इंदौर
 इंदौर में बीजेपी के पुष्यमित्र भार्गव की जीत पर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रचंड जीत के बाद हम इंदौर की जनता के प्रति कृतज्ञ है और बहुत विनम्र भाव से हम पर जो विश्वास व्यक्त किया गया है उस विश्वास के अनुरूप खरे उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि विकास की श्रृंखला जो साल 2000 से शुरू हुई है उस श्रृंखला को तेजी से आगे बढ़ाएंगे। ये प्रसन्नता की बात है कि प्रदेश में डबल इंजिन की सरकार है और पीएम मोदी की सरकार आने के बाद ऑर्गनाइजेशन ने बहुत तेजी से विकास किया है। उन्होंने कहा कि हम नई – नई योजना लाएंगे और वर्तमान में जो छोटी-छोटी समस्या दिख रही है उसे प्राथमिकता से हमारे महापौर निपटाएंगे।

विजयवर्गीय ने कहा कि नए महापौर से वो कहेंगे कि सबसे पहले हमारे पास पानी पर्याप्त हो और उसका वितरण हो। वही शहर में 45 प्रतिशत लोगो के पास पानी पहुंचे इसकी व्यवस्था होम वही उन्होंने कहा कि आने वाले दशक के लिए ट्रेफिक के विस्तार के लिए काम किया जाए। वही मेट्रो के दूसरे चरण को जल्दी लाने की बात कहते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि मेट्रो घनत्व कम होइस पर फोकस किया जाएगा। वही विजयवर्गीय ने कहा कि मीडिया के साथियों को मैंने बता दिया था कि जीत का अंतर डेढ़ लाख के करीब रहेगा। जनता हमे प्यार दे रही है और ये हमारे प्रति उत्साह है इसलिए मैंने कहा था कि हम जीतेंगे।

उन्होंने कहा कि मैं पहले दिन से मानकर चल रहा था कि हम बहुत अच्छे वोट से जीतेंगे। वही उन्होंने कहा कि ये जीत बहुत बड़ी होती यदि मतदाता सूची करेक्ट होती। वही चुनाव आयोग की लापरवाही बताते हुए उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में इस बार मतदाताओं को अपने मत का अधिकार नही मिला और हम लोगो ने भी बारिकी से अध्ययन नही किया नही तो हमारी जीत और बड़ी होती। विजयवर्गीय ने कहा कि पुष्यमित्र भार्गव उम्मीद से अच्छा काम करेंगे, मैं उन्हें बचपन से जानता हूं और शहर को एक अच्छा महापौर मिला है। वही उन्होंने कहा कि इंदौर का अहित नही होना चाहिये1 क्योंकि मैं इंदौर को बहुत प्यार करता हूँ। इधर, नवागत महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर की जनता जनार्दन है और बीजेपी के कार्यकर्ताओं की मेहनत से हमने पंच लगा दिया है और हमसे जनता को जो अपेक्षाएं है उसे पूरा करने की हम कोशिश करेंगे।

 जीत के शिल्पकार बने कैलाश विजयवर्गीय

 इंदौर में महापौर पद पर भाजपा के पुष्यमित्र भार्गव ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है। अंतिम परिणामों के मुताबिक भार्गव 1,33,000 वोटों से विजयी हुए हैं। शुरुआत में कांटे की टक्कर मानी जा रही इस सीट को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की कड़ी मेहनत ने आसान विजय में बदल दिया।

नगरीय निकाय चुनावों की घोषणा के काफी पहले ही इस बात का ऐलान हो चुका था कि कांग्रेस की ओर से महापौर पद के प्रत्याशी संजय शुक्ला होंगे। कोरोना काल की गई अपनी अथक मेहनत,सेवा और लोगों के साथ लगातार संवाद स्थापित करने वाले संजय शुक्ला बेहद लोकप्रिय विधायक हैं और यह माना जा रहा था कि संजय शुक्ला के रूप में यदि कोई इंदौर में भाजपा की ओर से टक्कर दे सकता है तो वह सिर्फ रमेश मेंदोला है। लेकिन जब पार्टी की ओर से यह गाइडलाइन आ गई कि किसी भी जीते हुए विधायक को पार्टी में पद का प्रत्याशी नहीं बनाएगी तब मेंदोला के चुनाव लड़ने की संभावनाएं खत्म हो गई थी। अचानक पुष्यमित्र भार्गव के रूप में भाजपा प्रत्याशी की घोषणा हुई तो राजनीतिक हलकों में मानो तूफान सा आ गया। राजनीति के प्रकांड पंडित यह मानने लगे थे कि अब संजय शुक्ला आसान विजय की ओर अग्रसर है। लेकिन पुष्यमित्र भार्गव को टिकट मिलने के साथ ही उनके राजनीतिक रथ को सारथी के रूप में कैलाश विजयवर्गीय ने संभाला और रमेश मेंदोला सहित अपनी पूरी टीम को सक्रिय कर दिया। राजनीति के जानकार बताते हैं कि कैलाश विजयवर्गीय ने अपने या बेटे के चुनाव में इतनी मेहनत कभी नहीं की जितनी इस चुनाव में की। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से लोगों से बातचीत की, संवाद स्थापित किया और उनके मन में यह विश्वास जताया कि पुष्यमित्र भार्गव के रूप में कैलाश विजयवर्गीय और रमेश मेंदोला ही चुनाव लड़ रहे हैं। परिणाम सबके सामने है। रविवार को सुबह जब मतगणना शुरू हुई तब से लेकर आखिरी तक पुष्यमित्र भार्गव लीड बनाए रहे और अंत में ऐतिहासिक विजय हासिल करने में सफल हुए।