भोपाल
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कराई जा रही प्रवेश प्रक्रिया का आंकड़ा बता रहा है कि इस साल विभाग के प्रयास नाकाफी साबित हुए हैं। विद्यार्थियों ने पारंपरिक कोर्सोंे में प्रवेश लेने में रूचि नहीं दिखाई है। बीते साल विभाग के प्रयासों से प्रदेश में रिकार्ड प्रवेश हुए थे।   काउंसलिंग प्रकिया अपने अंतिम चरण में और स्थिति यह है कि यूजी में 37 फीसदी सीटें ही भर पाई हैं। वहीं, पीजी में प्रवेश के हाल यही हैं और करीब 64 फीसदी सीटें रिक्त हैं।

अब विभाग को सीबीएसई के सेकेंड ट्रम और एमपी बोर्ड के सप्लीमेंट्री रिजल्ट का इंतजार है।  यूजी-पीजी में तीन लाख 23 हजार एडमिशन हुए हैं। इसमें से यूजी की छह लाख 77 हजार सीटों में से करीब दो लाख 43 हजार प्रवेश हुए हैं। सवा चार लाख से अधिक सीटें अब भी खाली हैं। इसी तरह पीजी की दो लाख एक हजार सीटों में से करीब 80 हजार सीटों में प्रवेश हुए हैं। पीजी में लगभग एक लाख बीस हजार सीटें खाली हैं।

विभाग सीबीएसई के सेकेंड ट्रम के रिजल्ट का इंतजार कर रहा है। क्योंकि रिजल्ट आने से काफी प्रवेश की स्थिति में काफी सुधार हो सकता है। इसके अलावा अभी रुक जाना नहीं और एमपी बोर्ड की 12वीं की सप्लीमेंट्री के रिजल्ट आना शेष हैं। ऐसे में विभाग सीबीएसई, रुक जाना नहीं और सप्लीमेंट्री में लाखों विद्यार्थियों के एडमिशन लिए अतिरित राउंड पर विचार कर सकता है।

शिक्षा विभाग ने फीस भुगतान की तारीख बढ़ाई
विभाग ने कम प्रवेश देख आनन-फानन में सीएलसी तृतीय चरण में फीस भुगतान की अंतिम तिथि में बढ़ोतरी कर दी है। अब विद्यार्थी 15 जुलाई तक फीस जमा कर सकेंगे। अपग्रेडेशन से रिक्त स्थान पर गुणानुक्रम के आधार पर शेष आवेदकों को आवंटन पत्र जारी करने की तिथि 16 जुलाई और इनके फीस जमा करने की तिथि 18 जुलाई निर्धारित की गई है। सीएलसी के अंतिम राउंड में छात्रों के लिए एडमिशन लेने का यह अंतिम मौका है। इसके बाद रूटीन काउंसलिंग बंद हो जाएगी। हालांकि अभी रुक जाना नहीं और एमपी बोर्ड की 12वीं की सप्लीमेंट्री के रिजल्ट आना बाकी हैं, ऐसे में विभाग  विद्यार्थियों के हित और रिक्त सीटें भरने के लिए अतिरिक्त राउंड पर विचार कर सकता है।