अलूर
मध्य प्रदेश की टीम रणजी ट्रॉफी 2021-22 के फाइनल में पहुंच गई है. कर्नाटक के अलूर में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में मध्य प्रदेश ने बंगाल को 174 रनों से शिकस्त दी. एमपी ने 1998-99 सीजन के बाद पहली बार फाइनल के लिए क्वालिफाई किया. उस सीजन चंद्रकांत पंडित की अगुवाई में मध्य प्रदेश उपविजेता रही थी. चंद्रकांत पंडित फिलहाल मध्य प्रदेश के हेड कोच हैं. फाइनल मुकाबले में मध्य प्रदेश का सामना मुंबई से होगा. मुंबई ने उत्तर प्रदेश के खिलाफ पहली पारी में मिली बढ़त के आधार पर फाइनल में जगह बनाई है.

बंगाल को चाहिए थे 350 रन

बंगाल को जीत के लिए चौथी पारी में 350 रनों की जरूरत थी. लेकिन बंगाल की पूरी टीम खेल के पांचवें दिन 175 रनों पर सिमट गई. बंगाल के लिए कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन के अलावा कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिक कर नहीं खेल पाया. ईश्वरन ने 78 रनों की पारी खेली, जिसमें सात चौके शामिल थे. मध्य प्रदेश की ओर से कुमार कार्तिकेय ने सबसे ज्यादा पांच विकेट चटकाए. वहीं गौरव यादव को तीन, जबकि सारांश जैन को दो विकेट मिला.

एमपी को मिली थी 68 रनों की बढ़त

टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए मध्य प्रदेश ने पहली पारी में 341 रन बनाए थे. विकेटकीपर हिमांशु मंत्री ने 165 और अक्षत रघुवंशी ने 63 रनों की पारी खेली थी. जवाब में बंगाल ने अपनी पहली पारी मे 273 रन बनाए थे, जिसके चलते पारी के आधार पर मध्य प्रदेश को 68 रनों की अहम बढ़त हासिल हुई. बंगाल के लिए पहली पारी में शाहबाज अहमद ने 116 और मनोज तिवारी ने 102 रनों का योगदान दिया.

दूसरी पारी में एमपी ने बनाए थे 281 रन

इसके बाद मध्य प्रदेश ने अपनी दूसरी पारी में 281 रन बनाए. इसके चलते बंगाल को 350 रनों का टारगेट मिला था. मध्य प्रदेश के लिए कप्तान आदित्य श्रीवास्तव ने 82 और रजत पाटीदार ने 79 रनों की पारी खेली. बंगाल के लिए दूसरी पारी में शाहबाज अहमद ने पांच और प्रदीप्त प्रमाणिक ने चार सफलताएं प्राप्त कीं.