रायपुर
 एक्सिस बैंक
के 16 करोड़ 40 लाख रुपये के फर्जीवाड़ा मामले में 13 में से 12 बैंक खाताधारक अब भी फरार हैं। जानकारी के अनुसार, मुंबई के दो और हैदराबाद के तीन बैंक खातों में करोड़ों रुपये डाले गए। इनके खाताधारक पुलिस कार्रवाई की जानकारी होते ही फरार हो गए।

कुछ ने जाने से पहले ही लाखों रुपये निकाल लिए। इन्हें पकड़ने के लिए दोनों राज्यों में टीम ने डेरा डाल रखा है। पुलिस का दावा है कि पांच से छह और आरोपितों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इधर, शुक्रवार को के. श्रीनिवास राव को कोर्ट में पेशकर एक दिन के और रिमांड पर लिया गया है।

आठ आरोपितों में से पांच को न्यायिक रिमांड में जेल भेज दिया गया है। वहीं मुख्य आरोपित सत्यनारायण वर्मा उर्फ सतीश वर्मा, सांई प्रवीण रेड्डी की रिमांड अवधि शनिवार को समाप्त हो रही है। इन्हें कल कोर्ट में पेश किया जाएगा।

एक आरोपित गिरफ्तार, अन्य फरार

आरोपितों ने 13 बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए थे। इसमें से कारोबारी के. श्रीनिवास को बैंगलुरु से गिरफ्तार किया गया। इसमें से 12 आरोपित अब भी फरार हैं। खाताधारकों ने जानकारी लगते ही खाते से कुछ रकम भी निकाल ली है। पुलिस ने खातों में बचे पैसे फ्रीज करवाए हैं।

कथित डान को ढूंढ रही पुलिस

मंडी बोर्ड को भेजे गए मेल की जांच पुलिस ने अब तेज कर दी है। कथित डान के बारे में पड़ताल की जा रही है। जिस डान के नाम से मेल पहुंचा है, उसका सोशल लिंक खंगाला जा रहा है। जिसने मेल किया है उसे फर्जीवाड़े की पूरी जानकारी है। मेल भेजने के पीछे की वजह बंटवारे की रकम मानी जा रही है।

साइन और मुहर असली या नकली?

जो चेक पुलिस को मिले हैं और जिस तरह से बैंक से राशि दूसरे खातों में ट्रांसफर किया गया है, उसमें गड़बड़ी स्पष्ट दिख रही है। इसके लिए साइन और मुहर की जांच के लिए लैब का सहारा लिया जा रहा है। चेक में किए गए साइन और मुहर की रिपोर्ट कई अहम राजफाश करेंगे। वहीं आरोपितों के मोबाइल नंबर की भी जांच की जा रही है।