लखनऊ
 लोग परेशान हैं कि मानसून यूपी तक पहुंचने के बाद अचानक कहां गायब हो गया। भीषण उमस से लोग बेहाल हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि मानसूनी हवाओं को दक्षिण में बने कम दबाव के क्षेत्रों ने खींच लिया। यही वजह थी कि मानसूनी धारा यूपी से खिसकर एमपी, राजस्थान की ओर केन्द्रित हो गई। नतीजतन एक ओर यूपी में सूखे जैसे हालात हो रहे हैं और दूसरी ओर गुजरात से लेकर राजस्थान, एमपी में जबरदस्त बारिश हो रही है। वहीं दो से तीन दिन में पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश शुरू होने की उम्मीद है।

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि यूपी में मानसूनी बरसात बंगाल की खाड़ी से उठने वाली नम हवाओं पर आधारित है। पूर्व से पश्चिम की ओर से बढ़ती इन हवाओं की मुख्य धारा जिधर से गुजरती है उन इलाकों में सामान्य से लेकर भारी बारिश होती है। इसी मानसूनी धारा को तकनीकी भाषा में ट्रफ लाइन कहा जाता है। यह जून के आखिर में अपने तय रास्ते पर यूपी की ओर आगे बढ़ी। इसी बीच उड़ीसा के दक्षिण और आन्ध्र प्रदेश के उत्तर में कम दबाव का जबरदस्त क्षेत्र बन गया जिसने मानसूनी हवाओं को उस तरफ खींचना शुरू कर दिया। मौजूदा समय उत्तर प्रदेश में बारिश के हालात हैं लेकिन जो नमी और तापमान जरूरी होता है वह नहीं बन पा रहा है।
 
राहत की बात, कमजोर पड़ा सिस्टम
जिस कम दबाव के क्षेत्र ने मानसूनी धारा बदल दी अब वह कमजोर पड़ रहा है। इससे उन राज्यों को भी राहत मिलेगी जहां अत्यधिक वर्षा हो रही है। दूसरी ओर यूपी में बारिश के हालात बन रहे हैं। दो से तीन दिन में पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश शुरू होने की उम्मीद है। यदि बंगाल की खाड़ी से पर्याप्त नमी मिलती है तो लखनऊ और आगे तक के जिलों में इसका असर दिखाई पड़ेगा।