श्रीनगर
 

जम्मू-कश्मीर में आतंकरोधी अभियानों के तहत लगाता आतंकियों की धर-पकड़ और एनकाउंटर हो रहे हैं। हाल में ऐसा कोई बड़ा आतंकी हमला तो नहीं हुआ है लेकिन एके सीरीज के हथियारों की बरामदगी और यूनियन टेरटरी में विदेशी आतंकियों की घुसपैठ ने चिंता बढ़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक पिछले डेढ़ साल में कई आतंकी संगठन स्थानीय नागरिकों, पर्यटकों, सुरक्षाबलों पर हमला करवाने केलिए छोटे हथियार भेज रहे हैं और स्थानीय युवाओं का ही इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी को देखते हुए सुरक्षाबलों ने बड़ा अभियान शुरू किया और बड़ी संख्या में एके सीरीज के हथियार बरामद किए।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान की तरफ से एक सीरीज के हथियारों की तस्करी बढ़ी है। सेना के अधिकारियों का कहना है कि ऐसे आधुनिक और छोटे आकार के हथियार अब जम्मू-कश्मीर तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि पंजाब और हरियाणा तक ये पहुंचाए जा रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक विदेशी आतंकियों के मारे जाने और एके सीरीज के हथियारों की बरामदगी बताती है कि पाकिस्तान से न केवल हथियार बल्कि आतंकी भी भेजे जा रहे हैं।

पहले देखा गया कि 2020 और 2021 में आतंकी संगठनों के पास हथियारों की कमी थी। ऐसे में वे नए आतंकियों को ज्यादा आधुनिक हथियार देने से बचते थे। केवल कमांडर ही ऐसे हथियारों का इस्तेमाल किया करते थे। लेकिन अब फिर से स्थिति बदल रही है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक 2022 में 118 आतंकी मारे गए हैं जिसमें से 32 विदेशी थे।

पिछले साल के आंकड़ों से तुलना करें तो इस साल 15 गुना ज्यादा विदेशी आतंकी मारे गए। सीआरपीएफ का कहना है कि अब भी 82 विदेशी आतंकी सक्रिय हैं जिनकी तलाश जारी है। दूसरी तरफ बीएसएफ का कहना हैकि बॉर्डर पर एके सीरीज के 9 हथियार सीज किए गए हैं। पिछले साल भी इतने ही हथियार जब्त हुए थे। बीएसएफ का कहना है कि केवल जम्मू-कश्मीर ही नहीं बल्कि अन्य सीमावर्ती राज्यों में भी ऐसे सोफिस्टिकेटेड हथियार भेजे जा रहे हैं।