धार

नशा मुक्ति समाज निर्माण के लिए सतत् प्रयत्नशील संस्था देवीस्वरूपा सरस्वती विद्या समिति द्वारा सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग धार के सहयोग एवं मार्गदर्शन मेंअंतरराष्ट्रीय नशा निवारण दिवस पर विभिन्न गतिविधियों के माध्यमसे नशा निवारण का संदेश दिया।स्थानीय शासकीय कन्या हाय सेकेंडरी स्कूल घोड़ा चौपाटी में आयोजित नशा निवारण संगोष्ठी में विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सुनीता विजयवर्गीय द्वारा छात्रों से नशा मुक्त समाज निर्माण का कार्य करने का आवाह्न किया।आपने अपने उद्बोधन ने कहा कि आज बेटियां प्रत्येक क्षेत्र में निरंतर उन्नति करते हुए नई.नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रही हैंए वे नशे की बुराई को मिटाने  में भी सराहनीय योगदान दे सकती हैं।

छात्राएं बड़ी आसानी अपने परिवार जनों  मित्रों एवं रिश्तेदारों को नशा न करने के लिए प्रेरित कर सकती हैं। संस्था के निलेश जोशी ने बताया कि देवी स्वरुपासंस्था विगत कई वर्षों से नशा निवारणार्थ विशेष रुप से आदिवासी बाहुलअंचलों एवं विद्यार्थियों के मध्यकार्यरत हैं।संस्था नशे के दुष्प्रभावोंको विभिन्न माध्यमोंके द्वारा प्रसारित एवं प्रचारित कर उन्हें जागरूक करने का प्रयास कर रही है। हमसमाज के प्रत्येक क्षेत्र में नशा मुक्ति हेतु सतत् प्रयत्नशील हैं।आपने कहा किहमारा यह दृढ़ विश्वास है कि हम युवा पीढ़ी के सहयोग से नशा मुक्त समाज निर्माण के स्वप्न कोअवश्य ही साकार करेंगे विद्यालय की शिक्षिका श्रीमती मीनाक्षी खान विलकर नेकहा कि प्रतिदिन हमें नशे के कारण हो रही विभिन्न घटनाओं का वर्णन मिलता है।रोगों एवं दुर्घटनाओं आदि सभी का मूल कारण नशा ही है।

छात्राओं ने बड़े ही उत्साह से रंगो के माध्यम से नशा मुक्ति के संदेश को रंगोली ड्राइंग और पेंटिंगके माध्यम से संजीव चित्रित करने वाले समस्त प्रतिभागियों को संस्था द्वारा पुरस्कृत किया तथा उन्हें उम्र भर नशे से सदा. सर्वदा दूर रहने के लिए संकल्पित किया। संस्था नेनशा निवारणार्थ शासकीय कन्या महाविद्यालय में भी नशा मुक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया।जिसमें प्राचार्य डॉबीएलपाटिल द्वारा छात्राओं को जीवन में किसी भी प्रकार का नशा न करनेके लिए संकल्पित किया। आप ने कहा किनशे से दूर रहकर मनुष्य जीवन के प्रत्येक क्षेत्रमें सफलता प्राप्त कर सकता है। अंतर्राष्ट्रीय नशा निवारण दिवस पर संस्था कार्यकर्ताओं द्वारा पोस्टरए बैनर के माध्यम से आम जनों को नशा मुक्ति का संदेश दिया।