ महाकुंभ के समुचित नियोजन एवं प्रबंधन में करेंगे एआई का इस्तेमाल

     

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कोई भी नई तकनीक तभी सार्थक है, जब वह मानवता के हित में अवसरों से भरपूर और कारगर हो। हमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) को नवाचार के साथ सबके विकास, सामाजिक समरसता, सुशासन और देश-प्रदेश के सर्वांगीण विकास के साधन के रूप में अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि भारत आज डिजिटल परिवर्तनों को अपनाकर निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में एआई कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन उद्योग और प्रशासन में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एआई के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ेगी, निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और आम नागरिक तक योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय एकता और सामूहिक संकल्प का आह्वान करते हुए कहा कि देश के विकास के लिए सभी को मिलकर आगे बढ़ना होगा। हम सब एकजुट होकर एआई के माध्यम से भारत को समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। एआई तकनीक हमारे लिए अवसर भी है और जिम्मेदारी भी। शीघ्र ही मध्यप्रदेश स्टेट एआई मिशन लांच करेगा, जो शासन प्रणाली, सार्वजनिक सेवाओं और आर्थिक अवसरों को तकनीक आधारित रूप में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम् में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 के समापन सत्र में सहभागिता की। उन्होंने भारत मंडपम् स्थित भोपाल मीडिया सेंटर में नेशनल मीडिया करेस्पांडेंट्स से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के भविष्य और इसके इस्तेमाल पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एआई से निर्भय होकर देश के हित में काम करने पर जोर दिया है। हमारी सरकार प्रदेश की समृद्धि के लिए सभी चुनौतियों से उबरकर तेज गति से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसमें मध्यप्रदेश भी अपनी बड़ी भूमिका निभा रहा है। मध्यप्रदेश, भारत का 5वां बड़ा राज्य है। राज्य के चिकित्सा क्षेत्र में एआई की मदद से सही समय पर बीमारियों की पहचान और उनका निदान एवं सुदूर अंचलों तक बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। मध्यप्रदेश में नए-नए उद्योग स्थापित करने के लिए हमारे पास पर्याप्त भूमि और पानी उपलब्ध है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआई को “नये जमाने की नई वैज्ञानिक विधा” बताते हुए इसके जिम्मेदारीपूर्ण और मानवीय उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई तकनीकी प्रगति के माध्यम के साथ मानव जीवन की गुणवत्ता सुधारने का सशक्त साधन भी है। भारत जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राष्ट्र के लिए यह आवश्यक है कि एआई का विकास और उपयोग भारतीय मानवीय मूल्यों के संरक्षण के साथ हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में प्रतिभा, संसाधन और दृष्टि, तीनों का अद्वितीय संगम मौजूद है। सही दिशा में एआई का उपयोग कर हम अपने देश को वैश्विक एआई परिदृश्य में अग्रणी भूमिका में ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि एआई का भविष्य इसकी तकनीकी श्रेष्ठता, नैतिकता, पारदर्शिता और समावेशिता में निहित है। यह हम पर है कि हम इसका उपयोग किस तरह, किस दिशा में और किस लक्ष्य के लिए कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रदेश देश के मध्य में स्थित है। हमारे पास पर्याप्त लैंड बैंक है। प्रदेश में एआई आधारित एक बड़ा डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस डेटा सेंटर की स्थापना के लिए हमने बड़े निवेशकों और कम्पनियों को भी आमंत्रित किया है। एआई के जरिए प्रदेश के तकनीकी विकास और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण को गति मिलेगी। प्रदेश के नागरिकों के कल्याण के लिए हम हर सेक्टर में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि प्रधान राज्य है। किसानों और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका क्रांतिकारी सिद्ध होगी। किसानों के लिए फसलों में होने वाली बीमारियों की सही समय पर जांच और उपचार करने से उत्पादन में लाभ मिलेगा। बहुफसलीय खेती को बढ़ाने, किसानों को बिजली-पानी और सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने, प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने और आवागमन सुगम बनाने सहित हर सेक्टर में एआई का भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश के बड़े और छोटे शहरों में आईटी पार्क बनाए जा रहे हैं। हमारे युवाओं में टैलेंट की कमी नहीं है। युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार कार्य कर रही है। एआई के माध्यम से भी लाभ देने पर विचार किया जा रहा है। प्रदेश में एआई सेक्टर के विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट सपोर्ट, इंडस्ट्री में उपयोग, रिसर्च और इनोवेशन से जुड़कर इंडस्ट्री रिसर्च सेंटर को प्रोत्साहन देकर आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने के लिए हम आगे बढ़ेंगे। एआई स्टार्ट-अप को सरकार के साथ काम करने का अवसर देने के लिए भी हम काम कर रहे हैं। एमएसएमई में नए शोध को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मध्यप्रदेश बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होकर नई संभावनाओं की ओर देख रहा है। इस सेक्टर में भी एआई के उपयोग को भविष्य में प्रोत्साहन दिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा राज्य कृषि क्षेत्र में समृद्ध होता जा रहा है। मध्यप्रदेश गेहूं और धान उत्पादन में अग्रणी है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए फल उद्यान, बागवानी फसलों और जैविक खेती को प्रोत्साहित कर रही है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग हमारे सभी किसानों को एआई का भरपूर लाभ दिलाने में मदद करेगा। प्रदेश सरकार कृषि उत्पादन सहित हर सेक्टर में एआई के उपयोग के लिए तैयार है। एजुकेशन और हेल्थ सेक्टर में भी एआई महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। राज्य में सिकल सेल एनीमिया से लड़ने में भी एआई का लाभ लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नई शिक्षा नीति-2020 के प्रदेश में सबसे पहले लागू की गई है। इसमें नवाचार किए जा रहे हैं। सांदीपनि विद्यालय और पीएम एक्सीलेंस कॉलेज के माध्यम से एआई को प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के प्रोत्साहन में भी एआई का लाभ लिया जाएगा। वर्ष 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होना है। इसके समुचित प्रबंधन में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। होमस्टे की कनेक्टिविटी में भी पर्यटकों को एआई के जरिए लाभ दिलाया जाएगा।

    मध्यप्रदेश में बनेगा एआई का पूरा ईको सिस्टम
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में एआई का पूरा नया ईको सिस्टम तैयार किया जाएगा। इस ईको सिस्टम के 5 मुख्य हिस्से होंगे। पहला कम्प्यूटर इंफ्रॉस्ट्रक्चर- इसमें साझा जीपीयू और डेटा सेंटर होगा। दूसरा टैलेंट डेवलपमेंट- इसमें कॉलेजों में एआई की पढ़ाई और इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन किया जाएगा। तीसरा स्टार्ट-अप सपोर्ट- इसमें फंडिंग, मेंटरशिप और इन्क्यूबेशन की सुविधा दी जाएगी। चौथा इंडस्ट्री में उपयोग- इसके तहत एआई अपनाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। पांचवां रिसर्च एंड इनोवेशन- इसमें इंडस्ट्री से जुड़े रिसर्च सेंटर्स और नवाचारों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सिर्फ एआई का उपयोग ही नहीं करेंगे, बल्कि एआई बनाने की क्षमता भी विकसित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब हम भोपाल और इंदौर में एआई फोकस्ड एक्सेलरेटर शुरू करेंगे। हम मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रोनिक डेवलपमेंट कार्पोरेशन के जरिए एआई गवर्नेंस सैंड बाक्स शुरू करेंगे। इसके लिए सरकार एक मजबूत प्लेट फार्म उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम अपनी इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट पॉलिसी में अब एआई आधारित तकनीकी को भी जोड़ रहे हैं। इससे हमारी उत्पादन क्षमता 15 से 20 प्रतिशत बढ़ सकती है, विशेषकर टेक्सटाइल, फार्मा, माइनिंग और ऑटो सेक्टर में। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एआई के विकास के लिए हम मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा सेक्टर में सोलर आधारित सोलर सेंटर, हाईब्रिड ऊर्जा मॉडल और ग्रीन डेटा सेंटर को प्रोत्साहन देंगे। इससे डिजिटल विकास और पर्यावरण का संरक्षण दोनों परस्पर साथ-साथ चलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एआई भविष्य में मध्यप्रदेश अर्थव्यवस्था का बड़ा विकास इंजन बनेगा। अगले 5 सालों में हम 500 से अधिक एआई स्टार्ट-अप के जरिए 50 हजार से अधिक नए रोजगार सृजन का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेंगे। हम प्रदेश के प्रमुख उद्योगों में एआई का अधिकतम उपयोग और एआई सेवाओं के निर्यात के लिए भी सभी जरूरी कदम उठाएंगे।

    वैश्विक टेक कंपनियों से किया वन-टू-वन संवाद
    एआई समिट में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न अग्रणी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के वरिष्ठ नेतृत्वकर्ताओं के साथ वन-टू-वन संवाद किया की। एनवीडिया की उपाध्यक्ष (ग्लोबल एआई इनिशिएटिव्स) सुकैलिस्टा रेडमंड से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप की स्थापना, स्टार्टअप्स को सब्सिडी दरों पर जीपीयू उपलब्ध कराने, स्थानीय साझेदारों को सशक्त बनाने के लिए सहयोग तंत्र विकसित करने और तकनीकी टूल्स, संसाधन और लाइब्रेरी उपलब्ध कराने पर चर्चा की। साथ ही एलएलएम मॉडल, सॉवरेन एआई की दिशा में सहयोग और एनवीडिया के फ्लैगशिप कार्यक्रम में आमंत्रण पर भी विचार-विमर्श किया गया। एनवीडिया अमेरिका स्थित एक वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी है, जो जीपीयू, एआई कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर समाधान तथा उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग के क्षेत्र में अग्रणी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जेनस्पार्क एआई के वैश्विक जीटीएम प्रमुख ब्रेनो मेलो से वन-टू-वन बैठक कर राज्य में समाधान प्रदाता के रूप में उनकी भूमिका, उपलब्ध तकनीकी समाधानों के उपयोग और एमओयू के अनुरूप पायलट प्रोग्राम प्रारंभ करने पर चर्चा की।

    सर्वम एआई के सह-संस्थापक डॉ. प्रत्युष कुमार से वन-टू-वन बैठक में फुल-स्टैक सॉवरेन एआई मॉडल विकसित करने, स्टार्टअप्स और डेवलपर्स के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने पर चर्चा की। सर्वम एआई बेंगलुरु स्थित एक भारतीय एआई स्टार्टअप है, जो भारतीय भाषाओं के लिए सॉवरेन जनरेटिव एआई प्लेटफॉर्म और बड़े भाषा मॉडल विकसित करता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने के-जन एआई की सुश्रुति वर्मा से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में क्षमता निर्माण, गेम जैम आयोजन, गेम डेवलपमेंट और एआई में अपस्किलिंग, मध्यप्रदेश के अटल प्रोजेक्ट से कनेक्टिविटी और इंदौर में स्टूडियो स्थापना के विषय पर चर्चा की। के-जन एआई बेंगलुरु स्थित एआई-सक्षम गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म है।

    गूगल प्ले के निदेशक कुणाल सोनी से गेमिंग स्टार्टअप्स एवं विद्यार्थियों को सहयोग, एआई स्किलिंग और प्रशिक्षण, अपस्किलिंग, प्रमाणन एवं पाठ्यक्रम विकास, गेमिंग पार्टनरशिप और एक्सेलरेटर कार्यक्रमों पर चर्चा की। इंदौर और भोपाल में गूगल प्ले इवेंट आयोजित करने, कंटेंट एक्सपोर्ट और पब्लिशिंग सपोर्ट प्रदान करने और उज्जैन सिंहस्थ 2028 के अवसर पर संभावित सहयोग पर भी विचार किया गया। गूगल प्ले वैश्विक डिजिटल ऐप एवं गेम वितरण प्लेटफ़ॉर्म है।

    विभिन्न कंपनियों के साथ हुए एओयू
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के माध्यम से राज्य के एआई मिशन के प्रमुख स्तंभों को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने के लिए 3 महत्वपूर्ण रणनीतिक समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया। इन एमओयू में जेनस्पार्क एआई इंक. के साथ एआई इन्फॉस्ट्रक्चर के अनुकूलन, सृजनात्मक एआई आधारित शासन समाधानों के विकास और नवाचार परीक्षण मंच की स्थापना पर सहमति बनी। इनविसिड एआई कंपनी के साथ राज्य डेटा केंद्र में एआई संचालित डिजिटल प्रतिरूप (डिजिटल ट्विन) की तैनाती के लिए सहयोग किया जाएगा। वहीं सर्वम एआई (एक्सोनवाइज प्रा. लि.) के साथ सॉवरेन एआई अवसंरचना के निर्माण और एआई-सक्षम सार्वजनिक सेवाओं के विकास के लिए सहभागिता सुनिश्चित की गई है।इसके अतिरिक्त, सबमर टेक्नोलॉजीज़ एस.एल. को ऊर्जा-कुशल, द्रव-शीतित एवं एआई-तत्पर डेटा केंद्र अवसंरचना के विकास तथा भविष्य में एक गीगावाट तक एआई-अनुकूलित क्षमता निर्माण के उद्देश्य से आशय पत्र जारी किया गया।

    गूगल पेवेलियन का किया आवलोकन
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गूगल पेवेलियन का अवलोकन किया। उन्होंने कंट्री डायरेक्टर आशीष वाटल एवं कंपनी के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ उच्च-स्तरीय संवाद किया। एआई, संवर्धित वास्तविकता (एआर) और आभासी वास्तविकता (वीआर) सहित मानचित्र-आधारित प्रौद्योगिकियों के माध्यम से मध्यप्रदेश में पर्यटन नवाचार को सुदृढ़ करने की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। चर्चा में पुरातात्विक एवं धरोहर स्थलों के सजीव आभासी भ्रमण, व्यक्तिगत यात्रा अनुभवों का सृजन, वास्तविक समय यात्री सहभागिता, एआई-संचालित गंतव्य विश्लेषण और सतत पर्यटन विकास जैसे विषय प्रमुख रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआई-संचालित क्रिकेट इंस्टॉलेशन का भी अनुभव किया, जहाँ वास्तविक समय विश्लेषण के माध्यम से खेल प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन सुधार में एआई की उपयोगिता का प्रदर्शन किया गया।

    म.प्र. पेवेलियन का किया भ्रमण
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश पवेलियन का भ्रमण कर अवलोकन किया। पेवेलियन में विभिन्न नवप्रवर्तनशील उद्यमों एवं प्रतिष्ठित संस्थानों के अत्याधुनिक एआई समाधान का अवलोकन किया। इनमें कॉमनिफाई वेंचर्स, रिमोट फिज़ियोस, आस्कगैलोर डिजिटल इंडिया प्रा. लि., ग्रेडिन एआई, ट्रायोसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज़ प्रा. लि., आरएसईएनएल एआई फिल्म्स, क्वासी इंटेलिजेंस प्रा. लि., यंगोवेटर, नोवोसएज (एग्रीदूत), एनयूएआईजी इन्फोटेक प्रा. लि., प्लांटिक्स, ज़ैंगोह, आईआईटी इंदौर दृष्टि साइबर-भौतिक प्रणाली फाउंडेशन और आईआईटी इंदौर शामिल रहे।इन संस्थानों द्वारा संचार प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवाएँ, कृषि नवाचार, औद्योगिक स्वचालन, रोबोटिक्स, सृजनात्मक एआई तथा संप्रभु शासन मंचों से संबंधित उन्नत एआई आधारित समाधान प्रस्तुत किए गए। इनमें राज्य की तकनीकी क्षमता और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावी रूप से प्रदर्शित किया।

    म.प्र. पेवेलियन में शासकीय विभागों ने भी अपने एआई अनुप्रयोगों का प्रदर्शन किया, जिनमें नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय द्वारा एमपी शहरी लॉकर, भौगोलिक सूचना प्रणाली गरुड़ प्रयोगशाला, एआई सक्षम वित्तीय प्रवाह प्रबंधन प्रणाली और ई-नगर पालिका एकीकरण; पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा एआई आधारित जिला प्रदर्शन विश्लेषण प्रणाली,राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा तपेदिक जोखिम पूर्वानुमान, एआई आधारित जाँच एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य सहायता और मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा होलोग्राफिक एवं सजीव डिजिटल पर्यटन अनुभव शामिल रहे।

    प्रमुख सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एम. सेलवेंद्रम, सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसम्पर्क मनीष सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव इलैया राजा टी. एवं मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध संचालक चंद्रमौली शुक्ला भी उपस्थित थे।

     

     

  • कोलगेट ने राहुल द्रविड़ को किया नया ब्रांड एंबेसडर नियुक्त

    कोलगेट ने राहुल द्रविड़ को किया नया ब्रांड एंबेसडर नियुक्त

    मुंबई
    कोलगेट-पामोलिव (इंडिया) लिमिटेड ने दिग्गज क्रिकेटर और भारतीय टीम के पूर्व कोच राहुल द्रविड़ को कोलगेट टोटल का नया ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया है। इस अवसर पर कोलगेट टोटल के ब्रांड एंबेसडर राहुल द्रविड़ ने कहा, “खेलों में प्रदर्शन की बात हो तो हर छोटी चीज मायने रखती है। मौखिक स्वास्थ्य भी ऐसा ही एक अहम पहलू है। इतना कि दुनिया भर की कई टीमें और हंसी फ्लिक जैसे कोच अब खिलाड़ियों के लिए डेंटल चेक-अप अनिवार्य करते हैं। मेरे लिए कोलगेट टोटल इसलिए खास है क्योंकि यह 8 डेंटल समस्याओं को रोकता है और आपको वह प्रोएक्टिव बढ़त देता है।”

    कोलगेट-पामोलिव (इंडिया) लिमिटेड के मार्केटिंग, ईवीपी, गुंजित जैन ने कहा, “अच्छा स्वास्थ्य हमेशा से खेल प्रदर्शन से जुड़ा रहा है। नींद, व्यायाम और पोषण के बारे में सभी जानते हैं, लेकिन जिस छिपे हुए पहलू पर अब तक बात नहीं हुई, वह है मौखिक स्वास्थ्य। मुंह के जर्म्स शरीर में जाकर सूजन बढ़ा सकते हैं, मसल रिकवरी को धीमा कर सकते हैं और स्टैमिना को प्रभावित कर सकते हैं। राहुल द्रविड़ जैसे निरंतरता और विश्वसनीयता के प्रतीक के साथ साझेदारी कर, हम इस वैज्ञानिक तथ्य को मुख्यधारा में ला रहे हैं और कोलगेट टोटल की श्रेष्ठ तकनीक को उजागर कर रहे हैं, जो जर्म बिल्ड-अप से तीना गुना बेहतर लड़ती है और 8 डेंटल समस्याओं से बचाव करती है।”

     

  • वन मंत्री  केदार कश्यप ने चित्रकोट महोत्सव के दौरान किया बस्तर हेरिटेज मैराथन के लोगो का अनावरण

    वन मंत्री केदार कश्यप ने चित्रकोट महोत्सव के दौरान किया बस्तर हेरिटेज मैराथन के लोगो का अनावरण

    रायपुर

    बस्तर में खेल एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले बस्तर हेरिटेज मैराथन का आयोजन आगामी 22 मार्च को किया जाएगा। चित्रकोट महोत्सव के समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वन मंत्री  केदार कश्यप ने बस्तर हेरिटेज मैराथन के आधिकारिक लोगो का अनावरण किया।

    कलेक्टर बस्तर ने बताया कि बस्तर हेरिटेज मैराथन का आयोजन 22 मार्च को किया जाएगा, जिसमें 5 किमी, 10 किमी, 21 किमी और 42 किमी की दौड़ प्रतियोगिता होगी। प्रतियोगिता चित्रकोट जलप्रपात से प्रारंभ होकर कुरुषपाल तक 21 किमी जाकर वापस चित्रकोट में समाप्त होगी। पाँच किलोमीटर की दौड़ चित्रकोट से मारडूम चौक तक, दस किमी की दौड़ एसटीएफ कैम्प से वापस चित्रकोट तक होगी।

    वन मंत्री  कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि पहली बार बस्तर हेरिटेज मैराथन का आयोजन किया जा रहा है स यह केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं में फिटनेस, अनुशासन एवं सकारात्मक जीवनशैली को प्रोत्साहित करने की पहल है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी का आह्वान किया। 

    इस अवसर पर बस्तर सांसद  महेश कश्यप, विधायक  विनायक गोयल, पूर्व विधायक  लच्छूराम कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

  • UP सरकार का बड़ा ऐलान: सभी सरकारी दफ्तर तंबाकू मुक्त, स्कूलों में अनिवार्य होगा एंटी-टोबैको चैप्टर

    UP सरकार का बड़ा ऐलान: सभी सरकारी दफ्तर तंबाकू मुक्त, स्कूलों में अनिवार्य होगा एंटी-टोबैको चैप्टर

    लखनऊ 

    उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने तंबाकू के बढ़ते प्रभाव को रोकने और युवा पीढ़ी को इसके चंगुल से बचाने के लिए एक 'ब्लूप्रिंट' तैयार किया है। अब प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों को 'तंबाकू मुक्त क्षेत्र' (Tobacco Free Zone) घोषित किया जाएगा। इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों की मान्यता के लिए अब तंबाकू मुक्त परिसर के नियमों का पालन करना अनिवार्य शर्त होगी।

    मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई 'राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम' की बैठक में राज्य स्तरीय समन्वय समिति ने कई फैसलों पर मुहर लगाई।

    तंबाकू की दुकानों के बीच 500 मीटर की दूरी का प्रस्ताव

    राज्य सरकार अब तंबाकू की उपलब्धता को कम करने के लिए लाइसेंसिंग व्यवस्था को और सख्त करने जा रही है। मुख्य सचिव ने प्रस्ताव दिया है कि:

    • दो तंबाकू विक्रेताओं की दुकानों के बीच कम से कम 500 मीटर की दूरी सुनिश्चित करने के नियम पर विचार किया जाए।
    •     
    • बिना वैध लाइसेंस के तंबाकू बेचना अब और भी मुश्किल होगा।
    • स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेंगे दुष्प्रभाव
    • मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि तंबाकू के खिलाफ जंग की नींव बचपन में ही रखनी होगी। इसके लिए रणनीति तैयार की गई है:
    • प्राथमिक स्तर से ही तंबाकू के दुष्प्रभावों को पढ़ाई और सह-पाठ्यक्रम (Co-curricular) गतिविधियों में शामिल किया जाएगा।
    • सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विशेष अभियान चलाए जाएंगे, ताकि तंबाकू के साथ जुड़े 'तथाकथित ग्लैमर' के भ्रम को तोड़ा जा सके।   
    • किसी भी नए शिक्षण संस्थान को मान्यता तभी मिलेगी, जब वह 'तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान' के कड़े दिशानिर्देशों का पालन करेगा।

    स्वास्थ्य ढांचे को और प्रभावी बनाने के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं:

    चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे हर मरीज को तंबाकू छोड़ने की प्रभावी सलाह दे सकें।
        
    सभी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एक तय समय सीमा के भीतर 'तंबाकू निषेध केंद्र' (Cessation Centers) स्थापित किए जाएंगे।

        
    तंबाकू के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत बच्चों से ही करनी होगी। युवाओं में इसके बढ़ते आकर्षण को रोकने के लिए हमें इसके ग्लैमरस विज्ञापन वाले चेहरे को बेनकाब करना होगा।- एसपी गोयल, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश

    बैठक में ये रहे मौजूद

    इस उच्च स्तरीय बैठक में अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा शिक्षा) अमित कुमार घोष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त रोशन जैकब सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में 'कोटपा' (COTPA) अधिनियम, 2003 के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।

     

  • AI समिट में यूथ कांग्रेस का हंगामा, शर्टलेस होकर PM के खिलाफ नारेबाजी, कई कार्यकर्ता गिरफ्तार

    AI समिट में यूथ कांग्रेस का हंगामा, शर्टलेस होकर PM के खिलाफ नारेबाजी, कई कार्यकर्ता गिरफ्तार

    नई दिल्ली
    नई दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इंपैक्ट समिट के दौरान शुक्रवार को यूथ कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक प्रदर्शनकारी शर्टलेस होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। दिल्ली पुलिस ने जुड़े सूत्रों ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से बताया कि यूथ कांग्रेस के सदस्य होने का दावा करने वाले करीब 10 लोगों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "चार से पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है।" जानकारी के मुताबिक प्रदर्शन में शामिल लोग QR-कोड वाले पास का इस्तेमाल कर इवेंट में घुसे थे।

    फिलहाल हिरासत में लिए गए सभी लोगों को पूछताछ के लिए तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया है। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हम इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सभी जरूरी कानूनी कदम उठाएंगे।"

    भड़की बीजेपी
    भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी का नाम लेकर इस घटना पर नाराजगी जताई है। भाजपा के IT सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित मालवीय ने इसे पूरे देश देश के लिए शर्मिंदगी का विषय बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “ऐसे समय में जब भारत एक मशहूर ग्लोबल AI समिट होस्ट कर रहा है, जिसमें टेक्नोलॉजी में अपने इनोवेशन और लीडरशिप को दिखाया जा रहा है, कांग्रेस पार्टी ने इज्जत देने के बजाय हंगामे को चुना।”

    उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए लिखा,
    राहुल गांधी की लीडरशिप में, कांग्रेस वर्कर्स ने टॉपलेस होकर समारोह में हंगामा किया, यह काम साफ तौर पर दुनिया के मंच पर भारत को शर्मिंदा करने के लिए किया गया था। जब देश खुद को ग्लोबल टेक्नोलॉजी पावरहाउस के तौर पर बनाने की कोशिश कर रहा है, तो ऐसा बर्ताव सिर्फ उन लोगों के फायदे में है जो भारत को गिरते हुए देखना चाहते हैं। राजनैतिक विरोध एक लोकतांत्रिक हक है, लेकिन भारत की ग्लोबल इमेज को नुकसान पहुंचाना नहीं। भारत इससे बेहतर का हकदार है।”