Author: Admin

  • भोपाल मास्टर प्लान-2047 का ड्राफ्ट तैयार, 45 लाख आबादी के लिए बनेगा नया शहर प्लान

    भोपाल मास्टर प्लान-2047 का ड्राफ्ट तैयार, 45 लाख आबादी के लिए बनेगा नया शहर प्लान

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल के बाद भोपाल विकास योजना-2047 के प्रारूप का प्रकाशन कर दिया गया है। नए मास्टर प्लान में शहर के विकास के साथ पर्यावरण, रोजगार, यातायात और नागरिक सुविधाओं पर खास जोर दिया गया है। अब प्रशासन इस ड्राफ्ट पर जनता से दावे-आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करेगा। मास्टर प्लान का ड्राफ्ट चार प्रमुख आधारों पर तैयार किया गया है। इनमें प्राकृतिक पर्यावरण का संरक्षण, आधुनिक और नागरिक हितैषी विकास, शहर में जरूरी बदलावों को बढ़ावा देना और रोजगार व आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाना शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि लंबे अंतराल के बाद भोपाल विकास योजना-2047 का प्रारूप प्रकाशित किया गया है। इसमें भोजताल, वन क्षेत्रों और बाघ भ्रमण क्षेत्र के संरक्षण के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, आसान आवाजाही और आर्थिक विकास के अवसर देने का प्रयास किया गया है।

    51 किलोमीटर का होगा ग्रोथ कॉरिडोर
    मास्टर प्लान में करीब 3000 हेक्टेयर जमीन ग्रोथ कॉरिडोर के लिए प्रस्तावित की गई है। इसके साथ ही 51 किलोमीटर लंबे ग्रोथ कॉरिडोर की परिकल्पना की गई है। यह कॉरिडोर ईकेएआई सिटी, एयरपोर्ट, प्रस्तावित सीएमयू, लॉजिस्टिक और थोक व्यापार क्षेत्र सहित विभिन्न उपनगरों को जोड़ेगा। ग्रोथ कॉरिडोर में होटल, स्वास्थ्य सेवाएं, आईटी, एआई और डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक, थोक व्यापार, हाइपर मार्केट, मॉल, मल्टीप्लेक्स, कॉरपोरेट ऑफिस, एजुकेशन हब और आवास जैसी गतिविधियां विकसित की जा सकेंगी। यहां मिश्रित उपयोग और ज्यादा घनत्व वाले विकास का प्रस्ताव है। इस कॉरिडोर में लोक परिवहन के लिए बीआरटीएस कॉरिडोर का प्रस्ताव है, जिसे भविष्य में एमआरटीएस में बदला जा सकेगा। विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम और इंदौर मार्गों को भी ग्रोथ कॉरिडोर से जोड़ने की योजना है।

    एक ही इलाके में मकान और दुकान
    मास्टर प्लान में मिश्रित भूमि उपयोग का प्रस्ताव रखा गया है। यानी सड़क की चौड़ाई के आधार पर कुछ क्षेत्रों में आवासीय उपयोग के साथ दुकान और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति होगी। इसका उद्देश्य लोगों के घर और काम की जगह के बीच दूरी कम करना और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है। चौड़ी सड़कों पर स्थित जमीनों के लिए एफएआर और भवन की ऊंचाई को लेकर अधिक छूट देने का प्रस्ताव है। विकास के नियमों को भी आसान बनाने की बात कही गई है।

    हरित क्षेत्र 16 से बढ़कर 27 प्रतिशत
    भोपाल मास्टर प्लान-2005 में हरित क्षेत्र करीब 16 प्रतिशत था। नए भोपाल विकास योजना-2047 में इसे बढ़ाकर करीब 27 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। भानपुर खंती के पुनर्विकास के लिए यहां गोल्फ कोर्स प्रस्तावित किया गया है। कॉलोनी स्तर पर खुले क्षेत्र को भी 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। योजना में भोजताल और उसके जलग्रहण क्षेत्र, पहाड़ियों, जंगल, तालाबों, जलाशयों और बाघ भ्रमण क्षेत्रों को संरक्षित रखने पर जोर दिया गया है।

    डिजिटल ट्विन सिटी से होगी निगरानी
    शहर के विकास और निर्माण गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी के लिए डिजिटल ट्विन सिटी की व्यवस्था का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य अवैध निर्माण, यातायात और दूसरी शहरी समस्याओं पर समय रहते कार्रवाई करना है। सुरक्षा के लिए सार्वजनिक स्थानों पर लगे निजी सीसीटीवी कैमरों की नेटवर्किंग, सार्वजनिक भवनों की बाउंड्री वॉल को पारदर्शी रखने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था जैसे प्रावधान भी किए गए हैं।

    पार्किंग की समस्या दूर करने पर जोर
    मास्टर प्लान में मल्टीलेवल और मैकेनाइज्ड पार्किंग को बढ़ावा देने का प्रस्ताव है। सामुदायिक खुले क्षेत्रों के नीचे, आरओबी और फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग की व्यवस्था भी की जा सकेगी। बेसमेंट पार्किंग के लिए जमीन के संयुक्त उपयोग की अनुमति देने का भी प्रस्ताव है।

    भौंरी में बनेगी एजुकेशन हब
    भौंरी क्षेत्र में एजुकेशन नॉलेज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ईकेएआई) सिटी विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य शिक्षा और एआई से जुड़े संस्थानों को बढ़ावा देना है।

    अनाथ आश्रम, मूक-बधिर विद्यालय, छात्रावास, दिव्यांग विशेष विद्यालय, वृद्धाश्रम और रैन बसेरा जैसी चैरिटेबल गतिविधियों को भी कई तरह के भूमि उपयोग क्षेत्रों में अनुमति देने का प्रस्ताव है।

    45 लाख आबादी के हिसाब से तैयार योजना
    भोपाल विकास योजना-2047 को 1016.90 वर्ग किलोमीटर के निवेश क्षेत्र के लिए तैयार किया गया है। इसमें 254 गांव शामिल हैं और इसे करीब 45 लाख की अनुमानित आबादी को ध्यान में रखकर बनाया गया है। योजना में विकास योग्य प्रस्तावित क्षेत्रफल 61,017.02 हेक्टेयर रखा गया है। अब इस प्रारूप पर प्रशासन जनता से दावे, आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करेगा। इसके बाद प्राप्त सुझावों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

    तीन हजार हेक्टेयर का ग्रोथ कॉरिडोर
    मास्टर प्लान ड्राफ्ट में मेट्रो के तहत भोपाल विकास योजना-2047 के प्रस्ताव में करीब तीन हजार हेक्टेयर का ग्रोथ कॉरिडोर प्रस्तावित है. इसमें निवेश के लिए माहौल बनाने के लिए 51 किलोमीटर लंबे ग्रोथ कॉरिडोर की परिकल्पना की गई है. यह ग्रोथ कॉरिडोर एजुकेशन, नॉलेज, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सिटी, एयरपोर्ट, प्रस्तावित सीएमयू, लॉजिस्टिक भंडारण एवं थोक परिक्षेत्र के साथ-साथ विभिन्न उपनगरों को भी जोड़ता है। .

    रेडियल मार्ग से ग्रोथ कॉरिडोर से जुड़ेंगे ये रोड
    ग्रोथ कॉरिडोर में नगर के बाहर विभिन्न दिशाओं से आने वाले क्षेत्रीय मार्ग जैसे विदिशा मार्ग, रायसेन मार्ग, नर्मदापुरम मार्ग एवं इन्दौर मार्ग को ग्रोथ कॉरीडोर के जरिए शहर से जोड़ा जाएगा. इसमें मेट्रेपोलिटन क्षेत्र के विभिन्न भागों से बेहतर संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया गया है. ग्रोथ कॉरिडोर एवं इसके रेडियल मार्गों का विकास नगर विकास स्कीम के माध्यम से भोपाल विकास प्राधिकरण करेगा. निवेश क्षेत्र की बाहरी सीमा पर स्थित नवीन प्रस्तावित बायपास मार्ग को ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित है. ये मार्ग के दोनों ओर 50-50 मीटर भूमि हरित क्षेत्र के रूप में प्रस्तावित की गई है। 

    मास्टर प्लान में मिक्स लैंड यूज भी प्रस्तावित
    भोपाल मास्टर प्लान ड्राफ्ट में मिक्स लैंड यूज के प्रस्ताव राज्य की टीओडी नीति के अनुरूप आवासीय उपयोग के तहत मार्ग की चौड़ाई के आधार पर मिक्स लैण्ड यूज प्रस्तावित किए गए हैं. जिससे कि वर्क स्पेस और रेजिडेंशियल एरिया में कॉर्डिनेशन हो सके. असीमित एफएआर एवं भवन ऊंचाई नगरीय क्षेत्र की भूमि का अनुकूलतम उपयोग सुनिश्चित करने तथा निवेश मित्र वातावरण तैयार करने के उ‌द्देश्य से मार्ग की चौड़ाई के आधार पर एफएआर का निर्धारण किया गया है। 

    अधिक चौड़े मार्गों पर स्थित भूमियों को एफएआर एवं भवन की ऊंचाई की सीमा से मुक्त रखा गया है. यानि भोपाल में भी अब गगनचुंबी इमारतें होंगी. मास्टर प्लान ड्राफ्ट में भूतल कवरेज को हटाया गया है, जिससे नागरिकों एवं विकासकर्ताओं को लाभ होगा एवं डिजाइन विकल्प उपलब्ध होंगे। 

    शहर की हरियाली बढ़ाने प्लान में ये किए गए उपाय
    भोपाल मास्टर प्लान 2005 में ग्रीन एरिया 16 प्रतिशत था, जिसको बढ़ाकर भोपाल विकास योजना-2047 में लगभग 27 प्रतिशत किया गया है. जो यूआरडीपीएफआई गाइडलाइन के मानकों से कहीं अधिक है. भानपुर खंती के पुर्नविकास के लिए इस पर गोल्फ कोर्स प्रस्तावित किया गया है. इसके अतिरिक्त कॉलोनी स्तर पर भी खुला क्षेत्र 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किया गया है. इससे हरित क्षेत्र में अतिरिक्त वृद्धि होगी. इसके अलावा सर्विस एरिया हेतु भी 2 प्रतिशत का क्षेत्रफल रखा जाना आवश्यक होगा। 

    भोपाल मास्टर प्लान के महत्वपूर्ण पाइंट

        शहर में साथ-साथ हो सकते हैं मकान-दुकान, मिक्स लैंड यूज का प्रस्ताव
        भोपाल के ग्रीन एरिया को 16 फीसदी से बढ़ाकर 27% करने का प्रस्ताव
        2047 तक 3000 हेक्टेयर का ग्रोथ कॉरिडोर प्रस्तावित
        पहली बार FAR और ऊंचाई की सीमा मुक्त भवन का प्रावधान, होंगी गगनचुंबी इमारतें.
        भोपाल मास्टर प्लान के ड्राफ्ट में एजुकेशन हब और गोल्फ कोर्स भी
        रेडियल मार्ग से ग्रोथ कॉरिडोर से जुड़ेंगे विदिशा-रायसेन-इंदौर रोड
        निवेश क्षेत्र की बाहरी सीमा पर स्थित नवीन प्रस्तावित बायपास ग्रीन फील्ड कॉरिडोर 

     

  • 10 सेकंड की रील से बनती-बिगड़ती है छवि’, अखिलेश यादव ने सपा प्रवक्ताओं को दी बड़ी नसीहत

    10 सेकंड की रील से बनती-बिगड़ती है छवि’, अखिलेश यादव ने सपा प्रवक्ताओं को दी बड़ी नसीहत

    लखनऊ 

    समाजवादी पार्टी के प्रवक्ताओं की शनिवार को बैठक करीब दो घंटे तक चली. इस बैठक में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ-साथ राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव राय और राजकुमार भाटी भी मौजूद रहे. बैठक के दौरान अखिलेश यादव ने प्रवक्ताओं को कई अहम नसीहतें दीं। 

    जानकारी के मुताबिक, अखिलेश यादव ने कहा कि बिना तैयारी के डिबेट में जाना हास्यास्पद हो जाता है. धर्म और जाति के मुद्दों, जिनसे किसी की भावना आहत हो उनसे बचना है. अखिलेश ने कहा कि बिना तैयारी के नहीं बोलना है। 

    साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हर मुद्दे पर बोलने से ज्यादा महत्वपूर्ण चुप रहना होता है, क्योंकि कई बार चुप रहकर भी बड़ा संदेश दिया जा सकता है। 

    10 सेकंड की रील से पार्टी की छवि बनती-बिगड़ती: अखिलेश यादव
    अखिलेश यादव ने कहा कि आज सोशल मीडिया का दौर है. आपकी कही हुई बात तेजी से वायरल होती है. 10 सेकंड की रील से पार्टी की छवि बनती और बिगड़ती है। 

    आपकी कही हुई बात तेजी से वायरल होती है. 10 सेकंड की रील से पार्टी की छवि बनती और बिगड़ती है. अखिलेश ने कहा है कि बिना तैयारी के डिबेट में न जाएं. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ताओं की शनिवार को बैठक करीब दो घंटे तक चली. इस बैठक में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ-साथ राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव राय और राजकुमार भाटी भी मौजूद रहे। 

    बैठक के दौरान अखिलेश यादव ने प्रवक्ताओं को कई अहम नसीहतें दीं. ने कहा कि बिना तैयारी के डिबेट में जाना हास्यास्पद हो जाता है. धर्म और जाति के मुद्दों, जिनसे किसी की भावना आहत हो उनसे बचना है. अखिलेश ने कहा कि बिना तैयारी के नहीं बोलना है। 

    साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हर मुद्दे पर बोलने से ज्यादा महत्वपूर्ण चुप रहना होता है, क्योंकि कई बार चुप रहकर भी बड़ा संदेश दिया जा सकता है. रायबरेली से अखिलेश यादव ने शुरू की रथ यात्रा, कांग्रेस और सपा में ठनी! अखिलेश की 'रथयात्रा' पर भड़की कांग्रेस, अजय राय ने दी ये चुनौतीअखिलेश यादव ने कहा कि आज सोशल मीडिया का दौर है। 

    आपकी कही हुई बात तेजी से वायरल होती है. 10 सेकंड की रील से पार्टी की छवि बनती और बिगड़ती है. यादव ने कहा कि पार्टी प्रवक्ता गंभीरता से पार्टी का पक्ष रखें. हर मुद्दे पर जानकारी इकट्ठा करने के बाद ही बयान दें या डिबेट में शामिल हों. इस बीच सपा प्रमुख ने कुछ दिन पहले रायबरेली में कहा था कि हर तरफ पीडीए की हवा चल रही है और यह चुनाव बीजेपी बनाम पीडीए है। 

    इस बार 'वोट का बुलडोजर' चलेगा. बता दें, अखिलेश यादव ने रायबरेली से अपनी 'पीडीए रथयात्रा' की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि हम सकारात्मक राजनीति कर रहे हैं, जबकि BJP नकारात्मक राजनीति करती है. अखिलेश यादव ने कहा कि पूरा उत्तर प्रदेश देख रहा है कि पीडीए के आंदोलन से बुलडोजर चलाने वाले बचने वाले नहीं हैं। 

    यादव ने कहा कि पार्टी प्रवक्ता गंभीरता से पार्टी का पक्ष रखें. हर मुद्दे पर जानकारी इकट्ठा करने के बाद ही बयान दें या डिबेट में शामिल हों। 

    इस बीच सपा प्रमुख ने कुछ दिन पहले रायबरेली में कहा था कि हर तरफ पीडीए की हवा चल रही है और यह चुनाव बीजेपी बनाम पीडीए है. इस बार 'वोट का बुलडोजर' चलेगा. बता दें, अखिलेश यादव ने रायबरेली से अपनी 'पीडीए रथयात्रा' की शुरुआत की। 

    उन्होंने कहा कि हम सकारात्मक राजनीति कर रहे हैं, जबकि BJP नकारात्मक राजनीति करती है. अखिलेश यादव ने कहा कि पूरा उत्तर प्रदेश देख रहा है कि पीडीए के आंदोलन से बुलडोजर चलाने वाले बचने वाले नहीं हैं. इस बार 'वोट का बुलडोजर' चलेगा और हमेशा के लिए डिमॉलिश कर देगा। 

  • UP Election Survey 2027: ताजा सर्वे में BJP को बढ़त, SP गठबंधन को भी मिल रहा मजबूत समर्थन; जानें सीटों का अनुमान

    UP Election Survey 2027: ताजा सर्वे में BJP को बढ़त, SP गठबंधन को भी मिल रहा मजबूत समर्थन; जानें सीटों का अनुमान

    लखनऊ 

    यूपी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस समेत सभी दलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पिछले नौ सालों से प्रदेश में भाजपा की सरकार है और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एक चुनावी सर्वे सामने आया है, जिसमें भाजपा की बंपर जीत का अनुमान जताया गया है। इसमें भाजपा गठबंधन 267 सीटों के साथ प्रदेश में फिर से सरकार बना सकता है, जबकि सपा गठबंधन को 132 सीटें मिलने की संभावना है। बसपा को दो और अन्य के खाते में दो सीटें जा सकती हैं।

    न्यूज लीडर और मैटराइज के सर्वे के अनुसार, उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर यह सर्वे किया गया है। इसमें भाजपा गठबंधन को 267 सीटें दी गईं। इसमें से भाजपा को ही अकेले दम पर 246 सीटें मिलती दिख रहीं, जबकि उसके सहयोगी अपना दल (S) को नौ, आरएलडी को तीन, निषाद पार्टी को चार और सुभासपा को एक सीट दी गई है। सर्वे में बताया गया है कि अगर आज चुनाव होते हैं तो भाजपा गठबंधन की सरकार बनेगी।

    वहीं, समाजवादी पार्टी गठबंधन को राज्य में महज 132 सीटें मिलती दिखाई गई हैं। अगर यह सर्वे सच होता है तो सपा के लिए बड़ा झटका होगा, क्योंकि उसे लगातार तीसरी बार सत्ता से बाहर रहना पड़ेगा। इससे पहले सपा 2012-17 तक यूपी में सत्ता में थी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे। इस बार सपा ही अकेले 125 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि उसकी सहयोगी कांग्रेस को सात सीटें मिल सकती हैं। सपा और कांग्रेस में पिछले कई दिनों से बयानबाजी भी तेज है। कांग्रेस की ओर से सांसद इमरान मसूद तीखी बयानबाजी कर रहे हैं, जबकि अब सपा सांसद इकरा हसन भी पलटवार कर रही हैं।

    भाजपा और सपा गठबंधन को कितने फीसदी वोट शेयर का अनुमान
    सर्वे के अनुसार, भाजपा को राज्य में 44 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है, जबकि सपा गठबंधन को 38 फीसदी वोट मिल सकता है। इस तरह दोनों के बीच छह फीसदी का अंतर रहने की संभावना है, जोकि काफी बड़ा अंतर है। वहीं, बसपा को 0.8 फीसदी और अन्य को दस फीसदी वोट शेयर मिलने का अनुमान है।

    पिछले दो चुनावों के आंकड़े
    यूपी चुनाव 2022 में भाजपा ने 403 में से 255 सीटों पर जीत दर्ज की थी और उसका वोट शेयर करीब 41.3 फीसदी रहा था। समाजवादी पार्टी (SP) को 111 सीटें मिलीं और उसका वोट शेयर करीब 32.1 फीसदी था। वहीं बहुजन समाज पार्टी (BSP) सिर्फ एक सीट जीत सकी, जबकि उसका वोट शेयर करीब 12.9 फीसदी रहा। कांग्रेस को 2 सीटें मिलीं। बीजेपी के सहयोगियों अपना दल (एस) को 12 और निषाद पार्टी को 6 सीटें मिलीं। इससे पहले 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 312 सीटों पर जीत हासिल की थी और उसका वोट शेयर करीब 39.7 फीसदी था। समाजवादी पार्टी को 47 सीटें, बसपा को 19 सीटें और कांग्रेस को 7 सीटें मिली थीं। यानी 2017 से 2022 के बीच बीजेपी की सीटें 57 कम हुईं, लेकिन उसका वोट शेयर बढ़ा। इसके उलट SP की सीटों में 64 का इजाफा हुआ और उसका वोट शेयर भी करीब 10 प्रतिशत अंक बढ़ा, जबकि बसपा और कांग्रेस दोनों के सीटों तथा वोट शेयर में गिरावट आई।

  • योगी सरकार के डिजिटल हेल्थ विजन को मिलेगी नई रफ्तार, 25 पदों पर होगी भर्ती

    योगी सरकार के डिजिटल हेल्थ विजन को मिलेगी नई रफ्तार, 25 पदों पर होगी भर्ती

    लखनऊ
     योगी सरकार ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़ने और डिजिटल हेल्थ व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, उत्तर प्रदेश (एबीडीएम यूपी) के प्रभावी क्रियान्वयन, तकनीकी सुदृढ़ीकरण, प्रशासनिक समन्वय और मंडल स्तर पर कार्यक्रमों की गति बढ़ाने के लिए विभिन्न पदों पर संविदा के आधार पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके तहत कुल 25 रिक्त पदों पर पात्र अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इससे प्रदेश में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।

    इन पदों पर होगी भर्ती
    चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव रितु माहेश्वरी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल और डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर लगातार जोर दे रहे हैं। ऐसे में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को प्रमुख योजनाओं में शामिल किया गया है। इसे विस्तार देने के लिए संविदा के आधार पर कुल 25 रिक्त पदों पर पात्र अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इसमें वित्त सलाहकार का एक, शिकायत निवारण विशेषज्ञ का एक, प्रशासनिक कार्यकारी के तीन, परियोजना प्रबंधक-समन्वय का एक, आईओआईसी विशेषज्ञ का एक, ईएमआर/पीएचआर विशेषज्ञ का एक, क्षमता निर्माण अधिकारी का एक, मंडलीय समन्वयक के नौ, समन्वय कार्यकारी के चार, संयुक्त निदेशक-आईटी का एक और आईटी कार्यकारी के दो पद शामिल हैं। इस प्रकार तकनीकी, प्रशासनिक और मंडलीय स्तर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग श्रेणियों में मानव संसाधन जोड़ा जाएगा।

    16 अक्टूबर रात 12 बजे तक कर सकेंगे आवेदन
    सचिव ने बताया कि भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 25 सितंबर को सुबह 11 बजे से शुरू हो गयी है। अभ्यर्थियों के पास आवेदन करने के लिए 16 अक्टूबर की रात 12 बजे तक का समय रहेगा। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। किसी भी पद के लिए ऑफलाइन, हार्ड कॉपी अथवा ई-मेल के माध्यम से आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। अभ्यर्थियों को निर्धारित ऑनलाइन माध्यम से ही आवेदन करना होगा। भर्ती से संबंधित विस्तृत विज्ञापन और आवश्यक जानकारी एबीडीएम यूपी की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। बता दें कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय और सुरक्षित डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम तैयार करना है।

  • दिल्ली में गैंगरेप के बाद सुरक्षा बढ़ी, सभी 15 जिलों में अर्धसैनिक बलों की तैनाती

    दिल्ली में गैंगरेप के बाद सुरक्षा बढ़ी, सभी 15 जिलों में अर्धसैनिक बलों की तैनाती

    नई दिल्ली
     आस्था कुंज पार्क में 17 साल की लड़की से गैंगरेप की घटना के बाद दिल्ली के पार्को, बड़े बाजारों, सुनसान जगहों, स्कूल और कॉलेज के पास जिला पुलिस के साथ-साथ कई अर्धसैनिक बलों की कंपनियों को भी लगाया गया है।

    सभी जिलों में तैनात की गईं दो दो कंपनियां
    दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी दिल्ली के सभी 15 जिलों में सुरक्षा के लिए अर्ध सैनिक बलों की दो-दो कंपनियों की तैनाती की गई है। इसमें CRPF , CISF BSF और असम राइफल्स जैसे अर्धसैनिक बलों की कंपनियां शामिल है।

    सबसे ज्यादा तैनाती इस क्षेत्र में
    तैनात जवान दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर लगातार, पार्क, स्कूल और कॉलेज के आसापास, बस स्टैंड, मेट्रो स्टेशन और बाजार समेत उन जगहों पर खास तौर पर तैनात किए गए हैं, जहां महिलाओं और छात्राओं की आवाजाही अधिक है।

    एक कंपनी में होते हैं 50 से 60 जवान
    पुलिस अधिकारी के मुताबिक अर्धसैनिक बलों की एक कंपनी में 50 से 60 जवान रहते हैं। पूरी दिल्ली में जरूरत के हिसाब से करीब 30 कंपनियों की तैनाती दिल्ली पुलिस के साथ की गई है। कंपनियों के जवान दिल्ली पुलिस के साथ पैदल गश्त और बाइक से गश्त कर रहे हैं।

    मामले में क्या बोले डीसीपी सचिन शर्मा
    डीसीपी नई दिल्ली सचिन शर्मा ने बताया कि नई दिल्ली जिले में दो टुकड़ियों के अलावा पहले से भी बीएसएफ के जवान अलग-अलग जगहों पर तैनात रहते हैं। ये जवान नेहरू पार्क, लोधी गार्डन, कनॉट प्लेस सेंट्रल पार्क और बुद्धा जयंती गार्डन समेत नई दिल्ली के सभी बड़े पार्को, स्कूल व कॉलेज, बस स्टैंड, मेट्रो स्टेशन के अलावा कनॉट प्लेस के इनर और आउटर सर्कल, जनपथ, कनॉट प्लेस मार्केट, तुगलक रोड, इंडिया गेट, नई दिल्ली के सभी बड़े पार्कों और जंतर मंतर पर तैनात रहते है। बीएसएफ के जवान सभी थानों के स्टाफ के साथ पट्रोलिंग करते हैं।

  • रामप्रसाद विश्वकर्मा की मैकेनिकल वोटिंग मशीन को भोपाल विज्ञान मेले में द्वितीय पुरस्कार

    रामप्रसाद विश्वकर्मा की मैकेनिकल वोटिंग मशीन को भोपाल विज्ञान मेले में द्वितीय पुरस्कार

    विज्ञान भारती, मध्यभारत प्रांत के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री शिवकुमार जी द्वारा किया गया सम्मान
    भोपाल

    भोपाल में आयोजित 13वें भोपाल विज्ञान मेले–2026 में राजगढ़ जिले के पचोर निवासी 76 वर्षीय श्री रामप्रसाद विश्वकर्मा द्वारा विकसित Pure Mechanical Voting Machine (MVM) को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 

    समापन समारोह में विज्ञान भारती, मध्यभारत प्रांत के राष्ट्रीय संगठन मंत्री माननीय श्री शिवकुमार जी द्वारा श्री रामप्रसाद विश्वकर्मा को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। समापन समारोह में मध्यप्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री श्री राकेश सिंह भी उपस्थित रहे।

    श्री रामप्रसाद विश्वकर्मा ने लगभग 14 वर्षों के प्रयास, प्रयोग और तकनीकी कार्य के बाद Mechanical Voting Machine का प्रोटोटाइप विकसित किया। इस आविष्कार के लिए उन्हें वर्ष 2024 में पेटेंट प्राप्त हुआ है। भोपाल विज्ञान मेले में MVM का लाइव प्रदर्शन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, इनोवेटर्स एवं आम नागरिकों ने मशीन की कार्यप्रणाली को देखा और समझा।

    MVM एक Mechanical Voting System की अवधारणा पर आधारित है, जिसमें मतदान की मुख्य प्रक्रिया यांत्रिक प्रणाली द्वारा संचालित होती है। वर्तमान प्रोटोटाइप में मतदान के बाद परिणाम प्रदर्शित करने की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया। इस परियोजना में उनके पुत्र श्री कमलेश विश्वकर्मा, सह-आविष्कारक, ने पेटेंट प्रक्रिया, दस्तावेजीकरण एवं तकनीकी प्रस्तुति में सहयोग किया।

    श्री रामप्रसाद विश्वकर्मा ने इस उपलब्धि पर विज्ञान भारती, MPCST (मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद), भोपाल विज्ञान मेला आयोजन समिति तथा सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। 

    उन्होंने कहा कि “यह पुरस्कार हमारे लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि आगे और बेहतर तकनीकी विकास एवं परीक्षण के लिए प्रेरणा है।” “उम्र नवाचार की सीमा नहीं है। 

  • 100 से अधिक विद्यार्थियों ने निभाई विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की भूमिका, वैश्विक व्यापार से लेकर एआई तक पर हुआ मंथन

    100 से अधिक विद्यार्थियों ने निभाई विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की भूमिका, वैश्विक व्यापार से लेकर एआई तक पर हुआ मंथन

    ग्रेटर नोएडा
    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में शनिवार को दुनिया की कमान जेन अल्फा के हाथों में नजर आई। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित ‘विकसित भारत मॉडल यूनाइटेड नेशंस (MUN)’ में कक्षा 9 से 12 तक के 14 विद्यालयों के 100 से अधिक विद्यार्थियों ने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की भूमिका निभाते हुए वैश्विक व्यापार, विश्व अर्थव्यवस्था, तकनीक और बदलती वैश्विक आपूर्ति शृंखला से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।

    यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए महज एक शैक्षणिक गतिविधि नहीं, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, वैश्विक व्यापार और नीति निर्माण की जटिलताओं को समझने का व्यावहारिक मंच भी बना। विद्यार्थियों ने संबंधित देशों की व्यापार नीतियों और वैश्विक मुद्दों पर उनके दृष्टिकोण को समझते हुए अपनी बात प्रभावी ढंग से रखी और अंतरराष्ट्रीय मंच पर संवाद, तर्क-वितर्क एवं सहमति निर्माण की प्रक्रिया का अनुभव प्राप्त किया।

    ‘विकसित भारत 2047’ बना संवाद का केंद्र
    मॉडल यूनाइटेड नेशंस का मुख्य विषय ‘विकसित भारत 2047’ रहा। आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को यह समझाना था कि वैश्विक अर्थव्यवस्था किस तरह काम करती है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े निर्णय किस प्रकार देशों की अर्थव्यवस्था, उद्योग और आपूर्ति शृंखला को प्रभावित करते हैं।

    विद्यार्थियों ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) के सदस्य देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए वैश्विक व्यापार व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। तकनीक और वैश्वीकरण के बढ़ते प्रभाव के बीच सप्लाई चेन मैनेजमेंट, ट्रेड फैसिलिटेशन एग्रीमेंट, डिजिटल ट्रेड पर मोरेटोरियम, रूल्स ऑफ ओरिजिन, ऑटोमेशन एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ई-कॉमर्स जैसे महत्वपूर्ण विषय चर्चा के केंद्र में रहे।

    दुनिया की अर्थव्यवस्था को समझा, देशों का पक्ष रखा
    एमयूएन की विशेषता यह रही कि विद्यार्थियों को केवल किसी देश का प्रतिनिधि बनकर अपनी बात रखने तक सीमित नहीं रखा गया। उन्हें संबंधित देश की आर्थिक परिस्थितियों, व्यापार नीति और वैश्विक मुद्दों पर उसके रुख को समझने के बाद अपनी स्थिति प्रस्तुत करनी थी। इससे विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर किसी मुद्दे पर निर्णय केवल एक देश के हित से नहीं, बल्कि अनेक देशों के हितों, आर्थिक परिस्थितियों और वैश्विक समीकरणों को ध्यान में रखकर प्रभावित होता है। तर्क, संवाद और कूटनीतिक तरीके से अपनी बात रखने की इस प्रक्रिया ने विद्यार्थियों में पब्लिक स्पीकिंग, रिसर्च, क्रिटिकल थिंकिंग, नेगोशिएशन और निर्णय लेने की क्षमता को भी बढ़ावा दिया।

    ट्रेड शो बना कक्षा से वैश्विक मंच तक का सेतु
    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में आयोजित इस पहल ने विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों से आगे निकलकर वैश्विक व्यापार की वास्तविक दुनिया को समझने का अवसर दिया। विद्यार्थियों ने जाना कि किसी उत्पाद के निर्माण से लेकर उसके दुनिया के अलग-अलग बाजारों तक पहुंचने में वैश्विक सप्लाई चेन, तकनीक, व्यापार समझौते और नीतियां किस प्रकार भूमिका निभाती हैं।

    इसके साथ ही विद्यार्थियों ने ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से लगाए गए विभिन्न पवेलियन का भी भ्रमण किया। यहां उन्होंने प्रदेश के उद्योग, निवेश, निर्यात, तकनीक, हस्तशिल्प, संस्कृति और विरासत से जुड़े विभिन्न पहलुओं को करीब से देखा। इससे उन्हें उत्तर प्रदेश की आर्थिक क्षमता के साथ-साथ देश और प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को समझने का अवसर भी मिला।

    उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मान
    कार्यक्रम के दौरान विभिन्न देशों का प्रभावी प्रतिनिधित्व करने और चर्चा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विद्यार्थियों को ‘बेस्ट डेलीगेट’, ‘हाई कमेंडेशन’ और ‘स्पेशल मेंशन’ जैसे पुरस्कार प्रदान किए गए। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए।

    14 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
    कार्यक्रम में रायन इंटरनेशनल स्कूल, एस्टर पब्लिक स्कूल, स्पर्श इंटरनेशनल स्कूल, जेएम इंटरनेशनल स्कूल, खेतान स्कूल, भारत राम ग्लोबल स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, नारायणा स्कूल, असीसी कॉन्वेंट स्कूल, एमसी गोपीचंद इंटर कॉलेज, जागरण पब्लिक स्कूल और समरविल स्कूल समेत विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।

    नई पीढ़ी को वैश्विक दृष्टि देने की पहल
    आयोजन के माध्यम से ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना को नई पीढ़ी के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया। वैश्विक व्यापार, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ई-कॉमर्स और आपूर्ति शृंखला जैसे विषयों पर संवाद ने विद्यार्थियों को भविष्य की अर्थव्यवस्था की बदलती तस्वीर से परिचित कराया।

    ट्रेड शो में आयोजित यह मॉडल यूनाइटेड नेशंस इस मायने में भी महत्वपूर्ण रहा कि विद्यार्थियों को पहली बार बड़े अंतरराष्ट्रीय व्यापार आयोजन के बीच बैठकर उन विषयों पर विचार रखने का अवसर मिला, जो आने वाले वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    स्वागत उद्बोधन से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
    कार्यक्रम की शुरुआत जिला विद्यालय निरीक्षक, गौतम बुद्ध नगर चंद्रशेखर के स्वागत उद्बोधन से हुई। इस अवसर पर रायन इंटरनेशनल स्कूल, ग्रेटर नोएडा की प्रधानाचार्या सुधा सिंह ने उनका सम्मान किया। कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने पूरे आयोजन को संवाद, विचार और सीखने के जीवंत मंच में बदल दिया।

  • CG हाईकोर्ट ने 3 डॉक्टरों को ठहराया दोषी

    CG हाईकोर्ट ने 3 डॉक्टरों को ठहराया दोषी

    बिलासपुर.

    कोरबा जिले के दीपका स्थित लाइफ केयर हॉस्पिटल में अवैध गर्भपात और भ्रूण मिलने के 15 साल पुराने मामले में हाईकोर्ट ने निचली अदालत के निर्णय को आंशिक रूप से पलट दिया है, और हाईकोर्ट ने तीन चिकित्सकों को मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट के तहत दोषी करार दिया है.

    हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में कहा है कि आरोपी डाक्टर यह साबित करने में नाकाम रहे कि अस्पताल में मिले 16 से 32 सप्ताह का भ्रूण किसी वैध चिकित्सीय जरूरत के तहत सद्भावना पूर्ण तरीके से रखे गए थे.

    SDM के छापे में मिले थे भ्रूण
    दरअसल, कोरबा के सीएमएचओ और कठघोरा के एसडीएम ने 7 अगस्त, 2011 को दीपका स्थित लाइफ केयर हॉस्पिटल में छापा मारा था. कार्रवाई के दौरान अलग अलग बोतलों में 16 से 32 सप्ताह के भ्रूण मिले थे और कुछ एक्सपायर्ड दवाएं व गर्भपात में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए गए थे.

    हाईकोर्ट ने पलटा निचली अदालत का फैसला
    मामले में सुनवाई के बाद कटघोरा अपर सत्र न्यायाधीश ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद रविदास, डॉ. मिथिलेश प्रसाद और रेणू श्रीवास्तव को बरी कर दिया था. राज्य शासन ने निचली अदालत के इस निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसपर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने तीनों चिकित्सकों के पक्ष में निचली अदालत के फैसले में आंशिक बदलाव करते हुए उन्हें दोषी करार दिया है.

  • पूर्वांचल के पारंपरिक स्वाद से रूबरू हो रहे ट्रेड शो के आगंतुक, मास्टर शेफ क्लास में सीख रहे ठेकुआ बनाने की विधि

    पूर्वांचल के पारंपरिक स्वाद से रूबरू हो रहे ट्रेड शो के आगंतुक, मास्टर शेफ क्लास में सीख रहे ठेकुआ बनाने की विधि

    ग्रेटर नोएडा
    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में शनिवार को प्रदेश की समृद्ध खान-पान परंपरा और स्थानीय व्यंजनों का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में बनाए गए ओडीओसी (वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूजीन) पवेलियन में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय खाद्य उत्पादों को खास अंदाज में प्रस्तुत किया जा रहा है। पवेलियन में बड़ी संख्या में पहुंच रहे लोग न सिर्फ यूपी के अलग-अलग क्षेत्रों के स्वाद का आनंद ले रहे हैं, बल्कि इनके पीछे छिपी परंपरा और स्थानीय उत्पादों की जानकारी भी हासिल कर रहे हैं।

    इसी क्रम में ओडीओसी पवेलियन में आयोजित मास्टर शेफ क्लास इस समय आगंतुकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। क्लास में पूर्वांचल के पारंपरिक व्यंजन ठेकुआ को तैयार करने की विधि प्रत्यक्ष रूप से समझाई जा रही है। खास बात यह है कि ठेकुआ बनाने में मिर्जापुर के गुड़ का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके जरिए आगंतुकों को मिर्जापुर के गुड़ की विशेषताओं और उससे तैयार होने वाले विभिन्न उत्पादों से भी परिचित कराया जा रहा है।

    मास्टर शेफ क्लास में सीख रहे ठेकुआ बनाने की विधि
    मास्टर शेफ क्लास में ठेकुआ बनाने की पूरी प्रक्रिया को आगंतुकों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है। विशेषज्ञ उन्हें सामग्री के चयन से लेकर मिश्रण तैयार करने और ठेकुआ को अंतिम रूप देने तक की बारीकियां समझा रहे हैं। इसके साथ ही पूर्वांचल से जुड़े अन्य स्थानीय खाद्य उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों की भी जानकारी दी जा रही है। आगंतुक विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान कर रहे हैं और यूपी के पारंपरिक स्वाद को करीब से समझ रहे हैं। यह पहल भोजन को केवल स्वाद तक सीमित रखने के बजाय उसके साथ जुड़ी स्थानीय संस्कृति, परंपरा और अर्थव्यवस्था को भी लोगों के सामने रखने का प्रयास है।

    प्रसिद्ध शेफ हरपाल सिंह सोखी भी होंगे मौजूद
    ओडीओसी की मास्टर शेफ क्लास में प्रसिद्ध शेफ हरपाल सिंह सोखी भी रविवार को मौजूद रहेंगे। उनकी मौजूदगी में आगंतुकों को उत्तर प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय खाद्य उत्पादों को आधुनिक पाक कला के साथ जोड़ने की बारीकियां समझने का अवसर मिलेगा। आगंतुक उनसे संवाद कर सकेंगे और यूपी की विविध खान-पान परंपरा से जुड़े सवाल भी पूछ सकेंगे।

    ‘खाऊ गली’ में बढ़ी भीड़, कई उत्पादों की मांग तेज
    ओडीओसी पवेलियन में बनी ‘खाऊ गली’ भी ट्रेड शो में आने वाले लोगों के बीच खास आकर्षण बनी हुई है। यहां प्रदेश के अलग-अलग अंचलों के पारंपरिक व्यंजनों और खाद्य उत्पादों का स्वाद लेने के लिए लगातार भीड़ उमड़ रही है। दिन ढलने के साथ कई स्टॉलों पर उत्पादों की मांग इतनी बढ़ी कि कुछ उत्पादों की उपलब्धता कम पड़ने लगी। आगंतुक यूपी के पारंपरिक स्वाद को पसंद करने के साथ-साथ संबंधित जिलों और वहां के स्थानीय उत्पादों के बारे में भी जानकारी ले रहे हैं।

    योगी सरकार की पहल से 75 जिलों का खान-पान एक मंच पर
    उत्तर प्रदेश सरकार की पहल से तैयार ओडीओसी पवेलियन में प्रदेश के सभी 75 जिलों की खान-पान विरासत को एक मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है। अलग-अलग क्षेत्रों के व्यंजनों और खाद्य परंपराओं को उनके भौगोलिक एवं सांस्कृतिक संदर्भ के साथ प्रदर्शित किया गया है। ब्रज की मिठास से लेकर अवध के जायके, बुंदेलखंड की विशिष्टता, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पारंपरिक स्वाद और पूर्वांचल के व्यंजनों तक ओडीओसी पवेलियन उत्तर प्रदेश की ‘एक प्रदेश, अनेक स्वाद’ वाली पहचान को सामने ला रहा है।

    स्थानीय स्वाद को वैश्विक मंच देने की पहल
    योगी सरकार की ओर से प्रदेश की खान-पान विरासत को संरक्षित करने और उसे व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में ओडीओसी को महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय खाद्य उत्पादों की प्रस्तुति से इन्हें देश-विदेश से आए आगंतुकों तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है।

  • PM मोदी से मिले CM योगी, PM आवास पर लंबी बैठक; इन अहम मुद्दों पर हुई चर्चा

    PM मोदी से मिले CM योगी, PM आवास पर लंबी बैठक; इन अहम मुद्दों पर हुई चर्चा

    नई दिल्ली/ लखनऊ 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। जानकारी के मुताबिक लंबी बैठक में यूपी चुनाव की रणनीति के साथ-साथ राज्यसभा चुनाव और एमएलसी चुनाव पर चर्चा हुई। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मोदी और योगी की ये बैठक काफी अहम मानी जा रही है। क्योंकि यूपी चुनाव से पहले अक्तूबर में यूपी की 10 राज्यसभा सीटों पर 16 अक्तूबर को वोटिंग होगी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि – आपका मार्गदर्शन 'नए उत्तर प्रदेश' के निर्माण हेतु मुझे सदैव नई ऊर्जा देता है। अमूल्य समय प्रदान करने के लिए हार्दिक आभार प्रधानमंत्री जी। आपको बता दें बीजेपी से अरूण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल, बीएल वर्मा, सीमा द्विवेदी और हरदीप सिंह पुरी का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो रहा है। वहीं डॉ. दिनेश शर्मा अंडमान- निकोबार के उपराज्यपाल बनाए जाने के बाद पहले ही राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं।

    16 अक्टूबर को राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग
    चुनाव आयोग द्वारा जारी प्रेस नोट के मुताबिक राज्यसभा चुनावों के लिए आगामी 29 सितंबर को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। इसके बाद 6 अक्टूबर को नामांकन जमा करने की आखिरी तारीख होगी। उम्मीदवार 9 सितंबर तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। चुनाव 16 अक्टूबर, शुक्रवार को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक संपन्न कराया जाएगा। 16 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी। राज्यसभा की 10 सीटों में 8 भाजपा, एक सपा और एक बसपा के पास हैं। अभी तक किसी भी पार्टी ने उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।

    राजनीतिक जानकारों की मानें तो प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बीच होने वाली हर मुलाकात का अपना महत्व होता है, खासकर तब जब राज्य में चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हों. ऐसे में यह बैठक भी आने वाले समय में पार्टी की दिशा और रणनीति को समझने के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है. फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगे इस मुलाकात से जुड़ी कोई और जानकारी सामने आती है या नहीं। 

    यूपी की 11 एमएलसी सीटों पर चुनाव
    इसके अलावा आयोग ने चार राज्यों की 28 विधान परिषद (MLC) सीटों पर भी चुनाव की घोषणा की है। इनमें उत्तर प्रदेश की 11 सीटें, बिहार की 8 सीटें, महाराष्ट्र की 5 सीटें और कर्नाटक की 4 सीटें शामिल हैं। सभी 28 सीटों पर 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। वहीं 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। चुनाव आयोग ने संबंधित क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से आचार संहिता लागू कर दी है। एमएलसी की 11 सीटों में 8 भाजपा और 3 सपा के पास हैं। भाजपा ने 5 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं।

    शाह से मिले थे केशव प्रसाद मौर्य
    आपको बता दें इससे पहले शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने मुलाकात की थी। जिसमें यूपी चुनाव और पार्टी के संगठन को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई थी। बैठक के बाद केशव मौर्य ने कहा कि 2027 में तीसरी बार फिर से कमल खिलने जा रहा है। विपक्ष के 70 साल के शासन पर मोदी के 12 साल भारी पड़े।