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  • खरगोन में गर्भवती महिला से दुष्कर्म का आरोप, गांव में तनाव के बाद पुलिस बल तैनात

    खरगोन में गर्भवती महिला से दुष्कर्म का आरोप, गांव में तनाव के बाद पुलिस बल तैनात

    झिरन्या (खरगोन) 

    चैनपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार की रात एक गर्भवती महिला से दुष्कर्म की घटना के बाद शुक्रवार को दिनभर ग्राम दामखेड़ा व सेमलखूंट फाटे पर तनाव की स्थिति बनी रही। स्थिति को संभालने के लिए खरगोन पुलिस लाइन से वज्र वाहन व अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

    पुलिस में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार घटना गुरुवार की रात करीब 11 बजे की है। पीड़िता अपने मायके ग्राम झूमकी आई हुई थी। रात में पीड़िता के मामा व मामी गणेश पंडाल में लड्डू बनाने गए थे। घर पर अकेली पाकर दामखेड़ा निवासी आरोपित मालू रंधावे जबरन अंदर घुस आया और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी।

    घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़ लिया

    घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने आरोपित को पकड़ लिया। सुबह जब उसे ले जाया जा रहा था, तब सूचना मिलने पर थाना प्रभारी गणपत कनेल पुलिस टीम के साथ पहुंचे और आरोपित को अभिरक्षा में लेकर थाने आए। बड़ी संख्या में ग्रामीण, पीड़िता के स्वजन व ससुराल पक्ष के लोग जमा हो गए। ग्रामीण आरोपित को अपने सुपुर्द करने और सामाजिक दंड देने के लिए उसका जुलूस निकालना चाहते थे, जिससे माहौल गर्मा गया। हालांकि पुलिस की सूझबूझ से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। पुलिस ने आरोपित को अभिरक्षा में लिया है। आरोपित की पत्नी जिला पंचायत सदस्य है।

    अधिकारियों ने दी समझाइश, पुलिस बल तैनात

    घटना की सूचना मिलते ही भीकनगांव एसडीएम लोकेश छापरे व एसडीओपी केतन अडलक मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश दी। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए खरगोन पुलिस लाइन से वज्र वाहन व अतिरिक्त बल बुलाया गया, तब जाकर स्थिति नियंत्रित हुई। पीड़िता ने शाम को स्वजनों के साथ थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया। मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

     

  • पार्टनर कंट्रीज के प्रतिनिधियों से सीएम योगी ने की राउंड टेबल मीटिंग

    पार्टनर कंट्रीज के प्रतिनिधियों से सीएम योगी ने की राउंड टेबल मीटिंग

    ग्रेटर नोएडा

    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पार्टनर कंट्रीज के प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल मीटिंग कर उत्तर प्रदेश में निवेश और कारोबार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। पार्टनर कंट्रीज सिंगापुर, वियतनाम, रूस, बेलारूस, जापान और ऑस्ट्रिया के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री ने प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश के अवसर और विभिन्न सेक्टरों में उपलब्ध संभावनाओं को साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य होने के साथ ही बड़ा बाजार, युवा मानव संसाधन, उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधनों वाला प्रदेश है। ऐसे में पार्टनर देशों की कंपनियों के लिए यहां निवेश और कारोबार विस्तार की व्यापक संभावनाएं हैं।

    वियतनाम की कंपनियों को एविएशन सेक्टर में निवेश का अवसर

    वियतनाम के डेलिगेशन के साथ चर्चा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वियतनामी कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश में निवेश की अच्छी संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने वियतनाम की कंपनियों को यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट फंक्शनल करने में सफलता मिली है और शीघ्र ही यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन शुरू होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव रखा कि लखनऊ, वाराणसी और नोएडा से हनोई तथा वियतनाम के अन्य प्रमुख शहरों के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू होने से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल होने के लिए वियतनाम के प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त किया।

    रूस की कंपनियों को डिफेंस, फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर में निवेश का न्योता

    रूसी प्रतिनिधिमंडल के साथ राउंड टेबल मीटिंग में मुख्यमंत्री ने रूसी संघ के बिजनेस कमिश्नर को उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल होने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि रूस की ओर से जिन मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया गया है, उत्तर प्रदेश सरकार उन सुझावों से सहमत है और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में काम किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है और यहां करीब 25 करोड़ की आबादी निवास करती है। प्रदेश में भारत का डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर स्थापित हो रहा है। रूस की कंपनियां पहले से ही उत्तर प्रदेश में अपनी इकाइयां स्थापित कर रही हैं। लखनऊ नोड में ब्रह्मोस की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कानपुर में भी रूसी डिफेंस कंपनियों को अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि रूस की एके-203 राइफल का निर्माण भी उत्तर प्रदेश में हो रहा है। यह रूस की कंपनियों के लिए प्रदेश में उपलब्ध अवसरों का उदाहरण है और उन्हें इन अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर को भी रूस के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि नोएडा एयरपोर्ट के पास मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है, जहां रूसी निवेशक निवेश के साथ अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर स्थापित कर सकते हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र में भी फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है। ललितपुर में बनने वाले बल्क ड्रग पार्क में भी रूस की कंपनियों को रिसर्च एंड डेवलपमेंट क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया।

    कृषि और फर्टिलाइजर सप्लाई चेन में सहयोग की बड़ी संभावनाएं

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रूसी कंपनियों के लिए कृषि और फर्टिलाइजर की सप्लाई चेन भी महत्वपूर्ण क्षेत्र हो सकता है। उत्तर प्रदेश को भारत का फूड बास्केट बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी मात्रा में उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधन उपलब्ध हैं। कृषि आधारित उद्योग और फर्टिलाइजर सप्लाई चेन के क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में एमएसएमई का बड़ा केंद्र है। प्रदेश में ऐसे प्लेटफॉर्म विकसित किए जा सकते हैं, जहां यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन से जुड़े देशों के साथ आर्थिक एवं व्यापारिक संवाद को आगे बढ़ाया जा सके। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है, जहां विभिन्न देशों को उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और निर्यात क्षमता को देखने-समझने का अवसर मिल रहा है।

    बेलारूस की एडवांस मशीनरी और ट्रैक्टर कंपनियों को यूपी में निवेश का न्योता

    बेलारूस के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में उनकी सहभागिता का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि चार वर्ष पहले शुरू की गई पहल के क्रम में बेलारूस ने इस बार भी अपने पवेलियन के माध्यम से उत्तर प्रदेश की औद्योगिक एवं विनिर्माण क्षमता को समझने का अवसर प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेलारूस के लिए निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। प्रदेश की बड़ी आबादी, उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधन इसे कृषि एवं कृषि आधारित उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण बनाते हैं। उन्होंने बेलारूस की एडवांस और हेवी मशीनरी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। विशेष रूप से बेलारूस ट्रैक्टर कंपनियों को यहां असेंबलिंग यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव दिया।

    वुड टेक्नोलॉजी और ओडीओपी के बीच सहयोग की संभावनाएं

    मुख्यमंत्री ने बेलारूस के प्रतिनिधियों को उत्तर प्रदेश के वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) की ताकत से भी परिचित कराया। उन्होंने कहा कि सहारनपुर और बिजनौर जैसे जिलों में लकड़ी एवं उससे जुड़े उत्पादों की प्रोसेसिंग का बेहतरीन कार्य हो रहा है। यदि बेलारूस की आधुनिक वुड टेक्नोलॉजी को उत्तर प्रदेश के इन क्लस्टर्स से जोड़ा जाता है तो यहां के उत्पादों को वैश्विक बाजार में और मजबूत पहचान दिलाई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की करीब 56 प्रतिशत आबादी युवा है। प्रदेश सरकार युवाओं की शिक्षा, कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण पर लगातार काम कर रही है। उत्तर प्रदेश में आईटी और तकनीकी संस्थानों की मजबूत व्यवस्था है। ऐसे में बेलारूस की कंपनियां प्रदेश में हेवी टेक्नोलॉजी से जुड़े तकनीकी संस्थान स्थापित कर सकती हैं और युवाओं को आधुनिक तकनीक के अनुरूप प्रशिक्षित करने में सहयोग कर सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बेलारूस मिलकर इन संभावनाओं को आगे बढ़ा सकते हैं। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और निवेश के नए रास्ते खोलने का प्रभावी मंच बन रहा है।

    25 देशों के प्रतिनिधियों के साथ ग्रुप फोटो

    राउंड टेबल मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न पार्टनर देशों के प्रतिनिधियों के साथ ग्रुप फोटोशूटभी कराया। ट्रेड शो में विभिन्न देशों की सहभागिता को उत्तर प्रदेश की वैश्विक व्यापारिक और औद्योगिक पहुंच के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

  • बिरसिंहपुर सोलर-बैटरी स्टोरेज परियोजना पर निवेशक संवाद

    बिरसिंहपुर सोलर-बैटरी स्टोरेज परियोजना पर निवेशक संवाद

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में हरित ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने तथा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए निवेश की संभावनाओं को सामने लाने के उद्देश्य से आज मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली में बिरसिंहपुर 200 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर प्लस 50 मेगावाट/100 मेगावाट घंटा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम परियोजना पर निवेशक संपर्क एवं हितधारक परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास  संजय दुबे ने कार्यक्रम में मार्गदर्शन प्रदान करते हुए परियोजना तथा मध्यप्रदेश में हरित ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर अपने विचार व्यक्त किए। अपर मुख्य सचिव  दुबे ने कहा कि मध्यप्रदेश नवाचारी पूल्ड फाइनेंसिंग तंत्र और शासन के सहयोग के माध्यम से शहरी अधोसंरचना के वित्तपोषण में एक नया मानक स्थापित कर रहा है। डेवलपर्स, वित्तीय संस्थानों और ऊर्जा क्षेत्र के प्रमुखों द्वारा प्रदर्शित मजबूत रुचि प्रदेश की विकास दृष्टि, संस्थागत विश्वसनीयता और सतत शहरी विकास के प्रति प्रतिबद्धता में निवेशकों के विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि विभागों और सार्वजनिक संस्थानों के बीच समन्वित प्रयासों से ऐसे प्रोजेक्ट विकसित किए जा रहे हैं, जो पर्यावरण की दृष्टि से उत्तरदायी होने के साथ वित्तीय रूप से सुदृढ़ और निवेश के लिए तैयार हैं।

    कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक  मंजीत सिंह ने परियोजना के उद्देश्य एवं स्वरूप की जानकारी दी। अधीक्षण अभियंता  अवनीश शुक्ला ने परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया।

    निवेशकों एवं अन्य हितधारकों के साथ हितधारक परामर्श एवं प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया। इसमें परियोजना से संबंधित विभिन्न विषयों पर खुली चर्चा हुई तथा निवेशकों एवं हितधारकों से सुझावों का आदान-प्रदान किया गया। कार्यक्रम का समन्वय मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के तकनीकी अधिकारी कमलेश भटनागर और सीईओ गणवीर सिंह ने किया

    कार्यक्रम में मध्यप्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में उपलब्ध निवेश संभावनाओं, परियोजना के विभिन्न पहलुओं तथा इसके संभावित अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। यह संवाद ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं को निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा। गौतलब है की कार्यक्रम में 39 से अधिक डेवलपर फर्मों एवं प्रमुख ऊर्जा और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

     

  • छत्तीसगढ़ में बाढ़ का कहर: 300 से ज्यादा गांव बने टापू, रेल-सड़क और हवाई सेवाएं प्रभावित

    छत्तीसगढ़ में बाढ़ का कहर: 300 से ज्यादा गांव बने टापू, रेल-सड़क और हवाई सेवाएं प्रभावित

    जगदलपुर

    बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब के प्रभाव से पिछले तीन दिनों से बस्तर संभाग में त्राहि-त्राहि मच गई है। इंद्रावती, शबरी सहित सभी नदियां उफान पर हैं और खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। पड़ोसी राज्य ओडिशा में इंद्रावती नदी स्थित खातीगुड़ा और इसकी सहायक नदी मुरान के बांध के गेट खोलने से स्थिति बिगड़ गई है।

    तीन सौ से अधिक गांव बाढ़ से घिरकर टापू बन गए हैं। नगरनार क्षेत्र के भेजापदर, तोकापाल के घाट धनोरा आदि एक दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को एसडीआरएफ की टीम द्वारा रेस्क्यू कर सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में भेजा गया है। प्रारंभिक सूचना के अनुसार सौ से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।

    रेल, सड़क और हवाई यातायात बुरी तरह ठप

    राष्ट्रीय राजमार्ग-30 रायपुर-कोटा और राष्ट्रीय राजमार्ग-63 जगदलपुर-बीजापुर-भोपालपटनम कई जगहों पर बाधित हो गया है। किरंदुल-कोत्तावालसा रेललाइन कोरापुट रेलखंड में चार जगहों पर भू-स्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है।

    इससे ट्रेनें बंद हो गई हैं। सड़क परिवहन पहले से ही बाधित है। हैदराबाद-जगदलपुर-रायपुर फ्लाइट दो दिनों से बंद है। रेलमार्ग बहाल होने में तीन से चार दिन का समय लग सकता है। सभी ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं।

    50 से अधिक राहत शिविर, संभाग के सभी जिलों में छुट्टी घोषित

    बाढ़ आपदा को देखते हुए संभाग के सभी सातों जिलों में शुक्रवार को छुट्टी कर दी गई। दक्षिण में कोंटा नगर से लेकर यहां जगदलपुर में निचली बस्तियों में पानी भरने से कई मकान डूब गए हैं। सभी जिलों में प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया है।

    संभाग में 50 से अधिक राहत शिविर बनाए गए हैं। सर्वाधिक नुकसान सुकमा, बीजापुर और बस्तर जिले में देखा जा रहा है। सांसद महेश कश्यप बाढ़ प्रभावित टापू बने गांव भेजापदर अधिकारियों के साथ स्वयं मोटरबोट से पहुंचे थे।

     

  • सड़कों, पुलों और भवनों के काम को मिलेगी रफ्तार, वर्किंग सीजन का पूरा उपयोग करने पीडब्लूडी तैयार

    सड़कों, पुलों और भवनों के काम को मिलेगी रफ्तार, वर्किंग सीजन का पूरा उपयोग करने पीडब्लूडी तैयार

    रायपुर

    लोक निर्माण विभाग बरसात के बाद सडकों, पुल-पुलियों और भवनों के निर्माण को रफ्तार देने की तैयारी में है। लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने आज वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों और सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं एवं कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर फील्ड में कार्यों को गति देने की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने ठेकेदारों के साथ भी बैठक कर निर्माण सामग्री, मशीनरी और मानव संसाधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    लोक निर्माण विभाग के सचिव ने नवा रायपुर स्थित निर्माण भवन में आयोजित बैठक में अक्टूबर से निर्माणाधीन कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने और अप्रारंभ कामों को शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कार्यस्थलों की समस्याओं का तत्परता से निराकरण कर ठेकेदारों को बाधामुक्त कार्यस्थल उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों से नियमित संवाद और अच्छा समन्वय रखते हुए टाइमलाइन के अनुसार कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने को कहा।

     बंसल ने सभी कार्यपालन अभियंताओं को हर दो महीने में अनुविभागीय अधिकारियों, सहायक अभियंताओं, उप अभियंताओं और ठेकेदारों के साथ बैठक कर प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग के सिविल और विद्युत-यांत्रिकी शाखा के अभियंताओं को आपसी तालमेल से काम करने को कहा। दोनों शाखाओं के बीच समन्वय की कमी से कार्यों की प्रगति प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने एनआईटी तैयार करते समय कार्य पूरा करने की अवधि को व्यावहारिक रखने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे कार्यों का मूल्याकंन कर हर महीने भुगतान करने को कहा।

    लोक निर्माण विभाग के सचिव  बंसल ने ठेकेदारों के साथ भी बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने निर्माण कार्यों में तेजी लाने और विभिन्न प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को कम करने विभागीय दिशा-निर्देशों, भुगतान प्रक्रिया, समय-सीमा निर्धारण और ठेकेदारों से जुड़े नीतिगत विषयों पर सुझाव भी मांगे।

    विभागीय सचिव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के कार्यों में ठेकेदारों की अहम भूमिका है। उन्होंने ठेकेदारों को 1 अक्टूबर से शुरू हो रहे नए टेंडर सिस्टम में नामांकन कराने और इसके लिए विभाग द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण में भाग लेने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों को अपने पास उपलब्ध संसाधनों और क्षमता के अनुसार काम लेने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे कार्यों की गति बढ़ाने और गुणवत्ता पर भी जोर दिया। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  वी.के. भतपहरी, अपर सचिव  एस.एन. वास्तव और सीजीआरआईडीसी के अतिरिक्त प्रबंध संचालक  शशांक पाण्डेय भी बैठक में मौजूद थे।

  • सेवा संकल्प अभियान के तहत अंबिकापुर के आस्था निकुंज वृद्धाश्रम में वरिष्ठजनों को मिला अपनत्व और सम्मान

    सेवा संकल्प अभियान के तहत अंबिकापुर के आस्था निकुंज वृद्धाश्रम में वरिष्ठजनों को मिला अपनत्व और सम्मान

    रायपुर

    सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा, संवेदना और जनभागीदारी की भावना को आगे बढ़ाते हुए अजीरमा, अंबिकापुर स्थित आस्था निकुंज वृद्धाश्रम में वरिष्ठजनों के सम्मान एवं सेवा का कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाज कल्याण विभाग से अनुदान सहायता प्राप्त स्वसहायता समूह रॉबर्ट कानन बाला स्मृति सेवा संस्थान द्वारा वर्ष 1993 से संचालित इस वृद्धाश्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल तथा नगरपालिक निगम महापौर मती मंजूषा भगत ने 25 वरिष्ठजनों को वस्त्र एवं फल वितरित किए।

    वरिष्ठजनों से आत्मीय संवाद, जाना कुशलक्षेम

    कार्यक्रम के दौरान मंत्री  राजेश अग्रवाल ने वृद्धाश्रम में निवासरत वरिष्ठजनों से आत्मीयता के साथ संवाद किया और उनके स्वास्थ्य एवं कुशलक्षेम की जानकारी ली। उन्होंने अपने हाथों से वरिष्ठजनों को वस्त्र एवं फल प्रदान किए तथा उनके साथ समय बिताकर आशीर्वाद प्राप्त किया।

    मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि वरिष्ठजन हमारे मार्गदर्शक और पथप्रदर्शक हैं। उनके जीवन का अनुभव, संघर्ष और जीवन मूल्य समाज तथा नई पीढ़ी के लिए अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजनों का सम्मान, उनकी सेवा और उनके साथ आत्मीयता से समय बिताना केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारी मानवीय और नैतिक जिम्मेदारी भी है।

    सेवा संकल्प अभियान सेवा और संवेदना को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास

    मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य सेवा और संवेदना की भावना को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना तथा जनभागीदारी के माध्यम से जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। अभियान के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में सेवा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

    उन्होंने कहा कि सेवा का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होता है, जब उसमें अपनत्व और संवेदना जुड़ी हो। समाज के वरिष्ठजनों के साथ समय बिताना, उनकी आवश्यकताओं को समझना और उन्हें सम्मान देना भी सेवा का महत्वपूर्ण स्वरूप है। ऐसे कार्यक्रम समाज में पारस्परिक सहयोग, सम्मान और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करते हैं।

    वस्त्र एवं फल वितरण से बढ़ी आत्मीयता

    सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में वरिष्ठजनों के लिए वस्त्र दान किया गया। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि वरिष्ठजनों को अपने हाथों से वस्त्र प्रदान करते हुए मन भावुक हो गया। उनके साथ कुछ पल बिताना और उनका आशीर्वाद प्राप्त करना आत्मीय अनुभव रहा।

    वरिष्ठजनों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें फल भी वितरित किए गए। इस दौरान वृद्धाश्रम में मौजूद वरिष्ठजनों के चेहरों पर मुस्कान दिखाई दी और उनके स्नेह ने पूरे वातावरण को भावनात्मक एवं आत्मीय बना दिया।

    सेवा कार्यों में जनभागीदारी का आह्वान

    मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार सेवा कार्यों में योगदान देना चाहिए। छोटे-छोटे सेवा कार्य भी किसी के जीवन में बड़ी खुशी ला सकते हैं। उन्होंने युवाओं और सामाजिक संगठनों से भी वरिष्ठजनों, जरूरतमंदों और समाज के वंचित वर्गों की सहायता के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में सेवा, सहयोग और संवेदना की भावना को निरंतर मजबूत करने का संकल्प है। सामूहिक प्रयासों से ही ऐसे अभियान व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप ले सकते हैं।

    आस्था निकुंज वृद्धाश्रम में लंबे समय से मिल रहा आश्रय और सहयोग

    अजीरमा स्थित आस्था निकुंज वृद्धाश्रम का संचालन रॉबर्ट कानन बाला स्मृति सेवा संस्थान द्वारा वर्ष 1993 से किया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग से अनुदान सहायता प्राप्त इस संस्था के माध्यम से वरिष्ठजनों को आश्रय एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम ने वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान, अपनत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को और मजबूत किया।

    इस अवसर पर कलेक्टर  अजीत वसंत, जिला पंचायत सीईओ मती रोमा वास्तव, उपसंचालक समाज कल्याण, आश्रम के प्रबंधक सहित जिले के अधिकारी-कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

  • प्रदेश में तेजी से हो रहा हैं सड़क परियोजनाओं का क्रियान्वयन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश में तेजी से हो रहा हैं सड़क परियोजनाओं का क्रियान्वयन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी की पहल से प्रदेश में सड़क परियोजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से हो रहा हैं। इससे औद्योगिक गतिविधियों के साथ ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय मंत्री  गडकरी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री निवास में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय मंत्री  गडकरी को प्रदेश की प्रमुख परियोजनाओं और भविष्य के सड़क विस्तार योजनाओं की जानकारी भी दीं।

    सड़क परियोजनाओं को पूर्ण करने में न हो विलंब

    केन्द्रीय मंत्री  गडकरी ने कहा कि सड़क परियोजनाओं के निर्माण में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। हर प्रोजेक्ट का डिजाइन सड़क सुरक्षा की दृष्टि से भी तकनीकी मानकों के अनुरूप हों। ऐसे स्थानों पर जहाँ क्षेत्रीय निवासियों को हो रही कठिनाईयों के कारण, सड़क परियोजनाएं लम्बित हो रही है, वहां परस्पर संवाद और समन्वय से समाधान निकाला जाए। भूमि अधिग्रहण और वन स्वीकृति के प्रकरणों में राज्य सरकार के अधिकारी केन्द्रीय मंत्रालयों से परस्पर सम्पर्क में रहें। किसी भी स्थिति में परियोजनाओं को पूर्ण करने में विलंब न हों। बैठक में प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल उपस्थित थे।

    कान्हा राष्ट्रीय उद्यान की नागपुर, जबलपुर और रायपुर से सड़क कनेक्टिविटी बढ़ाने के निर्देश

    केन्द्रीय मंत्री  गडकरी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का बटेश्वर (उ.प्र.) से विशेष संबंध रहा है। अटल एक्सप्रेस-वे का निर्माण बटेश्वर तक किया जाएगा। उन्होंने सिंहस्थ : 2028 के दृष्टिगत उज्जैन को जोड़ने वाले सभी मार्गों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। केन्द्रीय मंत्री  गडकरी ने जबलपुर के शहपुरा आर.ओ.बी. के क्षतिग्रस्त होने से प्रभावित आवागमन के दृष्टिगत नागरिकों की परेशानी को देखते हुए शहपुरा टोल प्लाजा पर टोल वसूली स्थगित करने के निर्देश दिए। बैठक में कान्हा राष्ट्रीय उद्यान की सड़क कनेक्टिविटी नागपुर, जबलपुर और रायपुर से बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्य योजना बनाने के निर्देश भी दिए गए।  गडकरी ने कहा कि बालाघाट जिले में बेहतर रोड नेटवर्क के लिए कार्य योजना बनाई जाए।

    केन्द्र और राज्य सरकार के अधिकारी रहे मौजूद

    बैठक में देवास जिले में सन्दलपुर से नसरूल्लागंज बायपास, उज्जैन झालाबड़ फोरलेन, सतना चित्रकूट फोरलेन, जबलपुर-लखनादौन-रायपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से संबंधित विषयों पर चर्चा हुई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके साथ ही लौनी-बुरहानपुर लिंक के संबंध में भी चर्चा हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव लोक निर्माण  सुखवीर सिंह सहित प्रदेश के वन और राजस्व विभाग तथा केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • रूस-भारत संवाद में व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग की नई संभावनाओं पर मंथन

    रूस-भारत संवाद में व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग की नई संभावनाओं पर मंथन

    ग्रेटर नोएडा

    इंटरनेशनल ट्रेड शो के पहले दिन अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण सत्र आयोजित हुए। रूस और भारत के बीच व्यापार, निवेश एवं आर्थिक सहयोग को विस्तार देने के उद्देश्य से विशेष रूस-भारत बिजनेस डायलॉग आयोजित किया गया। वहीं वियतनाम ने अपने पवेलियन और विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापार, तकनीक, पर्यटन, खानपान और संस्कृति का व्यापक संगम प्रस्तुत किया। दोनों देशों की भागीदारी ने यूपीआईटीएस के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को और मजबूत किया।

    रूस-भारत : व्यापार और निवेश के नए अवसरों पर चर्चा

    यूपीआईटीएस-2026 में ‘रूस-भारत : व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग के नए अवसर’ विषय पर विशेष संवाद आयोजित किया गया। इसमें दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने, निवेश के नए अवसर तलाशने तथा औद्योगिक और तकनीकी सहयोग को विस्तार देने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। रूस की ओर से भारत स्थित रूसी व्यापार प्रतिनिधित्व के ट्रेड कमिश्नर आंद्रेई सोबोलेव और डिप्टी ट्रेड कमिश्नर डॉ. येवगेनी ग्रिवा समेत वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संवाद के दौरान दोनों देशों के उद्योगों के बीच प्रत्यक्ष संपर्क बढ़ाने और कारोबारी सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान पर विशेष जोर रहा। रूसी प्रतिनिधिमंडल ने यूपीआईटीएस को उत्तर प्रदेश के उद्योग एवं कारोबारी पारिस्थितिकी तंत्र को समझने और प्रदेश के उद्यमियों के साथ संभावित व्यापारिक साझेदारी तलाशने के अवसर के रूप में देखा। इस दौरान औद्योगिक तकनीक, गैस एवं संबंधित क्षेत्र, प्रयोगशाला और निदान समाधान, मेडिकल ऑक्सीजन सिस्टम तथा व्यावसायिक सेवाओं जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं सामने आईं।

    चिकित्सा और औद्योगिक तकनीक में सहयोग की संभावनाएं

    रूस की प्रदर्शनी में विभिन्न औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं को प्रमुखता दी गई। इसमें औद्योगिक तकनीक एवं गैस, प्रयोगशाला एवं डायग्नोस्टिक समाधान, मेडिकल ऑक्सीजन सिस्टम तथा बिजनेस सर्विसेज से जुड़े उत्पाद एवं समाधान शामिल रहे। यूपीआईटीएस में इन क्षेत्रों की मौजूदगी ने उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य, विनिर्माण और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय कारोबारी संपर्क का अवसर उपलब्ध कराया। रूस-भारत संवाद के माध्यम से तकनीक, उत्पादों और सेवाओं के आदान-प्रदान के साथ-साथ भविष्य में संयुक्त कारोबारी अवसरों की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।

    वियतनाम ने कारोबार के साथ दिखाई संस्कृति की विविधता

    यूपीआईटीएस-2026 में वियतनाम की भागीदारी भी पहले दिन विशेष आकर्षण का केंद्र रही। वियतनाम ने अपने पवेलियन को केवल उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित न रखते हुए उसे व्यापार, निवेश, पर्यटन, संस्कृति और खानपान के समग्र अनुभव के रूप में प्रस्तुत किया। वियतनाम के पवेलियन में विमानन, पर्यटन, स्वास्थ्य, कृषि, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र एवं परिधान, इलेक्ट्रिक वाहन और पुनर्चक्रित फाइबर जैसे विभिन्न क्षेत्रों को प्रदर्शित किया गया। इससे भारतीय और विदेशी खरीदारों को वियतनाम के कारोबारी एवं औद्योगिक क्षेत्रों की विविधता को करीब से जानने का अवसर मिला।

    ‘इनोवेशन टेक्नोलॉजीज एंड टूरिज्म’ पर विशेष कार्यक्रम

    वियतनाम की ओर से ‘वियतनाम : इनोवेशन टेक्नोलॉजीज एंड टूरिज्म’ विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें तकनीकी नवाचार और पर्यटन क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं को व्यापारिक अवसरों से जोड़कर प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में भारत और वियतनाम के बीच पर्यटन, विमानन, स्वास्थ्य, कृषि, विनिर्माण तथा अन्य कारोबारी क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर संवाद हुआ। वियतनाम के राजदूत त्रिन्ह मिन्ह मान्ह के साथ विभिन्न वियतनामी कंपनियों और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इनमें वियतनाम एयरलाइंस, वियतजेट और विंग्रुप सहित अन्य प्रमुख कारोबारी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल रहे।

    फूड फेस्टिवल और सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बढ़ाई रौनक

    वियतनाम की भागीदारी का एक महत्वपूर्ण पक्ष उसका फूड फेस्टिवल और सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा। वियतनामी व्यंजनों के माध्यम से देश की खाद्य संस्कृति को प्रदर्शित किया गया, वहीं सांस्कृतिक दल की प्रस्तुतियों ने दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर संपर्क और सांस्कृतिक संवाद को भी मंच दिया। इस पहल के जरिए व्यापारिक प्रदर्शनी को पर्यटन और संस्कृति से जोड़ा गया। इससे यूपीआईटीएस में आने वाले आगंतुकों को वियतनाम के उत्पादों के साथ उसकी खानपान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं को जानने का अवसर मिला।

    वैश्विक कारोबार का केंद्र बन रहा यूपीआईटीएस

    रूस और वियतनाम की भागीदारी ने यूपीआईटीएस-2026 को केवल उत्पादों की प्रदर्शनी से आगे बढ़ाकर व्यापार, निवेश, तकनीक, पर्यटन और सांस्कृतिक संवाद के अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में स्थापित किया। एक ओर रूस के साथ औद्योगिक एवं तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई, तो दूसरी ओर वियतनाम ने व्यापार को पर्यटन और संस्कृति से जोड़ते हुए अपनी व्यापक आर्थिक क्षमता प्रदर्शित की। यूपीआईटीएस में साझेदार देशों के लिए तैयार किए गए विशेष कार्यक्रमों का उद्देश्य विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और उत्तर प्रदेश के उद्यमियों के बीच सीधे संपर्क को बढ़ाना है। बी2बी बैठकें, बिजनेस डायलॉग, देश विशेष सत्र और राउंडटेबल चर्चाएं इस अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को कारोबारी परिणामों से जोड़ने का माध्यम बन रही हैं। इससे प्रदेश के एमएसएमई, निर्यातकों, स्टार्टअप, युवा उद्यमियों और बड़े उद्योगों को वैश्विक बाजारों में नए साझेदार और कारोबारी अवसर तलाशने का मंच मिल रहा है।

  • पीडीएस के तहत सितंबर माह के खाद्यान्न का भंडारण पूर्ण, वितरण जारी

    पीडीएस के तहत सितंबर माह के खाद्यान्न का भंडारण पूर्ण, वितरण जारी

    पीडीएस के तहत सितंबर माह के खाद्यान्न का भंडारण पूर्ण, वितरण जारी

    24 सितंबर तक लगभग 60 लाख राशनकार्डधारियों ने लगभग 19.58 लाख  क्विंटल चावल का किया उठाव

    रायपुर, 
    सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राज्य में सितंबर एवं अक्टूबर 2026 माह के लिए खाद्यान्न का आबंटन 14,186 उचित मूल्य दुकानों को जारी किया गया है। सितंबर माह के लिए आबंटित खाद्यान्न का सभी उचित मूल्य दुकानों में भंडारण पूर्ण हो चुका है तथा राशनकार्डधारियों को खाद्यान्न वितरण की कार्यवाही निरंतर जारी है।

    24 सितंबर 2026 तक राज्य में लगभग 60 लाख राशनकार्डधारियों द्वारा सितंबर माह के खाद्यान्न का उठाव किया जा चुका है। इस दौरान कुल 19 लाख 57 हजार 880 क्विंटल चावल का उठाव हुआ है। शेष राशनकार्डधारियों को भी निर्धारित पात्रता के अनुसार खाद्यान्न का वितरण उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से किया जा रहा है।

    राज्य के सभी जिलों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्यान्न वितरण का कार्य प्रचलित है। राज्य शासन द्वारा खाद्यान्न के भंडारण एवं वितरण की नियमित निगरानी और मानिटरिंग की जा रही है, ताकि पात्र राशनकार्डधारियों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न समय पर उपलब्ध कराया जा सके। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के सुचारू संचालन तथा राशनकार्डधारियों को खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निगरानी बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

  • नर्सिंग विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम जारी होने पर उप मुख्यमंत्री  शुक्ल का जताया आभार

    नर्सिंग विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम जारी होने पर उप मुख्यमंत्री शुक्ल का जताया आभार

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल का कटनी ज़िले के अल्प प्रवास में जिले के विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों के पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भेंट कर आत्मीय स्वागत किया तथा नर्सिंग विद्यार्थियों के लंबित परीक्षा परिणाम जारी कराने की पहल के लिए उनका आभार व्यक्त किया। जिले के एमजीएम कॉलेज/स्कूल नर्सिंग कॉलेज,  साईनाथ कॉलेज एवं विजडम नर्सिंग कॉलेज, कटनी के पदाधिकारियों सहित नर्सिंग कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने उप मुख्यमंत्री  शुक्ल का स्वागत किया।

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि राज्य शासन के लिए छात्र हित सर्वोपरि है। इसी भावना के साथ शासन ने नर्सिंग विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए माननीय उच्च न्यायालय में अपना पक्ष मजबूती से रखा है। विद्यार्थियों की शिक्षा और उनके भविष्य की राह में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए राज्य शासन संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा बी.एससी. नर्सिंग के 15 हजार से अधिक विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। साथ ही लगभग 28 हजार विद्यार्थियों की आगामी परीक्षा भी शीघ्र आयोजित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि छात्र हितों की रक्षा और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शासन सदैव प्रतिबद्ध है।

    उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा बी.एससी. नर्सिंग द्वितीय वर्ष परीक्षा – मार्च 2026, बी.एससी. नर्सिंग तृतीय वर्ष परीक्षा – जनवरी 2026 के परीक्षा परिणाम घोषित किए गए हैं। विद्यार्थियों ने कहा कि परीक्षा परिणाम घोषित होने से उनकी आगे की पढ़ाई एवं अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में सुविधा मिलेगी। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राज सिंह ठाकुर, शहर के उद्योगपति  मनीष गेई एवं पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।