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  • बांग्लादेश में नई BNP सरकार पर सवाल: 70% मंत्री कारोबारी, सांसदों में दौलतमंदों का दबदबा

    बांग्लादेश में नई BNP सरकार पर सवाल: 70% मंत्री कारोबारी, सांसदों में दौलतमंदों का दबदबा

    ढाका
    तारिक रहमान (Tarique Rahman) के नेतृत्व में Bangladesh Nationalist Party (BNP) ने 13वें संसदीय चुनाव में निर्णायक जीत के बाद सरकार का गठन किया है। चुनाव आयोग को सौंपे गए शपथपत्रों के अनुसार 50 सदस्यीय कैबिनेट (मंत्री और राज्य मंत्री) में से 35 यानी करीब 70% ने अपने पेशे के रूप में व्यवसाय दर्ज किया है। यह जानकारी Dhaka Tribune की रिपोर्ट में सामने आई। आंकड़ों के मुताबिक 19 कैबिनेट मंत्री और 16 राज्य मंत्री खुद को व्यवसायी बताते हैं। वकील दूसरी सबसे बड़ी पेशेवर श्रेणी हैं, जबकि कई सदस्यों ने एक से अधिक पेशे का उल्लेख किया है।

    उल्लेखनीय है कि केवल दो सदस्य प्रधानमंत्री तारिक रहमान और शिक्षा मंत्री एएनएम एहसानुल हक मिलन ने “राजनीति” को अपना मुख्य पेशा बताया। 17 फरवरी को नेशनल पार्लियामेंट के साउथ प्लाजा में 25 मंत्रियों, जिनमें दो टेक्नोक्रेट कोटे से थे, ने शपथ ली। भ्रष्टाचार-रोधी संस्था Transparency International Bangladesh (TIB) के कार्यकारी निदेशक इफ्तेखारुज्जमान ने चेतावनी दी कि कैबिनेट में व्यवसायियों की अधिकता से हितों के टकराव की आशंका बढ़ सकती है। उनके अनुसार मंत्रियों को उन फैसलों से दूर रहना चाहिए जिनसे उनके निजी या क्षेत्रीय कारोबारी हित प्रभावित हो सकते हैं।

     रिपोर्टों के अनुसार 300 निर्वाचित सांसदों में से 174 (59%) ने व्यवसाय को अपना पेशा बताया है, जिनमें कम से कम 15 परिधान उद्योग से जुड़े हैं। BNP ने 209 सीटें जीतीं, जिनमें 145 विजेता उम्मीदवार व्यवसायी पृष्ठभूमि के हैं। वहीं Bangladesh Jamaat-e-Islami ने 68 सीटें हासिल कीं, जिनमें 20 सांसद व्यवसाय से जुड़े हैं। TIB के अध्ययन के अनुसार 236 सांसद (करीब 79.46%) करोड़पति हैं और 13 अरबपति हैं। BNP के 189 सांसद (90.87%) करोड़पति हैं, जबकि जमात के 38 सांसद (55.07%) इस श्रेणी में आते हैं।

     

  • ‘भारतीय दूसरों की सेवा के लिए बने’—सैम पित्रोदा के बयान पर सियासी तूफान, BJP का तीखा हमला

    ‘भारतीय दूसरों की सेवा के लिए बने’—सैम पित्रोदा के बयान पर सियासी तूफान, BJP का तीखा हमला

    नई दिल्ली
    भारतीय प्रवासी कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा ने एक बार फिर से एक बयान के जरिए पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने दावा किया कि भारत ने दूसरों की सेवा के लिए युवाओं की बड़ी फौज को खड़ा किया है। लेकिन यह भारत के लिए नहीं बल्कि विदेशियों के लिए काम करती है। पित्रोदा ने वर्तमान टेक्नोलॉजी निर्माण की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक 1.5 अरब आबादी वाले देश के लिए यह शर्म की बात है कि उनके पास अपना ऑपरेटिंग सिस्टम तक नहीं है। पित्रोदा की इस टिप्पणी के बाद भाजपा ने उन पर हमला बोलते हुए भारत की निंदा करने का आरोप लगाया।

    एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में कांग्रेस नेता ने विदेशी कंपनियों में भारतीयों की संख्या जिक्र करते हुए अपनी बात को रखा। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी शिक्षा संस्थाओं के जरिए युवा प्रतिभा का एक बड़ा आधार तैयार किया है, लेकिन भारत में ही नई खोजों के लिए इसका लाभ उठाने में नई दिल्ली पूरी तरह से असमर्थ रही है। उन्होंने कहा, "हमने बहुत सारी युवा प्रतिभा का निर्माण किया है, लेकिन यह अपरिपक्व है। इस प्रतिभा ने भारत का नहीं बल्कि दुनिया की तमाम बहुराष्ट्रीय कंपनियों को प्रोग्रामिंग, कानून, उद्योग, लॉजिस्टिक्स, इनोवेशन, बैंकिंग में मदद की है। इस प्रतिभा के दम पर भारत ने वैश्विक स्तर के प्रोडक्ट्स नहीं बनाए, बल्कि इस प्रतिभा का इस्तेमाल दूसरे की सेवा के लिए किया।"

    अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सैम पित्रोदा ने कहा, "न हो भारत ने अपना खुद का सोशल मीडिया प्लेटफार्म तैयार किया और न ही माइक्रोसॉफ्ट जैसी कोई बड़ी कंपनी तैयार कर पाए। हमने अपना खुद का ऑपरेटिंग सिस्टम तक नहीं बनाया। यह शर्म की बात है कि 1.5 अरब आबादी वाले देश के पास खुद का ऑपरेटिंग सिस्टम भी नहीं है। हम मोबाइल फोन के लिए भी ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं बना पाए। हमने सचमुच अपनी युवा प्रतिभा का उपयोग दूसरों की सेवा के लिए किया है।"

    भाजपा हुई हमलावर
    वरिष्ठ कांग्रेस नेता की तरफ से आई इस टिप्पणी पर सत्ताधारी भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा की तरफ से प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि 'लश्कर ए कांग्रेस' के मुख्य सलाहकार ने एक बार फिर से झूठ बोलकर भारत का मजाक उड़ाने की कोशिश की है। उन्होंने लिखा, "एआई समिट में कांग्रेस के टॉपलेस ऐक्ट के बाद लश्कर ए कांग्रेस के मुख्य सलाहकार सैम पित्रोदा मैदान में हैं। एक एक बार फिर भारत को बदनाम करने के एजेंडे पर। अंकल सैम झूठ बोलकर भारत का मजाक उड़ाते हैं। कहते हैं कि भारत पर शर्म आती है कि उसने मोबाइल के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम तक विकसित नहीं किया है।"

    उन्होंने पित्रोदा की टिप्पणियों का खंडन करते हुए भारत में विकसित ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे बॉस लिनक्स, माया ओएस, प्राइमओएस, भारओएस, इंडस ओएस और एनएक्सटीक्वांटम ओएस का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस का "एकमात्र मिशन झूठ बोलकर भारत को बदनाम करना है।"

     

  • सुकमा की 33 पंचायतों में मिशन कनेक्ट के तहत प्रशासन की दस्तक

    सुकमा की 33 पंचायतों में मिशन कनेक्ट के तहत प्रशासन की दस्तक

    रायपुर

    अंत्योदय के कल्याण भावना के साथ अधिकारी पहुँचे गाँव-गाँव

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अंत्योदय की कल्याण एवं सुशासन की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में सुकमा जिले में शुरू हुआ मिशन कनेक्ट का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से शासन और आमजन के बीच की दूरी को कम करते हुए प्रशासनिक अमला सीधे ग्राम पंचायतों तक पहुँचकर योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का आकलन कर रहा है।

    शनिवार को जिला प्रशासन द्वारा विशेष अभियान के तहत सुकमा विकासखंड की 33 ग्राम पंचायतों में एक साथ अधिकारियों ने दस्तक दी गई। कलेक्टर के नेतृत्व में जिला स्तरीय अधिकारियों ने प्रातः 10 बजे से ही निर्धारित पंचायतों में पहुँचकर विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की।

    अभियान के अंतर्गत स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों द्वारा बच्चों को प्रदत्त मध्यान्ह भोजन एवं पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता का स्वयं परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की उपलब्धता, स्टॉक रजिस्टर तथा स्वच्छता का भी मुआयना किया गया। इसके साथ ही पंचायतों में संचालित निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति का अवलोकन कर गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

    मैदानी भ्रमण के उपरांत तुंगल बांध में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रत्येक पंचायत से प्राप्त प्रतिवेदन पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुँच सके। इस अवसर पर डीएफओ अक्षय भोंसले, मिशन कनेक्ट के नोडल अधिकारी रविशंकर वर्मा, जनपद पंचायत सीईओ सुनिधि प्रधान, एसडीपीओ परमेश्वर तिलकवार सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

    यहां यह उल्लेखनीय है कि सुकमा जिले में मिशन कनेक्ट के माध्यम से प्रशासनिक जवाबदेही एवं पारदर्शिता को सुदृढ़ करते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ सुदूर वनांचल एवं ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुँचे। 

  • अमेरिका में ट्रंप की नीतियों पर बवाल, 60% लोग टैरिफ फैसलों से नाराज

    अमेरिका में ट्रंप की नीतियों पर बवाल, 60% लोग टैरिफ फैसलों से नाराज

    वाशिंगटन
    अमेरिकी राष्ट्रपति अपने कामों से अधिक अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। कब क्या कहेंगे, शायद ट्रंप खुद नहीं जानते। यही कारण है कि वे अक्सर चर्चा में बने रहते हैं। इस बीच एक सर्वे रिपोर्ट सामने आया है। इस सर्वे के अनुसार, अधिकतर ट्रंप की नीतियों और देश चलाने के तरीके से खुश नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति अपने कामों से अधिक अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। कब क्या कहेंगे, शायद ट्रंप खुद नहीं जानते। यही कारण है कि वे अक्सर चर्चा में बने रहते हैं। इस बीच एक सर्वे रिपोर्ट सामने आया है। इस सर्वे के अनुसार, अधिकतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और देश चलाने के तरीके से खुश नहीं है। फरवरी 2026 के सर्वेक्षण में ट्रंप की कुल अस्वीकृति दर (Disapproval Rating) लगभग 60% पहुंच गई है, जो उनके दूसरे कार्यकाल में अब तक की सबसे ऊंची दरों में से एक है और 2021 में पद छोड़ते समय वाली स्थिति के समान है। सर्वे के अनुसार, अधिकतर लोग महंगाई, टैरिफ, विदेश संबंध, आव्रजन और समग्र अर्थव्यवस्था जैसे रोजमर्रा के महत्वपूर्ण मुद्दों पर ट्रंप के तरीके से असहमत हैं।

    यह सर्वेक्षण इप्सोस द्वारा इप्सोस के नॉलेजपैनल के जरिए किया गया था, और यह सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप के पहले के वैश्विक टैरिफ को रद्द करने से ठीक पहले हुआ था। सर्वेक्षण के अनुसार, लगभग दो-तिहाई अमेरिकी (करीब 65%) ट्रंप द्वारा महंगाई से निपटने के तरीके से असहमत हैं। आयातित वस्तुओं पर टैरिफ लगाने के उनके तरीके को 64% लोग नापसंद करते हैं, जबकि 62% लोग विदेशी संबंधों को संभालने के तरीके से असहमत हैं। 58% प्रतिभागियों ने आव्रजन (इमिग्रेशन) को संभालने के तरीके का विरोध किया, और 57% ने कहा कि समग्र अर्थव्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है। इनमें से किसी भी मुद्दे पर ट्रंप को जनता से स्पष्ट समर्थन नहीं मिल रहा है।

    ट्रंप से नाखुश लेकिन डेमोक्रेट्स पर भरोसा नहीं
    सर्वे के अनुसार, अधिकतर लोग ट्रंप से नाखुश हैं, लेकिन अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेट्स पर भी पूरा भरोसा नहीं है। दरअसल, जब लोगों से पूछा गया कि देश की सबसे बड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए वे किस पर ज्यादा भरोसा करते हैं, तो राय लगभग बराबर बंट गई। ट्रंप (33%), डेमोक्रेट्स (31%), या 'दोनों में से कोई नहीं' (31%)। सर्वे रिपोर्ट से साफ है कि कई अमेरिकी दोनों पक्षों से नाखुश हैं।

    सर्वे के अनुसार, ट्रंप को सबसे कम समर्थन डेमोक्रेट्स और निर्दलीय (इंडिपेंडेंट) मतदाताओं से मिला, जिन्होंने लगभग हर मुद्दे पर उनसे असहमति जताई। इतना ही नहीं, रिपब्लिकन पार्टी में भी मतभेद हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (MAGA) आंदोलन के मजबूत समर्थक ज्यादातर ट्रंप के फैसलों से सहमत थे, लेकिन MAGA से खुद को अलग मानने वाले रिपब्लिकन अधिक आलोचनात्मक थे, खासकर महंगाई और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर। कुल मिलाकर, ट्रंप की अस्वीकृति दर लगभग 60% है, जो उनके दूसरे कार्यकाल में अब तक की सबसे ऊंची दरों में से एक है और 2021 में पद छोड़ते समय वाली दर के बराबर है।

    ट्रंप के सत्ता संभालने के हालात और हुए खराब
    इस बीच, अर्थव्यवस्था को लेकर लोगों का नजरिया भी निराशाजनक है। लगभग आधे अमेरिकियों का कहना है कि ट्रंप के सत्ता संभालने के बाद हालात और खराब हुए हैं। सिर्फ करीब 3% लोगों ने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ है। सर्वेक्षण में शामिल केवल 22% लोगों ने ही आर्थिक रूप से खुद को बेहतर महसूस किया, जबकि अधिकांश ने कहा कि उनकी स्थिति पहले जैसी है या और खराब हो गई है।

    सर्वेक्षण में ट्रंप की राष्ट्रपति बनने की योग्यता पर भी सवाल उठे। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, आधे से ज्यादा अमेरिकियों ने कहा कि उनमें राष्ट्रपति बनने के लिए जरूरी मानसिक क्षमता नहीं है, और लगभग आधे ने कहा कि वे शारीरिक रूप से भी पूरी तरह स्वस्थ नहीं हैं। रिपब्लिकन इस पर काफी हद तक असहमत थे, लेकिन डेमोक्रेट्स और निर्दलीय मतदाताओं ने इन चिंताओं को मजबूती से साझा किया।

    भरोसा भी एक बड़ी समस्या है। लगभग 70% अमेरिकियों (दस में से सात) ने कहा कि ट्रंप ईमानदार या भरोसेमंद नहीं हैं। कई लोगों का मानना है कि वे राष्ट्रपति पद का दुरुपयोग अपने निजी फायदे के लिए कर रहे हैं, और अधिकांश को लगता है कि उन्होंने अपनी कानूनी शक्तियों का उल्लंघन किया है। वहीं, खास कार्रवाइयों के बारे में ज्यादातर अमेरिकी बच्चों के लिए अनुशंसित टीकों में कटौती का विरोध करते हैं और अन्य देशों में बदलाव लाने के लिए अमेरिकी सेना के इस्तेमाल का समर्थन नहीं करते। कई लोगों का यह भी मानना है कि प्रशासन जेफरी एपस्टीन फाइलों जैसे संवेदनशील मामलों पर पारदर्शी नहीं रहा है। बता दें कि यह सर्वेक्षण अमेरिका भर में 2500 से ज्यादा वयस्कों पर किया गया है।

     

  • ND vs SA LIVE: 51 रन पर भारत के 5 विकेट, कप्तान सूर्या भी आउट

    ND vs SA LIVE: 51 रन पर भारत के 5 विकेट, कप्तान सूर्या भी आउट

    अहमदाबाद 

     टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की लाइव कवरेज में आपका स्वागत है। आज सुपर-8 का तीसरा मुकाबला भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जा रहा है। मार्करम ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया है।

    दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट के नुकसान पर निर्धारित 20 ओवर की समाप्ति पर 187 रन बनाए हैं और भारत के सामने 188 रनों का लक्ष्य रखा है। दक्षिण अफ्रीका के लिए डेविड मिलर ने 63 रनों की धमाकेदार पारी खेली। ब्रेबिस ने भी 45 रन बनाए। अंत में ट्रिस्टन स्टब्स ने शानदार फिनिशिंग टच देते हुए 24 गेंदों में 44 रन बनाए।

    भारत की और से अर्शदीप सिंह और जसप्रीत बुमराह ने शानदार गेंदबाजी करते हुए क्रमश: 2 और तीन विकेट लिए। दुबे ने भी एक विकेट चटकाए। वरुण चक्रवर्ती को भी एक विकेट मिला लेकिन काफी महंगे साबित हुए। हार्दिक पांड्या इस मैच में काफी महंगे साबित हुए और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। वाशिंगटन सुंदर भी विकेटलेस गए।

    दक्षिण अफ्रीका ने खोया तीसरा विकेट। जसप्रीत बुमराह ने रिकल्टन को पवेलियन भेज दिया है। अफ्रीका पारी एकदम से लड़खड़ा गई है। भारतीय टीम ने अपने प्रीमियर फॉस्ट बॉलर्स के साथ शुरुआत की है। पहले चार ओवर जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह ने डाले हैं। बुमराह ने दो अपने शुरुआती दो ओवर में दो विकेट झटके हैं वहीं अर्शदीप सिंह ने भी कप्तान के रूप में बड़े विकेट को शिकार बनाया है।

    भारत अगर 188 रनों का टारगेट अचीव कर लेता है तो यह टी-20 विश्व कप में भारत का सबसे बड़ा रन चेज होगा। भारत के पास इतिहास रचने का मौका है।

    केशव महाराज, लुंगी एनिगीडी, डेविड मिलर और मार्को यान्सेन वापस आए हैं। भारत ने कोई बदलाव नहीं किया। ऐसे में उपकप्तान अक्षर पटेल को बाहर ही बैठना होगा। इस टूर्नामेंट में भारत और दक्षिण अफ्रीका दोनों ही टीमें शानदार फॉर्म में हैं और ग्रुप स्टेज के अपने सभी मुकाबले जीतकर सुपर-8 में पहुंची हैं। भारत ने पहले चरण जहां पाकिस्तान जैसी मजबूत टीम को 61 रनों से करारी शिकस्त दी थी, वहीं दक्षिण अफ्रीका ने भी न्यूजीलैंड सहित ग्रुप स्टेज की सभी टीमों को बुरी तरह से रौंदा था।

    भारत का टी20 विश्व कप में अब तक का रिकॉर्ड शानदार रहा है, जहां उन्होंने पिछले 12 मैचों में कोई हार नहीं झेली है। दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका के लिए यह 2024 के फाइनल का बदला लेने जैसा है, क्योंकि पिछले 13 मैचों में उनकी एकमात्र हार उसी खिताबी मुकाबले में भारत के हाथों हुई थी। आज सबकी नजरें भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा पर टिकी होंगी, जो इस विश्व कप में अब तक उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं और तीन बार शून्य पर आउट हो चुके हैं। हालांकि, कप्तान सूर्यकुमार यादव ने उन पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा है कि वे अभिषेक की फॉर्म को लेकर चिंतित नहीं हैं, बल्कि उनके लिए चिंतित हैं जो आगे उनका सामना करेंगे।

    IND 57/5 (10 ओवर)

    SA 187/7 (20 ओवर)*

    भारत की प्लेइंग इलेवन: अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, रिंकू सिंह, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती।

    दक्षिण अफ्रीका की प्लेइंग इलेवन: एडेन मार्करम (कप्तान), क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), रयान रिकेल्टन, डेवाल्ड ब्रेविस, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, मार्को यान्सेन, कॉर्बिन बॉश, केशव महाराज, कगिसो रबाडा, लुंगी एनगिडी।

  • बागबाहरा के 132/33 केवी उपकेंद्र की क्षमता 126 एमवीए पहुंची

    बागबाहरा के 132/33 केवी उपकेंद्र की क्षमता 126 एमवीए पहुंची

    रायपुर

    ओवरलोड से राहत, अब 63 एमवीए का दूसरा ट्रांसफार्मर शुरू

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश के परिपालन में महासमुंद जिले के बागबाहरा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को और अधिक स्थिर व भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड ने 132/33 केवी उपकेंद्र बागबाहरा में 40 एमवीए क्षमता वाले पुराने पावर ट्रांसफार्मर की जगह 63 एमवीए का नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर उसका ऊर्जीकरण कर दिया है। खास बात यह है कि यह इस उपकेंद्र का दूसरा 63 एमवीए ट्रांसफार्मर है। 

    पहले यहां 63 एमवीए और 40 एमवीए के ट्रांसफार्मर लगे थे, जिससे कुल क्षमता 103 एमवीए थी। अब 40 एमवीए ट्रांसफार्मर को हटाकर 63 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाए जाने से उपकेंद्र की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 126 एमवीए हो गई है। पिछले साल पीक लोड सीजन में यहां करीब 90 एमवीए तक लोड दर्ज किया गया था, जिससे ओवरलोड की स्थिति बनने लगी थी। नई क्षमता जुड़ने के बाद अब ओवरलोड की समस्या से राहत मिलेगी और बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर रहेगी।

    बागबाहरा उपकेंद्र को 132 केवी परसवानी और 132 केवी झलप से विद्युत आपूर्ति होती है। यहां से 33 केवी के नौ फीडरों क्रमशः बागबाहरा (महासमुंद), टेमरी, सुनसुनिया, गोयनबहरा, टाउन, तेंदुकोना, मुंगसेर और खलारी के माध्यम से 150 से अधिक गांवों में बिजली पहुंचाई जाती है। क्षेत्र में उन्नत खेती, कृषि आधारित उद्योगों और अन्य औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ रही है, ऐसे में क्षमता वृद्धि से इन सभी को सीधा लाभ मिलेगा।

    कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने नए ट्रांसफार्मर का ऊर्जीकरण कर आपूर्ति प्रारंभ की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कंपनी अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह के मार्गदर्शन में प्रदेश के पारेषण नेटवर्क को मजबूत करने के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं। खासकर आदिवासी, वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। क्षमता बढ़ने से अब क्षेत्र के किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं और उद्योगों को बेहतर व गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति मिल सकेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

  • 100 MLA लाओ, CM बन जाओ—विदेश दौरे पर योगी को लेकर अखिलेश यादव का तंज, किसे दिया ऑफर?

    100 MLA लाओ, CM बन जाओ—विदेश दौरे पर योगी को लेकर अखिलेश यादव का तंज, किसे दिया ऑफर?

    लखनऊ
    अखिलेश यादव ने कहा कि यदि कोई अपने साथ 100 विधायक तोड़कर लाता है तो विपक्ष उसे मुख्यमंत्री बनने में पूरा सहयोग और समर्थन करेगा। उन्होंने दोनों डिप्टी सीएम का उल्लेख करते हुए कहा कि सीएम बनने की इच्छा दोनों की है। जो भी 100 विधायक लाएगा वो सीएम बनने का मौका पाएगा। जो नहीं लाएगा वो क्या पाएगा?

    उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल धीरे-धीरे गरमाने लगा है। रविवार को जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक प्रेस कांफ्रेंस की। सपा प्रमुख ने इसमें रविवार से शुरू हो रही सीएम योगी की विदेश यात्रा (सिंगापुर और जापान) पर तंज कसा और दोनों डिप्टी सीएम का उल्लेख करते हुए कहा कि सीएम तो बाहर जा रहे हैं, पीछे से हम ऑफर देते हैं कि 100 विधायक लेकर आएं और यूपी के सीएम बन जाएं। यह ऑफर दोहराते हुए उन्होंने दोनों डिप्टी सीएम का जिक्र करते हुए उन्होंने दोहराया कि जो 100 विधायक लाएगा वो सीएम बन जाएगा। उन्होंने इस ऑफर की वैलिडिटी भी बताई। कहा कि एक हफ्ते तक के लिए यह ऑफर है।

    बता दें कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इसके पहले भी इस तरह का खुला ऑफर दिया था। उन्होंने कहा कि यदि कोई अपने साथ 100 विधायक तोड़कर लाता है तो विपक्ष उसे सीएम बनाने में पूरा सहयोग और समर्थन करेगा। उन्होंने दोनों डिप्टी सीएम का उल्लेख करते हुए कहा कि सीएम बनने की इच्छा दोनों की है। जो भी 100 विधायक लाएगा वो सीएम बनने का मौका पाएगा। जो नहीं लाएगा वो क्या पाएगा? बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार की शाम को सिंगापुर और जापान के चार दिवसीय दौरे पर रवाना हो रहे हैं। इस यात्रा उद्देश्य यूपी को भारत का मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है। यात्रा के दौरान सीएम योगी वैश्विक दिग्गज कंपनियों को यूपी में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। इस दौरान उनकी कई कंपनियों के साथ चर्चा होगी।

    प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने कई और मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे पीड़ा बढ़ रही है, वैसे-वैसे पीडीए परिवार भी बढ़ रहा है। सीएम योगी की विदेश यात्रा पर एक और तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि किसी चापलूस अधिकारी की सलाह पर वो वहां जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जापान जाकर उन्हें अफसोस होगा कि दस साल में उन्होंने क्या नहीं किया।

    सपा प्रमुख ने भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पानी की टंकियां अब भ्रष्टाचार का भार नहीं सह पा रही हैं। एक लाख करोड़ की बुलेट ट्रेन अब दो लाख करोड़ में बन रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि भले ही उनकी सुरक्षा हटा ली जाए लेकिन वह सरकार को हटाकर ही मानेंगे।

     

  • भोपाल गैस पीड़ितों को राहत, BMHRC और ‘हाइट्स’ समझौते से डिजिटल होगी मेडिकल सुविधा

    भोपाल गैस पीड़ितों को राहत, BMHRC और ‘हाइट्स’ समझौते से डिजिटल होगी मेडिकल सुविधा

    भोपाल
    भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (BMHRC) में उपचार करा रहे गैस पीड़ितों और उनके आश्रितों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं अब और अधिक आधुनिक व सुगम होने जा रही हैं। अस्पताल में वर्षों पुराने मेडिकल रिकार्ड्स को अब पूरी तरह डिजिटल प्रारूप में बदला जाएगा। इसके लिए शनिवार को बीएमएचआरसी ने भारत सरकार के उपक्रम एचएलएल इन्फ्राटेक सर्विसेज लिमिटेड ((HITES) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

    BMHRC की प्रभारी निदेशक डा. मनीषा श्रीवास्तव और हाइट्स के जोनल हेड प्रेम प्रकाश के बीच हुए इस समझौते के तहत मरीजों के पुराने रिकार्ड को स्कैन कर अस्पताल के 'हास्पिटल इन्फार्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम' (HIMS) से जोड़ा जाएगा। यह कार्य आगामी एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद मरीजों को भारी-भरकम फाइलें लेकर अस्पताल नहीं भटकना पड़ेगा।
     
    सटीक इलाज और समय की बचत
    रिकार्ड डिजिटल होने से डाक्टरों को मरीज का पुराना उपचार इतिहास, पुरानी जांच रिपोर्ट और दवाओं का विवरण कंप्यूटर स्क्रीन पर ही मिल जाएगा। इससे न केवल इलाज में तेजी आएगी, बल्कि बार-बार होने वाली अनावश्यक जांचों से भी बचा जा सकेगा। आपात स्थिति में यह तकनीक जीवनरक्षक साबित होगी, क्योंकि मरीज की एलर्जी या पिछली सर्जरी की जानकारी तुरंत उपलब्ध होगी।

    डिजिटलीकरण के फायदे
        त्वरित निर्णय: डाक्टर स्क्रीन पर ही देख सकेंगे मरीज की संपूर्ण स्वास्थ्य कुंडली।
        फाइलों से मुक्ति: कागजी दस्तावेजों के गुम होने या फटने का डर होगा खत्म।
        समय की बचत: रजिस्ट्रेशन से लेकर उपचार तक की प्रक्रिया होगी पेपरलेस।
        पारदर्शिता: जांच रिपोर्ट और दवाओं का पूरा विवरण सुरक्षित रूप से रहेगा उपलब्ध।

  • रायपुर में दर्दनाक हादसा: कार पर पलटा धान से भरा ट्रक, 1 की मौत, 4 की हालत गंभीर

    रायपुर में दर्दनाक हादसा: कार पर पलटा धान से भरा ट्रक, 1 की मौत, 4 की हालत गंभीर

    रायपुर

    रायपुर में रविवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में धान से लदी ट्रक कार के ऊपर पलट गई। हादसे में कार सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
    पट्टा टूटने से अनियंत्रित होकर कार पर गिरा ट्रक

    घटना विधानसभा थाना क्षेत्र में डीपीएस स्कूल के पास की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक और कार दोनों बलौदाबाजार की ओर जा रहे थे। इसी दौरान चलती ट्रक का पट्टा (हुक/लॉकिंग सिस्टम) अचानक टूट गया, जिससे ट्रक अनियंत्रित होकर बगल से गुजर रही कार पर जा गिरी।
    क्रेन और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन

    टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग अंदर फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला गया।

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    एक की मौत, चार गंभीर और चालक हिरासत में

    एक व्यक्ति को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि चार अन्य को गंभीर हालत में अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

     

  • कच्ची रोटियां देख भड़के केंद्रीय मंत्री खटीक, बोले– अपनी बेटी समझकर खिलाओ खाना

    कच्ची रोटियां देख भड़के केंद्रीय मंत्री खटीक, बोले– अपनी बेटी समझकर खिलाओ खाना

    टीकमगढ़

    सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर रविवार को उस वक्त साफ नजर आया जब केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार खटीक पृथ्वीपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान छात्रावास की जो तस्वीर सामने आई, वह न केवल चिंताजनक थी बल्कि व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली थी।
    रोटियों का कच्चापन देख मंत्री का पारा चढ़ा

    दोपहर के भोजन के समय जब डॉ. खटीक सीधे छात्रावास की रसोई में दाखिल हुए, तो वहां बन रही रोटियों की गुणवत्ता ने व्यवस्था की पोल खोल दी। डोंगे में रखी रोटियां न केवल ठंडी थीं, बल्कि वे ठीक से सिकी भी नहीं थीं। रोटियों का कच्चापन देख मंत्री का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर मौजूद महिला कुक को रोटियां दिखाते हुए कड़े लहजे में नसीहत दी। डॉ. खटीक ने दो टूक शब्दों में कहा ये बेटियां देश का भविष्य हैं, इनके स्वास्थ्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भोजन केवल काम समझकर मत बनाओ, इन्हें अपनी बेटियां समझकर खिलाओ। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधपका भोजन बच्चों के पाचन और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।

    अव्यवस्थाओं का अंबार: न शुद्ध पानी, न सही बिस्तर

    भोजन के बाद जब मंत्री ने छात्रावास परिसर का गहराई से जायजा लिया, तो अन्य बुनियादी सुविधाओं में भी भारी कमियां पाई गईं। अधिकांश छात्रावासों की तरह यहां भी पीने के पानी की व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। छात्राओं से संवाद के दौरान यह बात सामने आई कि उन्हें स्वच्छ पेयजल के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। छात्राओं के कमरों में रखे पलंग और गद्दों की स्थिति दयनीय मिली, जो लंबे समय से बदले नहीं गए थे। वहीं छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था और चारदीवारी के रखरखाव में लापरवाही नजर आई। कई कमरों में रोशनी की उचित व्यवस्था नहीं थी, जिससे छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।

    अधिकारियों को चेतावनी

    संवाद के दौरान छात्राओं ने अपनी दिनचर्या और समस्याओं को लेकर खुलकर बात की। छात्राओं की बातें सुनने के बाद डॉ. खटीक ने वार्डन और मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि छात्रावास की बुनियादी सुविधाओं में बिजली, पानी और सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार बजट की कमी नहीं होने देती, फिर भी बच्चों को बुनियादी सुविधाएं न मिलना प्रशासनिक विफलता है। उन्होंने एक निश्चित समय सीमा के भीतर सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने और उसकी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।