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  • BAFTA Awards 2026: मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने हॉलीवुड मूवीज़ को पछाड़कर जीता इतिहास रचने वाला अवॉर्ड

    BAFTA Awards 2026: मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने हॉलीवुड मूवीज़ को पछाड़कर जीता इतिहास रचने वाला अवॉर्ड

    लंदन 
    BAFTA (ब्रिटिश एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन आर्ट्स) अवॉर्ड्स 2026 में मणिपुरी फिल्म बूंग ने इतिहास रचा है. बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म कैटेगरी में अवॉर्ड जीतने वाली ये पहली इंडियन मूवी है. फरहान अख्तर इस मणिपुरी मूवी के प्रोड्यूसर्स में से एक हैं. इसकी डायरेक्टर लक्ष्मीप्रिया देवी हैं.

    बूंग के खिलाफ इस कैटेगरी में फ्रेंच एनिमेटेड साइंस फिक्शन फिल्म आर्को, हॉलीवुड की लाइव-एक्शन एनिमेटेड कॉमेडी लिलो एंड स्टिच, हॉलीवुड एनिमेटेड कॉमेडी ज़ूटोपिया 2 नॉमिनेटेड थीं. स्टेज पर ये अवॉर्ड पैडिंगटन बियर ने दिया. बूंग का बाफ्टा में अवॉर्ड जीतना इंडियन सिनेमा के लिए बड़ी उपलब्धि है, खासकर नॉर्थ ईस्ट की फिल्मों के लिए. अवॉर्ड सेरेमनी में डायरेक्टर लक्ष्मीप्रिया देवी के अलावा फरहान अख्तर, शिबानी दांडेकर भी मौजूद थे. अवॉर्ड जीतने के बाद लक्ष्मीप्रिया ने जूरी मेंबर्स और बाफ्टा का शुक्रिया अदा किया.

    क्या है फिल्म की कहानी?
    ये फिल्म एक मणिपुरी गांव में रहने वाले छोटे से लड़के की है. वो अपनी मां के साथ रहता है. जो अकेले ही उसे पाल-पोसकर बड़ा कर रही है. उसके पिता जॉयकुमार रहस्यमयी तरीके से गायब हो गए थे. जॉय पहले शहर से बाहर नौकरी करता था. लेकिन अचानक से वो कहीं गायब हो गया. उसके गायब होने का कोई सुराग नहीं मिला है. ऐसे समय में वो लड़का अपने पिता को ढूंढ़कर अपनी मां को उनकी जिंदगी का बेस्ट गिफ्ट देना चाहता है. इस मिशन में वो अपने दोस्त के साथ निकल पड़ता है. इस इमोशनल मूवी की कहानी आंखें नम करती है. मणिपुरी में बूंग का मतलब है- छोटा लड़का. मूवी में गुगुन किपगें ने बूंग का किरदार निभाया है.

    डायरेक्टर लक्ष्मीप्रिया देवी के काम की काफी सराहना हो रही है. उन्हें गोवा के बुलबुल चिल्ड्रन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट डायरेक्टर अवॉर्ड मिला था. बूंग ने 2024 टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में वर्ल्ड प्रीमियर के वक्त सबका ध्यान खींचा था. बूंग को मेलबर्न इंडियन फिल्म फेस्टिवल, मामी मुंबई फिल्म फेस्टिवल और वारसॉ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में जबरदस्त सराहना मिली. इसे सिनेमाघरों में पिछले साल सितंबर में रिलीज किया गया था. 

    बूंग को मिले अवॉर्ड के अलावा  BAFTA 2026 में आलिया भट्ट की भी चर्चा रही. वो इवेंट में प्रेजेंटर बनीं. हिंदी में अवॉर्ड प्रेजेंट करने पर उनकी तारीफ हो रही है. एक्ट्रेस ने रेड कार्पेट पर Gucci के सिल्वर सीक्वेन गाउन में डेब्यू किया. मीडिया से बात करते हुए आलिया ने बेटी राहा को अपनी इंस्पिरेशन बताया. एक्ट्रेस ने कहा कि उनकी बेटी 3 साल की हो चुकी है. उसे अपने गानों पर डांस करता देख वो इमोशनल हो जाती हैं.

  • होली पर बड़े हमले की साजिश, लश्कर आतंकी मॉड्यूल की जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे

    होली पर बड़े हमले की साजिश, लश्कर आतंकी मॉड्यूल की जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे

    नई दिल्ली

    दिल्ली में पकड़े गए लश्कर-ए-तैयबा के संदिग्ध मॉड्यूल की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के मुताबिक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की साजिश के तहत बांग्लादेशी मूल के युवकों का नेटवर्क तैयार किया गया। इस नेटवर्क का संचालन बांग्लादेश में बैठा लश्कर का एक कमांडर कर रहा था, जिसने वहीं बैठक कर हमलों की पूरी रूपरेखा बनाई।

    जांच में सामने आया है कि मॉड्यूल के निशाने पर देश के बड़े मेट्रो शहर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई थे। सूत्रों के मुताबिक कुछ स्थानों की रेकी भी कर ली गई थी और होली के मौके पर हमले की तैयारी थी। खुफिया इनपुट के बाद स्पेशल सेल ने कार्रवाई तेज की और मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर दिया।
    हाफिज सईद और लखवी से सीधा संपर्क

    जांच से जुड़े अधिकारियों का दावा है कि बांग्लादेशी हैंडलर शब्बीर अहमद लोन सीधे लश्कर प्रमुख हाफिज सईद और आतंकी सरगना जैकी उर रहमान लखवी के संपर्क में था।पुलिस का कहना है कि आईएसआई भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के जरिए लोकल मॉड्यूल खड़ा कर रही थी। इसके लिए फंडिंग भी की जा रही थी, ताकि बड़े शहरों में समन्वित हमले किए जा सकें। शब्बीर इस नेटवर्क में आईएसआई और बांग्लादेशी मूल के आतंकी सैदुल इस्लाम के बीच कड़ी का काम कर रहा था। सैदुल संदिग्धों को निर्देश देता था और उन्हें टारगेट तय करने में मदद करता था।
    2007 में पकड़ा गया, 2018 में फिर सक्रिय

    स्पेशल सेल के अनुसार शब्बीर अहमद लोन 2007 में आत्मघाती हमले की साजिश में एके-47 और हैंड ग्रेनेड के साथ पकड़ा गया था। सजा पूरी करने के बाद 2018 में जेल से बाहर आया और दोबारा लश्कर से जुड़ गया। उसने अपना बेस बांग्लादेश में बनाया, जबकि कनेक्शन पाकिस्तान से बनाए रखे।

    अधिकारियों का कहना है कि जेल से रिहाई के बाद उसने पुराने नेटवर्क को फिर सक्रिय किया और सोशल मीडिया के जरिए युवकों को जोड़ना शुरू किया। जांच एजेंसियों को उसके डिजिटल ट्रेल से कई अहम सुराग मिले हैं।
    सोशल मीडिया से जोड़ा गया मॉड्यूल

    पुलिस के मुताबिक पकड़े गए संदिग्धों को पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए संपर्क में लाया गया। इसके बाद उन्हें बांग्लादेश बुलाकर बैठक की गई। कोलकाता से पकड़े गए उमर फारूक को संवेदनशील स्थानों की रेकी का जिम्मा दिया गया था। संदिग्धों को किराए पर अपार्टमेंट लेने और सुरक्षित ठिकाने बनाने के निर्देश भी दिए गए। मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में हथियार जुटाने की कोशिशों से जुड़े वीडियो और चैट सामने आए हैं। सुरक्षा एजेंसियों को पहले ही इनपुट मिला था कि लश्कर होली के दौरान बड़ी वारदात की फिराक में है।
    ऑपरेशन जारी, कई राज्यों में छापे

    दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का ऑपरेशन अभी जारी है। कुछ संदिग्धों के फरार होने की आशंका में कई राज्यों में छापेमारी की जा रही है। सभी आरोपियों को दिल्ली लाकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि समय रहते साजिश नाकाम कर दी गई, लेकिन नेटवर्क के बाकी सिरों तक पहुंचना अभी बाकी है।

    सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं और देश के बड़े शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह मॉड्यूल लंबी योजना का हिस्सा था। अगर समय पर कार्रवाई नहीं होती तो होली के मौके पर बड़ा नुकसान हो सकता था।
    विवादित पोस्टर से खुला मॉड्यूल का राज

    स्पेशल सेल के हत्थे चढ़े आठ संदिग्धों में से चार दिल्ली में ‘फ्री कश्मीर’ जैसे विवादित पोस्टर लगाकर तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल लौट गए थे। जांच यहीं से आगे बढ़ी और नेटवर्क का सिरा हाथ लगा। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टरबाजी महज ट्रायल रन थी, असली मकसद बड़े हमले की तैयारी था। खुफिया एजेंसियों ने पहले अलर्ट जारी किया था कि आईएसआई समर्थित लश्कर लोकल मॉड्यूल तैयार कर रहा है। एक अन्य इनपुट में लाल किले के आसपास हमले की आशंका जताई गई थी। सुरक्षा एजेंसियों को पहले ही इनपुट मिला था कि लश्कर होली के दौरान बड़ी वारदात की फिराक में है।

  • टाटा पंच ईवी फेसलिफ्ट भारत में लॉन्च, 355 किमी की रियल-वर्ल्ड रेंज के साथ

    टाटा पंच ईवी फेसलिफ्ट भारत में लॉन्च, 355 किमी की रियल-वर्ल्ड रेंज के साथ

    मुंबई 

    भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के सेगमेंट को मजबूत करते हुए Tata Motors ने अपनी सबसे किफायती इलेक्ट्रिक एसयूवी टाटा पंच ईवी का फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च कर दिया है। नई टाटा पंच ईवी की एक्स-शोरूम शुरुआती कीमत 9.69 लाख रुपये रखी गई है। यह मॉडल कंपनी की एंट्री-लेवल ईवी रेंज का पहला बड़ा अपडेट माना जा रहा है, जिसमें हल्के डिजाइन बदलाव, नया बैटरी विकल्प और बेहतर रियल-वर्ल्ड रेंज पर खास ध्यान दिया गया है। वेरिएंट और कीमत की रणनीति
    नई टाटा पंच ईवी फेसलिफ्ट को स्मार्ट, एडवेंचर और एम्पावर्ड—इन तीन वेरिएंट्स में पेश किया गया है। अलग-अलग वेरिएंट और बैटरी पैक के हिसाब से इसकी कीमत 9.69 लाख रुपये से लेकर 12.59 लाख रुपये एक्स-शोरूम तक जाती है। कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक एसयूवी को इस तरह पोजिशन किया है कि यह पारंपरिक पेट्रोल-डीजल कारों की कीमत के ज्यादा करीब नजर आए, जिससे पहली बार ईवी खरीदने वालों के लिए फैसला आसान हो सके।
    बैटरी सब्सक्रिप्शन से कम होगी शुरुआती कीमत
    टाटा ने पंच ईवी फेसलिफ्ट के साथ बैटरी-एज़-ए-सर्विस यानी BaaS विकल्प भी उपलब्ध कराया है। इस स्कीम के तहत ग्राहक कार को 6.49 लाख रुपये की शुरुआती कीमत पर खरीद सकते हैं, जबकि बैटरी के लिए प्रति किलोमीटर लगभग 2.6 रुपये का चार्ज देना होगा। इस मॉडल का मकसद शुरुआती खर्च को कम करना है, ताकि इलेक्ट्रिक कार ज्यादा लोगों की पहुंच में आ सके। खास बात यह है कि फेसलिफ्ट का बेस वेरिएंट पहले के मुकाबले करीब 30 हजार रुपये सस्ता भी हो गया है।
    एक्सटीरियर में हल्के लेकिन साफ बदलाव
    डिजाइन के मामले में पंच ईवी फेसलिफ्ट को ज्यादा आक्रामक बदलाव नहीं दिए गए हैं, लेकिन इसके फ्रंट में नया बंपर और ज्यादा सादा लुक देखने को मिलता है। हेडलैंप्स को जोड़ने वाली पुरानी ब्लैक स्ट्रिप को हटाया गया है, जिससे फ्रंट फेस ज्यादा क्लीन लगता है। साइड प्रोफाइल में नए 16-इंच के एयरो-ऑप्टिमाइज्ड अलॉय व्हील्स दिए गए हैं, जो बड़े टाटा ईवी मॉडलों से प्रेरित हैं। पीछे की तरफ कनेक्टेड एलईडी टेललैंप्स दिए गए हैं, जो इसे नए पेट्रोल पंच के डिजाइन से जोड़ते हैं।

    इंटीरियर और फीचर्स में टेक्नोलॉजी पर जोर
    केबिन के अंदर लेआउट पहले जैसा ही रखा गया है, लेकिन ट्रिम फिनिश में बदलाव किए गए हैं। टॉप वेरिएंट्स में 10.25 इंच का बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और उतना ही बड़ा डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले दिया गया है। इसके अलावा वायरलेस चार्जिंग, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, एंबिएंट लाइटिंग, कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी और 360 डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स वेरिएंट के अनुसार मिलते हैं।

    नई बैटरी और बेहतर रेंज
    फेसलिफ्ट पंच ईवी की सबसे बड़ी खासियत नया 40kWh बैटरी पैक है। यह बैटरी एआरएआई सर्टिफाइड साइकिल में 468 किमी की रेंज और करीब 355 किमी की रियल-वर्ल्ड रेंज का दावा करती है। इसके अलावा 30kWh बैटरी का विकल्प भी जारी रखा गया है, जिसकी रेटेड रेंज 365 किमी है। फास्ट चार्जिंग की सुविधा के तहत 65kW डीसी चार्जर से बैटरी को 20 से 80 प्रतिशत तक सिर्फ 26 मिनट में चार्ज किया जा सकता है।

    सेफ्टी और पोजिशनिंग
    सुरक्षा के लिहाज से टाटा पंच ईवी फेसलिफ्ट में सभी वेरिएंट्स में छह एयरबैग्स स्टैंडर्ड दिए गए हैं। इसके साथ इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, हिल होल्ड असिस्ट, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम और आईएसओफिक्स चाइल्ड सीट माउंट्स जैसी सुविधाएं शामिल हैं। भारतीय बाजार में यह कार सिट्रोएन ईसी3 को टक्कर देती है और टाटा की ईवी लाइन-अप में टियागो ईवी और नेक्सॉन ईवी के बीच अपनी जगह बनाती है।

  • वांटेड ड्रग माफिया ‘एल मेंचो’ मिलिट्री ऑपरेशन में ढेर, मेक्सिको में हिंसा बढ़ी, भारत ने जारी की एडवाइजरी

    वांटेड ड्रग माफिया ‘एल मेंचो’ मिलिट्री ऑपरेशन में ढेर, मेक्सिको में हिंसा बढ़ी, भारत ने जारी की एडवाइजरी

     जलिस्को

    मैक्सिकन डिफेंस मिनिस्ट्री ने ऐलान किया है कि दुनिया के सबसे वॉन्टेड ड्रग तस्करों में से एक और 'एल मेंचो' के नाम से कुख्यात नेमेसियो रुबन ओसेगुएरा सर्वेंटेस एक सैन्य अभियान में मारा गया है. ओसेगुएरा की मौत के बाद पूरे मैक्सिको में जगह-जगह से हिंसा की खबरें आ रही हैं. यह ऑपरेशन पश्चिमी राज्य जलिस्को में मैक्सिकन सुरक्षा बलों द्वारा चलाया गया था.

    मंत्रालय के मुताबिक, 59 वर्षीय भगोड़े ड्रग लॉर्ड की मौत मिलिट्री ऑपरेशन के बाद एयर ट्रांसफर (हवाई मार्ग से ले जाने) के दौरान लगी गंभीर चोटों के कारण हुई. एल मेंचो का संगठन 'जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल' (CJNG) पिछले एक दशक में मेक्सिको का सबसे पावरफुल आपराधिक समूह बन चुका था और अमेरिका में नशीले पदार्थों की तस्करी का प्रमुख स्रोत था. 

    हालांकि, राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि करने से परहेज किया है. उन्होंने कहा कि इस मामले पर पूरी जानकारी सुरक्षा कैबिनेट द्वारा दी जाएगी.

    पूरे मेक्सिको में अफ़रा-तफ़री…

    अधिकारियों ने बताया कि ओसेगुएरा की मौत की ख़बरों से CJNG के मज़बूत गढ़ वाले कई राज्यों में हिंसा फैल गई, जहां बंदूकधारियों ने मिलकर बदले की कार्रवाई में कई गाड़ियां जला दीं और मुख्य सड़कों को ब्लॉक कर दिया.

    लोकल मीडिया और अधिकारियों ने बताया कि जलिस्को, गुआनाजुआतो, नायरिट, मिचोआकन और तमाउलिपास में बसों, ट्रकों और कारों में आग लगा दी गई, जबकि ग्वाडलहारा में लोग बदले की कार्रवाई के डर से सड़कों और ट्रांसपोर्ट हब से भाग गए.

    पब्लिक के लिए सलाह जारी…
    गवर्नर पाब्लो लेमस नवारो ने कहा कि स्टेट में अभी भी 'कोड रेड' सिक्योरिटी अलर्ट है और उन्होंने लोगों से घर के अंदर रहने की अपील की. ​​इलाके के कुछ हिस्सों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद कर दिया गया और चल रही झड़पों की वजह से स्टेट हाईवे पर यात्रा करने से मना कर दिया गया.

    लेमस ने कहा, "हम कोड रेड में हैं. हम यह सलाह दोहराते हैं कि अपने घरों से बाहर न निकलें. कई फ़ेडरल जगहों पर झड़पें हो रही हैं."
    लोकल मीडिया ने बताया कि ओसेगुएरा ग्वाडलहारा से करीब 80 मील दक्षिण-पश्चिम में एक पहाड़ी शहर, तपालपा में या उसके पास एक फ़ेडरल ऑपरेशन के दौरान मारा गया. रीजनल मीडिया में चल रहे वीडियो में इलाके में भारी गोलीबारी और सुरक्षा तैनात दिखाई दे रही थी.

    CJNG की जड़ें लंबे वक्त से ग्रामीण जलिस्को में हैं, जहां ओसेगुएरा (पूर्व पुलिस अफ़सर) एक कार्टेल नेटवर्क को लीड करने के लिए उभरा, जो इलाके पर कब्ज़ा करने और तस्करी के रास्तों को कंट्रोल करने के लिए मिलिट्री-स्टाइल फ़ोर्स और बेरहमी से डराने-धमकाने पर निर्भर था.

    मेक्सिको में US एम्बेसी ने CJNG कार्टेल के लीडर के मारे जाने के बाद बदले की कार्रवाई से जुड़ा सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. यूएस एंबेसी ने कहा, 'चल रहे सिक्योरिटी ऑपरेशन और उससे जुड़ी सड़कों पर रुकावटों और क्रिमिनल एक्टिविटी की वजह से US नागरिकों को अगली सूचना तक सुरक्षित जगह पर रहना चाहिए.'

    भारत ने जारी की एडवाइजरी
    भारत ने भी मेक्सिको के हालात को देखते हुए अपने नागरिकों को एडवाइजरी जारी की है.

  • मध्य प्रदेश के 10 जिलों में आज से पुलिस आरक्षक भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा शुरू

    मध्य प्रदेश के 10 जिलों में आज से पुलिस आरक्षक भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा शुरू

     भोपाल
     मध्य प्रदेश में पुलिस आरक्षक भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) 23 फरवरी से शुरू हो रही है। परीक्षा 10 जिलों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रीवा, बालाघाट, रतलाम और मुरैना में होगी। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल पुलिस आरक्षक (जीडी) के कुल 7,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया करवा रहा है।

    इसके लिए 30 अक्टूबर से 15 दिसंबर, 2025 तक ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम 25 जनवरी, 2026 को जारी किया जा चुका है। भोपाल में शारीरिक दक्षता परीक्षा लाल परेड ग्राउंड पर होगी। तैयारी के दौरान सेंसर वाली जैकेट, टाइमिंग सिस्टम और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों की सटीकता परखी गई, ताकि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित रहे।

    7,500 पदों के लिए प्रदेश भर में दौड़ेंगे 59 हजार अभ्यर्थी

    आरक्षक के 7,500 पदों के लिए प्रदेश भर से लगभग 59 हजार अभ्यर्थी शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होंगे। सभी चयनित प्रतियोगियों को निर्धारित केंद्रों पर पहुंचना होगा, जहां दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।
    मुख्य रूप से तीन स्पर्धाएं होंगी

    800 मीटर दौड़, लंबी कूद,गोला फेंक होगा। परीक्षा के दौरान आधार ई-केवाईसी सत्यापन अनिवार्य है, इसलिए सभी अभ्यर्थियों को अपना मूल आधार कार्ड साथ लाना होगा। अभ्यर्थी यह भी सुनिश्चित करें कि उनका आधार नंबर 'लाक' न हो। इसके साथ ही, दस्तावेज परीक्षण के लिए सभी मूल प्रमाण पत्र और उनकी फोटोकापी का सेट साथ लाना अनिवार्य है।

    आधार सत्यापन के बाद जैकेट के क्यूआर से लिंक होगा रोल नंबर, हर चरण में होगा स्कैन

    इस बार फर्जीवाड़ा रोकने के लिए कई नवाचार किए गए हैं। क्यूआर कोड वाली जैकेट पहनाई जा रही है। परीक्षा स्थल पर सबसे पहले आधार कार्ड का सत्यापन फिंगरप्रिंट, रेटिना और फोटो के मिलान से होगा। सत्यापन सफल होने के बाद ही क्यूआर कोड वाली अभ्यर्थी को दी जाएगी। इस जैकेट में क्यूआर कोड होगा, जिसे रोल नंबर से लिंक किया जाएगा। हर चरण में इसी क्यूआर कोड को स्कैनर से स्कैन किया जाएगा, तभी प्रवेश मिलेगा।

    5500 अभ्यर्थी आजमाएंगे अपनी किस्मत, पुलिस की कड़ी निगरानी

    ग्वालियर की 14वीं बटालियन में सोमवार को नव आरक्षकों की शारीरिक प्रवीणता परीक्षा (पीपीटी) आयोजित होने जा रही है। इस परीक्षा में तकरीबन 5500 युवा अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमाने पहुंचेंगे। 14वीं बटालियन के मैदान पर यह परीक्षा प्रक्रिया 14 मार्च तक चलेगी, इसमें हर दिन करीब 400 उम्मीदवारों की परीक्षा ली जाएगी।

    दौड़, गोला फेंक और लंबी कूद का टेस्ट होगा

    नवआरक्षकों भर्ती प्रक्रिया के लिए एसएएफ के करीब 300 पुलिस जवान और अधिकारियों तैनात रहेंगे। यह पुलिस के जवान और अधिकारी इस परीक्षा में पहुंचने वाले युवाओं की दौड़, गोला फेंक और लंबी कूद का परीक्षण करवाएंगे। इस भर्ती परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बटालियन के ग्राउंड पर दो दर्जन CCTV कैमरे भी लगवाए गए हैं।

    यह भर्ती प्रक्रिया प्रदेश भर में नवआरक्षकों के करीब 7500 पदों के लिए आयोजित की जा रही है। लिखित परीक्षा के बाद अब शारीरिक प्रवीणता परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। इस परीक्षा के लिए एक कमेटी का गठन किया है, जिसके अध्यक्ष डीआईजी अमित सांघी हैं। उनकी निगरानी में यह परीक्षा आयोजित की जाएगी।

    800 मीटर की पूरी करनी होगी दौड़

    14वीं बटालियन के मैदान पर पीपीटी परीक्षा के लिए रविवार को टैंट, लाइट, CCTV कैमरे और मैदान की साफ-सफाई सहित अन्य सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। परीक्षा देने आने वाले युवाओं के लिए चाय-पानी की भी व्यवस्था की गई है। भर्ती परीक्षा की तैयारी का जायजा बटालियन के कमांडेंट संजीव सिंह ने किया था और प्रक्रिया के लिए तैनात जवानों व अधिकारियों से चर्चा की।

    रविवार को एसएएफ मैदान पर पीपीटी परीक्षा से एक दिन पहले रिहर्सल की गई, जिसमें कमेटी के अध्यक्ष डीआईजी अमित सांघी, कमांडेंट संजीव सिन्हा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मैदान पर एसएएफ जवानों को उम्मीदवार बनाकर रिहर्सल कराई गई ताकि परीक्षा के दौरान होने वाली किसी भी कमी को पूरी तरीके से पूर्ण किया जा सके।

    14वीं बटालियन के मैदान पर पीपीटी परीक्षा में उम्मीदवारों को 800 मीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। इसके अलावा, गोला फेंक और लंबी कूद भी शामिल होगी। गोला फेंक और लंबी कूद में प्रत्येक उम्मीदवार को तीन-तीन मौके दिए जाएंगे।

    300 जवान और अधिकारी किए तैनात

    ग्वालियर DIG अमित सांघी ने बताया कि एसएएफ मैदान पर 23 मार्च से पीपीटी परीक्षा शुरू होने जा रही है जिसके लिए पुलिस के 300 जवान और अधिकारी तैनात किए जाएंगे। परीक्षा के दौरान इमरजेंसी के लिए चिकित्सा कैंप भी लगाया है। जिसमें अनुभवी डॉक्टर भी तैनात रहेंगे और भर्ती प्रक्रिया के लिए पूरे इंतजाम कर लिए गए हैं।

    इन केंद्रों पर होगी परीक्षा

        भोपाल : लाल परेड ग्राउंड, जहांगीराबाद
        इंदौर : माउंटेड ट्रूप डिपार्टमेंट परिसर, आरएपीटीसी
        जबलपुर : परेड ग्राउंड, 6वीं वाहिनी विसबल, रांझी
        ग्वालियर : परेड ग्राउंड, 14वीं वाहिनी विसबल, कंपू
        उज्जैन : महानंदा एरीना ग्राउंड, देवास रोड
        सागर : शासकीय इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कालेज, बहेरिया
        रीवा : परेड ग्राउंड, 9वीं वाहिनी विसबल
        बालाघाट : फुटबाल/हाकी ग्राउंड, 36वीं वाहिनी विसबल
        रतलाम : भगत सिंह शासकीय कालेज बस स्टैंड के पास जावरा रतलाम
        मुरैना : परेड ग्राउंड, 05वीं वाहिनी विसबल

     

  • मस्कार…’ BAFTA अवॉर्ड्स में आलिया भट्ट का जलवा, हिंदी में दी स्पीच, वीडियो हुआ वायरल

    मस्कार…’ BAFTA अवॉर्ड्स में आलिया भट्ट का जलवा, हिंदी में दी स्पीच, वीडियो हुआ वायरल

    लंदन

    लंदन में कुछ घंटों पहले ब्रिटिश एकेडमी फिल्म अवॉर्ड्स (BAFTA) का आयोजन हुआ, जहां फिल्मी जगत के कई कलाकार शामिल हुए. इंडिया की तरफ से भी फरहान अख्तर और आलिया भट्ट वहां पहुंचे. फरहान के प्रोडक्शन में बनीं मणिपुरी फिल्म 'बूंग' को वहां बेस्ट चिल्ड्रन और फैमिली फिल्म की कैटेगरी में अवॉर्ड भी मिला. वहीं, आलिया ने पहली बार BAFTA में किसी अवॉर्ड को प्रेजेंट किया. 

    आलिया ने BAFTA में बोली हिंदी

    आलिया भट्ट को BAFTA में बेस्ट नॉन-इंग्लिश फिल्म प्रेजेंट करने के लिए स्टेज पर बुलाया गया. एक्ट्रेस ने आते ही अपनी स्पीच हिंदी में कही, जिसका बाद में उन्होंने मतलब भी समझाया. उनका ये वीडियो हर तरफ वायरल भी हो रहा है. लोग आलिया की हिंदुस्तानी कल्चर दुनियाभर में फैलाने को लेकर सराहना कर रहे हैं. 

    आलिया ने कहा, 'नमस्कार, अगला अवॉर्ड एक ऐसी फिल्म के लिए है, जो अंग्रेजी में नहीं है. अभी से आप सबटाइटल की तरफ ना जाएं. मैं हिंदी में ये कह रही थी कि जो हमारा अगला अवॉर्ड है, वो एक ऐसी फिल्म के लिए है जिसकी भाषा अंग्रेजी नहीं है. क्योंकि फिल्में तो ढेर सारी अलग-अलग भाषाओं में बोलती हैं, लेकिन हम हमेशा जिस चीज की तारीफ करते हैं, वो है सिनेमा की भाषा. और वो भाषा तो हम सब बहुत अच्छे से समझते और बोलते हैं.'

    BAFTA में बेस्ट नॉन-इंग्लिश फिल्म का अवॉर्ड फिल्म 'सेंटिमेंटल वैल्यू' को मिला है, जो इसी साल ऑस्कर के लिए भी नॉमिनेटेड है. फैंस को आलिया का BAFTA लुक भी बेहद पसंद आया है. एक्ट्रेस ने गुच्ची का सिल्वर गाउन पहना था, जिसके साथ उन्होंने एक सफेद स्टॉल भी कैरी किया. रेड कार्पेट पर आलिया का जलवा खूब जोर-शोर से बिखरा. 

    तीसरी इंडियन एक्ट्रेस बनीं आलिया

    आलिया से पहले इंडिया की दो और हीरोइन प्रियंका चोपड़ा और दीपिका पादुकोण को भी BAFTA में अवॉर्ड प्रेजेंट करने का मौका मिल चुका है. अब ऐसा करके आलिया तीसरी इंडियन एक्ट्रेस बन चुकी हैं. फैंस उनकी तरक्की देखकर बेहद खुश हैं. बात करें आलिया के वर्क फ्रंट की, तो उनकी दो फिल्में 'अल्फा' और 'लव एंड वॉर' आनी हैं, जिसकी रिलीज का फैंस को बेसब्री से इंतजार है. 

     

  • पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय का 71 वर्ष की आयु में निधन, ममता बनर्जी के साथ मिलकर की थी TMC की स्थापना

    पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय का 71 वर्ष की आयु में निधन, ममता बनर्जी के साथ मिलकर की थी TMC की स्थापना

    कोलकाता
    पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री और कभी तृणमूल कांग्रेस में ममता बनर्जी के बाद नंबर दो नेता माने जाने वाले मुकुल रॉय का सोमवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. 71 वर्षीय रॉय को कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां तड़के करीब 1.30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके बेटे सुभ्रांशु रॉय ने उनके निधन की पुष्टि की है. उन्होंने कहा, 'कल रात कार्डियक अरेस्ट से उनकी मौत हो गई. वह पिछले 600 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे. यह मेरे और मेरे परिवार के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है.' 

    मुकुल रॉय का जन्म उत्तर 24 परगना के कांचरापाड़ा में 14 मई 1954 को हुआ था. वह राजनीति में आने से पहले वे ट्रेड यूनियन की गतिविधियों से जुड़े रहे. उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से साइंस में बैचलर डिग्री प्राप्त की थी और साल 2006 में मदुरै के कामराज विश्वविद्यालय से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में एमए की डिग्री ली थी. जनवरी 1998 में अस्तित्व में आई तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे मुकुल रॉय, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी भी रहे.

    यूथ कांग्रेस से शुरू की राजनीतिक पारी

    ममता बनर्जी की तरह ही मुकुल रॉय ने भी बंगाल में यूथ कांग्रेस से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी. तृणमूल कांग्रेस की स्थापना के बाद उन्होंने पार्टी में ममता बनर्जी के साथ मिलकर काम किया और उन्हें पार्टी का महासचिव बनाया गया. इसके बाद रॉय दिल्ली में पार्टी का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे. वह 2006 में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए और 2009 से 2012 तक राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता के रूप में उन्होंने जिम्मेदारी निभाई.

    TMC को मजबूत करने में अहम भूमिका
    यूपीए‑II सरकार में मुकुल रॉय ने पहले शिपिंग मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में काम किया. इसके बाद मार्च 2012 में उन्होंने पार्टी के सहयोगी दिनेश त्रिवेदी की जगह रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली. वह बंगाल व दिल्ली दोनों जगह पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार रहे. 2011 के बाद, जब तृणमूल कांग्रेस ने 34 वर्षों के वाम शासन का अंत किया और ममता बनर्जी बंगाल की मुख्यमंत्री बनीं, तब पार्टी को मजबूत करने में मुकुल रॉय की अहम भूमिका रही. मुकुल रॉय 2015 तक तृणमूल कांग्रेस  के महासचिव रहे. उनके कार्यकाल में सीपीआई(एम) और कांग्रेस से कई बड़े नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा.

    मुकुल रॉय थोड़े समय के लिए BJP में रहे
    मुकुल रॉय ने तृणमूल कांग्रेस से दूरी बनाते हुए नवंबर 2017 में औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया. उन्होंने जमीनी स्तर पर काम करते हुए राज्य में भाजपा का आधार मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई और 2019 के लोकसभा चुनावों में पार्टी ने राज्य में 18 सीटें जीतीं. रॉय ने तृणमूल कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं को भाजपा में शामिल कराने में मदद की और 2021 के विधानसभा चुनाव में कृष्णानगर उत्तर से भाजपा विधायक चुने गए.

    कलकत्ता हाई कोर्ट ने रद्द की थी विधायकी
    हालांकि जल्द ही भाजपा से भी उनकी दूरी बढ़ने लगी और अंततः जून 2021 में वह वापस तृणमूल कांग्रेस में लौट आए. लेकिन तृणमूल में वापसी के बाद वह पार्टी में न तो पहले जैसी राजनीतिक हैसियत में दिखे और न ही राजनीतिक रूप से सक्रिय रहे. मुकुल रॉय डिमेंशिया समेत कई अन्य बीमारियों से भी पीड़ित थे. 13 नवंबर 2025 को कलकत्ता हाई कोर्ट ने 2021 के चुनाव में भाजपा के टिकट पर निर्वाचित होने के बाद सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के मामले में दलबदल कानून के तहत उनको विधायक पद से अयोग्य घोषित कर दिया था.

  • नेपाल में बड़ा हादसा: पोखरा से काठमांडू जा रही बस त्रिशूली नदी में गिरी, 17 लोगों की मौत

    नेपाल में बड़ा हादसा: पोखरा से काठमांडू जा रही बस त्रिशूली नदी में गिरी, 17 लोगों की मौत

    काठमांडू
    नेपाल की राजधानी काठमांडू में एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें 17 लोगों की मौत हो गई. पोखरा से काठमांडू आ रही एक यात्री बस त्रिशूली नदी में गिर गई. इस हादसे में मरने वालों की सूची में 6 महिलाएं और 11 पुरुषों की शामिल हैं.

    इस हादसे में कुल 27 लोगों को अस्पतालों में भेजा गया है. दुर्घटना में विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं. मृतकों और घायलों में एक न्यूजीलैंड का नागरिक भी बताया गया है.

    बस रात करीब 1 बजे पृथ्वी राजमार्ग के अंतर्गत पोखरा से काठमांडू की ओर आ रही थी. बस धादिंग के बेनिघाट रोरांग में त्रिशूली नदी किनारे जा गिरी. बस सड़क से लगभग 300 मीटर नीचे गिरकर क्षतिग्रस्त अवस्था में मिली.

    टॉर्च की रोशनी में घायलों का बचाव

    नाव की मदद से यात्रियों को करीब एक किलोमीटर नीचे तक लाया गया, वहां से उन्हें सड़क तक ऊपर चढ़ाकर एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया. रात का समय, दुर्गम स्थान और राहत सामग्री की कमी के कारण बचाव कार्य में मुश्किल हुई. प्रमुख जिला अधिकारी सुवेदी फोन पर बताया, टॉर्च की रोशनी में घायलों का बचाव किया गया. हमें राहत सामग्री की कमी महसूस हुई.

    27 लोगों को पहुंचाया गया अस्पताल
    सुवेदी ने बताया कि घटनास्थल से 8 महिलाएं, 18 पुरुष और एक बालिका सहित कुल 27 लोगों को बचाकर विभिन्न अस्पतालों में भेजा गया है. उन्होंने हादसे में 6 महिलाओं और 11 पुरुषों की मौत होने की जानकारी दी.
    दुर्घटनास्थल पर सेना, सशस्त्र प्रहरी बल और नेपाल पुलिस की टीमों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान चलाया. सशस्त्र प्रहरी बल के विपद प्रबंधन बेस आदमघाट से डीएसपी सुनील गिरी के नेतृत्व में एक टीम तथा विपद प्रबंधन प्रशिक्षण शिक्षालय कुरिनटार से गोताखोरों की टीम भी राहत और बचाव कार्य में तैनात है.

  • सिंगापुर दौरे पर CM योगी, उद्योगपति से मुलाकात कर निवेश के मुद्दे पर की चर्चा

    सिंगापुर दौरे पर CM योगी, उद्योगपति से मुलाकात कर निवेश के मुद्दे पर की चर्चा

    लखनऊ /सिंगापुर 
       उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर पहुंचते ही वहां के दिग्गज उद्योगपति टेमासेक के चेयरमैन टीओ ची हियान और उनकी टीम से मुलाकात की. इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के औद्योगिक बुनियादी ढांचे में विदेशी निवेश को बढ़ावा देना था.

    टेमासेक के चेयरमैन से चर्चा के दौरान सीएम ने यूपी में संप्रभु निवेश भागीदारी पर बात की, जिसमें डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स हब, रिन्यूएबल एनर्जी और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश जैसे क्षेत्र शामिल हैं.

    उन्होंने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को राज्य के मजबूत नीतिगत ढांचे और फास्ट-ट्रैक क्लीयरेंस सिस्टम के बारे में भी जानकारी दी. ये बैठक वैश्विक निवेशकों को यूपी की ओर आकर्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.

    योगी आदित्यनाथ ने अपनी इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की है. उन्होंने एक्स पर लिखा, 'आज सिंगापुर में टेमासेक के चेयरमैन तेओ ची हीन और उनकी टीम के साथ उत्पादक बैठक हुई. उत्तर प्रदेश में डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स हब, नवीकरणीय ऊर्जा और औद्योगिक बुनियादी ढांचे में संप्रभु निवेश भागीदारी के अवसरों पर चर्चा हुई. वैश्विक निवेशकों के लिए राज्य की नीति ढांचे और फास्ट ट्रैक क्लीयरेंस पर प्रकाश डाला.'

    इसके अलावा योगी ने सिंगापुर में जीआईसी के सीईओ लिम चो किआट और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक की. इस बैठक में उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर,  लॉजिस्टिक्स, इंडस्ट्रियल पार्क और शहरी विकास परियोजनाओं जैसी दीर्घकालिक संस्थागत निवेश के मौकों का पता लगाया गया है. 

    साथ ही सीएम ने यूपी में जीआईसी की मौजूदा साझेदारियों का भी जमकर सराहना की, जिसमें गंगा एक्सप्रेस वे परियोजना में आईआरबी के साथ साझेदारी और राज्य में ग्रीनको के साथ सहयोग शामिल है.

    सिंगापुर की तीन दिवसीय यात्रा

    आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ सिंगापुर की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं जो 22 से 24 फरवरी तक चलेगी. इस यात्रा का उद्देश्य आर्थिक सहयोग को गहरा करना हैं. योगी सिंगापुर में दिग्गज उद्योगपतियों के अलावा सिंगापुर के शीर्ष नेतृत्व से भी मुलाकात करेंगे.

  • होली 2026 स्पेशल: इंदौर-निजामुद्दीन के बीच चलेगी रेलवे की खास ट्रेन, देखिए पूरा टाइमटेबल

    होली 2026 स्पेशल: इंदौर-निजामुद्दीन के बीच चलेगी रेलवे की खास ट्रेन, देखिए पूरा टाइमटेबल

    इंदौर
    होली के दौरान अतिरिक्त यात्रियों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए पश्चिम रेलवे द्वारा रतलाम मंडल से होकर चार जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। इनमें से एक जोड़ी ट्रेन रतलाम मंडल के इंदौर-हजरत निजामुद्दीन के लिए चलेगी।

    पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, इंदौर-हजरत निजामुद्दीन स्पेशल प्रत्येक शुक्रवार एवं रविवार को शाम 05:00 बजे इंदौर से प्रस्थान कर रतलाम मंडल के देवास (05.33/05.35), उज्जैन (06.20/06.25), नागदा (07.20/07.45) होते हुए अगले दिन सुबह 05:00 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी।

    ऐसा रहेगा ट्रेन का शेड्यूल
    यह ट्रेन 22 फरवरी से 27 मार्च 2026 तक चलेगी। हजरत निजामुद्दीन-इंदौर स्पेशल प्रत्येक शनिवार एवं सोमवार को हजरत निजामुद्दीन से 08:20 बजे प्रस्थान कर रतलाम मंडल के नागदा (06.10/06.35), उज्जैन (07.20/07.25), देवास (08.05/08.07), होते हुए अगले दिन 09:00 बजे इंदौर पहुंचेगी। यह ट्रेन 23 फरवरी से 28 मार्च, 2026 तक चलेगी।

    इन स्टेशनों पर रुकेगी यह ट्रेन
    दोनों दिशाओं में देवास, उज्जैन, नागदा, शामगढ़, रामगंज मंडी, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, भरतपुर एवं मथुरा स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में एसी 2-टियर, एसी 3-टियर, स्लीपर क्लास एवं जनरल सेकंड क्लास के कोच होंगे।