पुणे
पुणे के पोर्श क्रैश को लेकर बवाल अभी शांत नहीं हुआ है कि शहर में हिट ऐंड रन का एक और मामला सामने आया है। एक ट्रक की चपेट में आ जाने से मोटरसाइकिल सवार दो इंजीनियरिंग छात्रों की मौत हो गई। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना सोमवार रात करीब 10.30 बजे हुई थी। मोटरसाइकिल को टक्कर मारने के बाद ट्रक चालक ने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही दूरी पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

यह घटना पुणे-अहमदनगर रोड पर चंदन नगर इलाके में उस दौरान हुई जब एक इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ने वाले तीन छात्र पुणे रेलवे स्टेशन की ओर जा रहे थे। उनमें से दो को महाराष्ट्र में अपने गृहनगर लातूर जाना था। विमलताल पुलिस थाने के निरीक्षक आनंद खोबरे ने बताया, ''जब छात्र रास्ते में थे तो ट्रक ने उनकी मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।''

अधिकारी ने कहा, ''इस घटना के बाद ट्रक चालक नहीं रुका और उसने भागने की कोशिश की, लेकिन करीब 300 मीटर की दूरी पर पुलिस और स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया।'' पुलिस ने बताया कि ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया गया और उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है।

पुणे के कल्याणी नगर में 19 मई को 17 वर्षीय पोर्श कार चालक ने कथित तौर पर एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे दो आईटी प्रोफेशनल्स की मौत हो गई थी। पुणे जिले में ही सोमवार को एक शख्स को हिरासत में लिया गया है जो कि एक अन्य व्यक्ति को कार से टक्कर देकर मारने की कोशिश कर रहा था। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना देर रात करीब एक बजे पिंपरी इलाके में हुई जब आरोपी को पता चला कि पीड़ित उसकी प्रेमिका से बात कर रहा है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान सुशील काले के तौर पर की गयी है। उन्होंने बताया कि उसे पता चला था कि पिंपरी के एक इलाके में पीड़ित उसकी प्रेमिका से बात कर रहा था।

पिंपरी चिंचवड पुलिस थाने के अधिकारी ने कहा, ‘इसके बाद आरोपी वहां गया और पीड़ित को अपनी कार से कथित तौर पर टक्कर मारी जिससे वह घायल हो गया। पीड़ित को एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत खतरे से बाहर बतायी जा रही है।’ पुलिस ने बताया कि आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।