गुवाहाटी
 बिहार में बीजेपी के साथ गठबंधन से अलग होने वाली नीतीश कुमार (Nitish Kumar JDU) की जेडीयू को मणिपुर में तगड़ा झटका लगा है। यहां जेडीयू के 6 में से 5 विधायक बीजेपी में शामिल हो गए हैं। राज्य विधानसभा की ओर से जारी बयान के अनुसार, 9 सालों में दूसरी बार बीजेपी के साथ गठबंधन तोड़ने पर नीतीश कुमार की पार्टी के 5 विधायकों ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। कुछ हफ्ते पहले ही नीतीश कुमार ने बिहार में आरजेडी के महागठबंधन में शामिल होकर सरकार बनाई थी।

मणिपुर विधानसभा के सचिव के मेघजीत सिंह की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि अध्यक्ष ने संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत जेडीयू के 5 विधायकों के बीजेपी में विलय को स्वीकार करते हुए खुशी जताई है। चूंकि दलबदल वाले विधायकों की संख्या दो तिहाई से अधिक है इसलिए इसे मान्य करार दिया जाएगा।

बीजेपी में शामिल होने वाले विधायक
जेडीयू ने इस साल मार्च में विधानसभा चुनाव में 38 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे, जिसमें से छह ने जीत दर्ज की थी। बीजेपी में शामिल होने वाले जेडीयू विधायकों में केएच जॉयकिशन, एन सनाते, मोहम्मद अछबउद्दीन, पूर्व पुलिस महानिदेशक ए एम खाउटे और थांगजाम अरूणकुमार शामिल हैं।

खाउटे और अरूणकुमार ने विधानसभा चुनाव में बीजेपी से टिकट की मांग की थी, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिलने पर दोनों जेडीयू में शामिल हो गए थे।

अरुणाचल में भी बीजेपी की सेंधमारी
यह दूसरी बार है जब बीजेपी ने पूर्वोत्तर में दूसरी बार नीतीश कुमार की पार्टी को टारगेट किया हो। इससे पहले 2020 में अरुणाचल प्रदेश में 7 में से 6 विधायकों ने बीजेपी जॉइन की थी और पिछले हफ्ते अकेले बचे विधायक ने भी बीजेपी से हाथ मिला लिया था।

भाजपा में विलय को मिली स्वीकृति

मणिपुर विधानसभा सचिव के मेघजीत सिंह ने कहा कि स्पीकर ने संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत जदयू के 5 विधायकों के भाजपा में विलय को स्वीकार कर लिया है। मार्च में ही मणिपुर में विधानसभा चुनाव हुए थे और चुनावों के दौरान जदयू ने 38 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिसमें से उसने 6 सीटों पर जीत हासिल की थी। इन 6 विधायकों में से भी अब 5 विधायक भाजपा में शामिल हो गए हैं। अब मणिपुर में जदयू में सिर्फ 1 विधायक ही बचा है।

नीतीश के राष्ट्रीय राजनीति में जाने की चर्चा

साल 2024 में होने वाले आम चुनाव को लेकर अभी से हलचल शुरू हो गए हैं और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राष्ट्रीय राजनीति में जाने की चर्चा चल रही है, ऐसे में भाजपा लगातार जदयू में सेंध लगाने से चूक नहीं रही है। बीते 9 दिनों में जदयू को दूसरी बार झटक लगा है। मणिपुर से पहले 25 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश में भी जदयू के एकमात्र विधायक टेकी कासो ने भाजपा ज्वाइन कर ली थी। 2019 में हुए अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में जदयू ने 7 सीटें जीती थीं।