भागलपुर
 
सेना भर्ती की अग्निपथ योजना के विरोध में उपद्रवियों द्वारा रेल को भारी नुकसान पहुंचाया गया। इसे देखते हुए देश भर में बड़ी संख्या में ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। कई गाड़ियों को डायवर्ट भी किया गया। हालात को देखते हुए भारतीय रेल द्वारा लिए गए फैसले से यात्रियों को बहुत परेशानी हुई। लेकिन बिहार के भागलपुर में यात्रियों के आगे रेलवे को झुकना पड़ा। उनके जिद के कारण शनिवार को रेलवे अपना फैसला बदलने पर विवश हो गया।

दरअसल कामख्या से आयी ब्रह्मपुत्र मेल को भागलपुर से लौटा देने का फैसला किया गया था। ट्रेन भागलपुर आयी, मगर वापस कामख्या जाने की बजाय दिल्ली के लिए रवाना हो गयी। यात्रियों के अड़ जाने के बाद रेलवे के उच्चाधिकारियों के सकारात्मक फैसले से यह संभव हो सका। भागलपुर के स्टेशन अधीक्षक राजीव शंकर ने बताया कि हाई लेवल मीटिंग के बाद ट्रेन को वापस करने की बजाय दिल्ली रवाना करने का निर्देश मिला।

बताया जाता है कि कामख्या से दिल्ली के लिए चली ब्रह्मपुत्र मेल को भागलपुर में टर्मिनेट करने का फैसला पूर्व रेलवे ने शनिवार सुबह ही ले लिया था। इसकी आधिकारिक घोषणा भी कर दी गयी। तय था कि ट्रेन भागलपुर से वापस कामख्या जाएगी। दोपहर 1.55 बजे जब यह ट्रेन भागलपुर पहुंची तो यात्रियों ने ट्रेन से उतरने से इनकार कर दिया। पूछताछ केन्द्र से लगातार अनाउंसमेंट कराया जा रहा था कि यह ट्रेन यहीं तक रहेगी। सभी यात्री उतर जाएं, लेकिन कोई यात्री ट्रेन छोड़ने को तैयार नहीं हुआ। इस बीच इंजन भी आगे से खोलकर पीछे लगा दिया गया ताकि ट्रेन साहेबगंज की ओर जा सके।