भोपाल

भोपाल ‘शहर सरकार’ बनने के बाद अब भाजपा और कांग्रेस की नजर ‘गांव सरकार’ पर टिक गई है। दोनों दल के नेता अब हर हाल में जिला पंचायत से लेकर बैरसिया और फंदा में अपना परचम लहराने के लिए जुटे हुए हैं। इधर, कांग्रेस भी पिछले बार हुए घटनाक्रम से सबक लेते हुए इस बार फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। यही कारण है कि सदस्यों की पल-पल की रिपोर्ट अपडेट हो रही है। यही नहीं खरीद-फरोख्त से बचाने के लिए इन्हें दूसरे जिलों और राज्यों में धार्मिक यात्राएं कराई जा रही हैं। इधर, राजधानी से मामला जुड़ा होने के कारण बड़े नेताओं की भी खुलकर इसमें रुचि दिख रही है। दोनों ही दलों ने ग्रामीण नेताओं को इसकी कमान सौंपी है। जिला व जनपद पंचायतों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बनाने के लिए 28 और 29 जुलाई को मतदान कराया जाएगा।

जिपं में कांग्रेस के तीन दावेदार
कुल 10 सदस्यों में से 6 सदस्यों का सहयोग मिलने वाला प्रत्याशी ही भोपाल जिला पंचायत अध्यक्ष बनेगा। जिला पंचायत में कांग्रेस मजबूती के साथ सामने आई है। इसके सात सदस्य जीत कर आए हैं। हालांकि अध्यक्ष पद के लिए तीन दावेदारों के सामने आने के बाद कांग्रेस में ही फूट पड़ती नजर आ रही है।   

बैरिसया जनपद: भाजपा की जीत तय -बैरसिया जनपद पंचायत में 25 सदस्य हैं। यहां भाजपा 18 सदस्यों के साथ होने का दावा कर रही है। 13 सदस्यों को तो चुनाव तक जिले के बाहर ही भेज दिया गया है। कांग्रेस भी 12 सदस्य होने का दावा कर रही है।

फंदा जनपद : कांग्रेस और भाजपा में टक्कर
जनपद पंचायत फंदा में अध्यक्ष पद को लेकर दोनों ही दल भाजपा और कांग्रेस में कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। कारण है कि यहां कांग्रेस नेताओं ने खरीद-फरोख्त को देखते हुए रणनीति तैयार की है। भाजपा ने 10 सदस्यों को तो कांग्रेस ने 8 सदस्यों को जिले से बाहर भेजा हुआ है। इसमें कुछ सदस्य ऐसे हैं जो भोपाल में ही हैं, लेकिन फोन बंद किए हुए हैं।

 बैरसिया नगर पालिका : भाजपा के 9 और कांग्रेस के 4
बैरसिया नगर पालिका में भाजपा बहुमत के करीब है। वहीं कांग्रेस के पास मात्र चार सदस्य हैं। निर्दलीय पार्षदों पर नजर है।भाजपा का अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा है।