हॉलिवुड स्टार जॉनी डेप और एंबर हर्ड के बीच चला मुकदमा पिछले दिनों पूरी दुनिया में सुर्खियों में रहा है। इस केस में फैसला जॉनी डेप के पक्ष में हुआ और एंबर हर्ड को मोटी रकम मानहानि के तौर पर दिए जाने का आदेश दिया गया है। कोर्ट के आदेश के बाद एंबर और उनके वकील ने पहले ही नाखुशी जाहिर की थी। अब एंबर ने कोर्ट से इस फैसले को रद्द करने की अपील की है। एंबर कहा कहना है कि केस के ट्रायल में पेश किए गए सबूतों को नजरअंदाज किया गया है।

'कुछ भी साबित नहीं कर सकी है जॉनी डेप की टीम'
एंबर हर्ड के वकीलों ने फेयरफैक्स काउंटी सर्किट कोर्ट में फैसले के खिलाफ अपील की है और फ्रेश ट्रायल की मांग की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एंबर की लीगल टीम ने दावा किया है कि केस में ऐसा कोई भी सबूत पेश नहीं किया गया जिसके आधार पर एंबर को 10 मिलियन डॉलर का हर्जाना दिए जाने का आदेश दिया गया है। रिपोर्ट में आगे यह भी कहा गया है जॉनी डेप की टीम ने कहीं भी साबित नहीं किया है कि एंबर हर्ड के आरोप झूठे थे।

फैसला देने वाली जजों की टीम पर भी उठाए सवाल
Amber Heard ने साल 2018 में द वॉशिंगटन पोस्ट में एक आर्टिकल लिखा था। इस आर्टिकल में उन्होंने बिना नाम लिए Johnny Depp पर घरेलू हिंसा के आरोप लगाए थे। इसी आर्टिकल के आधार पर जॉनी ने एंबर के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि अब एंबर की टीम ने अपनी अपील में यह दावा किया है कि इस आर्टिकल की हेडलाइन के बारे में ऐक्ट्रेस को कोई जानकारी नहीं थी। साथ ही एंबर की टीम ने यह भी कहा है कि हर्जाने के तौर पर दी जाने वाली रकम बहुत ज्यादा है। इसके अलावा एंबर की टीम ने फैसला देने वाले जजों की टीम पर भी सवाल उठाए हैं।

केवल एक साल चली जॉनी-एंबर की शादी
बता दें कि जॉनी डेप और एंबर हर्ड की मुलाकात साल 2009 में फिल्म 'द रम डायरी' के सेट्स पर हुई थी। इसके बाद दोनों ने कुछ साल एक-दूसरे को डेट करने के बाद 2015 में शादी कर ली थी। यह शादी काफी कम समय तक चली और 2016 में दोनों अलग रहने लगे। बाद में 2017 में जॉनी डेप और एंबर हर्ड का तलाक हो गया। इस तलाक के एवज में जॉनी डेप ने एंबर को 7 मिलियन डॉलर का मोटा हर्जाना दिया था।