इंदौर
 43 दिनी अमरनाथ यात्रा पर इस बार यात्री इंदौरी पोहे के साथ जलेबी का स्वाद नहीं ले पाएंगे। इसका कारण अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने यात्रियों की सेहत का ध्यान रखते हुए खाद्य पदार्थों की सूची जारी की है। इसमें यात्रा मार्ग में लगने वाले लंगर और फूड स्टाल पर फास्ट फूड और तले पदार्थों के साथ धूमपान पर सख्त रोक रहेगी। इसके चलते नाश्ते में पोहे के साथ परोसी जाने वाली जलेबी मैन्यू से बाहर हो गई है। अमरनाथ यात्रा की शुरुआत 30 जून से होगी।

यात्रा पर शहर से डेढ़ दर्जन से ज्यादा जत्थों सहित सात हजार से ज्यादा इंदौरवासी जाएंगे। यात्रियों के लिए भी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। इंदौरी पोहा-जलेबी के स्वाद से रूबरू कराने के लिए हर वर्ष मनकामेश्वर कांटाफोड़ मंदिर ट्रस्ट हलवाई और कारीगर भेज रहा है। इस बार भी 15 सदस्यीय दल ओम नम: शिवाय सेवा मंडल जालंधर द्वारा बालटाल मार्ग पर लगाए जाने वाले लंगर में सेवा देगा। यहां इंदौर के सभी यात्रियों को निश्शुल्क आवास के लिए टेंट भी उपलब्ध रहेगा। ट्रस्ट के बीके गोयल ने बताया कि लंगर सामग्री की एक खेप भेजी जा चुकी है। दूसरी खेप 20-21 जून को भेजी जाएगी। ट्रस्ट का दल बालटाल में लगने वाले लंगर में सेवा देगा। इस बार 60 हजार लोगों के लिए भोजन सामग्री भेजी जा रही है। इसमें मसाले, दाल, चावल, शकर, आटा, घी, तेल आदि शामिल हैं।

चार से छह किलोमीटर रोज चल रहे पैदल – ओम जटाशंकर पारमार्थिक सेवा समिति के अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा ने बताया कि हमारा 783 सदस्यीय दल 10 जुलाई को रवाना होगा। इस बार सात हजार से अधिक लोग यात्रा पर जाएंगे। डेढ़ दर्जन छोटे-बड़े जत्थों के अतिरिक्त लोग परिवार के साथ समूह में जाएंगे। शारीरिक रूप से मुश्किल यात्रा के लिए जत्थों के सदस्यों को प्रतिदिन चार से छह किलोमीटर पैदल चलने के साथ दवाइयों का पर्चा साथ रखने के लिए कहा गया है। सामान में टार्च और रस्सी रखने की हिदायत भी दी गई है।