पठानकोट
शुक्रवार को एक तरफ जहां जालंधर-अमृतसर रेल सेक्शन पर सवा दो साल बाद पैसेंजर ट्रेनें शुरू हो गईं तो दूसरी तरफ हिमाचल के लिए मंडल ने छह ट्रेनों (अप-डाउन) को बंद कर दिया है। बताया गया है कि फिरोजपुर रेल मंडल ने मौसम को देखते हुए जोगिंद्र नगर रेल सेक्शन पर आगामी आदेशों तक रात्रिकालीन सेवा को बंद कर दिया है। नैरोगेज रेल सेवा बाधित होने का शहर के कारोबार पर भी आने वाले दिनों में असर दिखाई देगा। उधर, अमृतसर-जालंधर रेल सेवा बहाल होने के बाद जहां यात्रियों को बस के महंगे किराए से राहत मिली, वहीं, जसूर, कांगड़ा, पालपमुर आदि क्षेत्रों में जाने वालों को अब बसों में तीन गुणा अधिक किराया खर्च करना पड़ेगा। कोविड के चलते मार्च 2020 से पठानकोट-जालंधर रेल सेक्शन की 16 पैसेंजर ट्रेनें (अप-डाउन) बंद पड़ी थीं। दो महीने पहले मंडल ने इनमें से आठ ट्रेनों को शुरू कर यात्रियों को राहत प्रदान की थी। शेष आठ को शुक्रवार से शुरू कर दिया है।

पहले ट्रेन सुबह 4.40 बजे रवाना
शुक्रवार को अमृतसर से सुबह 4:40 बजे पहली ट्रेन शुरू की गई। ट्रेन 40 यात्रियों को लेकर पठानकोट पहुंची। पठानकोट से यही ट्रेन 8:05 बजे अमृतसर के लिए 75 यात्रियों को लेकर रवाना हुई। इसके बाद जालंधर से पठानकोट के लिए पहली डीएमयू अपने निर्धारित समय सुबह 11:45 बजे पठानकोट पहुंची। इसके बाद बाकी ट्रेनें भी अपने समय पर चलीं। जबकि, हिमाचल प्रदेश को जाने वाली 14 (अप-डाउन) में से छह ट्रेनों को बंद कर दिया गया है।

जालंधर-अमृतसर जाने वाले यात्रियों ने जताया आभार
पठानकोट से गुरदासपुर जाने वाले प्रबोध चंद्र, साहिल शर्मा, विक्की लाला, निखिल आदि ने बताया कि बस की तुलना यहां ट्रेन का सफर आरामदायक और सुविधाओं भरा है। वहीं, किराए में भी दोगुणा से ज्यादा का अंतर है। अमृतसर के लिए जहां उन्हें ट्रेन में अब बढ़े हुए किराए के बावजूद भी मात्र 55 रुपये देने पड़ेंगे। वहीं, बस का किराया 130 रुपये है। इसी प्रकार जालंधर के लिए अब 60 रुपये किराया है। जबकि बस में 180 रुपये लगते हैं। बस की तुलना ट्रेन भी उतने समय में ही जालंधर और अमृतसर पहुंचाती है।