भोपाल
वन्यप्राणियों का शिकार और लकड़ी चोरी करने वाले शिकारी व चोर अब बारिश का फायदा उठाकर इसकाम को अंजाम नहीं दे पाएंगे। उन पर विभाग का हवाई पहरा रहेगा। दरअसल, प्रदेश में मानसून सीजन में शिकारियों की घुसपैठ की आशंका सबसे अधिक रहती है जिसे देखते हुए वन विभाग अलर्ट हो गया है। जंगलों में शिकारियों की घुसपैठ को रोकने के लिए वन विभाग के अधिकारियों ने जंगलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। इसके साथ ही जंगलों के अंदर वन विभाग के कर्मचारियों की गश्त को बढ़ा दिया है। ताकि शिकारियों पर नजर रखी जा सके।

देखने में आता है कि अक्सर जंगलों में बरसात का मौसम शुरू होते ही शिकारी सक्रिय हो जाते हैं और वन्यजीवों का शिकार करते हैं। जिसे देखते हुए प्रदेश के सभी वन्य अभ्यारण्य और टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा में लगे वन कर्मियों को अलर्ट कर दिया है। शिकारियों की घुसपैठ को रोकने के लिए सवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन और थर्मल कैमरों से भी पार्क पर नजर रखी जा रही है। मानसून सीजन में अधिक बारिश होने पर जंगलों में पर्यटन गतिविधियां नहीं होती। साथ ही झाड़ियां भी काफी बड़ी हो जाती है, इसी का फायदा शिकारी उठाते हैं।

कैमरे से हर कोने पर नजर
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पार्क की सभी सीमाओं में गश्त को बढ़ा दिया गया है। साथ ही वनकर्मियों को ड्रोन, कैमरा ट्रैप, नाव, हाथियों आदि के साथ गश्त करने को कहा गया है। साथ ही पार्क में बाहरी लोगों की घुसपैठ को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। वहीं सभी रेंजों के रेंजरों को गश्त बढ़ाने को कहा गया है। बरसात में रास्ते खराब हो जाते हैं इसलिए वनकर्मियों का राशन तैयार कर उन्हें जंगल के अंदर बनी चौकियों में भेजा जा रहा है।