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  • होलाष्टक शुरू होने से पहले कर लें ये जरूरी वास्तु बदलाव, वरना बढ़ सकते हैं दोष

    होलाष्टक शुरू होने से पहले कर लें ये जरूरी वास्तु बदलाव, वरना बढ़ सकते हैं दोष

    होलाष्टक का समय हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। होली से आठ दिन पहले शुरू होने वाले इस समय को 'होलाष्टक' कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इन आठ दिनों में सभी ग्रह उग्र अवस्था में होते हैं, जिसके कारण वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है। यही कारण है कि इस दौरान कोई भी शुभ कार्य वर्जित होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि आप होलाष्टक शुरू होने से पहले अपने घर और जीवन से जुड़ी कुछ खास तैयारियों को पूरा कर लेते हैं तो आप आने वाली परेशानियों और वास्तु दोषों से बच सकते हैं। आइए जानते हैं विस्तार से कि वे कौन से काम हैं जिन्हें समय रहते निपटा लेना चाहिए।

    घर की गहरी सफाई और कबाड़ का निपटारा
    वास्तु में स्वच्छता का सीधा संबंध सकारात्मकता से है। होलाष्टक के दौरान नकारात्मक शक्तियां प्रभावी होती हैं, इसलिए घर के कोनों में जमा धूल-मिट्टी और मकड़ी के जाले वास्तु दोष को निमंत्रण देते हैं।  घर में पड़ी टूटी हुई क्रॉकरी, बंद घड़ियां या इलेक्ट्रॉनिक कचरा तुरंत बाहर करें। ये चीजें राहु और शनि के नकारात्मक प्रभाव को बढ़ाती हैं। मुख्य द्वार के पास पुराने फटे जूते न रखें। होलाष्टक से पहले इन्हें हटा दें ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश सुगम हो सके।

    ईशान कोण को दोषमुक्त करना
    घर का उत्तर-पूर्वी कोना यानी ईशान कोण देवताओं का स्थान माना जाता है। होलाष्टक शुरू होने से पहले यह सुनिश्चित करें कि इस दिशा में कोई भारी सामान या गंदगी न हो। यदि यहां कोई भारी अलमारी रखी है, तो उसे दक्षिण या पश्चिम दिशा में खिसका दें। इस कोने में गंगाजल का छिड़काव करें ताकि ग्रहों की उग्रता का असर आपके घर की शांति पर न पड़े।

     रसोई और नमक का उपाय
    वास्तु शास्त्र में रसोई को घर की समृद्धि का केंद्र माना गया है। होलाष्टक से पहले रसोई की सफाई अनिवार्य है। होलाष्टक शुरू होने से एक दिन पहले पूरे घर में सेंधा नमक मिले हुए पानी से पोंछा लगाएं। नमक नकारात्मक ऊर्जा को सोखने का काम करता है। यह नियम बना लें कि होलाष्टक के दौरान रात को रसोई में जूठे बर्तन न रहें। इससे अन्नपूर्णा दोष लगता है।

    मुख्य द्वार का सौंदर्यीकरण
    वास्तु के अनुसार घर का मुख्य द्वार ही भाग्य का द्वार होता है। होलाष्टक में ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को रोकने के लिए मुख्य द्वार पर आम या अशोक के पत्तों का तोरण लगाएं। द्वार के दोनों ओर सिंदूर से स्वास्तिक बनाएं। यह चिन्ह सुरक्षा कवच की तरह काम करता है और बुरी शक्तियों को घर के अंदर प्रवेश करने से रोकता है।

    धन स्थान और तिजोरी की व्यवस्था
    होलाष्टक के दौरान आर्थिक तंगी से बचने के लिए अपनी तिजोरी या धन रखने के स्थान को व्यवस्थित करें। तिजोरी में लाल कपड़ा बिछाएं और उसमें कुछ गोमती चक्र या कौड़ियां रखें। ध्यान रहे कि होलाष्टक शुरू होने के बाद निवेश या बड़े आर्थिक लेनदेन से बचना चाहिए, इसलिए जो भी निवेश संबंधी कागजी कार्यवाही है, उसे पहले ही पूरा कर लें।

    पूजा घर की शुद्धि
    होलाष्टक में भक्ति का विशेष महत्व है क्योंकि भक्त प्रहलाद को इसी दौरान प्रताड़ित किया गया था। अपने मंदिर की सफाई करें और भगवान की मूर्तियों को गंगाजल से स्नान कराएं। खंडित मूर्तियों या तस्वीरों को विसर्जित कर दें। होलाष्टक शुरू होने से पहले शुद्ध घी का दीपक जलाने का संकल्प लें, ताकि घर का आभामंडल शुद्ध रहे।

  • जल जीवन मिशन से मांगामार में अब हर घर जल

    जल जीवन मिशन से मांगामार में अब हर घर जल

    बिलासपुर.

    भारत जैसे भौगोलिक विविधताओं से भरे देश में विषमताएं विकास की राह में अक्सर चुनौती बनती रही हैं। पठारी और पाट क्षेत्रों से घिरे दूरस्थ गांव पेयजल की समस्या से जूझते रहे हैं। लेकिन अब केंद्र सरकार और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन से दूरस्थ व दुर्गम अंचलों में भी सभी घरों में नल से स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंच रहा है।

    कोरबा जिला मुख्यालय से लगभग 53 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम मांगामार की तस्वीर अब बदल चुकी है। ढाई हजार से अधिक की आबादी वाले इस गांव में जल जीवन मिशन के तहत एक करोड़ 45 लाख 34 हजार रुपए की लागत से रेट्रोफिटिंग योजना क्रियान्वित की गई है। योजना के तहत 40 किलोमीटर क्षमता की एक उच्च स्तरीय पानी टंकी स्थापित की गई है। गांव के हर एक घर में पेयजल पहुंचाने के लिए 3700 मीटर पाइपलाइन बिछाकर 522 घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं।

    गर्मियों में विकराल हो जाती थी समस्या

    मांगामार की श्रीमती समारिन बाई खाण्डेल बताती है कि पहले पेयजल के लिए हैंडपंप, कुओं और अन्य स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मी के दिनों में भू-जल स्तर नीचे चला जाता था, जिससे पानी की किल्लत और भी बढ़ जाती थी। कई बार सुबह-सुबह पानी भरने के लिए लंबी कतारें लगती थीं। महिलाओं को घर के कामकाज के साथ पानी लाने घंटों मशक्कत करनी पड़ती थी।

    अब हर घर में नल, बदली दिनचर्या

    जल जीवन मिशन के तहत “हर घर जल” की सुविधा मिलने के बाद अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है। प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन पहुंच चुका है और नियमित रूप से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हो रही है। इससे न केवल जल संकट समाप्त हुआ है, बल्कि महिलाओं की दिनचर्या में भी सकारात्मक परिवर्तन आया है।

    अब महिलाओं को दूर-दूर तक पानी ढोने की मजबूरी नहीं रही। बचा हुआ समय वे परिवार, बच्चों की पढ़ाई और अन्य आयवर्धक गतिविधियों में लगा रही हैं। स्वास्थ्य के स्तर पर भी सुधार देखने को मिल रहा है, क्योंकि स्वच्छ पेयजल से जलजनित बीमारियों का खतरा कम हो गया है।

    दूरस्थ अंचलों में विकास की नई धारा

    जल जीवन मिशन ने मांगामार जैसे सुदूर गांवों में जीवन की बुनियादी आवश्यकता पेयजल को घर-घर तक पहुंचाकर विकास की नई इबारत लिखी है। अब बारहों महीने ग्रामीणों को घर पर ही शुद्ध पानी उपलब्ध हो रहा है। हैंडपंपों पर निर्भरता समाप्त हो चुकी है और मांगामार जल संकट से मुक्त हो गया है। जल जीवन मिशन दूरस्थ क्षेत्रों में न केवल लोगों, खासकर महिलाओं का जीवन आसान बना रही है, बल्कि ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में स्थायी सुधार भी ला रही है।

  • इंदिरा कॉलेज में चला ‘अभिमन्यु/सृजन/सम्मान’ अभियान, बालिकाओं को किया जागरूक

    इंदिरा कॉलेज में चला ‘अभिमन्यु/सृजन/सम्मान’ अभियान, बालिकाओं को किया जागरूक

    सतना

    पुलिस मुख्यालय महिला सुरक्षा भोपाल के निर्देशानुसार एवं पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) के मार्गदर्शन में महिला थाना प्रभारी निरीक्षक श्वेता मौर्या एवं स्टाफ द्वारा इन्द्रा कॉलेज में एकीकृत अभियान अभिमन्यु/सृजन/सम्मान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    कार्यक्रम में छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े कानून, महिला अपराधों की जानकारी, हेल्पलाइन नंबर तथा साइबर फ्रॉड से बचाव के उपाय बताए गए। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं से संवाद कर उन्हें निर्भीक होकर शिकायत दर्ज कराने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन का उपयोग करने की सलाह दी।

  • यूपी में ₹8 हजार करोड़ के निवेश से 100 मेगावाट का डेटा सेंटर स्थापित करेगी जीएससी ग्रीन्स

    यूपी में ₹8 हजार करोड़ के निवेश से 100 मेगावाट का डेटा सेंटर स्थापित करेगी जीएससी ग्रीन्स

     

    स्वच्छ ऊर्जा आधारित ग्रीन इंडस्ट्रियल पार्क और क्लाइमेट फाइनेंस पर रहा सीएम का फोकस

    कौशल विकास और रोजगार सृजन के साथ सतत विकास मॉडल को बढ़ावा

    सिंगापुर/लखनऊ

     उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सिंगापुर दौरे के पहले दिन ही कई सफलताएं दर्ज की हैं। मुख्यमंत्री के साथ बैठक में सिंगापुर की वैश्विक निवेश कंपनी गोल्डन स्टेट कैपिटल (जीएससी) ग्रीन्स के निदेशक सुमित नंदा ने उत्तर प्रदेश में 100 मेगावाट के डेटा सेंटर की स्थापना के लिए ₹8000 करोड़ का निवेश करने की घोषणा की। बैठक में प्रदेश में हरित और सतत निवेश (ग्रीन एंड सस्टेनेबल इन्वेस्टमेंट्स) की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई और स्वच्छ ऊर्जा आधारित परियोजनाओं में सहयोग के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श हुआ।

    भविष्य की आवश्यकताओं को केंद्र में रखते हुए इस बैठक में रूफटॉप सोलर परियोजनाओं, बैटरी स्टोरेज और ग्रिड सपोर्ट सॉल्यूशंस, ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्वच्छ ऊर्जा संचालित ग्रीन इंडस्ट्रियल पार्कों के विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही पर्यावरण संबंधित जरूरतों के लिए क्लाइमेट फाइनेंस, कार्बन उत्सर्जन में कमी और नवीकरणीय ऊर्जा संचालन से जुड़े कौशल विकास कार्यक्रमों पर भी बातचीत हुई। इन पहलों के माध्यम से रोजगार सृजन की संभावनाओं पर विशेष बल दिया गया।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ और व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक विकास मॉडल के प्रति प्रतिबद्ध है। प्रदेश में निवेश के अनुकूल नीतियां, सुदृढ़ औद्योगिक इकोसिस्टम और तेज निर्णय प्रक्रिया, हरित ऊर्जा क्षेत्र में निवेशकों के लिए आदर्श वातावरण प्रदान कर रही हैं। उन्होंने जीएससी ग्रीन्स को परियोजना विकास और निवेश के अन्य अवसरों का सक्रिय अन्वेषण करने का आमंत्रण भी दिया।

  • किसानों को लाभान्वित करने हम खेत से बाज़ार तक तैयार कर रहे पूरी श्रृंखला : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    किसानों को लाभान्वित करने हम खेत से बाज़ार तक तैयार कर रहे पूरी श्रृंखला : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    कृषि में शोध बढ़ायेंगे, मंडी निर्यात नीति भी लायेंगे
    सरसों को भी लायेंगे भावांतर के योजना में
    दलहन-तिलहन, औषधीय और मसाला फसलों का भी बढ़ा रहे उत्पादन

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान हमारे प्रदेश की अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ हैं। इनके अथक परिश्रम से ही हमारे बाजार गुलजार है। हम वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। यह वर्ष प्रदेश के इतिहास में किसानों के हित और समग्र कल्याण के मामले में मील का पत्थर साबित होगा।उन्होंने कहा कि यह वर्ष 'खेत से लेकर कारखाने तक और बाग से लेकर बाजार तक' की पूरी मूल्य संवर्धन श्रृंखला को एक सूत्र में जोड़ेगा। इस वर्ष हम क़ृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और इनमें वैल्यू एडिशन के लिए अधिकाधिक रोजगार आधारित उद्योगों के विकास, उन्नत किस्म के बीजोत्पादन, पशुपालन, दुग्धोत्पादन, मत्स्योत्पादन में वृद्धि सहित हर वो कदम उठाएंगे, जिनसे खेती और अन्नदाताओं का विकास हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास से कृषि विश्वविद्यालय परिसर, ग्वालियर में हो रहे 'कृषि मंथन एवं कृषि प्रौद्योगिकी मेला 2026' को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना संबंधी कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में तेज़ी से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। हमारी सरकार प्रदेश में औषधीय और मसाला फसलों का उत्पादन बढ़ाने के सभी प्रयास कर रही है। हम जल्द ही कृषि उत्पादन निर्यात नीति लाने वाले हैं। हम कृषि में शोध कार्य भी बढ़ायेंगे। उन्होंने कहा कि हम खेती-किसानी और फल-फूलों की खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए कोई कसर नहीं रखेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कृषि मंथन से जो अमृत निकलेगा, वह हमें किसानो के कल्याण के लिये प्रभावी और कारगर कदम उठाने में सहायक होगा। 'कृषि मंथन' राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् (आईसीएआर) नई दिल्ली और कृषि विभाग, म.प्र. शासन के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" की थीम पर हो रहा कृषि मंथन निश्चित ही किसानों को खेती में जरूरी सुधार और बदलाव लाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आधुनिक कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य क्षेत्रों में मूल्य-श्रृंखला विकास, प्रोसेसिंग, तकनीक अपनाने और ग्रामीण युवाओं की उद्यमिता को बढ़ावा देकर व्यापक रोजगार सृजन करने पर फोकस कर रही है। तकनीकी नवाचार, विविधीकरण और नीतिगत समर्थन से इन क्षेत्रों में न केवल उत्पादकता बढ़ाई जा सकेगी, बल्कि विपणन एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में बाजार अनुरूप लाभकारी व्यवस्था कृषकों के लिए निर्मित होगी। हम कृषि के अलावा उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं सहकारिता क्षेत्र में भी नई सोच से आगे बढ़ रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज कृषि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते जोखिमों का सामना कर रही है। इस मंथन में देश के विभिन्न कृषि संस्थानों के वरिष्ठ वैज्ञानिक विचार मंथन कर नई तकनीकों के विकास की राह प्रशस्त करेंगे।

    वीडियो काँफ्रेंसिंग में सचिव कृषि एवं किसान कल्याण विभाग निशांत वरवड़े, सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसम्पर्क मनीष सिंह ने भोपाल से सहभागिता की। यूनिवर्सिटी परिसर में हो रहे इस कृषि मंथन में कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलगुरू प्रो. (डॉ.) अरविंद कुमार शुक्ला, आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या के कुलपति डा. ब्रजेन्द्र सिंह, यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज, धारवाड़, कर्नाटक के कुलपति डॉ. पी.एल पाटिल, भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम, मेरठ के निदेशक डॉ. सुनील कुमार, देश के विभिन्न कृषि संस्थानों से आये वैज्ञानिक, आईसीएआर के पदाधिकारी सहित कृषि अधिकारी भी उपस्थित थे।

     

  • पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता में देशभर की 29 टीमें लेंगी हिस्सा, CM साय होंगे समापन में शामिल

    पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता में देशभर की 29 टीमें लेंगी हिस्सा, CM साय होंगे समापन में शामिल

    दुर्ग.

    अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिली है. अखिल भारतीय पुलिस कंट्रोल बोर्ड नई दिल्ली और छत्तीसगढ़ पुलिस के तत्वावधान में अखिल भारतीय तीरंदाजी प्रतियोगिता पुरुष-महिला का आयोजन छत्तीसगढ़ के भिलाई में होने जा रहा है. 14 वीं अखिल भारतीय तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन 27 फरवरी तक छत्तीसगढ़ के भिलाई में हो रहा है.

    छत्तीसगढ़ पुलिस को इसकी मेजबानी मिली है. इस खेलकूद प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों, केंद्रीय शासित प्रदेश और केंद्रीय सुरक्षा बलों समेत आईबी, रॉ, सीबीआई जैसे पुलिस ऑर्गेनाइजशन की 29 टीमें शामिल हो रही हैं. जिसमें लगभग 450 टीम मैनेजर, कोच और खिलाड़ी प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं. प्रतियोगिता में तीरंदाजी के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एवं कोच प्रतियोगिता में सम्मिलित हो रहे हैं. आर्चरी (तीरंदाजी) के तीनो इवेंटों का आयोजन खेल परिसर प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल भिलाई में होना है. इन्वेंट के सफलतापूर्वक आयोजन और सारी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के डीआईजी सदानंद कुमार को जवाबदेही दी गई है.

    पुलिस के भी दर्जन भर अभ्यर्थी लेंगे भाग
    14 वीं अखिल भारतीय प्रतियोगिता में इंडियन राउंड,रिकर्व और कंपाउंड के विभिन्न तीन इवेंटों के अलग– अलग भाग लेकर कुल 180 मेडलों के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे. जिसमें पुलिस के 12 खिलाड़ियों के द्वारा भाग लिया जाएगा. छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा गमछा गुलदस्ता देकर प्रतियोगिता में आ रहा है मैनेजर कोच एवं प्रतिभागियों को भविष्य स्वागत किया जा रहा है तथा इसकी विभिन्न स्थानों में आवास व्यवस्था तथा भोजन के लिए प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र सवाल भिलाई के परिसर ग्राउंड में किया गया है. राजस्थान के 22,उत्तर प्रदेश के 31,जम्मू एंड कश्मीर के 13,पंजाब के 08, आईटीबीपी के 25, एसएसबी के 17 खिलाड़ियों के आगमन पर छत्तीसगढ़ पुलिस के द्वारा गमछा और गुलदस्ता देकर भव्य स्वागत किया गया.

    गृहमंत्री शर्मा करेंगे उद्घाटन, समापन में सीएम साय होंगे शामिल
    कल 23 फरवरी को गृह मंत्री विजय शर्मा कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे. 27 फरवरी को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समापन करेंगे. प्रतियोगिता के भव्य आयोजन के लिए पुलिस मुख्यालय नया रायपुर के द्वारा विभिन्न समितियों का गठन किया गया है. जिसकी समीक्षा पुलिस का वरिष्ठ अधिकारी लगातार कर रहे हैं.

  • महिला टीम की पूर्व कप्तान के यौन उत्पीड़न मामले में BCB सख्त, पूर्व चयनकर्ता पर लगाया बैन

    महिला टीम की पूर्व कप्तान के यौन उत्पीड़न मामले में BCB सख्त, पूर्व चयनकर्ता पर लगाया बैन

    ढाका
    बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने आखिरकार महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान जहांआरा आलम के गंभीर आरोपों पर कार्रवाई की है। बोर्ड ने महिला टीम के पूर्व चयनकर्ता मोंजुरुल इस्लाम को बैन कर दिया है। आलम ने उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। जांच के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने मोंजुरुल इस्लाम को बीसीबी के तहत क्रिकेट से जुड़ी किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका से प्रतिबंधित कर दिया है। इस्लाम 2020 में बांग्लादेश की महिला टीम के मुख्य चयनकर्ता नियुक्त हुए थे। उन पर पूर्व कप्तान जहांआरा आलम ने यौन उत्पीड़न और गंभीर कदाचार का आरोप लगाया था। इसके बाद भी वह जून 2025 तक पद पर रहे और अपना कार्यकाल पूरा किया।

    जहांआरा आलम ने पिछले साल इंटरव्यू में लगाए थे गंभीर आरोप
    आलम ने पिछले साल एक इंटरव्यू के दौरान आरोप लगाया था कि इस्लाम ने राष्ट्रीय टीम का मैनेजर और मुख्य चयनकर्ता रहते हुए कई बार उन्हें गलत तरीके से छुआ और असहज करने वाली हाव-भंगिमाएं दिखाए। इतना ही नहीं, उन्होंने उनसे एक बार उनके मासिक धर्म के चक्र तक के बारे में पूछा था।

    आलम के आरोपों पर तब बीसीबी के बड़े अधिकारियों ने नहीं की थी कार्रवाई
    आलम ने यह भी आरोप लगाया था कि जब उन्होंने इस्लाम की करतूतों की शिकायत बीसीबी के बड़े अधिकारी नाडेल चौधरी और चीफ एग्जीक्यूटिव निजामुद्दीन चौधरी से की तो उसे बिल्कुल ही अनसुना कर दिया गया। जहांआरा ने बाद में मेंटल हेल्थ का हवाला देते हुए क्रिकेट से दूरी बना ली। वह दिसंबर 2024 के बाद से बांग्लादेश के लिए क्रिकेट नहीं खेली हैं। जहांआरा आलम के आरोपों के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने मामले की जांच के लिए एक स्वतंत्र जांच समिति का गठन किया था। समिति ने इसी महीने बीसीबी को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी थी जिसके बाद बोर्ड ने मोंजुरुल पर प्रतिबंध का फैसला किया।

    बीसीबी ने बाद में जांच के लिए बनाई थी समिति
    रविवार को ढाका में बीसीबी की बोर्ड मीटिंग हुई जिसके बाद बयान जारी कर बताया गया कि इस्लाम को भविष्य में बांग्लादेश क्रिकेट में किसी भी तरह की भूमिका के लिए ब्लैकलिस्ट किया जाता है। बीसीबी की तरफ से जारी बयान में कहा गया, 'बांग्लादेश की राष्ट्रीय महिला टीम की पूर्व कप्तान जहांआरा आलम की शिकायत की जांच के लिए बीसीबी की तरफ से गठित स्वतंत्र जांच समिति के नतीजों के आधार पर बोर्ड ने पूर्व राष्ट्रीय क्रिकेटर मोंजुरुल इस्लाम को बीसीबी के तहत किसी भी तरह की क्रिकेट से जुड़ी गतिविधियों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हर तरह की भूमिका से प्रतिबंधित किया जाता है।'

    आगे और कार्रवाई कर सकता है बीसीबी
    बयान से यह भी संकेत मिलता है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पूर्व तेज गेंदबाज मोंजुरुल इस्लाम के खिलाफ और भी कार्रवाई कर सकता है। बयान में आगे कहा गया, 'बीसीबी समिति की सिफारिशों की समीक्षा कर रहा है और अगर रिपोर्ट के आधार पर आगे और भी कार्रवाई जरूरी हुई तो वो की जाएगी।'

  • उदयपुर में रश्मिका–विजय की ग्रैंड वेडिंग, 26 फरवरी को आईटीसी मोमेंटोज में सात फेरे

    उदयपुर में रश्मिका–विजय की ग्रैंड वेडिंग, 26 फरवरी को आईटीसी मोमेंटोज में सात फेरे

    उदयपुर

    फिल्म एक्टर विजय देवराकोंडा और एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना 26 फरवरी को उदयपुर में शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। शादी से तीन दिन पहले सोमवार को दोनों उदयपुर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से वे सीधे होटल के लिए रवाना हो गए। आयोजन को निजी रखा गया है और इसमें सीमित मेहमानों को ही आमंत्रित किया गया है।

    आईटीसी मोमेंटोज में तीन दिन का कार्यक्रम
    शादी का आयोजन उदयपुर-नाथद्वारा हाईवे स्थित कैलाशपुरी के आईटीसी मोमेंटोज उदयपुर में किया जाएगा। होटल में 24, 25 और 26 फरवरी के लिए बुकिंग की गई है। जानकारी के अनुसार, कुल 230 मेहमान समारोह में शामिल होंगे और उनके लिए होटल के सभी 117 कमरे आरक्षित किए गए हैं। सभी मेहमान 24 फरवरी को होटल में चेक-इन करेंगे।

    ‘नो फोन पॉलिसी’ और विशेष सुरक्षा इंतजाम
    समारोह को पूरी तरह प्राइवेट सेरेमनी के रूप में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें केवल परिवार और करीबी मित्र शामिल होंगे। आयोजन के दौरान ‘नो फोन पॉलिसी’ लागू रहेगी, ताकि अंदर की तस्वीरें सार्वजनिक न हों। इसके लिए एक विशेष सिक्योरिटी एजेंसी को भी नियुक्त किया गया है।
     
    वेडिंग कार्ड और तैयारियों की चर्चा
    हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वेडिंग कार्ड वायरल हुआ, जिसमें उल्लेख था कि परिवार के आशीर्वाद से रश्मिका और विजय 26.02.26 को छोटे और निजी समारोह में विवाह करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑनलाइन बधाई मिलने पर रश्मिका ने धन्यवाद भी दिया, जिससे शादी की खबरों को बल मिला। बताया जा रहा है कि समारोह के लिए दिल्ली का एक पॉपुलर बैंड आमंत्रित किया गया है, जो कई सेलिब्रिटी शादियों में प्रस्तुति दे चुका है। वहीं वेडिंग प्लानर हैदराबाद से बुलाया गया है, जो एक मशहूर टेनिस खिलाड़ी की शादी की योजना भी बना चुके हैं।

    हैदराबाद में प्रस्तावित ग्रैंड रिसेप्शन
    उदयपुर में विवाह समारोह के बाद 3-4 मार्च को हैदराबाद में ग्रैंड रिसेप्शन आयोजित किए जाने की जानकारी है। इसमें फिल्म इंडस्ट्री की कई प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। रिसेप्शन बंजारा हिल्स के किसी प्रीमियम स्थल पर आयोजित होने की चर्चा है।
     
    अक्तूबर में हुई थी सगाई
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों ने 3 अक्तूबर को हैदराबाद में निजी समारोह में सगाई की थी। हालांकि आधिकारिक घोषणा नहीं की गई, लेकिन रश्मिका को कई मौकों पर एंगेजमेंट रिंग के साथ देखा गया। इससे पहले दोनों को हैदराबाद एयरपोर्ट से रवाना होते हुए भी देखा गया था। विजय देवराकोंडा के हैदराबाद स्थित घर को लाइट्स से सजाए जाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था। उदयपुर की वादियों में होने वाले इस आयोजन को लेकर प्रशंसकों में उत्साह देखा जा रहा है।

  • बंदियों की सोच सकारात्मक बनाने के प्रयास हो : राज्यपाल पटेल

    बंदियों की सोच सकारात्मक बनाने के प्रयास हो : राज्यपाल पटेल

    भोपाल
    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि बंदी पुनर्वास प्रयासों को समग्रता और बहुआयामी स्वरूप में किया जाना चाहिए। कार्य का दृष्टिकोण मानवतावादी हो। भाव संवेदनशील और विचारशील होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पुनर्वास प्रयासों में सकारात्मक सोच के निर्माण पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम बंदियों की सोच को रचनात्मक दिशा देने। भविष्य के प्रति विश्वास और आत्मबल को मजबूत करने में बहुत सहयोगी होगा।

    राज्यपाल पटेल सोमवार को लोकभवन में गृह एवं जेल विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, विशेष महानिदेशक जेल अखितो सेमा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

    राज्यपाल पटेल ने अधिकारियों से कहा कि बंदी उत्पादक गतिविधियों के द्वारा बंदियों के परिवारों के जीवन निर्वाह में आर्थिक सहयोग के उद्देश्य से नियोजन गतिविधियों का संयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि जेलों में बंद मामूली अपराधों के विचाराधीन कैदियों को केवल दंड देना ही नहीं, बल्कि उन्हें सकारात्मक सुधार के जरिए समाज की मुख्य धारा में वापस भेजना पुनर्वास प्रयासों का मूलाधार होना चाहिए। भाव उनको अपराधी की पहचान से मुक्त होकर बेहतर नागरिक के रूप में स्थापित होने में मदद का होना चाहिए। समाज के नव-निर्माण में वे अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें।

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुनकर जेल की दीवारों के पीछे एकाकी जीवन जी रहे बंदियों को देश की प्रगति और प्रेरक कहानियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। उनके जीवन में आशावाद और नव-निर्माण का संचार होगा। बंदियों के भीतर छिपी नकारात्मकता में कमी आएगी। सकारात्मक दृष्टिकोण और आत्म-सुधार की भावना जागृत होगी। उन्होंने जेलों में लंबित दया याचिकाओं, महिला बंदियों के बच्चों के उचित लालन-पालन की व्यवस्थाओं, महिला बंदियों के पुनर्वास, दिव्यांग एवं बुजुर्ग बंदियों के लिए आवश्यक कृत्रिम उपकरणों की उपलब्धता और श्रम शक्ति के उत्पादक गतिविधियों में नियोजन के संबंध चर्चा की।

    अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि वर्ष 2025-26 में प्राप्त 18 दया याचिकाओं का प्रक्रिया के विभिन्न स्तरों पर परीक्षण किया जा रहा है। जेल विभाग द्वारा विगत पांच वर्षों में प्राप्त सभी दया याचिकाओं का परीक्षण कराया जा रहा है। विभाग द्वारा उनके त्वरित निराकरण के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर भी बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 180 देशों के 11 लाख लोगों के द्वारा देखे जाने वाले गीता पाठ के ऑनलाइन कार्यक्रम का प्रदेश की जेलों में प्रसारण की अभिनव पहल जेल विभाग द्वारा की गई है। साप्ताहिक प्रसारण में गीता के श्लोक का शुद्ध उच्चारण और श्लोक का भावार्थ कर समझाया जाता है।

  • अभिषेक-तिलक-रिंकू में किसकी होगी छुट्टी? हार के बाद टीम इंडिया में मंथन तेज

    अभिषेक-तिलक-रिंकू में किसकी होगी छुट्टी? हार के बाद टीम इंडिया में मंथन तेज

    नई दिल्ली
    भारतीय टीम प्रबंधन खराब फॉर्म में चल रहे तीन में से कम से कम एक बल्लेबाज को बाहर कर सकता है। इसके अलावा शीर्षक्रम में कई खब्बू बल्लेबाजों यानी लेफ्ट हैंडर्स को उतारने की अपनी रणनीति की भी समीक्षा करेगा। मुख्य कोच गौतम गंभीर के सहयोगी रियान टेन डोइशे और सितांशु कोटक ने यह संकेत दिये।

    दक्षिण अफ्रीका ने टी20 विश्व कप सुपर 8 मुकाबले में भारत को 76 रन से हराया। अब भारत को अगले दोनों मैच जीतने होंगे लिहाजा टीम प्रबंधन को अभिषेक शर्मा (चार मैचों में 15 रन) और तिलक वर्मा ( पांच मैचों में 107 रन ) के प्रदर्शन पर विचार करना होगा। रिंकू सिंह भी फिनिशर की भूमिका नहीं निभा सके हैं और 29 गेंदों में 82 .75 की स्ट्राइक रेट से 24 रन बनाये हैं।

    बल्लेबाजी कोच कोटक ने कहा, ‘अगर मुख्य कोच और टीम प्रबंधन को लगता है कि हमें कुछ अलग करना होगा तो हम करेंगे। अब इस पर विचार हो रहा है कि अगर हमें बदलाव करना है तो वह क्या होगा और कैसे होगा।’ उन्होंने कहा, ‘अब हम ऐसे मुकाम पर पहुंच गए हैं कि हमें यह सोचना होगा कि कुछ अलग करना है या उसी संयोजन से काम करना है।’ वहीं टेन डोइशे ने स्वीकार किया कि टीम में बैकअप में विशेषज्ञ बल्लेबाजों का अभाव चिंता का विषय है।

    उन्होंने कहा, ‘या तो आप उन्हीं खिलाड़ियों को चुनते हैं जो आपको लगता है कि पिछले डेढ़ साल में अच्छा खेल रहे हैं , भले ही अभी रन नहीं बना पा रहे हैं। या फिर बदलाव करके संजू सैमसन को लाते हैं जो शानदार खिलाड़ी है और शीर्षक्रम में दाहिने हाथ का बल्लेबाज होने से भी मदद मिलेगी।’ उन्होंने कहा, ‘अगले दो अहम मैचों से पहले सैमसन को शामिल करने के बारे में अगले कुछ दिन में बात की जायेगी।’ केकेआर के पूर्व हरफनमौला ने कहा कि अभिषेक और तिलक का फॉर्म टीम के लिये चिंता का विषय है। उन्होंने कहा, ‘मैं अभि या तिलक के लिये बहाना नहीं बनाऊंगा। उन्हें बहानों की जरूरत नहीं है। मुझे लगता है कि पेट के संक्रमण से अभिषेक की तैयारियों पर काफी असर पड़ा है और वह वैसे नहीं खेल पा रहा, जैसे खेलना चाहिये था।’

    यह पूछने पर कि उसे क्या सलाह देंगे, कोटक ने कहा, ‘बल्लेबाजी कोच होने के नाते मेरा मानना है कि उसे जरूरत से ज्यादा सलाह देने की बजाय उसके दिमाग को व्यवस्थित रहने दें। दो दिन में आप कुछ बदल नहीं सकते बल्कि जरूरत से ज्यादा सलाह देने से उसका आत्मविश्वास हिल सकता है। उसे अभी गेंद को देखकर अपनी पारी को बेहतर बनाना होगा।’