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  • 63 को गोकुल व 49 को आज मिलेगा नंद बाबा पुरस्कार

    63 को गोकुल व 49 को आज मिलेगा नंद बाबा पुरस्कार

    लखनऊ

    उप्र दुग्धशाला विकास विभाग की ओर से सोमवार को गोधन समागम-2026 का आयोजन किया जाएगा। इसमें वित्तीय वर्ष 2024-25 के गोकुल पुरस्कार के लिए 63 एवं नंद बाबा पुरस्कार के लिए चयनित 49 लाभार्थियों को पुरस्कृत किया जाएगा। साथ ही निराश्रित गोवंश के संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वाली गोशालाओं को भी सम्मानित किया जाएगा। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स सभागार में दुग्ध विकास, पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह पुरस्कार प्रदान करेंगे। 

    दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के.जी. ने बताया कि गोधन समागम-2026 में गोकुल एवं नंद बाबा पुरस्कार के चयनित लाभार्थी तथा प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को गोपालन से संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा स्वदेशी नस्ल के गोपालन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गोपालन से सम्बन्धित विषयों पर विचार-विमर्श एवं जानकारी दी जायेगी। प्रथम सत्र में गोधन प्रदर्शनी, नंद बाबा व गोकुल पुरस्कार वितरण, दुग्ध उत्पादन की तकनीकों पर प्रस्तुतिकरण, उत्कृष्ट निराश्रित गोआश्रय स्थलों, गोशालाओं को सम्मानपत्र तथा डी०बी०टी० के जरिए पुरस्कार धनराशि का वितरण किया जाएगा। 

    द्वितीय सत्र में गोआधारित अर्थव्यवस्था पर गोपालकों की संगोष्ठी, पशु आहार, हरे चारे, पशु पोषण पर चर्चा, गोवंश आश्रय स्थलों को उत्पादक व स्वावलंबी बनाने के लिए प्रस्तुतिकरण, स्वदेशी गौपालन पर चर्चा, गोपालन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था से सुदृढ़ीकरण पर प्रस्तुतिकरण, नस्ल सुधार, पशु पोषण तथा पशु स्वास्थ्य व उचित देखभाल आदि पर प्रस्तुतिकरण किया जाएगा।

    कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव, पशुधन, दुग्ध एवं मत्स्य विकास मुकेश मेश्राम, प्रबंध निदेशक पीसीडीएफ वैभव श्रीवास्तव भी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ, उद्यमी, किसान एवं पशुपालक भी प्रतिभाग करेंगे। समागम में सम्बन्धित विषय विशेषज्ञों द्वारा स्वदेशी नस्ल के गौ-पालन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण से संबंधित विषयों पर गहन विचार-विमर्श एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की जाएंगी।

  • भोपाल में कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्षों के इंटरव्यू संपन्न, जल्द होगी नियुक्ति

    भोपाल में कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्षों के इंटरव्यू संपन्न, जल्द होगी नियुक्ति

    भोपाल

     मध्य प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्षों के चयन हेतु साक्षात्कार राजधानी भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में 20 एवं 21 फरवरी को आयोजित किए गए। इन साक्षात्कारों में प्रदेश भर से लगभग ढाई सौ से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और अपने-अपने जिलों के प्रतिनिधित्व के लिए आवेदन प्रस्तुत किए।

    साक्षात्कार प्रक्रिया में प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रतिनिधि तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक और एससी विभाग के प्रदेश प्रभारी भगवती प्रसाद चौधरी विशेष रूप से शामिल रहे। पैनल ने सभी अभ्यर्थियों से संगठनात्मक अनुभव, सामाजिक कार्य, दलित समाज के मुद्दों पर कार्य तथा पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता से जुड़े प्रश्न पूछे।

    अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने जानकारी देते हुए बताया कि चयन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद जल्द ही पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी से विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके पश्चात विभाग के प्रदेश प्रभारी श्री चौधरी से विमर्श कर तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम की अनुशंसा के आधार पर मध्य प्रदेश के सभी जिलों में अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की जाएगी।

    उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया संगठन को मजबूत करने तथा जमीनी स्तर पर दलित समाज की आवाज़ को प्रभावी ढंग से उठाने के उद्देश्य से की जा रही है। नए पदाधिकारियों के चयन से संगठनात्मक गतिविधियों को गति मिलेगी और पार्टी की नीतियों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी।

  • एलन मस्क का बड़ा दावा: मैं अपनी मौत तक 500 अरब डॉलर टैक्स दूंगा

    एलन मस्क का बड़ा दावा: मैं अपनी मौत तक 500 अरब डॉलर टैक्स दूंगा

    वाशिंगटन
    दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क (Elon Musk) आए दिन कोई ना कोई बड़ा दावा करते रहते हैं। अब उन्होंने एक नई बात से सबको हैरान कर दिया है। एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा की वह अपने पूरे जीवन में 500 अरब डॉलर से अधिक का टैक्स भुगतान कर देंगे। उन्होंने यह अनुमान तब लगाया है जब उनकी कुल नेट वर्थ 852 बिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है। उनकी नेट वर्थ में इस उछाल के पीछे की वजह रॉकेट कंपनी SpaceX और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी xAI का मर्जर है। इस विलय के बाद कंपनी की वैल्यूएशन 1.25 ट्रिलियन डॉलर हो गया है।

    क्या कुछ कहा है एलन मस्क ने?
    एक वीडियो के जबाव में उन्होंने उन्हें इतिहास का सबसे बड़ा टैक्स भुगतान करने वाला व्यक्ति खुद को बताया है। एलन मस्क ने कहा कि उन्होंने अबतक 10 बिलियन डॉलर के टैक्स भुगतान कर दिया है। मस्क ने कहा, “व्यक्तिगत भुगतान वाला सबसे बड़ा व्यक्ति हूं। मैंने 10 बिलियन डॉलर से अधिक का टैक्स भुगतान कर दिया है।” मस्क आगे कहते हैं कि अपनी मौत तक मैं 500 अरब डॉलर से अधिक का टैक्स भुगतान कर दूंगा।

    तेजी से बढ़ रही है नेट वर्थ
    इसी महीने की शुरुआत में एलन मस्क की नेट वर्थ में 84 बिलियन डॉलर का इजाफा महज एक दिन में हो गया था। दोनों कंपनियों के विलय के बाद अस्तित्व में आई नई कंपनी में एलन मस्क की कुल हिस्सेदारी 43 प्रतिशत है। जोकि 542 बिलियन डॉलर के बराबर है।

    एलन मस्क की नेट वर्थ में तेजी के साथ इजाफा होने की उम्मीद है। हाल ही में टेस्ला के शेयरहोल्डर्स ने Mars Shot के पे पैकेज की घोषणा की है। अगर टेस्ला एक दशक में ग्रोथ टारगेट तक पहुंच जाएगा तब की स्थिति में एलन मस्क को 1 ट्रिलियन डॉलर के अतिरिक्त स्टॉक मिलेंगे। ऐसा होने पर वह दुनिया के पहले ट्रिलेनियर व्यक्ति बन जाएंगे। मौजूदा समय में एलन मस्क के पास टेस्ला का 12 प्रतिशत हिस्सा है। जिसकी वैल्यू 178 बिलियन डॉलर है।

  • होली पर घर जाने वालों के लिए खुशखबरी! MP से चलेंगी 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें

    होली पर घर जाने वालों के लिए खुशखबरी! MP से चलेंगी 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें

    इटारसी
    होली पर्व सहित अन्य आगामी त्योहारों को देखते हुए भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेनों (Special Trains) का संचालन करने का निर्णय लिया है। बढ़ती भीड़ और लंबी वेटिंग सूची को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि यात्रियों को समय पर आरक्षण और आरामदायक यात्रा की सुविधा मिल सके। भोपाल मंडल से होकर एलटीटी-बनारस-एलटीटी स्पेशल (LTT-Varanasi-LTT Special Train), पुणे-गोरखपुर-पुणे स्पेशल (Pune-Gorakhpur-Pune Special Train) और सीएसएमटी-गोरखपुर-सीएसएमटी स्पेशल (CSMT-Gorakhpur-CSMT Special Train) विशेष किराये पर चलाई जाएंगी। इन ट्रेनों के संचालन से मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और त्योहारों के दौरान सुगम यात्रा संभव हो सकेगी।
     
    एलटीटी-बनारस-एलटीटीस्पेशल ट्रेन (04-04 ट्रिप)
    ट्रेन 01073 एलटीटी-बनारस स्पेशल ट्रेन 25 एवं 26 फरवरी एवं होली पर 4 एवं 5 मार्च को लोकमान्य तिलक टर्मिनस स्टेशन से दोपहर 12.15 बजे प्रस्थान करेगी। तीसरे दिन मध्य रात्रि 1.10 बजे बनारस पहुंचेगी। स्पेशल ट्रेन पश्चिम मध्य रेल के इटारसी, रानी कमलापति एवं बीना स्टेशनों से गुजरेगी। इसी प्रकार, ट्रेन 01074 बनारस-एलटीटी स्पेशल 27 एवं 28 फरवरी एवं होली पर 6 एवं 7 मार्च को सुबह 6.35 बजे बनारस से प्रस्थान कर दूसरे दिन शाम 16.40 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी। यह ट्रेन बीना, रानी कमलापति एवं इटारसी स्टेशनों से गुजरेगी।

    पुणे-गोरखपुर-पुणे प्रतिदिन स्पेशल ट्रेन (16-16 ट्रिप)
    ट्रेन 01415 पुणे-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन 21 से 28 फरवरी तक एवं होली पर 1 से 8 मार्च तक प्रतिदिन पुणे स्टेशन से सुबह 6.50 बजे प्रस्थान कर दूसरे दिन शाम 16 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। यह स्पेशल ट्रेन पश्चिम मध्य रेल के इटारसी, रानी कमलापति एवं बीना स्टेशनों से गुजरेगी। इसी प्रकार, ट्रेन 01416 गोरखपुर-पुणे स्पेशल 22 फरवरी से 1 मार्च तक एवं होली पर 2 से 9 मार्च तक प्रतिदिन शाम 17.30 बजे गोरखपुर से प्रस्थान कर तीसरे दिन 3015 बजे पुणे पहुंचेगी। यह ट्रेन पश्चिम मध्य रेल के बीना, रानी कमलापति एवं इटारसी स्टेशनों से गुजरेगी।

    सीएसएमटी-गोरखपुर-सीएसएमटी प्रतिदिन स्पेशल ट्रेन (16-16 ट्रिप)
    ट्रेन 01079 सीएसएमटी-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन 21 से 28 फरवरी तक एवं होली पर 1 से 8 मार्च तक प्रतिदिन सीएसएमटी स्टेशन से रात 22.30 बजे प्रस्थान कर तीसरे दिन सुबह 10000 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। यह ट्रेन पश्चिम मध्य रेल के इटारसी, भोपाल एवं बीना स्टेशनों से गुजरेगी। इसी प्रकार ट्रेन गोरखपुर-सीएसएमटी स्पेशल ट्रेन 23 फरवरी से 2 मार्च तक एवं होली पर 3 से 10 मार्च तक प्रतिदिन दोपहर 14.30 बजे गोरखपुर से प्रस्थान कर तीसरे दिन मध्यरात्रि 00.40 बजे सीएसएमटी पहुंचेगी। ट्रेन बीना, भोपाल एवं इटारसी से गुजरेगी।

  • अयोध्या में अब हर श्रद्धालु को ‘अतिथि देवो भव:’ की भावना के अनुरूप मिलेगा सत्कार

    अयोध्या में अब हर श्रद्धालु को ‘अतिथि देवो भव:’ की भावना के अनुरूप मिलेगा सत्कार

    अयोध्या

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी विजन के तहत तेजी से संवर रही रामनगरी में आने वाले अब हर श्रद्धालु को 'अतिथि देवो भव:' की भावना के अनुरूप सत्कार मिलेगा। इसके लिए रामकथा पार्क में एक आधुनिक नवीन पर्यटक आवास गृह (गेस्ट हाउस) का निर्माण कार्य जोर-शोर से चल रहा है। यह परियोजना अयोध्या में बढ़ते पर्यटकों की संख्या को देखते हुए ठहरने की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
          
    रामकथा पार्क पहले से ही रामायण की कथाओं को जीवंत रूप में दर्शाने वाला महत्वपूर्ण स्थल है, अब एक नए जी+3 मंजिला भवन के रूप में और आकर्षक बनने जा रहा है। इस पर्यटक आवास गृह में कुल 34 कमरों की सुविधा उपलब्ध होगी, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आरामदायक ठहरने का विकल्प प्रदान करेगी। भवन की कुल अनुमानित लागत 2421.08 लाख रुपये है। यह निर्माण कार्य यूपी प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड निर्माण इकाई -11 अयोध्या की देखरेख में हो रहा है, जबकि पीपीई प्रणाली के तहत एलएंडटी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा कार्यान्वयन किया जा रहा है। एलएंडटी जैसी प्रतिष्ठित कंपनी के हाथों में होने से निर्माण की गुणवत्ता और समयबद्धता पर पूरा भरोसा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के विकास को अपनी प्राथमिकता बनाया हुआ है। राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के बाद से यहां पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। ऐसे में ठहरने की सुविधाओं का विस्तार अनिवार्य हो गया था। रामकथा पार्क में यह नया आवास गृह न केवल सामान्य पर्यटकों के लिए बल्कि मध्यम वर्ग के श्रद्धालुओं के लिए भी किफायती और सुविधाजनक विकल्प साबित होगा। बता दें कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में चल रहे अन्य प्रोजेक्ट्स जैसे घाटों का सौंदर्यीकरण, सड़कों का चौड़ीकरण, टेंट सिटी और थीम पार्क आदि के साथ यह नया पर्यटक आवास गृह अयोध्या की छवि को और निखार देगा। 

    आधुनिक सुविधाओं से लैस हो रहा पर्यटक आवास

    इस नए पर्यटक आवास गृह को पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इसमें 34 कमरें, किचिन, रेस्टोरेंट, लिफ्ट, वातानुकूलित कमरे, रिसेप्शन लॉबी, आधुनिक स्नानघर, वाई-फाई, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल होंगी। कमरों का डिजाइन ऐसा रखा गया है कि पर्यटक रामकथा पार्क की हरियाली और रामायण से जुड़े वातावरण का पूरा आनंद ले सकें। पार्क में रामायण के विभिन्न प्रसंगों को दर्शाने वाली मूर्तियां, भित्ति चित्र और अन्य आकर्षण पहले से मौजूद हैं, और यह नया गेस्ट हाउस इन्हें और अधिक सुलभ बनाएगा।

    जल्द से जल्द पूरा किया जा रहा प्रोजेक्ट

    यूपी प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड अयोध्या के परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जा रही है ताकि जल्द से जल्द इसे पूरा किया जा सके और पर्यटकों को इसका लाभ मिल सके। रामकथा पार्क पहले से ही एक लोकप्रिय स्थल है, जहां लोग रामायण की कथाओं को सुनते और देखते हैं। अब इस नए गेस्ट हाउस के बनने से पार्क का महत्व और बढ़ जाएगा, क्योंकि पर्यटक यहां ठहरकर आसानी से राम मंदिर, सरयू घाट और अन्य निकटवर्ती स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे।

  • गति से प्रगति का नया उत्तर प्रदेश: 50 मिनट में दिल्ली से मेरठ

    गति से प्रगति का नया उत्तर प्रदेश: 50 मिनट में दिल्ली से मेरठ

    मेरठ/लखनऊ

    पश्चिम उत्तर प्रदेश की धरती पर विकास की एक नई इबारत लिखी गई, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ में हाई-स्पीड ‘नमो भारत’ रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो को हरी झंडी दिखाकर 82 किलोमीटर लंबा दिल्ली-मेरठ संपूर्ण कॉरिडोर राष्ट्र को समर्पित किया। यह केवल एक परिवहन परियोजना का शुभारंभ नहीं, बल्कि डबल इंजन सरकार के उस संकल्प का साकार रूप है, जिसमें केंद्र और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार मिलकर प्रदेश को तेज़, सुरक्षित और आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर से जोड़ रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने बीते वर्षों में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, मेट्रो और औद्योगिक कॉरिडोर के क्षेत्र में जो रफ्तार पकड़ी है, मेरठ मेट्रो और नमो भारत उसका नवीनतम उदाहरण हैं।

    दूरी वही, लेकिन अब समय आधा

    दिल्ली से मेरठ की भौगोलिक दूरी लगभग 80-82 किमी है, लेकिन अब यह सफर महज 50 मिनट में तय होगा। कभी जाम और भीड़भाड़ से जूझने वाला यह मार्ग अब हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का प्रतीक बन गया है। जहां पहले दिल्ली से मेरठ आने-जाने में 3 से साढ़े तीन घंटे तक लग जाते थे, वहीं अब आधुनिक रैपिड रेल प्रणाली ने समय को आधा नहीं, बल्कि लगभग एक तिहाई कर दिया है। 180 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार से चलने वाली नमो भारत ट्रेन भारत के शहरी परिवहन इतिहास में नई ऊंचाई स्थापित कर रही है। दिल्ली और मेरठ अब महज दो भौगोलिक इकाइयां नहीं रहे, बल्कि ‘नमो भारत’ की रफ्तार ने उन्हें एक सशक्त, समेकित और उभरते विकास कॉरिडोर में बदल दिया है, जहां रोजगार, निवेश, शिक्षा और आवागमन के नए अवसर निरंतर विस्तार पा रहे हैं।

    एक ट्रैक, दो सुविधाएं: मेरठ मॉडल बना उदाहरण

    इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका एकीकृत मॉडल है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटीसी) द्वारा विकसित इस कॉरिडोर पर हाई-स्पीड ‘नमो भारत’ और शहर के भीतर संचालित मेरठ मेट्रो, दोनों सेवाएं एक ही इन्फ्रास्ट्रक्चर ढांचे पर चल रही हैं। यह मॉडल लागत में बचत, संसाधनों के बेहतर उपयोग और तेज निर्माण का उदाहरण है। मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक शहर के प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ती मेरठ मेट्रो अब स्थानीय आवागमन को जाम मुक्त और सुगम बनाएगी।

    योगी सरकार का इन्फ्रास्ट्रक्चर विजन

    उत्तर प्रदेश ने एक बार फिर साबित किया है कि जब गति मिलती है तो प्रगति अपने आप रास्ता बना लेती है। 2017 में योगी सरकार आने के बाद उत्तर प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर को विकास का आधार बनाया गया। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, नए एयरपोर्ट और मेट्रो परियोजनाओं की श्रृंखला ने प्रदेश को राष्ट्रीय मानचित्र पर अग्रणी बना दिया। मेरठ, जो कभी अपराध और अव्यवस्था की खबरों से जुड़ता था, आज हाई-स्पीड रेल, खेल विश्वविद्यालय, औद्योगिक निवेश और स्मार्ट शहरी परिवहन के कारण चर्चा में है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में बदली यह तस्वीर योगी सरकार की सुदृढ़ कानून व्यवस्था और विकासोन्मुखी नीतियों का परिणाम मानी जा रही है। यह परियोजना “ईज ऑफ लिविंग” और “ईज ऑफ बिजनेस” का वास्तविक उदाहरण है। कम समय में सुरक्षित यात्रा, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं, इन सबका समन्वय प्रदेश को निवेश और विकास के लिए और अधिक आकर्षक बनाता है।

    नमो भारत रेल में 80% स्टाफ महिलाओं का

    नमो भारत रेल में लगभग 80% स्टाफ महिलाओं का होना अपने आप में ऐतिहासिक है। यह पहल नारी सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा संदेश देती है। उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने वाली नीतियों का यह जमीनी उदाहरण है, जहां महिलाएं देश की सबसे तेज रैपिड ट्रेन की कमान संभालेंगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हाई-स्पीड ट्रेन के परिचालन में लोको पायलट (चालक) से लेकर स्टेशन मैनेजमेंट तक में महिलाओं की भागीदारी 80% से अधिक है, जो इसे भारत में महिलाओं के नेतृत्व वाला पहला रैपिड रेल प्रोजेक्ट बनाता है।

    पर्यावरण व स्वच्छता की दिशा में बड़ा कदम

    रैपिड रेल और मेट्रो से सड़कों पर लगभग एक लाख निजी वाहनों की संख्या घटने का अनुमान है, जिससे करीब ढाई लाख टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आ सकती है। तेज व सुगम परिवहन का विकल्प मौजूद होगा तो निजी वाहनों की निर्भरता घटेगी, ट्रैफिक जाम कम होंगे और इससे प्रदूषण में भी गिरावट आएगी। ग्रीन एनर्जी और क्लीन एयर के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में यह परियोजना एक अहम मील का पत्थर है।

    दिल्ली-एनसीआर का विकल्प, युवाओं को मिलेंगे पंख

    दिल्ली-एनसीआर में महंगी जमीन व किराये को देखते मेरठ अब एक व्यावहारिक विकल्प के रूप में उभरेगा। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण लोग मेरठ में रहकर दिल्ली में नौकरी या कारोबार कर सकेंगे। स्थानीय निर्यातकों के लिए भी दिल्ली एयरपोर्ट तक पहुंचना अपेक्षाकृत आसान होगा। दिल्ली और मेरठ के बीच हजारों छात्र प्रतिदिन शिक्षा के लिए यात्रा करते हैं। मेडिकल, तकनीकी और अन्य संस्थानों के छात्रों को अब तेज और सुरक्षित सफर मिलेगा। प्रधानमंत्री ने भी उद्घाटन के दौरान छात्रों से संवाद कर यह संदेश दिया कि आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर ही विकसित भारत 2047 की नींव है।

    पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विकास की नई धारा

    मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत जैसे जिलों को भी इस परियोजना का अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी से पर्यटन, कृषि व्यापार और उद्योग को नई ऊर्जा मिलेगी। अब “दिल्ली दूर है” या “मेरठ दूर है” जैसी कहावतें अप्रासंगिक हो गई हैं। 50 मिनट का यह सफर अवसरों की दूरी भी घटा रहा है।

    डबल इंजन की ताकत, विकसित भारत का मार्ग

    मेरठ मेट्रो और नमो भारत रैपिड रेल केवल परिवहन परियोजनाएं नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के बदलते आत्मविश्वास का प्रतीक हैं। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब इन्फ्रास्ट्रक्चर, निवेश और रोजगार के नए मानक स्थापित कर रहा है। यह परियोजना इस बात का संकेत है कि जब नीति स्पष्ट हो, नीयत मजबूत हो और नेतृत्व प्रतिबद्ध हो, तो विकास केवल वादा नहीं, जमीन पर दिखाई देने वाली सच्चाई बन जाता है।

  • अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अटका ‘ट्रेड डील’ का भविष्य, नई बैठक पर लगी नजर

    अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अटका ‘ट्रेड डील’ का भविष्य, नई बैठक पर लगी नजर

    वाशिंगटन
    अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट से टैरिफ को लेकर डोनाल्ड ट्रंप को करारा झटका लगने के बाद भारत के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए प्रस्तावित बैठक को भी नए सिरे से तय करने का फैसला किया गया है। भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते के प्रारूप को अंतिम रूप देने के लिए वाशिंगटन में अपने मुख्य वार्ताकारों की प्रस्तावित बैठक को नए सिरे से तय करने का फैसला किया है। सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।

    फिर से तय की जाएगी तारीख
    भारतीय दल 23 फरवरी से तीन दिन की बैठक शुरू करने वाला था। वाणिज्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव दर्पण जैन इस समझौते के लिए भारत के लिए मुख्य वार्ताकार हैं। एक सूत्र ने कहा, ''भारत-अमेरिका व्यापार करार के लिए भारतीय वार्ताकारों की अमेरिका यात्रा के संदर्भ में दोनों पक्षों का मानना है कि अब यह बैठक तब होनी चाहिए जबकि दोनों पक्ष ताजा घटनाक्रमों और उसके प्रभाव का आकलन कर लें। इसके लिए दोनों पक्षों को समय चाहिए। अब इस बैठक की तारीख दोनों पक्षों की सुविधा के हिसाब से नए सिरे से तय की जाएगी।'

    डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के पहले के बड़े शुल्क के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण हो जाता है। ट्रंप ने शुक्रवार को भारत समेत सभी देशों पर 24 फरवरी से 150 दिन के लिए 10 प्रतिशत शुल्क लगाया था। हालांकि, शनिवार को उन्होंने शुल्क बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की घोषणा की।

    ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में उनके आर्थिक एजेंडा को एक बड़ा झटका देते हुए अमेरिकी शीर्ष अदालत ने उनके द्वारा दुनिया के विभिन्न देशों पर लगाए गए शुल्कों को गैरकानूनी करार दिया है। अदालत ने कहा कि राष्ट्रपति ने 1977 के अंतरराष्ट्रीय आपात आर्थिक अधिकार कानून (आईईईपीए) का इस्तेमाल करके अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल किया है। अमेरिका ने अगस्त, 2025 में भारत पर 25 प्रतिशत का जवाबी शुल्क लगाया था। बाद में, रूस से कच्चा तेल खरीदने पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगाया गया। इससे भारत पर कुल शुल्क दर 50 प्रतिशत हो गई थी।

    15 फीसदी किया टैरिफ
    भारत और अमेरिका इस महीने की शुरुआत में एक अंतरिम व्यापार करार को अंतिम रूप देने के लिए रूपरेखा पर सहमत हुए। इसके तहत अमेरिका शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। साथ ही रूस से तेल खरीद के लिए लगाए गए 25 प्रतिशत के अतिरिक्त शुल्क को भी हटाएगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने फिर से इन शुल्क को बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का ऐलान किया है। अगर यह शुल्क अधिसूचित होता है, तो यह अमेरिका में मौजूदा एमएफएन या आयात शुल्क के अलावा होगा।

    उदाहरण के लिए, अगर किसी उत्पाद पर पांच प्रतिशत एमएफएन शुल्क लगता है, तो 15 प्रतिशत और जोड़कर यह 20 प्रतिशत हो जाएगा। हालांकि, इस बारे में कोई स्थिति स्पष्ट नहीं है कि 150 दिन के समय के बाद भारत जैसे देशों पर अमेरिकी शुल्क क्या होगा। भारत के कुल निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी लगभग 18 प्रतिशत और आयात में 6.22 प्रतिशत है। वित्त वर्ष 2024-25 में, दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 186 अरब डॉलर था।

     

  • आजीविका मिशन बना गेम चेंजर, एक करोड़ महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर

    आजीविका मिशन बना गेम चेंजर, एक करोड़ महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तीकरण को लेकर योगी सरकार की पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल रही है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन इस मामले में गेम चेंजर साबित हो रहा है। इसके अंतर्गत प्रदेश भर में स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं तेजी से आत्मनिर्भर बन रहीं हैं। अभी तक प्रदेश में करीब एक करोड़ पांच लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर अपना व्यवसाय संभाल रहीं हैं।
    ग्राम स्तर तक पहुंची योजनाओं के चलते महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है और बड़ी संख्या में वे उद्यमिता की राह पर आगे बढ़ रहीं हैं। मिशन के तहत लखपति दीदी अभियान को भी तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है।

    गांव-गांव लखपति दीदी

    उत्तर प्रदेश में महिलाएं अब किसी पर आश्रित नहीं, बल्कि आर्थिक स्वावलंबन  से सफलता की नई कहानी गढ़ रही हैं। पिछले नौ साल में महिला सशक्तीकरण के लिए योगी सरकार ने जिस तत्परता से सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन किया है, वह अपने आप में मिसाल है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत करीब साढ़े 18 लाख लखपति दीदी का पंजीकरण किया जा चुका है। योगी सरकार का लक्ष्य है कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्थायी आय के स्रोत से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाए। इसके लिए महिलाओं को कौशल आधारित जिम्मेदारियां देकर उन्हें आय के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब गांव-गांव लखपति दीदी सफलता के साथ अपना काम संभाल रही हैं।

    ग्रामीण बैंकिंग सेवाओं को घर-घर पहुंचाने का मॉडल

    एक ग्राम पंचायत-एक बीसी सखी योजना के तहत प्रदेश की 57,000 ग्राम पंचायतों में बीसी सखियों की तैनाती का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 50,225 बीसी सखियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके अंतर्गत 40 हजार महिलाओं ने अब तक करीब 40,000 करोड़ रुपये का लेन-देन किया है। यह मॉडल ग्रामीण बैंकिंग सेवाओं को घर-घर पहुंचाने में अहम साबित हो रहा है।

    कृषि, ऊर्जा से लेकर बैंकिंग तक संभाल रही हैं महिलाएं

    ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार, डिजिटल बैंकिंग, ऊर्जा, कृषि और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़कर बहुआयामी अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे न केवल परिवारों की आय बढ़ रही है बल्कि गांवों में आर्थिक गतिविधियां भी तेज हुईं हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आजीविका मिशन के जरिए महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। 

    बुजुर्गों के लिए योजना बनी संजीवनी

    बीसी सखी ग्रामीण बैंकिंग के लिए बड़ी उपयोगी साबित हो रही हैं। पहले जहां गांव के लोग बैंक जाने से हिचकते थे, अब वे घर के पास ही जमा-निकासी, पेंशन वितरण और डिजिटल भुगतान जैसी सेवाएं पा रहे हैं। इस पहल ने महिलाओं को न केवल रोजगार दिया, बल्कि उन्हें आर्थिक निर्णयों में सहभागी भी बनाया। इसके साथ ही विशेष तौर पर बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह योजना संजीवनी साबित हो रही है। 

    छोटे स्तर पर कारोबार शुरू करने में सहायता

    लखपति दीदी योजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को लघु उद्योग और स्वरोजगार शुरू करने के लिए आसान, ब्याज मुक्त और चरणबद्ध पूंजी उपलब्ध कराया जाता है। इससे महिलाओं को छोटे स्तर पर कारोबार शुरू करने में सहायता मिलती है और वे परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

    प्रमुख भूमिका में महिलाएं

    • ड्रोन दीदी-कृषि में उपयोग के लिए ड्रोन प्रदान किए जाते हैं।
    • बीसी सखी- ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर बैंकिंग सेवाएं पहुंचाना।
    • सूर्य सखी – सौर ऊर्जा उपकरणों (सोलर पैनल, स्ट्रीट लाइट) की स्थापना।
    • विद्युत सखी – घर-घर जाकर मीटर रीडिंग लेना और बिजली बिल जमा करना।
    • कृषि आजीविका सखी – ग्रामीण महिलाओं को कृषि विशेषज्ञ के रूप में प्रशिक्षित करना।
    • स्वास्थ्य सखी -ग्रामीण महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के प्रति जागरूक करना।
    • सूक्ष्म उद्यम सखी -ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यवसाय स्थापित करने में सहयोग करती हैं।
    • पशु सखी – पशु चिकित्सा, टीकाकरण, कृमिनाशक और पोषण संबंधी प्राथमिक सेवाएं प्रदान करना।
    • बीमा सखी – गांव-गांव में लोगों को बीमा सेवाएं उपलब्ध कराती हैं।
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  • होलिका को मिला था ब्रह्मा जी से वरदान, फिर भी वो क्यों जल गई और कैसे बचे प्रहलाद?

    होलिका को मिला था ब्रह्मा जी से वरदान, फिर भी वो क्यों जल गई और कैसे बचे प्रहलाद?

    हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि के दिन होलिका दहन का पर्व मनाया जाता है. इस पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है. इस साल होलिका दहन 03 मार्च को मनाया जाएगा. उसके अगले दिन यानी 04 मार्च को रंगों के साथ होली खेली जाएगी. होली के आते ही होलिका दहन की कहानी सुनाई जाती है.

    इसमें बताया जाता है कि किस तरह से होलिका जली थी और भगवान विष्णु के परम भक्त प्रहलाद बच गए थे, लेकिन आखिर प्रहलाद कैसे बच गए थे और होलिका वरदान के बाद भी क्यों जल गई थी? चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.

    पौराणिक कथा के अनुसार…

    पौराणिक कथा के अनुसार, होलिका ने ब्रह्मा जी की घोर तपस्या की थी. होलिका की तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी ने उसे एक चादर प्रदान की थी. ये चादर हमेशा उसे आग से सुरक्षित रखती थी. यही ब्रह्मा जी का वरदान था. उन्होंने होलिका से कहा था कि जब वो ये चादर ओढ़ेगी तो उसके ऊपर आग का प्रभाव नहीं होगा. होलिका का भाई हिरण्यकश्यप बहन को मिले इस वरदान के बारे जानता था.

    जब हिरण्यकश्यप के प्रहलाद को मारने के सारे प्रयास विफल हो गए तो उसने होलिका से अपने बेटे प्रहलाद को लेकर होली की अग्नि में बैठने के लिए कहा था. होलिका ने अपने भाई के कहे अनुसार ही काम किया वो प्रहलाद को लेकर होली की अग्नि में बैठी, लेकिन इस दौरान होलिका स्वयं जल गई और प्रहलाद बच गए. जब होलिका प्रहलाद को लेकर अग्नि पर बैठी तो वो उस दौरान भगवान विष्णु का नाम जपने लगे.

    इस वजह से अग्नि में जल गई होलिका

    भगवान विष्णु की कृपा से प्रहलाद बच गए और होलिका अग्नि में जल गई. होलिका इसलिए जली क्योंकि उसी मंशा छल, पाप व निर्दोष को नुकसान पहुंचाने की थी. होलिका जिस दिन आग में जली वो फाल्गुन मास की पूर्णिमा का दिन था. तभी से इस दिन बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में होलिका दहन मनाया जाने लगा.

  • शोएब अख्तर का खुलासा: यह था भारत से हार का असली कारण!

    शोएब अख्तर का खुलासा: यह था भारत से हार का असली कारण!

    नई दिल्ली
    टी20 विश्व कप 2026 में रविवार 15 फरवरी को इंडिया और पाकिस्तान के बीच ग्रुप फेज का मैच खेला गया था। उस मैच में पाकिस्तान को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था। इस मुकाबले को खत्म हुए एक सप्ताह का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक पाकिस्तान में इस हार के चर्चे हैं। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने अब वह कारण बताया है, जिसकी वजह से पाकिस्तान की टीम को भारतीय टीम से 61 रनों के अंतर से हार मिली थी।

    हार की वजह से सलमान अली आगा एंड कंपनी की बहुत बुराई पहले ही हो चुकी है, लेकिन अब शोएब अख्तर ने कहा कि भारत का सामना करते समय पाकिस्तान 'फंस' जाता है। हालांकि, उनका मानना ​​है कि पाकिस्तान के पास अभी दुनिया की किसी भी टीम को हराने के लिए टीम और लोग हैं, लेकिन फिर भी टीम फंस जाती है। शोएब अख्तर ने टैपमैड पर कहा, "बदकिस्मती से, हम भारत से सिर्फ इसलिए हार रहे हैं, क्योंकि हम फंस रहे हैं। कोई और वजह नहीं है। हमारी टीम का सिलेक्शन सही नहीं है। मुझे समझ भी नहीं आ रहा कि हम क्या कर रहे हैं। वरना, हम अभी किसी भी टीम को हराने के लिए काफी अच्छे हैं।"

    पाकिस्तान की टीम को उस मैच के बाद आखिरी लीग फेज के मैच में जीत मिली, लेकिन सुपर 8 का पहला मुकाबला पाकिस्तान का बारिश में धुल गया। न्यूजीलैंड के खिलाफ ये मैच खेला जाना था, लेकिन उस मैच में एक-एक पॉइंट दोनों टीमों को दिया गया। इस मैच में सिर्फ टॉस ही हो सका था। इसके बाद बारिश ने दस्तक दी और फिर बारिश रुक ही नहीं पाई। 5-5 ओवर का मैच भी आयोजित नहीं हो सका, क्योंकि बारिश और पानी भरने की वजह से दिक्कतों का सामना ग्राउंड्समैन को करना पड़ा।

    आपकी जानकारी के लिए बता दें, जब पाकिस्तान की टीम को हार मिली थी तो उन्होंने टीम से ज्यादा बोर्ड के आला अधिकारियों को कोसा था। उन्होंने मोहसिन नकवी को जाहिल और नाकाबिल भी बता दिया था। हालांकि, अपने उस बयान पर शोएब अख्तर ने यूटर्न मारा था और कहा था कि वे मेरे भाई जैसे हैं। समस्या टीम में है। अब फिर से शोएब अख्तर ने इंडिया वर्सेस पाकिस्तान मैच को लेकर बात की है। पाकिस्तान के दिल और दिमाग से यह मैच निकल नहीं रहा है। कप्तान सलमान अली आगा की खूब आलोचना इस मैच को लेकर हुई है।