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  • MLA देवेंद्र यादव को सुप्रीम कोर्ट से झटका, चुनावी याचिका खारिज कराने की एसएलपी रद्द

    MLA देवेंद्र यादव को सुप्रीम कोर्ट से झटका, चुनावी याचिका खारिज कराने की एसएलपी रद्द

    दुर्ग.

    दुर्ग जिले के भिलाई नगर विधानसभा से विधायक और कांग्रेस के कद्दावर नेता देवेंद्र यादव को सर्वोच्च न्यायालय से करारा झटका लगा है. भाजपा नेता और देवेंद्र यादव के खिलाफ विधानसभा में प्रत्याशी रहे प्रेम प्रकाश पांडे के द्वारा हाईकोर्ट में लगाए गए चुनाव याचिका के खिलाफ देवेंद्र यादव सुप्रीम कोर्ट गये थे. सुप्रीम कोर्ट में देवेंद्र यादव ने एसएलपी दाखिल की थी. जिसे सुप्रीम कोर्ट ने निराधार मानकर खारिज कर दी. इसे विधायक देवेंद्र यादव के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

    भिलाई नगर से कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र यादव ने 2018 और 2023 विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी. उन्होंने भाजपा के प्रत्याशी प्रेम प्रकाश पांडे को करारी शिकस्त दी थी. भाजपा के प्रत्याशी रहे प्रेम प्रकाश पांडे ने चुनाव में गलत हलफनामा देने का आधार बता हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर देवेंद्र यादव के निर्वाचन को चुनौती दी थी और उनका निर्वाचन निरस्त करने की मांग की थी. प्रेम प्रकाश पांडे की याचिका के अनुसार 2018 और 2023 के चुनावों में दिए गए शपथ पत्र में संपत्ति का मूल्य देवेंद्र यादव ने गलत दर्शाया था. इसके अलावा चुनाव शपथ पत्र में आपराधिक प्रकरणों की जानकारी छुपाते हुए घोषित फरार आरोपी होने की जानकारी नहीं दी थी. यह एक अपराध की श्रेणी में आता है. इतना ही नहीं चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी जो भ्रष्ट आचरण माना जाता है, जिसके तहत भाजपा के प्रत्याशी प्रेम प्रकाश पांडे ने बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर देवेंद्र यादव का निर्वाचन निरस्त करने की मांग की थी.

    देवेंद्र यादव ने हाईकोर्ट में लगी याचिका के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका ( एसएलपी) लगा हस्तक्षेप करने की मांग की थी. पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद विशेष अनुमति याचिका को निराधार मानते हुए हस्तक्षेप से इनकार कर दिया और देवेंद्र यादव की याचिका खारिज कर दी.

  • ‘बंजल साहब’ पर गिरेगी गाज, तौलिए से अंडरवियर तक प्रोटोकॉल में शामिल किए थे 50 अफसर

    ‘बंजल साहब’ पर गिरेगी गाज, तौलिए से अंडरवियर तक प्रोटोकॉल में शामिल किए थे 50 अफसर

     प्रयागराज
    बीएसएनएल (BSNL) के डायरेक्टर विवेक बंजल का 19 फरवरी को प्रयागराज का दौरा था. उनके दौरे का प्रोटोकॉल वायरल हो गया था. जिसके बाद दौरा रद्द कर दिया गया था. वहीं अब इस प्रोटोकॉल पर अधिकारिक सूत्रों का बयान आया है. सूत्रों का कहना है कि यह पूरी तरह से अजीब, नामंजूर, बहुत निंदनीय था.

    डायरेक्टर के खिलाफ शोकॉज नोटिस जारी किया गया है. उनसे 7 दिनों के अंदर जवाब देने को कहा गया है. नोटिस के जवाब के आधार पर कार्रवाई की जाएगी. सरकार इसे आसानी से नहीं जाने देगी. 

    आपको बता दें कि 19 फरवरी को बीएसएनएल के डायरेक्टर का प्रयागराज दौरा था. जिसको लेकर डीजीएम स्तर से एक प्रोटोकॉल जारी किया गया था. जिसमें विवेक बंजल के दौरे की मिनट-टू-मिनट योजना बनाई गई थी. उनके आगमन से लेकर संगम स्नान, स्नान के बाद इस्तेमाल होने वाले कपड़ों, तौलिया, भोजन और दिनचर्या से जुड़ी हर छोटी-बड़ी व्यवस्था के लिए अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

    50 से अधिक अधिकारियों की लगाई गई थी ड्यूटी

    प्रोटोकॉल के तहत 50 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी, ताकि डायरेक्टर को किसी भी तरह की असुविधा न हो. यहां तक निर्देश दिए गए थे कि स्नान के बाद उपयोग होने वाली कोई भी वस्तु, चाहे वह तौलिया हो या अन्य निजी सामान, छूटने न पाए.

    यह पूरा प्रोटोकॉल जैसे ही इंटरनेट मीडिया पर सामने आया, उसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं. यूजर्स ने इसे ‘शाही इंतजाम’ बताते हुए सवाल उठाए. मामला उच्च स्तर तक पहुंचने के बाद अगले ही दिन विवेक बंजल का प्रयागराज दौरा अचानक निरस्त कर दिया गया.

    प्रोटोकॉल पर BSNL ने नहीं दिया था जवाब

    बीएसएनएल के जनसंपर्क अधिकारी आशीष गुप्ता ने दौरा रद्द होने की पुष्टि करते हुए कहा कि डायरेक्टर का कार्यक्रम निरस्त हो चुका है. ऐसे में जारी किया गया प्रोटोकॉल अब अमान्य माना जाए. हालांकि, प्रोटोकॉल को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था. 

  • Trump Tariff Attack: ट्रंप ने फिर दिया झटका, भारत, इंडोनेशिया और इन देशों पर 126% का टैरिफ बम फोड़ा

    Trump Tariff Attack: ट्रंप ने फिर दिया झटका, भारत, इंडोनेशिया और इन देशों पर 126% का टैरिफ बम फोड़ा

     नई दिल्ली

    डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को रेसिप्रोकल टैरिफ पर भले ही अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से करारी हार मिली है, लेकिन इसके बाद से ही उनका टैरिफ अटैक (Trump Tariff Attack) का सिलसिला भी शुरू हो गया है. पहले 10% ग्लोबल टैरिफ लगाया, फिर इसे बढ़ाकर 15% किया करके टेंशन बढ़ाई. तो अब अमेरिका ने भारत समेत इंडोनेशिया और लाओस जैसे देशों से आयातित सोलर एनर्जी प्रोडक्ट पर निशाना साधा है और भारी प्रारंभिक आयात शुल्क निर्धारित किया है. भारत पर ये 126% तय किया गया है. इसका असर इस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर भी देखने को मिल सकता है. 

    क्यों अमेरिका ने उठाया ये कदम? 
    ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने भारत से सौर ऊर्जा उत्पादों के आयात पर 126% का प्रारंभिक शुल्क निर्धारित किया है. वहीं इंडोनेशिया के लिए ये  प्रारंभिक शुल्क 86% से 143%, जबकि लाओस के लिए 81% तय किया गया है. ये इंपोर्ट ड्यूटी रेट्स विदेशी सब्सिडी को देखते हुए निर्धारित किए गए हैं. अमेरिका का मानना है कि इससे इन देशों के निर्यातकों को घरेलू सोलर एनर्जी प्रोड्यूशरों के उत्पादों की तुलना में कम कीमत पर अपने उत्पाद बेचने की अनुमति मिलती है. ट्रंप प्रशासन द्वारा भारी भरकम टैरिफ लगाने के इस कदम का उद्देश्य घरेलू निर्माताओं को लाभ पहुंचाना है.

    भारत पर कहां और कैसे असर? 
    अमेरिका द्वारा Solar Energy Products पर प्रारंभित आयात शुल्क करीब 126% किए जाने का सीधा असर इस सेक्टर से जुड़े भारतीय निर्यात और इससे संबंधित कंपनियों के शेयरों पर भी देखने को मिल सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कॉमर्स डिपार्टमेंट के आंकड़ों को देखें, तो साल 2024 में अमेरिका द्वारा भारत से किए सोलर एनर्जी इंपोर्ट की वैल्यू 792.6 मिलियन डॉलर रही थी और इसमें पिछले कुछ सालों की तुलना में जोरदार उछाल दर्ज किया गया था. वहीं जिन तीन देशों को ट्रंप ने निशाने पर लिया है, बीते साल इन देशों से करीब 4.5 अरब डॉलर मूल्य के सोलर एनर्जी प्रोडक्ट आयात किए गए थे. 

    रिपोर्ट में बताया गया है कि इस हिसाब से बीते साल 2025 की पहली छमाही में US Solar Model Import का 57% हिस्सा सिर्फ भारत, इंडोनेशिया और लाओस से ही आया था. ऐसे में ट्रंप प्रशासन का ये कदम बड़ा झटका माना जा रहा है और इसका निर्यात पर बड़ा असर देखने को मिल सकता है. इसके साथ ही इस सेक्टर से जुड़ी वारी एनर्जीज से लेकर प्रीमियर एनर्जीज जैसे तमाम कंपनियों के शेयर भी आज फोकस में हैं और इन पर असर देखने को मिल सकता है. 

    SC में हार के बाद दनादन फैसले
    बता दें कि बीते 20 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने Donald Trump द्वारा IEEPA का इस्तेमाल कर दुनिया के तमाम देशों पर लगाए गए उनके रेसिप्रोकल टैरिफ को गैरकानूनी करार देते हुए रद्द कर दिया था. इसके बाद से ही ट्रंप दनादन बड़े फैसले ले रहे हैं. उन्होंने अदालत का फैसला आने के तुरंत बाद धारा 122 का यूज करते हुए सभी देशों पर 10% Global Tariff लगाया था और फिर 24 घंटे के भीतर ही इसे बढ़ाकर 15% कर दिया था. ये टैरिफ 150 दिन तक मान्य है और इसके बाद आगे बढ़ाने के लिए US Congress की मंजूरी जरूरी होगी. अब सोलर सेक्टर को लेकर अमेरिका ने बड़ा कदम उठाया है.

  • छत्तीसगढ़ विधानसभा: गिग वर्करों की सुरक्षा पर अजय चंद्राकर ने उठाए सवाल, सरकार ने कहा- केंद्र के नियम का करेंगे इंतजार

    छत्तीसगढ़ विधानसभा: गिग वर्करों की सुरक्षा पर अजय चंद्राकर ने उठाए सवाल, सरकार ने कहा- केंद्र के नियम का करेंगे इंतजार

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रदेश में कार्यरत गिग वर्करों की स्थिति, उनके अधिकारों और राज्य स्तर पर नियमन की आवश्यकता को लेकर जोरदार चर्चा हुई। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने प्रश्नकाल के दौरान सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा कि स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट और रैपिडो जैसी कंपनियों में काम कर रहे गिग वर्करों को संगठित मजदूरों की श्रेणी में रखा जाएगा या असंगठित में।

    अजय चंद्राकर ने कहा कि इससे पहले उन्होंने आउटसोर्सिंग कंपनियों को लेकर भी सवाल उठाया था, तब भी सरकार ने कहा था कि इस संबंध में कोई स्पष्ट कानून नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी वही स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि गिग वर्कर मर रहे हैं और कंपनियां ऐश कर रही हैं। अजय चंद्राकर ने दस मिनट की डिलीवरी जैसे मॉडल पर सवाल उठाते हुए कहा कि तेज डिलीवरी के दबाव में कई बार गिग वर्करों की जान जा रही है। मानवाधिकार संगठनों द्वारा भी इस मुद्दे पर लगातार चिंता जताई जा रही है।

    उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में सामाजिक सुरक्षा संहिता लागू होने के बावजूद अब तक स्पष्ट नियम नहीं बनाए गए हैं। जब तक नियम नहीं बनेंगे, छत्तीसगढ़ के युवा शोषण का शिकार होते रहेंगे। चंद्राकर ने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2025 में भारत सरकार को नोटिफिकेशन जारी करना पड़ा क्योंकि नियम नहीं बन सके थे, जबकि देश के कई राज्यों ने अपने स्तर पर नियम बना लिए हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या छत्तीसगढ़ समवर्ती सूची के अधिकार का उपयोग करते हुए अपना अलग अधिनियम या नियम बनाने पर विचार करेगा?
    फिलहाल न संगठित, न असंगठित- लखन देवांगन

    वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने सदन में जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि फिलहाल गिग वर्करों को न तो संगठित क्षेत्र में रखा गया है और न ही असंगठित क्षेत्र में। उन्होंने बताया कि सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के अंतर्गत गिग वर्करों को शामिल किया गया है और जैसे ही भारत सरकार इस संबंध में नियम अधिसूचित करेगी, राज्य सरकार उसका अनुसरण करेगी।

    मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने इस विषय पर एक समिति गठित की थी और उसकी प्रक्रिया जारी थी। इसी दौरान भारत सरकार द्वारा चार श्रम संहिताएं लागू की गईं, जिसके बाद राज्य की कार्यवाही केंद्र के अधिनियम के अनुरूप आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने दोहराया कि राज्य में नियम भारत सरकार के अधिनियम के अधीन ही बनाए जाएंगे।

  • अभ्युदय जैन केस में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: मां के खिलाफ एफआईआर निरस्त, 360 दिन बाद अलका जैन को मिली राहत

    अभ्युदय जैन केस में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: मां के खिलाफ एफआईआर निरस्त, 360 दिन बाद अलका जैन को मिली राहत

     ग्वालियर 

    मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने गुना के बहुचर्चित अभ्युदय जैन मृत्यु प्रकरण में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी मां अलका जैन के खिलाफ दर्ज एफआईआर और समस्त आपराधिक कार्यवाही को निरस्त कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट टिप्पणी की कि केवल अनुमानों और संदेह के आधार पर किसी व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा चलाना न्याय का उल्लंघन है।

    गौरतलब है कि 14 फरवरी 2025 को 14 वर्षीय अभ्युदय जैन का शव घर के बाथरूम में मिला था। घटना के बाद पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर उसकी मां अलका जैन को संदेह के दायरे में लिया। 22 फरवरी को कोतवाली थाना में अपराध क्रमांक 115/2025 दर्ज किया गया और 8 मार्च को उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। करीब 98 दिन न्यायिक हिरासत में रहने के बाद 17 जून को उन्हें जमानत मिली, लेकिन मामला अदालत में विचाराधीन रहा।

    इस बीच अभ्युदय के पिता अनुपम जैन ने पुलिस जांच पर असंतोष जताया। उनके आग्रह पर आईजी के निर्देश पर शिवपुरी डीएसपी अवनीत शर्मा के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया। एसआईटी ने भोपाल स्थित गांधी मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों से मेडिको-लीगल राय प्राप्त की। रिपोर्ट में मृत्यु का कारण फांसी पर लटकना बताया गया। इसके आधार पर एसआईटी ने 5 मई को अदालत में क्लोजर रिपोर्ट पेश कर अलका जैन को दोषमुक्त माना।

    हालांकि 9 मई 2025 को गुना की सीजेएम कोर्ट ने एसआईटी की रिपोर्ट खारिज कर दी और स्वयं संज्ञान लेते हुए हत्या तथा साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मुकदमा चलाने का आदेश दिया। इसी आदेश को चुनौती देते हुए अलका जैन ने हाईकोर्ट का रुख किया। 9 फरवरी को सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया था।

     सुनाए गए निर्णय में हाईकोर्ट ने कहा कि निचली अदालत के निष्कर्ष अनुमानों और अटकलों पर आधारित थे, न कि ठोस और विधिसम्मत साक्ष्यों पर। अदालत ने माना कि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट में याचिकाकर्ता को दोषमुक्त किए जाने के बावजूद कार्यवाही जारी रखना विधि का दुरुपयोग होगा।

    न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 103 और 238 के तहत 9 मई 2025 के सीजेएम आदेश को रद्द करते हुए कोतवाली गुना में दर्ज अपराध से संबंधित सभी आगे की कार्यवाही समाप्त कर दी। करीब 360 दिनों तक हत्या के आरोपों और सामाजिक-मानसिक दबाव का सामना करने के बाद यह फैसला अलका जैन के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।

  • उज्जैन के शिव मंदिर को 1.31 करोड़ के नोटों से सजाया, भगवान का मुकुट और माला भी बने नोटों से

    उज्जैन के शिव मंदिर को 1.31 करोड़ के नोटों से सजाया, भगवान का मुकुट और माला भी बने नोटों से

    उज्जैन 

    उज्जैन जिले के बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि मेले के अवसर पर भगवान शिव का 1 करोड़ 31 लाख रुपए के नोटों से विशेष श्रृंगार किया गया है। मंदिर को नोटों की माला, मुकुट और लड़ियों से सजाया गया है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन गई है।

    मंदिर में हर साल महाशिवरात्रि के बाद मेला आयोजित किया जाता है। इस बार मेला 14 फरवरी से शुरू हुआ है और 28 फरवरी को समापन होगा। नोटों से किया गया यह विशेष श्रृंगार 26 फरवरी तक रहेगा।

    सात कलाकारों ने तीन दिन में तैयार की सजावट

    मंदिर के पुजारी के अनुसार, नोटों की माला, मुकुट और लड़ियों को तैयार करने में सात कलाकारों की टीम को करीब तीन दिन का समय लगा। 

    पिछले सालों में भी नोटों से हुआ विशेष श्रृंगार

    मंदिर में पिछले चार वर्षों से नोटों से विशेष श्रृंगार की परंपरा जारी है। 2021 में 7 लाख, 2022 में 11 लाख, 2023 में 21 लाख और 2024 में 51 लाख रुपए के नोटों से श्रृंगार किया गया था। 2025 में 1 करोड़ 21 लाख और इस साल 1 करोड़ 31 लाख रुपए के नोटों से मंदिर सजाया गया है।

    दर्शन के लिए उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़

    भगवान महादेव के इस विशेष स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में नोटों से की गई सजावट इस समय सबसे बड़ा आकर्षण बनी हुई है।

    सात कलाकारों ने तीन दिन में तैयार की सजावट

    मंदिर के पुजारी के अनुसार, नोटों की माला, मुकुट और लड़ियों को तैयार करने में सात कलाकारों की टीम को करीब तीन दिन का समय लगा। कलाकारों ने नोटों से आकर्षक सजावट कर मंदिर को भव्य रूप दिया है।

    पिछले सालों में भी नोटों से हुआ विशेष श्रृंगार

    मंदिर में पिछले चार सालों से नोटों से विशेष श्रृंगार की परंपरा जारी है। 2021 में 7 लाख, 2022 में 11 लाख, 2023 में 21 लाख और 2024 में 51 लाख रुपए के नोटों से श्रृंगार किया गया था। 2025 में 1 करोड़ 21 लाख और इस साल 1 करोड़ 31 लाख रुपए के नोटों से मंदिर सजाया गया है।

    दर्शन के लिए उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़

    भगवान महादेव के इस विशेष स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में नोटों से की गई सजावट आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

     

  • हिमाचल की IPS अधिकारी अदिति सिंह बार-बार ले रही थीं छुट्टी, DGP ने जूनियर को सौंपा ड्यूटी

    हिमाचल की IPS अधिकारी अदिति सिंह बार-बार ले रही थीं छुट्टी, DGP ने जूनियर को सौंपा ड्यूटी

    शिमला
    हिमाचल प्रदेश में एक अभूतपूर्व प्रशासनिक कदम उठाते हुए राज्य के डीजीपी अशोक तिवारी ने 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी अदिति सिंह की जिम्मेदारियां उनकी बार-बार की छुट्टियों के दौरान एक अधीनस्थ अधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया है.

    25 दिन की छुट्टी से प्रभावित हुआ कामकाज
    आदेश में कहा गया है कि धर्मशाला स्थित स्टेट विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (SV&ACB) के नॉर्दर्न रेंज में एसपी के पद पर तैनात अदिति सिंह 8 जनवरी से 22 फरवरी के बीच कुल 25 दिनों की छुट्टी पर रहीं. इससे उनके कार्यालय के कामकाज पर असर पड़ा.

    एडिशनल एसपी को सौंपी गई जिम्मेदारी
    निर्देश के अनुसार, एडिशनल एसपी ब्रह्म दास भाटिया को अगली सूचना तक उनकी जिम्मेदारियां संभालने को कहा गया है. साथ ही यह भी कहा गया है कि कार्य की निरंतरता बनाए रखने के लिए वह अदिति सिंह की मौजूदगी में भी उनसे जुड़े रहेंगे.

    पहले भी रहीं थीं मुख्यालय से अनुपस्थित
    डीजीपी के आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि अदिति सिंह दिसंबर में नैनीताल में आयोजित एक आधिकारिक मिड-करियर इंटरैक्शन प्रोग्राम के कारण भी मुख्यालय से अनुपस्थित रही थीं. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है.

    कब-कब ली छुट्टी
    डीजीपी अशोक तिवारी के आदेश में अदिति सिंह द्वारा ली गई छुट्टियों का भी विस्तृत ब्योरा दिया गया है. आदेश के अनुसार, अदिति सिंह 8 जनवरी से 11 जनवरी तक क्रमशः दो दिन के आकस्मिक अवकाश और बीमार अवकाश पर रहीं. इसके बाद उन्होंने 12 जनवरी को एक दिन का आकस्मिक अवकाश लिया. फिर 16 जनवरी से 19 जनवरी के बीच उन्होंने तीन दिन का आकस्मिक अवकाश और एक दिन का बीमार अवकाश लिया. बाद में 8 फरवरी से 22 फरवरी तक वह 13 दिन के अर्जित अवकाश और दो दिन के बीमार अवकाश पर रहीं.

    आदेश में कहा गया है, 'यह देखा गया है कि अदिति सिंह, आईपीएस, पुलिस अधीक्षक, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी), नॉर्दर्न रेंज, धर्मशाला, बार-बार अवकाश पर जा रही हैं, जिसके कारण एसपी, एसवी एंड एसीबी, नॉर्दर्न रेंज, धर्मशाला के कार्यालय के कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.'

  • बजट-2026: वन विभाग में 1000 पदों पर भर्ती, रायपुर में तीरंदाजी अकादमी, अबूझमाड़ और जगरगुंडा में बनेगी एजुकेशन सिटी

    बजट-2026: वन विभाग में 1000 पदों पर भर्ती, रायपुर में तीरंदाजी अकादमी, अबूझमाड़ और जगरगुंडा में बनेगी एजुकेशन सिटी

    रायपुर 

    छत्तीसगढ़ में साय सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश करते हुए बस्तर और अन्य पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, डिजिटल कनेक्टिविटी और रोजगार का बड़ा रोडमैप सामने रखा है. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने साय सरकार का तीसरा बजट संकल्प थीम पर प्रस्तुत किया. 
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बजट 2026–27 को जनकल्याण और विकास को समर्पित बताते हुए कहा कि यह बजट किसानों, महिलाओं, युवाओं और कर्मचारियों के सशक्तिकरण के साथ छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर विशेष प्रावधानों से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और आम जनता के जीवन स्तर में सुधार आएगा.

    रायपुर में 200 बिस्तर वाले अस्पताल, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी में जिला अस्पताल और 15 नए थाने खोले जाएंगे। ई-वाहनों (EV) में सब्सिडी दी जाएगी। नवा रायपुर में राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी स्थापित होगी और कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार योजना के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

    इसके अलाव बस्तर के अंदरूनी इलाकों में बस सेवा शुरू की जाएगी और अबूझमाड़-जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी बसाई जाएंगी। स्कूल शिक्षा विभाग को सबसे ज्यादा 22 हजार करोड़ की राशि मिली है। स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना के लिए 100 करोड़ का प्रावधान है। वनों के संरक्षण के लिए 930 करोड़ का प्रावधान किया गया है। 1 हजार पदों पर भर्ती होगी।

    छत्तीसगढ़ सरकार अब 5 प्रमुख मिशन पर काम करेगी। इनमें मुख्यमंत्री एआई मिशन, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, मुख्यमंत्री खेल उत्कृष मिशन, मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन और मुख्यमंत्री स्टार्टअप और निपुण मिशन शामिल हैं। हर मिशन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह स्वाथ्यगत कारणों से राज्य से बाहर हैं। डॉ रमन सिंह की अनुपस्थिति में धर्मजीत सिंह सभापति के तौर पर आसंदी में रहे। डॉ रमन सिंह सर्वाइकल की दिक्कत से जूझ रहे हैं। इसके चलते कोयंबटूर में भर्ती में किए गए। आज उनकी सर्जरी होगी। धरमलाल कौशिक कार्यवाहक विधानसभा अध्यक्ष होंगे।

    छत्तीसगढ़ बजट 2026-27, बड़ी घोषणाएं-

        15 नए पुलिस थाने खोले जाएंगे।
        5 नए साइबर थानों का निर्माण होगा।
        महिला थानों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
        तेलीबांधा (रायपुर) थाना का नवीनीकरण होगा।
        सीन ऑफ क्राइम यूनिट स्थापना हेतु ₹3 करोड़।
        वनों के संरक्षण के लिए ₹930 करोड़, 1000 पदों पर भर्ती।
        अभ्यारण्यों के विकास हेतु ₹11,000 करोड़ का प्रावधान।
        शक्तिपीठ भ्रमण योजना शुरू, ₹5 करोड़ प्रावधान।
        प्रदेश में शक्तिपीठ सर्किट का निर्माण।
        राजिम में कांस्य प्रतिमा स्थापना हेतु ₹5 करोड़।
        सिरपुर विकास के लिए ₹36 करोड़, रिवर फ्रंट व मेडिटेशन सेंटर बनेगा।
        ईको टूरिज्म के लिए फिक्की से एमओयू, ₹500 करोड़ निवेश प्रस्ताव।
        सरकारी स्कूली छात्रों के लिए युवा दर्शन योजना, ₹5 करोड़।
        रायपुर देवभवन (स्वामी विवेकानंद निवास) राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने ₹5 करोड़।
        पत्रकार भ्रमण हेतु बजट प्रावधान।
        साहित्य महोत्सव हर वर्ष आयोजित होगा।
        अप्रवासी छत्तीसगढ़ियों का NIR सम्मेलन हर साल होगा।
        जनसंपर्क विभाग का बजट ₹475 करोड़।
        ईवी वाहनों की सब्सिडी के लिए ₹100 करोड़।
        नवा रायपुर में राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी की स्थापना।
        नवा रायपुर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण।
        क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना हेतु ₹57 करोड़।
        कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार योजना, ₹100 करोड़।
        हर मिशन के लिए ₹100 करोड़ का प्रावधान।
        रायपुर में 200 बिस्तर का अस्पताल बनेगा।
        5 प्रमुख शहरों के एयरपोर्ट पर शोरूम खोले जाएंगे।
        नमक योजना के लिए ₹1,000 करोड़।
        पेंशन के लिए ₹1,400 करोड़।
        सयानगुड़ी के विकास हेतु ₹5,000 करोड़।
        रायपुर मठपुरैना दृष्टिबाधित शाला के लिए ₹2.50 करोड़।
        नशा मुक्ति केंद्र संचालन हेतु ₹20 करोड़।
        अनुसूचित जाति छात्रों के लिए हॉस्टल-स्कूल निर्माण अनुदान।
        OBC छात्राओं के लिए रायपुर में 200 सीट का छात्रावास।
        अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण हेतु ₹80 करोड़।
        भूमिहीन कृषि परिवारों के लिए ₹600 करोड़।
        कृषक उन्नति योजना हेतु ₹10,000 करोड़।
        मार्कफेड के लिए ₹6,000 करोड़।
        नेचुरल फार्मिंग के लिए ₹40 करोड़।
        कृषि पंपों के लिए ₹5,500 करोड़।
        रायपुर कालीबाड़ी में 200 बिस्तर MCH अस्पताल व चिरमिरी में जिला अस्पताल निर्माण।
        डेयरी समग्र विकास योजना शुरू, ₹90 करोड़।
        शिल्पकारों को राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भागीदारी हेतु वित्तीय सहयोग।
        उपहार प्लेटफॉर्म के लिए ₹25 करोड़।
        50 लाख तक के कार्यों की एजेंसी ग्राम सभाएं होंगी।
        प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ₹1,700 करोड़।
        नवा रायपुर-राजनांदगांव इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स हेतु ₹10 करोड़।
        प्रदेश में 23 नए उद्योग स्थापित होंगे।
        भिलाई में व्यावसायिक परिसर हेतु ₹10 करोड़।
        बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स भवन का निर्माण।
        उद्योग बजट तीन गुना बढ़ा, अनुदान हेतु ₹750 करोड़।
        खनिज ऑनलाइन 2.2 के लिए ₹35 करोड़।
        उद्योग विभाग का बजट ₹248 करोड़ से बढ़कर ₹775 करोड़।
        रायपुर में मेगा परीक्षा केंद्र बनेगा।
        गिरौदपुरी मेले को ₹50 लाख अनुदान।
        5 नालंदा लाइब्रेरी के लिए ₹22 करोड़।
        मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना, ₹200 करोड़।
        शहीद वीरनारायण सिंह आयुष्मान योजना के तहत ₹5 लाख तक इलाज, ₹1,500 करोड़ प्रावधान।
        मुख्यमंत्री सड़क योजना के लिए ₹200 करोड़, 36 सड़कें शामिल।
        रानी दुर्गावती योजना – 18 वर्ष पर बेटियों को ₹1.5 लाख।
        250 महतारी सदन निर्माण, ₹75 करोड़।
        मैनपाट व जशपुर कोतेबेरा में पर्यटन विकास।
        रायपुर में फूड लैब निर्माण।
        कांकेर, कोरबा, महासमुंद में नर्सिंग कॉलेज।
        मेकाहारा में एआई उपयोग हेतु ₹10 करोड़।
        मितानिन कल्याण निधि के लिए ₹350 करोड़।
        मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना लागू।
        बस्तर व सरगुजा में डॉक्टरों की भर्ती।
        बस्तर-सरगुजा में रोड नेटवर्क कनेक्टिविटी विस्तार।
        इंद्रावती बैराज हेतु ₹68 करोड़ स्वीकृत।
        बस्तर में रोजगार आधारित सेक्टर के लिए ₹100 करोड़ निवेश प्रावधान।

  • इजरायल पहुंचे पीएम मोदी, ‘एअर इंडिया वन’ विमान फ्लाइट रडार पर सबसे ज्यादा हुआ सर्च

    इजरायल पहुंचे पीएम मोदी, ‘एअर इंडिया वन’ विमान फ्लाइट रडार पर सबसे ज्यादा हुआ सर्च

    नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल पहुंच गए हैं. इजरायल यात्रा पर निकले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्लाइट लोकेशन को दुनिया में इस वक्त सबसे ज्यादा ट्रैक किया जा रहा है. दुनिया भर के विमानों के मूवमेंट पर नजर रखने वाला पॉपुलर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म फ्लाइटरडार के डेटा बताते हैं कि इस वक्त पीएम मोदी की फ्लाइट मूवमेंट को विश्व में सबसे ज्यादा ट्रैक किया जा रहा है. 

    पीएम नरेंद्र बुधवार को दो दिनों की इजरायल यात्रा पर निकले हैं. फ्लाइटरडार एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जो लाइव फ्लाइट ट्रैकिंग करता है. इसका मुख्य काम है दुनिया भर में उड़ रहे विमानों की रियल-टाइम लोकेशन, स्पीड, ऊंचाई, रूट, फ्लाइट नंबर आदि दिखाना है. फ्लाइटरडार के अनुसार बुधवार शाम पौने चार बजे जब पीएम मोदी की फ्लाइट सऊदी अरब से जॉर्डन में एंट्री कर रही थी उस वक्त इसे 7184 लोग लाइव ट्रैक कर रहे थे. 

    पीएम मोदी का विमान इजरायल के लिए पाकिस्तान और ईरान के एयर स्पेस को पूरी तरह से एवॉइड कर रहे हैं. पीएम मोदी की फ्लाइट दिल्ली से निकलकर गुजरात होते हुए अरब सागर को पार कर ओमान पहुंचा, इसके बाद सऊदी अरब पहुंचा, यहां से उनका प्लेन सऊदी अरब के एयर स्पेस बीच से होकर गुजरा. इसके बाद उनका विमान जॉर्डन पहुंचा. जॉर्डन के बाद इजरायल की सीमा शुरू हो जाती है. 

    पीएम मोदी एयर इंडिया वन से इज़रायल जा रहे हैं.  यह भारत सरकार का विशेष विमान है, जो प्रधानमंत्री और अन्य उच्च पदाधिकारियों के लिए इस्तेमाल होता है. आमतौर पर यह Boeing 777-300ER या कभी-कभी दो विमानों का फ्लीट होता है, जो स्पेशल कॉन्फ़िगरेशन के साथ आता है. इस विमान में कमांड सेंटर, सिक्योर कम्युनिकेशन और डिफेंस सिस्टम्स शामिल होते हैं. 

    पीएम मोदी 25 फरवरी 2026 को सुबह पालम एयर फोर्स स्टेशन से रवाना हुए. उनका विमान तेल अवीव के बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुआ. भारत से इजरायल की डायरेक्ट फ्लाइट लगभग 6-7 घंटे की होती है. 

  • बिलासपुर हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल में कैंपस को निशाना बनाने की बात, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    बिलासपुर हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल में कैंपस को निशाना बनाने की बात, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    बिलासपुर 
    छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना से बुधवार को न्यायिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही उच्च न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और बम स्क्वॉड तथा डॉग स्क्वॉड की टीमों को मौके पर तैनात कर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया।
    बारीकी से हो रही निगरानी

    पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार धमकी मिलने के बाद एहतियातन पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में लिया गया। प्रवेश द्वारों पर जांच सख्त कर दी गई है तथा संदिग्ध वस्तुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
    अन्य जिला न्यायालयों को भी मिल चुकीं धमकियां

    गौरतलब है कि इससे पूर्व भी प्रदेश के अन्य जिला न्यायालयों को इसी प्रकार की धमकियां मिल चुकी हैं। राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा और जगदलपुर के जिला न्यायालयों में भी ऐसी सूचनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया था। हालांकि बाद की जांच में वे सूचनाएं अफवाह साबित हुई थीं।
    तलाशी और जांच जारी, ढिलाई नहीं…

    फिलहाल, बिलासपुर उच्च न्यायालय परिसर में तलाशी और जांच की कार्रवाई जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है और सुरक्षा में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

    सुरक्षा व्यवस्था और जांच
    धमकी के तुरंत बाद हाईकोर्ट परिसर को छावनी में बदल दिया गया। सभी प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए। डॉग स्क्वायड ने हर कोने की तलाशी ली। बॉम्ब स्क्वायड ने भी अत्याधुनिक उपकरणों से जांच की। पुलिस ने परिसर के चप्पे-चप्पे की पड़ताल की।

    ईमेल स्रोत की पड़ताल
    पुलिस अब संदिग्ध ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से ईमेल भेजने वाले की पहचान की जा रही है। पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस धमकी के पीछे कौन है।