नई दिल्ली।

देश में व्यापार सुधार कार्ययोजना-2020 को लागू करने के मामले में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की रैंकिंग में आंध्र प्रदेश, गुजरात और तेलंगाना सबसे सफल प्रदेशों की श्रेणी के अंतर्गत शीर्ष सात में शामिल हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण ने बृहस्पतिवार को इस बारे में रिपोर्ट जारी की। सफल प्रदेशों की श्रेणी के बाकी राज्यों में हरियाणा, पंजाब, तमिलनाडु और कर्नाटक शामिल रहे।

रिपोर्ट लॉन्च करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 1991 के बाद से सुधारों की प्रकृति बदल गई है और अब जो सुधार हो रहे हैं उनका असर देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि 1991 के सुधार लागू करने के लिए दिए गए थे, लेकिन अब कोई अनिवार्यता नहीं है। अब जो लक्ष्य है वे यह हैं कि प्रणाली बेहतर कैसे होती है, जिससे हमारी जिंदगी में सुधार आए।

उत्तर प्रदेश सफल राज्यों में शामिल
सरकार की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओड़िशा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश अन्य राज्य हैं, जिन्हें रैंकिंग में लक्ष्य हासिल करने को लेकर सफल राज्यों के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इस कवायद का उद्देश्य कारोबार सुधार कार्रवाई योजना यानि बीआरएपी, 2020 के तहत राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का आकलन करके उनके बीच व्यावसायिक माहौल को बेहतर बनाने की प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है जिससे कि वे घरेलू और वैश्विक निवेशकों को आकर्षित कर सकें।

उभरते परिवेश में बिहार-दिल्ली का स्थान
रिपोर्ट के अनुसार, उभरते कारोबारी परिवेश की श्रेणी में दिल्ली, पुडुचेरी और त्रिपुरा सहित 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को रखा गया है। इस श्रेणी में अन्य राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, बिहार, चंडीगढ़, दमन एवं दीव, दादरा एवं नगर हवेली, जम्मू-कश्मीर, मणिपुर, मेघालय, नगालैंड और त्रिपुरा हैं। आकांक्षी श्रेणी में असम, केरल और गोवा सहित सात राज्य शामिल हैं। इस श्रेणी में शामिल अन्य राज्य हैं छत्तीसगढ़, झारखंड, केरल, राजस्थान और पश्चिम बंगाल।

इस पैमैनों पर हुई रैंकिंग
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने इस बार रैंकिंग की प्रणाली में बदलाव किया है। इसे सबसे सफल, सफल, आकांक्षी और उभरते कारोबारी परिवेश की श्रेणियों में बांटा गया है। उद्योग संवर्द्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग यानि डीपीआईआईटी सचिव अनुराग जैन ने कहा कि विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के बीच अंतर इतना कम था कि उन्हें रैंक में बांटने का कोई अर्थ नहीं था इसलिए उन्हें विभिन्न श्रेणियों में डाला गया। बीआरएपी-2020 में 301 सुधार बिंदु शामिल हैं, जिसके तहत 15 कारोबार नियामकीय क्षेत्र आते हैं। इनमें सूचना तक पहुंच, एकल खिड़की प्रणाली, श्रम, पर्यावरण और अन्य सुधार जैसे कदम शामिल हैं।