नई दिल्ली

जब ऋषभ पंत ने भारतीय टीम में कदम रखा था तो उन्हें महेंद्र सिंह धोनी के उत्तराधिकारी के रूप में देखा गया था। 2017 में भारत के लिए डेब्यू करने वाले पंत शुरुआत में विकेट कीपिंग में थोड़ा कच्चे थे, मगर उन्होंने अपनी बल्लेबाजी के दम पर जल्द ही तीनों फॉर्मेट में अपनी धाक जमा ली। लेकिन पिछले कुछ समय से उनका बल्ला उस अंदाज में नहीं गरजा है जिसके लिए वह जाने जाते हैं, साथ ही उनकी परफॉर्मेंस में भी निरंतरता की कमी आई है। क्रिकेट पंडित कई बार ये राय दे चुके हैं कि भारतीय टीम को पंत के विकल्प के बारे में भी सोचना चाहिए और अब ऐसा लगने लगा है कि टीम इंडिया इन मुद्दे पर गहनता से विचार करने लगी है।

लिमिटेड ओवर में तो भारत के पास ऋषभ पंत के विकल्प के रूप में केएल राहुल और ईशान किशन मौजूद हैं। अब तो दिनेश कार्तिक ने भी टी20 टीम में अपनी जगह बना ली है। मगर टेस्ट क्रिकेट में उनका रिप्लेसमेंट कौन हो सकता है यह सबसे बड़ा सवाल है। धोनी के रिटायरमेंट के समय ऋद्धिमान साहा एकमात्र विकल्प थे मगर जल्द ही उन्हें दरकिनार कर दिया गया। मगर अब टीम इंडिया केएस भरत के रूप में एक नया विकेट कीपर बल्लेबाज तैयार कर रही है जो टेस्ट टीम में पंत की जगह ले सकता है। लीसेस्टरशायर के खिलाफ जारी प्रैक्टिस मैच में टीम इंडिया ने पंत को विपक्षी टीम के खेमे में भेजकर भरत को भी खेलने का मौका दिया। यह महज एक प्रैक्टिस मैच ही है मगर भरत ने इसे एक रेगुलर मैच की तरह ही लिया।

पहले दिन जहां सभी भारतीय बल्लेबाज जूझते हुए दिखाई दे रहे थे वहां केएस भरत ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया। पहली पारी में अभी तक कोई भी बल्लेबाज 40 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाया है, मगर उसी पिच पर भरत नाबाद 70 रन बनाकर खेल रहे हैं। पहले दिन भारत ने 8 विकेट के नुकसान पर कुल 246 रन बनाए। भरत की इस पारी से माना जा रहा है कि पंत के लिए टेस्ट टीम में भी खतरे की घंटी बजने लगी है। अब पंत परफॉर्मेंस के दम पर ही अपनी जगह को बचाए रख सकते हैं। ऋषभ पंत के टेस्ट करियर की बात करें तो उन्होंने 30 मैच में 40.85 के शानदार औसत के साथ 1920 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके नाम गाबा में खेली गई ऐतिहासिक पारी भी दर्ज है, मगर अब पंत को परिपक्वता दिखाते हुए अपने खेल में निरंतरता लाने की जरूरत है।