लंबित म्यूटेशन-डिमार्केशन मामलों पर सख्ती, अतिरिक्त मुख्य सचिव ने जल्द निपटारे के दिए निर्देश

गुरुग्राम.

अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा चकबंदी विभाग की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने रविवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक की।

बैठक में पेपरलेस रजिस्ट्रेशन, म्यूटेशन, डिमार्केशन, आधार सीडिंग, किसान रजिस्ट्री और डिजिटल फसल सर्वे की प्रगति पर चर्चा की गई। डा. मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाए और नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में 53,529 टोकन में से 42,853 स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 1,364 मामले लंबित हैं। इनमें से 1,214 मामले 48 घंटे से कम अवधि के हैं। डॉ. मिश्रा ने कहा कि विभागीय स्तर पर लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। म्यूटेशन मामलों की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 2,88,105 इंतकाल दर्ज हैं, जिनमें 2,22,823 पूर्ण और 7,585 मामले लंबित हैं।

डॉ. मिश्रा ने निर्देश दिए कि इंतकाल की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो और नियमित समीक्षा की जाए। डिमार्केशन मामलों में भी तेजी लाने की आवश्यकता है। इस पर डा. मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने के लिए नियमित निगरानी रखी जाए। भू-नक्शा कार्य की प्रगति पर चर्चा करते हुए बताया गया कि 5,53,827 प्लाट में से 4,58,724 प्लाट भू-नक्शा में दर्ज किए जा चुके हैं। डिजिटल फसल सर्वे की स्थिति की समीक्षा में बताया गया कि 2,37,009 सर्वे आवंटित किए गए हैं, जिनमें से 81,482 पूर्ण और 70,931 स्वीकृति के लिए लंबित हैं।

डा. मिश्रा ने कहा कि राजस्व विभाग से जुड़ी सेवाओं का सीधा संबंध नागरिकों के अधिकारों से है, इसलिए पारदर्शिता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में बादशाहपुर के एसडीएम संजीव सिंगला, गुड़गांव के एसडीएम हितेंद्र कुमार, पटौदी के एसडीएम दिनेश लुहाच, मानेसर के एसडीएम दर्शन यादव, सोहना के एसडीएम अखिलेश यादव, जिला राजस्व अधिकारी विजय यादव सहित जिले के सभी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।

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